Skip to main contentDr. Jivraj Mehta Hospital · वासणा, अहमदाबाद
Book on WhatsApp दबाने पर आपके फ़ोन में WhatsApp खुलने की संभावना है।
पेट, duodenum और भोजन नली से खून बहना — emergency देखभाल, endoscopy, varices का रास्ता, radiology और operation · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad
Last updated: 21-Oct-2026
उलटी में खून आना, या काला चिपचिपा मल निकलना, इसका मतलब है कि पेट, duodenum या भोजन नली से खून आ रहा है. यह emergency है.
शुरुआती घंटे निदान पर नहीं, मरीज़ की हालत सँभालने पर ख़र्च होते हैं: नस में तरल, खून की जाँचें, ज़रूरत हो तो खून, और नस से acid घटाने वाली दवा.
ज़्यादातर लोगों को कभी operation नहीं कराना पड़ता. एक दिन के भीतर होने वाली endoscopy खून का स्रोत ढूँढ़ती है और उसी बैठक में उसका इलाज कर देती है.
Dr. Jivraj Mehta Hospital. पाचन तंत्र की सर्जरी में दो उच्च डिग्रियाँ, और पेट, आँतों तथा liver की सर्जरी का अठारह साल का अनुभव. Emergency देखभाल, endoscopy, blood bank, radiology और सर्जरी एक ही रास्ते में हैं, इसलिए खून बहते समय किसी referral का इंतज़ार नहीं करना पड़ता.
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Stomach & Gastro Surgeon · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad
छोटी आँत से ऊपर कहीं से आने वाला खून रास्ते में पच जाता है. इसी से मल काला, चिपचिपा और तेज़ गंध वाला हो जाता है.
| क्या दिखता है | उसका आम मतलब |
|---|---|
| उलटी में ताज़ा लाल खून. | खून अभी तेज़ी से बह रहा है. इन सब लक्षणों में यह ज़्यादा तुरंत ध्यान माँगता है. |
| उलटी कॉफ़ी के चूरे जैसी दिखे. | खून कुछ समय पेट में रुका रहा और acid से बदल गया है. |
| काला, चिपचिपा, तेज़ गंध वाला मल. | पेट, duodenum या भोजन नली से आया पचा हुआ खून. |
| नीचे से लाल खून, साथ में चक्कर और तेज़ नाड़ी. | यह भी ऊपर से बहने वाला भारी खून हो सकता है. हर बार बवासीर की तकलीफ़ नहीं होती. |
| सिर्फ़ थकान और haemoglobin कम. | धीमा, छिपा हुआ खून बहना. Endoscopy चाहिए, लेकिन आज रात नहीं. |
आधे सँभले मरीज़ को दौड़ाकर endoscopy कराने से कुछ नहीं मिलता. पहला घंटा नस के तरल, खून की जाँचों और साँस के रास्ते का होता है.
दो चीज़ें जान-बूझकर नहीं की जाती हैं. Tranexamic acid, जिसकी माँग अक्सर होती है, आँतों के खून में इस्तेमाल नहीं होती; एक बड़े अध्ययन में उससे फ़ायदा नहीं मिला और खून के थक्के ज़्यादा बने. और liver के मरीज़ में plasma या platelet किसी आँकड़े को सुधारने के लिए नहीं चढ़ाए जाते, क्योंकि वे मात्रा बढ़ाते हैं और liver की शिराओं का दबाव फिर ऊपर ले जाते हैं.
