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Dr. Harsh J Shah

पेट का कैंसर देर से क्यों पकड़ा जाता है?

आख़िरी बार अपडेट: 23 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah, पेट के कैंसर के सर्जन, अहमदाबाद

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Stomach Cancer Surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 वर्ष का अनुभव
★★★★★ Google: 4.89 from 216 reviews (Gota clinic) · 4.94 from 18 reviews (Apollo, Bhat)

संक्षेप में

पेट का कैंसर दुनिया में आम तौर पर दिखने वाला कैंसर है. कई देशों में पिछले पचास साल में यह कम हुआ है. भारत में यह जापान या कोरिया से कम है, पर कुछ राज्यों में बाक़ी राज्यों से कहीं ज़्यादा है.

भारत में ज़्यादातर मरीज़ सर्जन तक तब पहुँचते हैं, जब कैंसर पेट की दीवार के पार या गांठों (lymph nodes) तक पहुँच चुका होता है. शुरुआती लक्षण आम acidity जैसे लगते हैं, और देश में screening का कोई कार्यक्रम नहीं है.

नतीजा देश से नहीं, stage से तय होता है. पेट का कैंसर जल्दी पकड़ में आए, तो भारत में भी नतीजे जापान और कोरिया के क़रीब आते हैं.

पेट के कैंसर की पहली endoscopy से staging और ऑपरेशन तक क्या होता है, इसकी पूरी जानकारी पेट के कैंसर का इलाज, अहमदाबाद (English) वाले पेज पर है.

पेट का कैंसर कितना आम है

पूरी दुनिया में पेट का कैंसर पाँच आम कैंसरों में से एक है, और कैंसर से होने वाली मौतों का बड़ा कारण है. इसके ज़्यादातर मरीज़ पूर्वी एशिया में हैं, और अफ़्रीका में बहुत कम.

अमीर देशों में यह बीमारी पचास साल से घटती आई है. इसके तीन मुख्य कारण हैं. पेट का कीटाणु Helicobacter pylori अब कम लोगों में होता है. खाना बचाकर रखने के लिए नमक और धुएँ की जगह fridge आ गया है. और ताज़े फल और सब्ज़ियाँ पूरे साल मिलती हैं.

एक रुझान उल्टी दिशा में है. कई देशों में पचास से कम उम्र के लोगों में पेट का कैंसर पहले से ज़्यादा दिख रहा है. इसका कारण अभी साफ़ नहीं है. इन कम उम्र के मरीज़ों में अक्सर diffuse प्रकार होता है, जिसकी बात आगे है.

भारत के किन इलाकों में ज़्यादा

पूरे भारत का औसत दुनिया की बीच वाली कतार में है. पर उस औसत के पीछे राज्यों के बीच बड़ा फ़र्क छिपा है.

भारत के अलग-अलग हिस्सों में पेट का कैंसर कितना दिखता है
इलाकाकितना दिखता हैजुड़ी हुई आदतें
मिज़ोरम और उत्तर-पूर्व के पहाड़ी राज्यबहुत ज़्यादा, जापान और कोरिया के क़रीबधुएँ में पका और सुखाया मांस-मछली, ख़मीर वाला खाना, तंबाकू
कश्मीरज़्यादानमक वाली चाय, धुएँ में पका मांस, पेट का कीटाणु
दक्षिण के बड़े शहरदेश के औसत जितनामिला-जुला
दिल्ली, मुंबई और गुजरात समेत पश्चिम भारतदेश के औसत से कममिला-जुला; पेट का कीटाणु अब भी कई लोगों में है
केरलकममिला-जुला

कम जोखिम वाले राज्य में रहने से कोई सुरक्षित नहीं हो जाता. गुजरात में भी पेट का कैंसर नियमित रूप से दिखता है, अक्सर ऐसे लोगों में जिन्हें महीनों तक acidity रही हो.

किसे होता है: उम्र, लिंग और आदतें

पुरुषों में पेट का कैंसर महिलाओं से लगभग दुगना होता है. भारत में कई मरीज़ निदान के समय पचास के दशक के आख़िरी सालों में होते हैं. यह पश्चिमी देशों से कुछ साल कम उम्र है.

  • पेट का कीटाणु. भारत में ज़्यादातर बड़े लोगों में Helicobacter pylori होता है. उनमें से कुछ को ही कैंसर होता है, पर कई मामलों में शुरुआत इसी कीटाणु से होती है.
  • तंबाकू. बीड़ी-सिगरेट और चबाने वाला तंबाकू, दोनों कीटाणु के नुक़सान को बढ़ाते हैं.
  • नमक वाला, धुएँ में पका और अचार वाला खाना, कई सालों तक बार-बार खाया हो.
  • रोज़ के खाने में ताज़े फल और सब्ज़ियाँ कम हों.
  • परिवार में पेट का कैंसर, ख़ास कर माता-पिता, भाई या बहन को.

