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Diverticular disease का इलाज, अहमदाबाद · Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद
“दूसरी बार भर्ती हुए तो कहा गया — अब तो operation करा ही लो” — diverticulitis के बहुत से मरीज़ यही सवाल लेकर OPD आते हैं। सच यह है कि diverticular disease वाले ज़्यादातर लोगों को कभी operation की ज़रूरत नहीं पड़ती। Diverticula बड़ी आंत की दीवार से बाहर उभरी छोटी थैलियाँ हैं। इनमें सूजन आए — diverticulitis — तो ज़्यादातर हमले मामूली होते हैं और बिना operation बैठ जाते हैं; कई स्वस्थ मरीज़ों को तो antibiotic की भी ज़रूरत नहीं होती। Operation emergency में तब होता है जब आंत फट जाए, और बाद में कुछ ही लोगों के लिए सोचा जाता है: बार-बार के हमले जो रोज़ की ज़िंदगी बिगाड़ें, पीप निकालनी पड़ी हो, fistula या सिकुड़न हो, रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो, या cancer को नकारा न जा सके। सिर्फ़ दो हमले होना अब operation का कारण नहीं है।
एक ही बीमारी के अलग-अलग चरणों के लिए तीन नाम चलते हैं। Diverticulosis यानी थैलियाँ हैं पर कोई तकलीफ़ नहीं — अक्सर scan या colonoscopy में संयोग से दिखती हैं। Diverticular disease यानी वे तकलीफ़ दे रही हैं। और diverticulitis यानी किसी थैली में सूजन आ गई है — दर्द, बुख़ार और दबाने पर दर्द — जो मामूली हो सकती है, या पीप, छेद, fistula, सिकुड़न या ख़ून आने तक गंभीर हो सकती है।
Dr. Jivraj Mehta Hospital. Super-specialty surgical gastroenterology में training, इसी विषय में दो बार योग्यता, और आंत की planned व emergency surgery में 18 साल का अनुभव। CT देखना, घर पर और अस्पताल में diverticulitis का इलाज, scan की मदद से पीप निकालने और colonoscopy का तालमेल, फटी आंत की emergency surgery, दूरबीन से planned colon operation, थैली (stoma) की देखभाल और थैली बंद करना — सब एक ही practice में।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Laparoscopic Colon Surgeon · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad
Google rating: Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad पर 18 reviews में 4.94।
गंभीर हमला अलग-अलग तरीक़ों से दिखता है: आंत फटे तो पूरे पेट में फैलता दर्द, बुख़ार और तेज़ धड़कन; आंत और मूत्राशय के बीच रास्ता (fistula) बने तो पेशाब में हवा या मल, और बार-बार पेशाब का संक्रमण; वह रास्ता योनि में खुले तो वहाँ से मल या हवा; और आंत सिकुड़े तो पेट फूलना और कब्ज़। Diverticulum से ख़ून आना फिर अलग बात है — आमतौर पर अचानक, बिना दर्द और ज़्यादा मात्रा में, और ज़्यादातर लोगों में अपने-आप रुक जाता है। हर स्थिति का इलाज नीचे अलग से समझाया गया है।
पश्चिमी देशों में diverticulitis ज़्यादातर बाईं ओर के sigmoid colon में होता है, और पेट में बाईं ओर नीचे दर्द देता है। एशियाई मरीज़ों में बड़ी आंत के दाएँ हिस्से का diverticulitis, पश्चिमी दिशानिर्देशों के अनुमान से कहीं ज़्यादा होता है। यह कम उम्र में होता है, ज़्यादातर बिना operation बैठ जाता है, और बिल्कुल appendicitis जैसा लगता है।
यह जानने से दो ग़लतियाँ बचती हैं। पहली, दाईं ओर के diverticulitis के दर्द के लिए बेवजह appendix का operation। दूसरी, ज़्यादा गंभीर — बैठ जाने वाली सूजन की गाँठ के लिए बड़ी आंत का दायाँ हिस्सा काट देना। दाईं ओर की सूजन की गाँठ बिना निदान के कभी नहीं काटी जाती, क्योंकि इस इलाक़े में आम आंत का TB, और गाँठ भी संभावनाओं में होते हैं। CT scan आमतौर पर दाईं ओर के diverticulitis को appendicitis और इन दूसरे कारणों से अलग कर देता है।