Haemoglobin को सामान्य आँकड़े तक पहुँचाना नुक़सानदेह है. कम खून, देर से चढ़ाने पर दोबारा खून बहना घटता है और जीने की संभावना सुधरती है.
| कौन-सी हालत | क्या किया जाता है |
|---|---|
| Haemoglobin सात के आसपास, बाक़ी हालत स्थिर. | खून चढ़ाया जाता है, लेकिन एक मध्यम अंक तक, सामान्य अंक तक नहीं. |
| दिल की पुरानी बीमारी, या खून बहते समय छाती में दर्द. | अंक थोड़ा ऊपर रखा जाता है. दिल को ज़्यादा गुंजाइश चाहिए. |
| अभी आँखों के सामने भारी खून बह रहा है. | जितना जा रहा है उतना चढ़ाया जाता है, नाड़ी और blood pressure देखकर. |
| Warfarin या नई खून पतला करने वाली दवा से पतला खून. | जान का ख़तरा हो तो उसका असर उलटाया जाता है, cardiologist या haematologist के साथ. |
| Platelet कम और खून बह रहा है. | Platelet चढ़ाए जाते हैं. Liver की बीमारी में सिर्फ़ आँकड़ा सुधारने के लिए नहीं. |
पहुँचने के एक दिन के भीतर endoscopy करना लक्ष्य है, जब नस का तरल अपना काम कर ले. उससे जल्दी करने से फ़ायदा नहीं होता.
| Endoscopy में ulcer में क्या दिखता है | उसका मतलब | वहीं इलाज |
|---|---|---|
| धमनी से खून की फुहार निकल रही है. | सब में ज़्यादा जोखिम. अभी बह रहा है. | हाँ, दो तरीक़े साथ. |
| तली से खून रिस रहा है. | ऊँचा जोखिम. | हाँ, दो तरीक़े साथ. |
| तली में खून की नली दिखती है, बह नहीं रही. | दोबारा शुरू होने का ऊँचा जोखिम. | हाँ, दो तरीक़े साथ. |
| तली पर जमा हुआ थक्का चिपका है. | बीच का जोखिम. थक्का कई बार नली छिपा लेता है. | आम तौर पर थक्का धोकर हटाया जाता है, फिर नली का इलाज. |
| चपटा काला धब्बा. | कम जोखिम. | नहीं. गोलियाँ, और खाना शुरू हो सकता है. |
| साफ़, फीकी तली. | बहुत कम जोखिम. | नहीं. ऐसे कई लोग जल्दी घर जाते हैं. |
एक नियम बाक़ी सब से ज़्यादा काम का है. पतले adrenaline का अकेला इंजेक्शन कभी पर्याप्त नहीं होता. उसके साथ गर्मी या clip चाहिए.
ऊँचे जोखिम वाला ulcer सील हो जाने के बाद तीन दिन नस से ऊँची खुराक की acid घटाने वाली दवा दी जाती है, और मरीज़ monitor वाले बिस्तर पर रहता है. वह अवधि वजह से चुनी गई है — दूसरी बार खून बहना ज़्यादातर उसी दौरान होता है. दो जगहों के ulcer पुराने शरारती हैं. Duodenum की पिछली दीवार का ulcer एक बड़ी धमनी के ऊपर बैठता है, और पेट के छोटे मोड़ में ऊपर बैठने वाला ulcer एक दूसरी धमनी के ऊपर. दोनों की ख़बर radiologist और surgeon को जल्दी दी जाती है.
ऊपर से खून बहने के लगभग सभी कारण benign होते हैं. Endoscopy उन्हें मिनटों में अलग कर देती है, और उनका इलाज एक-दूसरे की जगह नहीं चलता.
| कारण | कैसा बर्ताव | क्या चाहिए |
|---|---|---|
| पेट या duodenum का peptic ulcer. | आम कारण. H. pylori कीटाणु और दर्द की गोलियों से जुड़ा. | Endoscopy का इलाज, acid घटाने वाली दवा, कीटाणु का इलाज. |
| भोजन नली या पेट में varices. | Liver के खून के बहाव का दबाव बढ़ने से फूली हुई शिराएँ. | पूरी तरह अलग रास्ता. रबर के छल्ले या gum, साथ में दवा. |
| भोजन नली और पेट के जोड़ पर चीरा. | ज़ोर की उलटी या उबकाई के बाद. ज़्यादातर अपने आप बैठ जाता है. | निगरानी, और बहता रहे तभी इलाज. |
| अंदरूनी परत में खरोंचें और सूजन. | दर्द की गोलियाँ, शराब, intensive care में भारी बीमारी. | दवा. Endoscopy का इलाज कम ही चाहिए. |
| परत में असामान्य बारीक नलियाँ. | बार-बार धीमा खून, अक्सर बड़ी उम्र में या गुर्दे की बीमारी में. | Endoscopy से सील करना, कभी एक बार से ज़्यादा. |
| पेट या भोजन नली की गाँठ. | कई कारणों में से एक, और आम नहीं. ज़्यादातर धीमा खून और वज़न घटना. | पहले biopsy, और फिर एक बिल्कुल अलग रास्ता. |
पेट में ही बैठे हर ulcer से endoscopy के समय biopsy ली जाती है, और ulcer न भरा हो तो बाद में दोबारा ली जाती है. इस अनुशासन में छूट नहीं है.