इनमें से एक या ज़्यादा होने का मतलब यह नहीं कि कैंसर होगा ही. ज़्यादातर लोगों को यह कभी नहीं होता. पर लक्षण शुरू होने पर जल्दी endoscopy कराने की वजह यही बनती है.

ज़्यादातर मरीज़ देर से क्यों आते

भारत के अस्पतालों के रिकॉर्ड में सिर्फ़ थोड़े मरीज़ पहले stage में पकड़े जाते हैं. एक तिहाई से ज़्यादा मरीज़ों में कैंसर जिगर, पेट की अंदरूनी झिल्ली या दूर की गांठों तक पहुँच चुका होता है.

जापान और कोरिया में लगभग आधे पेट के कैंसर शुरुआती stage में पकड़े जाते हैं. यह फ़र्क बीमारी अलग होने से नहीं है. यह इस पर है कि कैंसर कब पकड़ा जाता है. यहाँ निदान में देर के चार कारण हैं:

  1. शुरुआती लक्षण acidity जैसे लगते हैं. जलन, गैस और पेट भरा लगना इतना आम है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता.
  2. Acidity की गोली से कुछ समय के लिए आराम मिलता है. वह आराम हफ़्तों या महीनों तक तकलीफ़ को ढक देता है.
  3. देश में screening का कार्यक्रम नहीं है. जापान और कोरिया में बड़े लोगों की नियमित endoscopy होती है; भारत में नहीं.
  4. वज़न घटे तो उसे तनाव, खाने या उम्र का असर मान लिया जाता है, और जाँच नहीं होती.

उल्टी, काला मल या गांठ दिखने तक कैंसर अक्सर पेट की दीवार के पार पहुँच चुका होता है.

पेट का ऊपरी और निचला भाग

पेट का कैंसर निचले सिरे पर, जहाँ से खाना आगे जाता है, बीच के हिस्से में, या ऊपर जहाँ खाने की नली जुड़ती है, वहाँ शुरू हो सकता है.

भारत में अब भी निचले सिरे का कैंसर आम है, पर यह धीरे-धीरे घट रहा है. ऊपरी सिरे का, खाने की नली जुड़ने वाली जगह का कैंसर पश्चिमी देशों में reflux और ज़्यादा वज़न के साथ बढ़ रहा है.

कैंसर कहाँ है, इससे ऑपरेशन बदलता है. निचले सिरे के कैंसर का इलाज अक्सर पेट का कुछ हिस्सा निकालकर होता है. ऊपरी सिरे के कैंसर में पूरा पेट, और कभी-कभी खाने की नली का निचला हिस्सा भी निकालना पड़ता है. CT scan और endoscopy किसी भी plan से पहले जगह दिखा देते हैं.

माइक्रोस्कोप के नीचे दो प्रकार

Pathologist पेट के कैंसर को दो मुख्य प्रकारों में बाँटते हैं. प्रकार biopsy की रिपोर्ट में लिखा होता है.

पेट के कैंसर के दो मुख्य प्रकार, और उनमें क्या फ़र्क है
प्रकारकिसे होता हैकैसे बढ़ता है
Intestinal प्रकारबड़ी उम्र के लोग, पुरुष ज़्यादा; पेट के कीटाणु और खाने से जुड़ागांठ या छाला बनाता है, जो endoscopy में साफ़ दिखता है
Diffuse प्रकारकम उम्र के लोग, महिला-पुरुष दोनों में बराबर; कभी परिवार में चलता हैदीवार के अंदर फैलता है; पेट लगभग सामान्य दिख सकता है

जापान या कोरिया से भारत में diffuse प्रकार ज़्यादा है. इसे देखना मुश्किल है, और पहली biopsy में यह छूट सकता है. पूरी पेट की दीवार सख़्त हो जाए, तो उसे linitis plastica कहते हैं.

जल्दी पकड़ में आए तो क्या बदलता

पहले stage के पेट के कैंसर में ज़्यादातर मरीज़ इलाज के बाद सालों तक ठीक रहते हैं. दूर के अंगों तक फैल चुका हो, तो लंबे समय तक काबू कम ही मिलता है. जल्दी निदान इसी फ़र्क की वजह से अहम है.

जापान और कोरिया में पेट के कैंसर के कुल नतीजे अच्छे दिखते हैं. उसका बड़ा हिस्सा कैंसर जल्दी पकड़ने से आता है. एक ही stage के मरीज़ों की तुलना करें, तो भारत के जो केंद्र पूरी गांठें निकालते हैं और आधुनिक chemotherapy देते हैं, वहाँ नतीजे लगभग बराबर आते हैं.