Diverticulitis का हमला बैठने के बाद का ख़ास ज़रूरी कदम यह पक्का करना है कि वह cancer तो नहीं था। Scan पर आंत की गाँठ बिल्कुल diverticulitis जैसी दिख सकती है, इसलिए गंभीर हमला बैठने के छह से आठ हफ़्ते बाद, या scan अजीब दिखे तो, colonoscopy की जाती है। हमले के दौरान कभी नहीं, क्योंकि तब सूजी आंत में छेद हो सकता है।
CT पर छोटा, मोटा हिस्सा जिसके किनारे उभरे हों, आंत के पास बढ़ी lymph nodes, और सूजन की तरह बर्ताव न करने वाली सिकुड़न — ये चिंता बढ़ाते हैं। CT से पक्के हुए मामूली हमले के बाद, scan साफ़ हो और आंत की नियमित जाँच हो चुकी हो, तो colonoscopy हर बार ज़रूरी नहीं — मरीज़ के हिसाब से तय होता है। Diverticulitis के साथ दाईं ओर appendicitis, आंत की लंबी सूजन (inflammatory bowel disease), संक्रमण या ख़ून कम मिलने से सूजन, स्त्री रोग की परेशानी और आंत का TB भी सोचे जाते हैं। हमले के बाद बनी सिकुड़न को cancer नकारे बिना साधारण नहीं माना जाता।
Diverticulitis के शक में पेट और pelvis का contrast CT scan पसंदीदा जाँच है। यह निदान पक्का करता है, सूजन कितनी गंभीर है बताता है, और पीप, छेद या बाहर निकली हवा दिखाता है। सिर्फ़ हाथ से जाँचकर निदान करने में यह बीमारी कभी ज़्यादा, तो कभी कम आँकी जाती है।
| जाँच | क्या तय करती है |
|---|---|
| Blood count, CRP, kidney और liver की जाँच | सूजन कितनी है और इलाज के लिए शरीर कितना तैयार है |
| पेशाब की जाँच, और fistula का शक हो तो culture | पेशाब का संक्रमण, और मूत्राशय में रास्ते का संकेत |
| बच्चा होने की उम्र वाली महिलाओं में pregnancy test | गर्भ से जुड़े कारण हटाने और scan चुनने के लिए |
| पेट और pelvis का contrast CT | निदान और गंभीरता: मामूली, पीप, छेद या बाहर हवा |
| Sonography | कम उम्र में या CT न मिले तो पहली जाँच; सामान्य sonography से diverticulitis नकारा नहीं जा सकता |
| ठीक होने के छह से आठ हफ़्ते बाद colonoscopy | गंभीर या अजीब हमले के बाद cancer नकारने के लिए — हमले के दौरान कभी नहीं |
| पीछे के रास्ते contrast देकर CT, और cystoscopy | मूत्राशय में fistula का शक हो तब |
CT पर दिखी गंभीरता ही इलाज तय करती है। मामूली diverticulitis में दीवार मोटी और आसपास की चर्बी में सूजन, पर पीप या बाहर हवा नहीं। गंभीर diverticulitis में आंत के पास छोटी पीप की थैली से लेकर pelvis में बड़ी थैली, पूरे पेट में पीप, और पेट में मल — इनमें आख़िरी दो स्थितियों (Hinchey grade) में operation चाहिए।
| CT पर क्या दिखा | आम इलाज |
|---|---|
| मामूली: मोटी दीवार, चर्बी में सूजन, पीप या हवा नहीं | घर पर या अस्पताल में; स्वस्थ मरीज़ में अक्सर antibiotic की ज़रूरत नहीं |
| सूजन की गाँठ या आंत के पास छोटी पीप की थैली | Antibiotic, ज़रूरत हो तो पीप निकालना |
| Pelvis में या दूर बड़ी पीप की थैली | Antibiotic और scan की मदद से सुई से पीप निकालना |
| पूरे पेट में पीप (purulent peritonitis) | Emergency operation |
| पेट में मल (faecal peritonitis) | Emergency operation, ज़्यादातर थैली (stoma) के साथ |
ज़्यादातर हमले मामूली होते हैं और बिना operation वाले इलाज से बैठ जाते हैं। मामूली पहले हमले के बाद के ज़्यादातर दूसरे हमले भी मामूली ही होते हैं, और हर मामूली हमले के साथ आगे emergency operation की संभावना बढ़ती नहीं, घटती है। इसीलिए तय गिनती के हमलों के बाद operation करने का पुराना नियम छोड़ दिया गया है।
