Skip to main contentआख़िरी बार अपडेट: 8 नवंबर 2026

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Gastro & Cancer Surgeon
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
संक्षेप में
आंतों की टीबी आम तौर पर महीनों में धीरे-धीरे बढ़ती है। पेट दर्द, वज़न घटना, शाम का हल्का बुख़ार और शौच की आदत में बदलाव जाने-पहचाने संकेत हैं।
कई लोग सर्जन तक तब पहुँचते हैं जब आंत बंद हो गई हो, पेट के दाएँ निचले हिस्से में गांठ महसूस हो, या पेट में पानी भर गया हो।
यही संकेत क्रोहन रोग या ट्यूमर से भी हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ़ लक्षणों से ज़्यादा स्कैन और ऊतक का नमूना मायने रखता है।
यह लेख संकेतों के बारे में है। आंतों की टीबी की जाँच से इलाज और ऑपरेशन तक की पूरी तस्वीर के लिए हमारा आंतों की टीबी का इलाज पन्ना देखें।
चार संकेत अक्सर साथ दिखते हैं: पेट दर्द, वज़न घटना, शाम का बुख़ार और शौच की आदत में बदलाव। ये दिनों में नहीं, हफ़्तों या महीनों में बढ़ते हैं।
आज अचानक शुरू हुआ पेट दर्द शायद ही टीबी का होता है। टीबी धीमी बीमारी है, और कई लोग डॉक्टर के पास जाने से पहले महीनों तक बेचैन रहते हैं। इसी वजह से यह छूट जाती है। दर्द, पतले दस्त या कब्ज़ को खाने या तनाव पर डाल देना आसान है।
| संकेत | कैसा लगता है | क्या बता सकता है |
|---|---|---|
| पेट दर्द | नाभि के पास या दाएँ नीचे हल्का दर्द, या खाने के बाद ऐंठन | खाने के बाद की ऐंठन तंग हुई आंत का संकेत है |
| वज़न घटना | बिना डाइटिंग के कपड़े ढीले होना | टीबी और ट्यूमर दोनों का आम संकेत, इसलिए जाँच ज़रूरी |
| बुख़ार | शाम को हल्का बुख़ार, अक्सर रात को पसीना | टीबी का जाना-पहचाना ढंग, पर बुख़ार न भी हो |
| शौच की आदत में बदलाव | पतले दस्त, कब्ज़, या दोनों बारी-बारी | फूले पेट के साथ कब्ज़ रुकावट बता सकती है |
| भूख कम होना और थकान | कम खाना और कमज़ोरी लगना | लंबे संक्रमण का आम असर |
| पेट में गांठ | कड़ा हिस्सा, आम तौर पर दाएँ नीचे की ओर | मोटी हुई आंत की दीवार और सूजी हुई ग्रंथियाँ |
हर किसी को सारे संकेत नहीं होते। कुछ लोगों में सिर्फ़ दर्द और वज़न घटना होता है। कुछ को बुख़ार बिल्कुल नहीं होता।
शुरू के संकेत धुंधले होते हैं, इसलिए कई लोग पहले एसिडिटी या कीड़ों की गोलियाँ आज़माते हैं। सर्जन को तब बुलाया जाता है जब कोई जटिलता खड़ी हो जाती है।
लोगों को अस्पताल तक लाने वाली जटिलताएँ ही होती हैं। भरते हुए टीबी के घाव निशान छोड़ते हैं, और निशान आंत को तंग कर सकता है। तंग आंत से खाने के बाद ऐंठन, पेट फूलना और उल्टी होती है, और यह अक्सर “शांत होकर लौट आती है”। यह ढंग अपने आप में एक सुराग है।
आंतों की टीबी सर्जन तक इन तरीक़ों से पहुँच सकती है:
