Skip to main contentShah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · Ahmedabad & Gandhinagar
अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
Linitis plastica का इलाज · Gota OPD, Gota, Ahmedabad · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
Linitis plastica आमाशय के cancer का ऐसा प्रकार है जो आमाशय की दीवार के अंदर ही अंदर फैलता है। दीवार मोटी और सख़्त हो जाती है, इसलिए आमाशय खाने के लिए फैल नहीं पाता।
यह cancer अंदर की परत के नीचे छिपा रहता है। जब scan में आमाशय मोटा और सख़्त दिखे, तब सामान्य दिखने वाली endoscopy या सिर्फ़ सूजन बताने वाली biopsy से इस बीमारी को नकारा नहीं जा सकता।
किसी भी ऑपरेशन से पहले, छोटे छेद से पेट के अंदर देखकर जाँचा जाता है कि बीमारी पेट की झिल्ली तक पहुँची है या नहीं। आपके लिए कौन सा रास्ता सही है, यह यही एक जाँच तय करती है।
डॉक्टर इसे “चमड़े की बोतल जैसा आमाशय” या Borrmann type 4 cancer भी कहते हैं। यह diffuse प्रकार का आमाशय का cancer है, और इसकी कोशिकाएँ अक्सर signet ring प्रकार की होती हैं।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology के super-specialty कार्यक्रमों में प्रशिक्षण, इसी विषय की दो डिग्रियाँ, और gastro व cancer surgery का 18 साल का अनुभव। इलाज शुरू होने से पहले आमाशय के हर cancer पर radiologist, pathologist और cancer के physician के साथ tumour board में चर्चा होती है।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Stomach Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
गोता क्लिनिक पर Google rating: 216 reviews में 4.89। Apollo, भाट पर: 18 reviews में 4.94।
आम लक्षण हैं जल्दी पेट भर जाना, भूख न लगना, वज़न घटना और उल्टी। कुछ लोगों को पानी भरने से पेट फूला हुआ लगता है। लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए कई मरीज़ों का महीनों तक acidity समझकर इलाज चलता रहता है।
Cancer की कोशिकाएँ आमाशय की दीवार में गहराई में होती हैं, और ऊपर की परत लगभग सामान्य दिख सकती है। साधारण biopsy सिर्फ़ ऊपर की परत लेती है, इसलिए बीमारी छूट सकती है।
Scan में आमाशय मोटा और सख़्त हो और report “सामान्य” हो, तो बात वहीं नहीं रोकी जाती। Report को scan के साथ पढ़कर, जवाब साफ़ होने तक biopsy दोबारा ली जाती है।
ये जाँचें साबित करती हैं कि दीवार में क्या है, बीमारी कितनी दूर तक गई है, और पेट की झिल्ली की हालत क्या है। सिर्फ़ scan देखकर ऑपरेशन तय नहीं होता।
Scan में कई बीमारियों से आमाशय की दीवार मोटी दिख सकती है। इनमें से कुछ cancer हैं ही नहीं, इसलिए पहले ऊतक से निदान होता है।
| बीमारी | कैसे अलग है | आम इलाज |
|---|---|---|
| Linitis plastica. | सख़्त दीवार जो फैलती नहीं; दीवार में गहराई में signet ring कोशिकाएँ। | Chemotherapy, और बीमारी आमाशय तक सीमित हो तो ऑपरेशन। |
| आमाशय का lymphoma. | मोटी दीवार जो अक्सर अब भी फैल सकती है; biopsy में lymphoma की कोशिकाएँ। | ज़्यादातर दवाएँ, ऑपरेशन नहीं। |
| Breast cancer जो आमाशय तक फैला हो। | दिखने में एक जैसा; biopsy पर ख़ास stains फ़र्क बताते हैं। | Breast cancer का इलाज। |
| गंभीर gastritis या eosinophilic gastritis. | सूजी हुई परत; गहरी biopsy में cancer की कोशिकाएँ नहीं। | दवाएँ और खाने में बदलाव। |
| आमाशय की टीबी (TB). | Biopsy में granuloma; अक्सर छाती या गांठ में भी संकेत। | TB की दवाओं का पूरा course। |
| Ménétrier’s disease, या पहले acid या alkali से जलना। | बहुत बड़ी सिलवटें, या जानी हुई चोट के बाद दाग़ वाला आमाशय। | दवाएँ, चौड़ा करने की प्रक्रिया, या सँकरे मुँह के लिए ही ऑपरेशन। |
आमाशय के lymphoma का अपना अलग रास्ता है। Primary GI lymphoma का पेज समझाता है कि ज़्यादातर मरीज़ों में आमाशय निकाले बिना इसका इलाज कैसे होता है।
CT scan पेट की झिल्ली पर छोटे दानों को छोड़ सकता है। Staging laparoscopy में बेहोश करके, छोटे छेद से सीधे अंदर देखा जाता है।
यह कदम आपको ऐसे बड़े ऑपरेशन से बचाता है जो मदद न कर सके। Linitis plastica में झिल्ली आमाशय के दूसरे cancer से ज़्यादा बार शामिल होती है। इसलिए इलाज के लायक हर मरीज़ के plan में laparoscopy होती है।
बीमारी कितनी आगे गई है और आपकी ताक़त कितनी है, इसके हिसाब से इलाज के कदम चुने जाते हैं। हर मरीज़ को हर कदम की ज़रूरत नहीं होती।
| कदम | किसके लिए |
|---|---|
| पोषण की मदद और ख़ून की कमी का इलाज। | हर मरीज़, पहली मुलाक़ात से। |