  • अंदरूनी परत में ही रहा शुरुआती कैंसर कभी-कभी ऑपरेशन के बिना, endoscope से ही निकाला जा सकता है.
  • दीवार के पार गया या गांठों में पहुँचा कैंसर अक्सर पहले chemotherapy और फिर ऑपरेशन से इलाज पाता है.
  • फैले हुए कैंसर में पहले दवाएँ दी जाती हैं. ऑपरेशन का विचार बाद में, चुने हुए मरीज़ों में ही होता है.

ऑपरेशन से पहले chemotherapy क्यों दी जाती है, यह ऑपरेशन से पहले पेट के कैंसर की chemotherapy वाले पेज पर है.

कब एंडोस्कोपी करानी चाहिए

Endoscopy अकेली ऐसी जाँच है जो पेट की अंदरूनी परत देखती है और biopsy लेती है. कुछ लक्षण हों, तो acidity की गोली के एक और कोर्स का इंतज़ार नहीं करना चाहिए.

और गोली नहीं, endoscopy की ओर ले जाने वाले लक्षण
लक्षणक्यों अहम
लगभग 45 साल के बाद नई शुरू हुई acidityबड़ी उम्र में शुरू हुई acidity में सिर्फ़ गोली नहीं, जाँच चाहिए.
बिना कोशिश वज़न घटनापेट के कैंसर का एक आम शुरुआती लक्षण.
कुछ कौर में ही पेट भर जानाहो सकता है पेट ठीक से फैल न रहा हो.
काला, तारकोल जैसा मल या ख़ून की उल्टीपेट में ख़ून बहने का इशारा. उसी दिन डॉक्टर से मिलें.
साफ़ कारण के बिना ख़ून की कमीपेट से धीरे-धीरे ख़ून बहने से हो सकती है.
घंटों पहले खाए खाने की बार-बार उल्टीपेट के निचले दरवाज़े पर रुकावट का इशारा.

मुलाक़ात में पूछने लायक सवाल

  • मेरे लक्षण और उम्र देखते हुए क्या मुझे अभी endoscopy करानी चाहिए?
  • Biopsy सामान्य आई हो, तो क्या ज़्यादा नमूनों के साथ दोबारा करानी चाहिए?
  • क्या पेट के कीटाणु की जाँच हुई थी, और उसका इलाज हुआ?
  • परिवार में कैंसर होने से मुझे कितनी बार जाँच करानी चाहिए?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत में पेट का कैंसर ज़्यादा होता है?

भारत में यह जापान या कोरिया से कम है. पर उत्तर-पूर्व के पहाड़ी राज्यों और कश्मीर में यह बाक़ी देश से कहीं ज़्यादा है. गुजरात में यह कम है, फिर भी नियमित रूप से दिखता है.

भारत में पेट का कैंसर अक्सर देर से क्यों पकड़ा जाता है?

शुरुआती लक्षण acidity जैसे लगते हैं और गोली से आराम मिल जाता है. देश में screening का कार्यक्रम नहीं है. इसलिए कई मरीज़ वज़न घटने, उल्टी या ख़ून आने के बाद ही endoscopy तक पहुँचते हैं.

क्या acidity पेट के कैंसर में बदल जाती है?

आम acidity कैंसर में नहीं बदलती. पर शुरुआती पेट का कैंसर बिल्कुल acidity जैसा लग सकता है. लगभग 45 साल के बाद नई acidity, या वज़न घटने के साथ acidity में endoscopy चाहिए.

क्या कम उम्र में पेट का कैंसर होता है?

हाँ. कई देशों में पचास से कम उम्र के लोगों में यह ज़्यादा दिख रहा है. कम उम्र में अक्सर diffuse प्रकार होता है, जिसे endoscopy में देखना मुश्किल होता है.

क्या H. pylori से हमेशा पेट का कैंसर होता है?

नहीं. भारत में ज़्यादातर बड़े लोगों में यह कीटाणु होता है और बहुत कम को कैंसर होता है. कीटाणु मिलने पर उसका इलाज जोखिम घटाता है, ख़ास कर जब परिवार में कैंसर हो.

पेट का कैंसर जल्दी पकड़ में आए तो क्या इलाज अच्छा होता है?

हाँ. शुरुआती कैंसर कभी-कभी endoscope से ही निकाला जा सकता है, और पहले stage के ज़्यादातर मरीज़ इलाज के बाद सालों तक ठीक रहते हैं. इसलिए जल्दी endoscopy अहम है.

Dr Harsh Shah कहाँ मिलते हैं

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad

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Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar

Apollo Hospital International Limited, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar. Endoscopy और biopsy, CT और PET scan, chemotherapy, पेट के कैंसर का ऑपरेशन, और भर्ती मरीज़ की देखभाल.

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Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
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