इलाज सलाह और निगरानी से, मुँह से या drip से antibiotic, पीप निकालने, emergency operation, और ठीक होने के बाद कुछ मरीज़ों के लिए planned operation तक फैला है। पहले वह हल्का इलाज जो सुरक्षित हो, और दो-तीन दिन में सुधार न दिखे तो फिर से आकलन।
| इलाज | किसके लिए |
|---|---|
| बिना antibiotic निगरानी | CT में मामूली सूजन, स्वस्थ, सामान्य रोग-प्रतिरोधक क्षमता, खा-पी सकने वाला और दोबारा दिखा सकने वाला मरीज़ |
| मुँह से antibiotic, आमतौर पर पाँच से सात दिन | मामूली सूजन पर बुख़ार, दूसरी बीमारी, कमज़ोरी, गर्भावस्था या कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता |
| भर्ती होकर drip से antibiotic, आंत को आराम | गंभीर सूजन, या सुधार न हो |
| सुई से पीप निकालना | लगभग चार से पाँच सेंटीमीटर से बड़ी पीप की थैली |
| Emergency operation | पेट में पीप या मल के साथ फटी आंत, रुकावट, या ऊपर का इलाज नाकाम |
| ठीक होने के बाद planned operation | सिर्फ़ चुने हुए मरीज़ — कारण नीचे दिए हैं |
स्वस्थ मरीज़ को antibiotic देनी हो तो गोली drip जितनी ही असरदार है। Antibiotic पर दो-तीन दिन में सुधार न हो, तो दवा बढ़ाने के बजाय फिर scan — क्योंकि न निकाली गई पीप, या ग़लत निदान, cancer समेत, इसकी वजह हो सकता है।
CT से पक्के मामूली diverticulitis वाले स्वस्थ व्यक्ति में antibiotic सुरक्षित रूप से छोड़ी जा सकती है — randomised trials और अंतरराष्ट्रीय emergency दिशानिर्देश इसका समर्थन करते हैं। मरीज़ खा-पी सके, घर पर देखभाल करने वाला हो, और तकलीफ़ बढ़े तो जल्दी लौट सके — तो घर पर इलाज ठीक रहता है।
यह आख़िरी शर्त असल में बहुत मायने रखती है। Antibiotic छोड़ना और घर पर इलाज, दोनों मरीज़ के लौट सकने पर टिके हैं। दूर रहने वाले, या आसानी से न लौट सकने वाले मरीज़ के लिए भर्ती करना या antibiotic देना ज़्यादा सुरक्षित है, और कारण समझाकर लिखा जाता है। Sepsis, कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता, दूसरी बड़ी बीमारी, कमज़ोरी, गर्भावस्था या खा-पी न सकना — वहाँ antibiotic दी जाती है। छोटी पीप की थैलियाँ अक्सर सिर्फ़ antibiotic से बैठ जाती हैं। और एक-दो मामूली हमलों वाले ज़्यादातर लोगों को operation की कोई ज़रूरत नहीं — ध्यान रोकथाम पर जाता है।
Diverticulitis से आंत फटे और पेट में पीप या मल फैले, तो emergency operation में बीमार हिस्सा निकाल दिया जाता है। पहले मरीज़ को drip और antibiotic से स्थिर किया जाता है; operation का मक़सद संक्रमण की जड़ बंद करना है, और सुरक्षा के लिए बनाई गई थैली नाकामी नहीं।
| स्थिति | Operation |
|---|---|
| पेट में पीप, स्थिर और ठीक-ठाक स्वस्थ मरीज़ | Sigmoid निकालकर आंत जोड़ना, साथ में कुछ समय की बचाव वाली ileostomy; इस तरीक़े में बाद में थैली बंद होने की संभावना ज़्यादा |
| पेट में पीप, अस्थिर या ज़्यादा जोखिम वाला मरीज़ | Hartmann’s operation — sigmoid निकालकर colostomy (थैली) |
| पेट में मल | Hartmann’s operation |
| रुकावट | सिकुड़ा हिस्सा निकालना; मरीज़ की हालत और गंदगी के हिसाब से जोड़ या थैली |
| दूसरे तरीक़ों से न रुकने वाला ख़ून | ख़ून वाली जगह मिले तो सिर्फ़ वह हिस्सा; न मिले तभी colon का बड़ा हिस्सा |