शांत होकर लौटने वाली रुकावट हम अक्सर देखते हैं। आगे क्या करना है, यह आंतों की टीबी में आंत बंद होने पर हमारा लेख समझाता है।
हो सकती है। टीबी अक्सर छोटी और बड़ी आंत के मिलन-स्थल को मोटा कर देती है, जो दाएँ नीचे की ओर होता है। यह कड़ी गांठ जैसा महसूस हो सकता है।
यह गांठ ख़ास चिंता देती है, क्योंकि स्कैन में यह ट्यूमर या अपेंडिक्स की गांठ जैसी दिख सकती है। संकेत आपस में मिलते हैं: वज़न घटना, गांठ और शौच की आदत में बदलाव। स्कैन हमेशा इन्हें अलग नहीं कर पाता।
इसलिए सुरक्षित क़दम किसी बड़े ऑपरेशन से पहले ऊतक का नमूना लेना है। आम तौर पर बायोप्सी के साथ कोलोनोस्कोपी की जाती है। गांठ पहुँच में न हो तो सुई से या दूरबीन से देखते हुए नमूना लिया जा सकता है। निदान के बिना गांठ निकालने की जल्दबाज़ी वह ग़लती है जिससे हम बचते हैं। टीबी हो तो गोलियाँ उसका इलाज करती हैं, और निशान की बात ज़रूरत हो तो बाद में होती है।
आंतों की टीबी अक्सर सिर्फ़ आंत में नहीं होती। पेट की झिल्ली और ग्रंथियाँ भी शामिल हो सकती हैं, जिससे पानी, आटे जैसा पेट या सूजी ग्रंथियाँ दिखती हैं।
पेट की झिल्ली को पेरिटोनियम कहते हैं। इसमें संक्रमण हो तो पानी भर सकता है और पेट धीरे-धीरे फूलता है। जाँच करने वाले हाथ को पेट मोटा और “आटे जैसा” लग सकता है। पेट से निकाला पानी पीलापन लिए होता है और उसमें लिम्फोसाइट नाम की सफ़ेद कोशिकाएँ ज़्यादा होती हैं।
लिवर की बीमारी से भी पेट में पानी भरता है, और टीबी उस नाम के पीछे छिप सकती है। पानी की जाँच या कोर्स से मेल न बैठे, तो झिल्ली का नमूना लेना चाहिए। ग्रंथियाँ और झिल्ली अक्सर ऊतक पाने की आसान जगह होती हैं।
कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता, कुपोषण, डायबिटीज़ या टीबी के मरीज़ से संपर्क हो तो संभावना ज़्यादा है। उम्र और सेहत के हिसाब से तस्वीर भी बदलती है।
दुबले या कुपोषित व्यक्ति में टीबी अक्सर घाव, ख़ून बहना या छेद करती है। बेहतर प्रतिरोधक क्षमता वाले में वह अक्सर मोटी, तंग आंत या गांठ बनाती है। HIV, लंबे समय की स्टेरॉइड दवा और गठिया या आंत के रोग के कुछ इंजेक्शन प्रतिरोधक क्षमता घटाते हैं, और तब टीबी हर जगह फैल सकती है।
फेफड़ों की टीबी हुई हो, घर में किसी को टीबी हो, या आप स्टेरॉइड अथवा गठिया-आंत रोग का इंजेक्शन लेते हों, तो कृपया डॉक्टर को बताएँ।
क्रोहन रोग बहुत मिलती-जुलती बीमारी है। आंत का ट्यूमर, लसीका ग्रंथि का कैंसर और अपेंडिक्स की गांठ भी ऐसे ही संकेत दे सकती हैं।
इस समस्या के दोनों पहलू बराबर अहम हैं। असल में टीबी हो और हम उसे क्रोहन रोग मानकर मज़बूत प्रतिरोधक दवा दें, तो टीबी फैल सकती है। क्रोहन रोग या ट्यूमर वाले को महीनों टीबी की गोलियाँ दें, तो सही इलाज में देरी होती है। दोनों ग़लतियाँ एक ही तरह टलती हैं: स्कैन, आंत के अंदर देखना और बायोप्सी।