| ऑपरेशन से पहले chemotherapy। | बीमारी आमाशय और पास की गांठों तक सीमित हो, और washings साफ़ हों। |
| Lymph गांठों के साथ पूरा आमाशय निकालना (total gastrectomy)। | Chemotherapy के बाद, जब cancer पूरी तरह निकाला जा सके। |
| ऑपरेशन के बाद chemotherapy। | तय किया गया course पूरा करने के लिए। |
| Biopsy की जाँच से चुनी गई दवाएँ ही। | बीमारी पेट की झिल्ली या दूसरे अंगों तक पहुँच गई हो। |
| लक्षणों में राहत। | खाने के लिए नली, पानी निकालना, और दर्द व भूख की देखभाल। |
जो बीमारी निकाली जा सके, उसमें इलाज आम तौर पर ऑपरेशन से नहीं, chemotherapy से शुरू होता है। इसका मक़सद cancer को छोटा करना और न दिखने वाली फैली कोशिकाओं का इलाज करना है।
इस दौरान खाना मुश्किल हो सकता है। पूरा खाना न टिके, तो laparoscopy के समय ही छोटी आंत में खाने की नली (feeding jejunostomy) लगाई जा सकती है। इससे ताक़त बनी रहती है और chemotherapy रोकनी नहीं पड़ती।
आमाशय के cancer का पूरा plan आमाशय के cancer के इलाज वाले पेज पर है। Linitis plastica में वही plan, यहाँ लिखी अतिरिक्त सावधानी के साथ, अपनाया जाता है।
Linitis plastica दीवार में फैलता है, इसलिए पूरा आमाशय निकाला जाता है। इसे total gastrectomy कहते हैं। आमाशय का सिर्फ़ हिस्सा निकालने से cancer अंदर रह जाता है।
अस्पताल में रुकना आम तौर पर लगभग एक हफ़्ता होता है। पहले दिन चलना, जल्दी घूँट लेना, और अगले कुछ दिनों में नरम खाना शुरू होता है।
ऑपरेशन तभी मदद करता है जब पूरा cancer निकाला जा सके। न निकाला जा सके, तो बड़ा ऑपरेशन जोखिम बढ़ाता है और ज़रूरी दवाओं में देर करता है।
ऐसी हालत में आमाशय वैसे ही छोड़ दिया जाता है। इलाज दवाओं और लक्षणों में राहत की ओर जाता है, और हर scan के बाद plan फिर से देखा जाता है।
Linitis plastica फैल गया हो, तो दवाएँ उसे काबू में रखती हैं और लक्षण हल्के करती हैं। मुख्य chemotherapy के साथ कौन सी दवा जोड़ी जाए, यह biopsy की जाँच तय करती है।
| Biopsy का नतीजा | क्या जोड़ा जा सकता है |
|---|---|
| Claudin 18.2 positive, HER2 negative. | Zolbetuximab, जहाँ मिल सके। Diffuse प्रकार के cancer में यह नतीजा अक्सर आता है। |
| PD-L1 positive. | Nivolumab या pembrolizumab, immunotherapy की drip। |
| MSI-high. | Immunotherapy। |
| HER2 positive. | Trastuzumab। Linitis plastica में यह कम देखा जाता है। |
Palliative care की टीम सिर्फ़ आख़िर में नहीं, शुरुआत से ही जुड़ती है। वे भूख, मतली, दर्द और पेट के पानी में मदद करते हैं।
दवाओं से बीमारी अच्छी तरह छोटी होने की बात scan में दिखे, तो tumour board फिर सोचता है कि क्या अब ऑपरेशन से उसे निकाला जा सकता है। यह हर मरीज़ के लिए अलग तय होता है। आगे बढ़े आमाशय के cancer की गाइड इन दवाओं को और विस्तार से समझाती है।
Diffuse प्रकार के आमाशय के cancer का छोटा हिस्सा परिवारों में चलता है। यह CDH1 नाम के जीन के बदलाव से जुड़ा है, जो lobular breast cancer का जोखिम भी बढ़ाता है।
विरासती GI cancer का पेज पूरे परिवार की जाँच और screening समझाता है।
लोग आमाशय के बिना जीते हैं और खाते हैं। छोटी आंत उसका काम संभाल लेती है, पर खाने का तरीका बदलना पड़ता है, और कुछ vitamin ज़िंदगी भर लेने पड़ते हैं।
पहले महीनों में ज़्यादातर लोगों का कुछ वज़न घटता है। घर जाने से पहले और follow-up मुलाक़ातों में dietitian मिलते हैं, ताकि वज़न स्थिर रखा जा सके।
हर कदम के अपने जोखिम हैं। ये मुख्य जोखिम हैं, और आपके अपने जोखिम आपकी सहमति से पहले आमने-सामने समझाए जाते हैं।
कुछ लक्षणों में उसी दिन अस्पताल आना ज़रूरी है। पहली मुलाक़ात में ही मरीज़ और परिवार को ये बताए जाते हैं।
Follow-up कम से कम पाँच साल चलता है। शुरू में मुलाक़ातें पास-पास होती हैं, और समय के साथ अंतर बढ़ता है।
| कब | क्या होता है |
|---|---|
| दो साल तक हर तीन महीने। | मुलाक़ात, वज़न और ख़ून की जाँच, और ज़रूरत हो तो CT scan। |
| पाँच साल तक हर छह महीने। | मुलाक़ात, ख़ून की जाँच और सलाह के मुताबिक़ scan। |
| ज़िंदगी भर हर तीन महीने। | Vitamin B12 का injection। |
| साल में एक बार। | Iron, calcium और vitamin D की जाँच। |
★★★★★
“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”
tina parmar · Google review
★★★★★
“Excellent doctor for stomach cancer. We r very happy. Recommend for gastro cancer treatment in Ahmedabad”
Purshottam Meena · Google review
★★★★★
“Dr harsh sir is a good doctor for Liver, Gastro & Cancer Surgeon in Ahmedabad thanks sir.”