अस्थिर, पेट में बहुत गंदगी वाले, कुपोषित या रोग-प्रतिरोधक क्षमता घटाने वाली दवा लेने वाले मरीज़ में जोड़ नहीं बनाया जाता। सिर्फ़ दूरबीन से पेट धोने का तरीक़ा, जो कभी पेट में पीप के लिए सुझाया जाता था, trials में ज़्यादा बार दोबारा प्रक्रिया कराता दिखा, और अब मानक विकल्प नहीं है। समय हो तो operation से पहले थैली की जगह तय की जाती है, और जोड़ क्यों बना या क्यों नहीं बना, यह लिखा जाता है।
दो हमलों के बाद sigmoid निकाल देना — यह पुरानी सीख छोड़ दी गई है। Planned operation अब हर मरीज़ के लिए अलग फ़ैसला है, हर हमले के बाद फिर से सोचा जाता है, और इस पर निर्भर है कि बीमारी ज़िंदगी पर कितना असर डाल रही है और उससे कोई गंभीर परेशानी हुई है या नहीं — हमलों की गिनती पर नहीं।
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“Dr. Harsh performed my wife’s gallbladder surgery and has been a thorough professional. He truly assuaged our concerns and treated us with great care. I have never met a surgeon who is consistently upbeat, and that makes a real difference to families whose loved ones are undergoing a surgical procedure. — Gaurav Roy, Google review”
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नीचे की reviews Dr Harsh Shah की दो Google listings से हैं, जैसी लिखी गईं वैसी ही। इनमें से किसी में diverticular disease का ज़िक्र नहीं; ये उनकी surgery और देखभाल के बारे में आम तौर पर बताती हैं।
Planned operation तय हो, तो जहाँ मुमकिन हो दूरबीन से होता है। बीमार sigmoid को नीचे मुलायम, स्वस्थ मलाशय के ऊपरी हिस्से तक निकालकर आंत जोड़ दी जाती है। Sigmoid का निचला टुकड़ा पीछे छूट जाना ही operation के बाद diverticulitis लौटने की आम वजह है।
ऊपर का सिरा स्वस्थ, बिना सूजन वाली आंत पर तय होता है; colon का हर diverticulum निकालना ज़रूरी नहीं। यह cancer का operation नहीं है, इसलिए बाएँ colon की मुख्य धमनी आमतौर पर बचाई जा सकती है — जिससे मूत्राशय और यौन क्रिया सँभालने वाली नसों को चोट का ख़तरा घटता है। बहुत सूजन वाले pelvis में, या दोबारा operation हो तो, ureter (गुर्दे से पेशाब की नली) में पहले stent डाला जा सकता है, ताकि वह आसानी से पहचानी जा सके। Operation से पहले ख़ून की कमी और डायबिटीज़ सुधारी जाती है, बीड़ी-सिगरेट और शराब कम से कम चार हफ़्ते पहले बंद, मुँह की antibiotic के साथ आंत साफ़ करने की दवा, और संभावना कम हो तब भी हर मरीज़ से थैली की बात।
Diverticulum से ख़ून आमतौर पर बिना दर्द, अचानक और ज़्यादा मात्रा में आता है, और ज़्यादातर लोगों में अपने-आप रुक जाता है। इलाज ख़ून-drip चढ़ाकर स्थिर करने और ख़ून जमने की गड़बड़ी सुधारने से शुरू होता है। ख़ून जारी रहे तो CT angiogram जगह ढूँढता है और radiologist पतली नली से ख़ून वाली नस बंद करते हैं (embolisation); आंत साफ़ करके colonoscopy से भी जगह ढूँढकर इलाज हो सकता है।
ख़ून के लिए operation आख़िरी उपाय है, सिर्फ़ इन तरीक़ों से न रुकने वाले ख़ून के लिए। ख़ून की जगह पता हो तो सिर्फ़ वही हिस्सा निकाला जाता है; जगह न मिले तभी colon का बड़ा हिस्सा। Diverticular disease वाले हर व्यक्ति को NSAID तरह की दर्द की दवाएँ जहाँ तक हो सके टालनी चाहिए, क्योंकि वे ख़ून आने और आंत फटने दोनों से जुड़ी हैं।
Fistula यानी सूजे colon और पास के अंग के बीच बना रास्ता — ज़्यादातर मूत्राशय से, जिससे पेशाब में हवा या मल और बार-बार संक्रमण — या योनि से। बार-बार की सूजन के बाद आंत सिकुड़ (stricture) सकती है, जिससे कब्ज़, पेट फूलना या रुकावट होती है। दोनों का इलाज आमतौर पर planned operation है।