मिलती-जुलती इस बीमारी के बारे में और जानकारी हमारे क्रोहन रोग का इलाज पन्ने पर है।
अचानक तेज़ पेट दर्द, बार-बार उल्टी, सख़्त फूला पेट, शौच या हवा न निकलना, या काला शौच हो तो उसी दिन अस्पताल पहुँचें।
ये संकेत रुकावट, छेद या ख़ून बहना बता सकते हैं। ये आपात स्थितियाँ हैं, और सर्जन टीबी की जाँच का इंतज़ार किए बिना क़दम उठाता है। बाक़ी संकेत कुछ दिन रुक सकते हैं, पर महीनों नहीं:
कृपया पुरानी रिपोर्ट, स्कैन और टीबी की जाँचें साथ लाएँ। Dr Harsh Shah आपके फ़िज़िशियन या टीबी डॉक्टर के साथ काम करते हैं। गोलियाँ वे देते हैं, और आंत को सर्जन की ज़रूरत पड़े तब हम मौजूद हैं।
पेट में धीमा दर्द, वज़न घटना, शाम का हल्का बुख़ार और शौच की आदत में बदलाव आम पहले संकेत हैं। ये हफ़्तों से महीनों में बढ़ते हैं।
हाँ। बुख़ार आम है पर हमेशा नहीं होता। दर्द, वज़न घटना और शौच में बदलाव ही अकेले संकेत हो सकते हैं।
नहीं। वह ट्यूमर, अपेंडिक्स की गांठ या क्रोहन रोग भी हो सकती है। कोई भी प्लान बनाने से पहले स्कैन और ऊतक का नमूना चाहिए।
हाँ। टीबी के घाव निशान के साथ भरते हैं और निशान आंत को तंग कर सकता है। इससे खाने के बाद ऐंठन, पेट फूलना और उल्टी होती है।
दोनों में लंबे समय का पेट दर्द, पतले दस्त, वज़न घटना और घाव होते हैं। दोनों को अलग करने के लिए स्कैन, कोलोनोस्कोपी और बायोप्सी इस्तेमाल होती हैं।
हाँ, फूल सकता है। पेट की झिल्ली की टीबी में पानी भरता है, इसलिए पेट हफ़्तों में धीरे-धीरे फूलता है, अक्सर हल्के बुख़ार के साथ।
अचानक तेज़ दर्द, बार-बार उल्टी, सख़्त फूला पेट, शौच या हवा न निकलना, या काला शौच हो तो उसी दिन अस्पताल पहुँचना चाहिए।
गोलियाँ फ़िज़िशियन या टीबी डॉक्टर देते हैं। रुकावट, छेद, ख़ून बहने या ऊतक निदान के लिए गांठ की जाँच करनी हो तब सर्जन की ज़रूरत पड़ती है।
आने से पहले सवाल हों तो +91-63555-64601 पर फ़ोन करें। आगे की जानकारी नीचे के पन्नों में है।
डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
अस्पताल की दिशा · WhatsApp +91-63555-64601
हफ़्तों से पेट दर्द, शाम को हल्का बुख़ार और घटता वज़न? भारत में आंतों की टीबी एक ऐसा कारण है जिसके बारे में डॉक्टर सोचते हैं। संकेत धीमे होते हैं और एसिडिटी या तनाव समझकर टाल दिए जाते हैं। Dr Harsh Shah सर्जन हैं और इस बीमारी का रुकावट वाला, जटिल चरण देखते हैं। वे आपकी रिपोर्ट देखकर संकेतों का मतलब सरल भाषा में बताते हैं। फ़ोन करें, या WhatsApp पर संदेश भेजें। अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें WhatsApp पर बुक करें Book on WhatsApp दबाने पर आपके फ़ोन में WhatsApp खुलने की संभावना है।
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