Milan Pareek · Google review
Google पर जैसे लिखा गया, वैसे ही। ये परिवार Dr Harsh Shah के साथ आमाशय के cancer के इलाज के बारे में लिखते हैं। Linitis plastica का नाम अभी किसी review में नहीं है।
ख़र्च इस पर निर्भर है कि आपको कौन सा रास्ता चाहिए। जाँच और laparoscopy का ख़र्च chemotherapy के पूरे course और total gastrectomy से काफ़ी कम है, इसलिए पहले लिखित अनुमान दिया जाता है।
अनुमान बदलने वाली बातें हैं chemotherapy की cycle की संख्या, biopsy पर जाँच, खाने की नली की ज़रूरत, अस्पताल में रुकने के दिन, और कोई immunotherapy या targeted दवा। Apollo Hospital, भाट मुख्य बीमा कंपनियों और cashless सुविधा के साथ काम करता है, और भर्ती के लिए उसका ऑफ़िस pre-authorisation संभालता है। सारे scan और report, दवाओं की सूची, बीमा card और पहचान-पत्र साथ लाएँ। Booking से पहले के सवालों के लिए फ़ोन करें +91-63555-64601।
हाँ। यह आमाशय के cancer का एक प्रकार है जो गांठ बनाने के बजाय आमाशय की दीवार में फैलता है। इसका इलाज आमाशय के cancer की टीम करती है।
कोशिकाएँ दीवार में गहराई में होती हैं, और ऊपर की परत सामान्य दिख सकती है। उन्हें ढूँढने के लिए अक्सर गहरी biopsy या सुई के साथ endoscopic ultrasound चाहिए।
अगर ऑपरेशन आपके लिए सही है, तो हाँ। Cancer दीवार में आगे फैलता है, इसलिए सिर्फ़ हिस्सा निकालने से वह अंदर रह जाता है।
यह cancer को छोटा करती है और न दिखने वाली फैली कोशिकाओं का इलाज करती है। आख़िरी cycle के चार से छह हफ़्ते बाद ऑपरेशन होता है।
तब आमाशय नहीं निकाला जाता। Biopsy की जाँच से चुनी गई दवाएँ बीमारी को काबू में रखती हैं, और साथ में लक्षणों का इलाज होता है।
ज़्यादातर खाना खा सकते हैं, दिन में छह से आठ छोटे भोजन में। Vitamin B12 के injection ज़िंदगी भर चाहिए, और iron व calcium की जाँच होती है।
अगर आप युवा हैं, या रिश्तेदारों को आमाशय का cancer या lobular breast cancer हुआ है, तो CDH1 जीन की जाँच की सलाह दी जाती है। फिर परिवार में जिनमें बदलाव हो, उनकी जाँच हो सकती है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और रिपोर्ट की समीक्षा, दूसरी राय, इलाज के बाद का follow-up.
Google: Dr Harsh Shah · 4.89 · 216 reviews
गोता क्लिनिक का रास्ता · +91-63555-64601
Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Endoscopy और endoscopic ultrasound, staging laparoscopy, आमाशय के cancer की surgery, chemotherapy day care, ICU और भर्ती मरीज़ों की देखभाल.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 4.94 · 18 reviews
Apollo, भाट का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601
पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।
आपको बताया गया है कि आमाशय की दीवार मोटी है, या linitis plastica हो सकता है? Endoscopy की report, biopsy की report, CT की images और report WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation शुरू होते समय वे पढ़ी जा चुकी हों। इलाज का फ़ैसला consultation में, tumour board के आपके scan देख लेने के बाद ही होता है। फ़ोन करें +91-63555-64601 · Reports WhatsApp पर भेजें
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