मूत्राशय के fistula का शक हो तो पीछे के रास्ते contrast देकर CT और cystoscopy से पक्का होता है; योनि के fistula में CT और बेहोशी में जाँच। सिकुड़न की जाँच CT और colonoscopy से होती है, और cancer नकारे बिना उसे कभी साधारण नहीं माना जाता, क्योंकि cancer भी आंत को बिल्कुल ऐसे ही सिकोड़ सकता है। Planned operation में बीमार हिस्सा निकालकर दूसरा अंग ठीक से सिल दिया जाता है, और fistula अलग करते समय मूत्राशय की हिफ़ाज़त की जाती है।
दूरबीन से planned sigmoid operation के बाद मरीज़ उसी दिन बिस्तर से उठकर बैठता है और तरल पीता है, अगले दिन खाता और चलता है, और ज़्यादातर चौथे या पाँचवें दिन घर जाते हैं। Emergency operation के बाद सुधार धीमा, कभी ICU के साथ, और अस्पताल का ज़्यादातर समय थैली की देखभाल सीखने में जाता है।
| दिन | क्या होता है |
|---|---|
| Operation का दिन | कुछ घंटों में बिस्तर से उठकर बैठना, तरल, opioid कम रखकर दर्द की दवा, पीने लगें तो drip बंद |
| पहला दिन | जितना पचे उतना खाना, चार बार चलना, पेशाब की नली निकालना |
| दूसरा दिन | पूरा खाना, ज़्यादा चलना, दर्द की दवा मुँह से, आमतौर पर गैस पास होना शुरू |
| तीसरा दिन | मल पास होना, घर जाने की तैयारी जाँचना |
| चौथा या पाँचवाँ दिन | घर — follow-up और चेतावनी के लक्षण लिखकर |
Planned operation के बाद नाक की नली और drain नियम से नहीं लगाए जाते। थैली हो तो मरीज़ या परिवार का कोई ख़ुद सँभाल सके तभी छुट्टी, और colonoscopy बाक़ी हो तो छुट्टी से पहले तय की जाती है। बुख़ार, तेज़ धड़कन, नया या बढ़ता दर्द, या सुधार रुक जाए — तो तुरंत surgeon को बुलाया जाता है; यह जोड़ से leak का पहला संकेत हो सकता है।
फटे diverticulitis के emergency operation के जोखिम planned operation से कहीं ज़्यादा हैं, और उसकी सहमति अलग से ली जाती है। दो बातें ख़ास समझनी हैं: थैली — हर स्थिति में उसकी संभावना कितनी, और कुछ “कुछ समय की” थैलियाँ कभी बंद नहीं होतीं — और planned operation से आगे के हमले घटते हैं, पूरी तरह ख़त्म नहीं होते। हर मरीज़ पर लागू होने वाले आँकड़े consent की बातचीत में ही बताए जाते हैं।
आम: ख़ून चढ़ाना पड़े इतनी bleeding, घाव में infection, पैर या फेफड़े में clot, दिल या साँस की तकलीफ़, anaesthesia की परेशानी, और दूरबीन से खुले operation में बदलना — ज़्यादा सूजन में ज़्यादा संभव। इस operation से जुड़े: जोड़ से leak, कुछ समय की या स्थायी थैली, पेट में पीप, आंतों का देर से चालू होना, ureter में चोट, fistula अलग करते समय मूत्राशय में चोट, जोड़ का सिकुड़ना, बाद में घाव या थैली की जगह hernia, चिपकाव से रुकावट, और operation के बाद भी diverticulitis लौटना — ख़ासकर sigmoid का निचला हिस्सा छूट गया हो तो। जान का जोखिम भी है — planned operation में कम, और पेट में पीप या मल वाली emergency में कहीं ज़्यादा। इसके अलावा: निकाला गया हिस्सा microscope जाँच में जाता है, और कभी-कभी अनपेक्षित cancer निकलता है; थैली बंद करना एक और operation है, जिसके अपने जोखिम हैं।
लंबे समय में मदद करते हैं: रेशेदार खाना, भरपूर पानी, नियमित कसरत, वज़न पर काबू और धूम्रपान बंद। Nuts, बीज और popcorn से परहेज़ की पुरानी सलाह के पीछे कोई सबूत नहीं — इन्हें खाने की मनाही नहीं है।
बहुत से मरीज़ इस सलाह की वजह से पसंद की चीज़ें छोड़कर आते हैं; वे इन्हें फिर से खा सकते हैं। NSAID तरह की दर्द की दवाएँ जहाँ तक हो सके टालें। Mesalazine, rifaximin और probiotics दोबारा हमला रोकते हैं, यह साबित नहीं है, इसलिए इस मक़सद से नहीं लिखी जातीं।