Varices liver के दबाव की तकलीफ़ है, acid की नहीं. शुरुआती घंटों का लगभग हर क़दम अलग है, और क्रम मायने रखता है.
| क़दम | यह पहला क्यों |
|---|---|
| आँतों की खून की नलियाँ सिकोड़ने वाली दवा, ज़्यादातर terlipressin. | वह खून धकेलने वाला दबाव घटाती है. शक पर शुरू होकर कुछ दिन जारी रहती है. |
| Antibiotic, ज़्यादातर ceftriaxone. | मर्ज़ी की बात नहीं. Liver के मरीज़ में यह दोबारा खून बहने और मौत, दोनों की संभावना घटाती है. |
| भारी उलटी या होश कम हो तो साँस की नली. | इस समूह में फेफड़ों में खून जाना मौत का बड़ा और टाला जा सकने वाला कारण है. |
| तरल सँभालकर, और आँकड़ा सुधारने के लिए plasma नहीं. | ज़्यादा भरने से liver का दबाव फिर चढ़ता है और शिरा दोबारा खुल जाती है. |
| लगभग आधे दिन में endoscopy. | Ulcer से जल्दी, क्योंकि खून तेज़ी से जाता है. |
Endoscopy में शिरा की जगह औज़ार तय करती है. भोजन नली के लिए रबर का छल्ला, पेट की चोटी की शिरा के लिए चिपकने वाला gum.
थोड़े मामलों में endoscopy हार जाती है. तब आगे बढ़ने का क्रम तय है, और operation उस क्रम के सिरे पर है, बीच में नहीं.
| Operation चाहिए तो | क्या किया जाता है |
|---|---|
| Duodenum की पिछली दीवार का बहता ulcer. | Duodenum खोलकर धमनी को ऊपर, नीचे और उसकी शाखा पर बाँधा जाता है, जिससे कोई बहाव बचा न रहे. |
| पेट का बहता ulcer. | Ulcer काटकर जाँच के लिए भेजा जाता है, या नीचे से टाँके लेकर बंद किया जाता है. बड़ा हो तो पेट का हिस्सा निकालना पड़ सकता है. |
| खून कहाँ से आ रहा है यह तय न हो. | दबाव देकर क़ाबू करना, फिर मरीज़ स्थिर होने पर दोबारा theatre या radiology. |
| Varices, और shunt की सुविधा पहुँच में नहीं. | अनुभवी हाथों में shunt का operation या devascularisation. यहाँ emergency सर्जरी का जोखिम ऊँचा है. |
H. pylori कीटाणु का इलाज emergency कमरे के किसी भी क़दम से ज़्यादा दोबारा खून बहना रोकता है. वह इलाज का हिस्सा है, कोई अतिरिक्त बात नहीं.