गंभीर हमले के बाद, या CT अजीब हो तो, छह से आठ हफ़्ते पर cancer नकारने के लिए colonoscopy — follow-up का ख़ास ज़रूरी कदम। Operation के बाद लगभग छह हफ़्ते पर घाव और थैली देखी जाती है और report पर बात होती है, और तीन महीने पर आंत का काम जाँचा जाता है।
थैली बनी हो तो उसे बंद करना follow-up में तय होता है, उससे पहले जोड़ या मलाशय के सिरे का contrast X-ray। हर मुलाक़ात पर रेशा, पानी, कसरत, वज़न और NSAID से बचने की बात दोहराई जाती है। जिनका operation नहीं हुआ, उनके लिए हर नए हमले के बाद planned operation का सवाल फिर से सोचा जाता है — गिनती पर नहीं, उस हमले की बारीकी पर।
ख़र्च इस पर निर्भर है कि इलाज घर पर है या अस्पताल में, पीप निकालनी पड़ी या नहीं, operation planned है या emergency, थैली बनी और बाद में बंद हुई या नहीं, और कितने दिन रुकना पड़ा। Planned भर्ती से पहले, और emergency में जितनी जल्दी हो सके, लिखित अनुमान दिया जाता है।
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad बड़ी insurance कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है, और emergency भर्ती समेत pre-authorisation office सीधे सँभालता है। साथ लाएँ: CT की images disc या drive में reports के साथ, colonoscopy की reports, ख़ून-पेशाब की reports, हर हमले के discharge papers, दवाओं की सूची, insurance card और पहचान पत्र।
अपने-आप नहीं। हमले ज़िंदगी पर कितना असर डालते हैं, कोई हमला गंभीर था या नहीं, रोग-प्रतिरोधक क्षमता, और cancer नकारा गया है या नहीं — इन बातों से फ़ैसला होता है, हमलों की गिनती से नहीं।
नहीं। इस सलाह के पीछे कोई सबूत नहीं है। रेशेदार खाना, भरपूर पानी, कसरत और धूम्रपान बंद — यही असल में मदद करते हैं।
नहीं। CT से पक्की मामूली सूजन हो, मरीज़ स्वस्थ हो, खा-पी सके और तकलीफ़ बढ़े तो लौट सके — तो अक्सर बिना antibiotic इलाज हो सकता है।
क्योंकि scan पर आंत की गाँठ बिल्कुल diverticulitis जैसी दिख सकती है। गंभीर या अजीब हमले के बाद छह से आठ हफ़्ते पर की जाती है, हमले के दौरान कभी नहीं।
Planned दूरबीन operation में आमतौर पर थैली से बचा जा सकता है। फटी आंत की emergency में थैली की संभावना ज़्यादा है, और कुछ थैलियाँ कभी बंद नहीं होतीं; आपके लिए संभावना operation से पहले बताई जाती है।
कम संभावना है, पर हो सकता है — ख़ासकर अगर sigmoid का निचला हिस्सा छूट जाए। इसीलिए हिस्सा स्वस्थ मलाशय के ऊपरी भाग तक निकाला जाता है।
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Dr Jivraj Mehta Marg, Vasna, Ahmedabad 380007.
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पूरे गुजरात से — Gandhinagar, Mehsana, Banaskantha, Nadiad, Anand, Bhavnagar, Rajkot, Jamnagar और Kutch — और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।
Diverticulitis का इलाज हुआ है, या operation की बात हुई है? CT scan की images और report, colonoscopy की report हो तो, ख़ून की reports और हर हमले के discharge papers appointment से पहले भेजी जा सकती हैं, ताकि consultation शुरू होने तक वे पढ़ी जा चुकी हों। इलाज consultation में, जाँच के बाद ही तय होता है। बुख़ार के साथ पेट में तेज़ दर्द, या पेट सख़्त हो और छूने पर दर्द हो तो अभी नज़दीकी emergency विभाग जाएँ। Call +91-63555-64601 · Reports साथ लाएँ
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