| खून पतला करने वाली या दर्द की दवा | आम सलाह |
|---|---|
| दिल के दौरे या stent के बाद ली जाने वाली कम खुराक की aspirin. | जारी रखी जाती है, या कुछ दिनों में दोबारा शुरू होती है, साथ में acid की गोली. डरकर बंद करने से जितनी जानें बचती हैं उससे ज़्यादा जाती हैं. |
| दिल की तकलीफ़ के बिना, बस एहतियात के लिए ली जाने वाली aspirin. | ज़्यादातर बंद. उसकी वजह कमज़ोर थी. |
| हाल के stent के बाद दो antiplatelet दवाएँ. | Aspirin जारी रहती है. दूसरी दवा का समय cardiologist के साथ तय होता है, अपने आप कभी नहीं. |
| Warfarin या नई खून पतला करने वाली दवा. | खून बहते समय रोकी जाती है, और खून पक्का बंद होने के बाद तय तारीख़ पर दोबारा शुरू होती है. |
| दुकान से ली गई आम दर्द की गोली. | बंद. बदले में ज़्यादातर paracetamol. हमारे यहाँ यही टाला जा सकने वाला आम कारण है. |
खून बहने में नुक़सान ज़्यादातर शरीर की दूसरी बीमारियों से और फेफड़ों में खून जाने से होता है, खून ख़त्म हो जाने से नहीं.
| जोखिम | उसका मतलब, और क्या रोकता है |
|---|---|
| फेफड़ों में खून जाना. | छाती का infection, कभी उससे गंभीर. भारी उलटी या बेहोशी में साँस का रास्ता जल्दी सँभालने से टलता है. |
| दोबारा खून बहना. | थोड़े लोगों में, ज़्यादातर पहले तीन दिनों में. पहले दोबारा endoscopy, फिर catheter का रास्ता. |
| गर्मी के इलाज के समय छेद. | कम होता है. Duodenum की दीवार पतली है. तुरंत पहचाना जाता है और surgeon या radiologist सँभालता है. |
| Catheter से नली बंद करने के बाद. | Dye गुर्दों पर बोझ डालता है, और पास की नली ग़लती से बंद हो सकती है. चुनिंदा तरीक़े से दोनों कम होते हैं. |
| Operation के बाद. | टाँकों से leak, पेट में पीप, टाँके खुलना, या दोबारा theatre. Shock, देर से आना और दूसरी बीमारियाँ हों तो मौत का जोखिम तेज़ी से बढ़ता है. |
| Gum या छल्लों के बाद. | Gum कभी-कभार फेफड़ों तक जा सकता है. छल्ले की जगह ulcer पड़कर एक-दो हफ़्ते बाद बह सकता है. |
| Liver के shunt के बाद. | Liver को छोड़कर जाने वाले ज़हर से होश कम होना. उसका इलाज है, और shunt सँकरा किया जा सकता है. |
खून रुक जाने से बात ख़त्म नहीं होती. वह तब ख़त्म होती है जब कारण हट जाए और हटा हुआ साबित हो जाए.
| कब | क्या होता है |
|---|---|
| अस्पताल छोड़ने से पहले. | कीटाणु का course लिखा और समझाया जाता है, दर्द की गोली बंद या ढँकी हुई, और अगली endoscopy की तारीख़ लिखी हुई. |
| छह से आठ हफ़्ते पर. | कीटाणु गया या नहीं, इसके लिए साँस या मल की जाँच, पहले acid की गोली बंद करके. |
| दो से तीन महीने पर, पेट का ulcer. | Ulcer भर गया यह साबित करने के लिए दोबारा endoscopy, न भरा हो तो नई biopsy. |
| Varices, हर दो से चार हफ़्ते पर. | शिराएँ पूरी बंद होने तक छल्लों की बैठकें, फिर लंबी अवधि पर जाँच. |
| लंबी अवधि में. | पूछे बिना दर्द की गोली नहीं. काला मल या चक्कर दोबारा आएँ तो उसी दिन बताना. |
★★★★★
“I am very thankful to Dr. Harsh Shah for treating me for gallstone disease and performing my laparoscopic cholecystectomy. The entire treatment and surgery were handled very professionally. Dr. Harsh Shah explained everything clearly and made me feel comfortable throughout the process. My recovery has been very good, and I am extremely satisfied with the care I received. Highly recommended for laparoscopic and gastrointestinal surgery.”
— Akshaya Shaw, Google review
★★★★★
“We consulted Dr Harsh shah for my Husband as having cyst . surgery was done by Doctor very successfully. today we got discharged. our experience with sir was very good . he is very cooperative, explained about diagnosis very calmly. well Experienced, good Doctor . also thanks to Roshani maam for good cooperation. Thanks sir Dr Priyanka Prajapati”
— Priyanka Prajapati, Google review
ये review Google पर जैसे लिखे गए हैं, वैसे ही रखे हैं. इनमें से कोई भी पेट से खून बहने के बारे में नहीं है, क्योंकि हमारे record में ऐसा कोई review नहीं है.
रास्ते में जितना चाहिए उतना ख़र्च होता है. किसी भी तय भर्ती, procedure या ख़ास scan से पहले लिखा हुआ अनुमान दिया जाता है.
इस रास्ते का बड़ा हिस्सा आसानी से मिलता है और महँगा नहीं है. Acid की दवा, कीटाणु का course और छल्लों की बैठकें हर जगह चलती हैं. महँगा सिरा catheter का रास्ता और liver का shunt है, और ईमानदार बात यह है कि दोनों बड़े अस्पतालों में ही हैं. हम यह जल्दी बता देते हैं, रात दो बजे ढूँढ़ने के बजाय. Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad बड़े insurer और cashless सुविधा के साथ काम करता है, और उसका दफ़्तर pre-authorisation सँभालता है. पुरानी हर scope report, scan, liver की report, दर्द की गोली सहित दवाओं की सूची, insurance card और पहचान पत्र साथ लाएँ.
उसे emergency ही मानें. थोड़ा खून भी ऐसी नली की पहली निशानी हो सकता है जो अब भारी बहने वाली है. उसी दिन endoscopy की सुविधा वाले अस्पताल जाएँ, और ख़ुद गाड़ी चलाकर नहीं.
क्योंकि ज़्यादा चढ़ाने से हालत बिगड़ती है. खून के दौरे को सामान्य अंक तक भरने से थक्के पर दबाव बढ़ता है और नली दोबारा खुल जाती है. मध्यम अंक रखने से दोबारा खून बहना घटता है और जीने की संभावना सुधरती है.
खून बंद होने के बाद ज़्यादातर हाँ, साथ में acid की गोली रखकर. एहतियात में बंद करने से जितनी जानें बचती हैं उससे ज़्यादा दिल की जानें जाती हैं. दिल की तकलीफ़ के बिना ली जाने वाली aspirin अलग बात है और वह ज़्यादातर बंद हो सकती है.
क्योंकि पेट का ulcer और पेट की शुरुआती गाँठ endoscopy में एक जैसी दिख सकती हैं. उन्हें सिर्फ़ ऊतक अलग करता है. लगभग दो से तीन महीने पर दूसरी endoscopy साबित करती है कि ulcer भर गया है.
हो सकता है, और इसीलिए खून बहने के बाद का course इतना मायने रखता है. कीटाणु हटाना, वह गया है यह साबित करना, और पूछे बिना दर्द की गोली कभी न लेना — ये तीन उसे लौटने से रोकते हैं.
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Dr Jivraj Mehta Marg, Vasna, Ahmedabad 380007.
Emergency देखभाल, therapeutic endoscopy, intensive care, interventional radiology और सर्जरी.
Google: Dr Harsh Shah · 4.94 · 18 reviews
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad तक का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601
पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से लोग अहमदाबाद आते हैं.
घर में किसी को उलटी में खून आया, या काला चिपचिपा मल निकला? यह appointment की बात नहीं, आज की बात है. जहाँ endoscopy की सुविधा हो वहाँ पहले पहुँचें, फिर हमें फ़ोन करें. पुरानी scope report, scan या liver की report हो तो भेज दें, जिससे बैठक पढ़ी हुई report से शुरू हो. फ़ोन +91-63555-64601 · Report साथ लाएँ
Book on WhatsApp दबाने पर आपके फ़ोन में WhatsApp खुलने की संभावना है।
Swasth Parivar: every week, practical advice on recovery, diet and warning signs. No advertising. Stop any time.
Your number is used for these updates and for the clinic to reach you. It is never sold or passed on. To stop, reply STOP on WhatsApp.