Skip to main contentडॉ. हर्ष शाह · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, अहमदाबाद
आख़िरी बार अपडेट: 3 नवंबर 2026
बवासीर, फिशर, भगंदर और गुदा के पास फोड़े का इलाज · डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
बवासीर, फिशर, भगंदर और फोड़ा, ये चार अलग तकलीफें हैं। हर एक की पहचान अलग है: ख़ून, तेज़ दर्द, रिसता छेद या मवाद वाली गाँठ। इलाज भी हर एक का अलग है।
Dr Harsh Shah चारों का इलाज करते हैं। पहले दवा और परहेज़, फिर ज़रूरत हो तो रबर बैंड, बवासीर का ऑपरेशन, फिशर का छोटा ऑपरेशन, भगंदर का ऑपरेशन, seton या फोड़े से मवाद निकालना। पहली मुलाक़ात में अकेले में बात और हल्की जाँच होती है, ताकि आप जान सकें कि तकलीफ़ क्या है और ऑपरेशन चाहिए भी या नहीं।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
GI & Proctology Surgeon · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad
आँत, गुदामार्ग और गुदा की सर्जरी का 18 साल का अनुभव। पहली मुलाक़ात, ऑपरेशन और घाव भरने तक की जाँच, सब कुछ वे ख़ुद देखते हैं।
Google rating: Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna की listing पर 18 reviews में से 4.94।
इस पेज का अंग्रेज़ी रूप Piles, fissure and fistula clinic in Ahmedabad पर है। यहाँ वही जानकारी हिंदी में, रोज़ की बोली में लिखी है।
Dr Harsh Shah आँत और गुदामार्ग के सर्जन हैं। पहली मुलाक़ात से आख़िरी जाँच तक आपको वही देखते हैं, कोई बदलता नहीं।
उन्होंने सामान्य सर्जरी के बाद आँत की सर्जरी में विशेष प्रशिक्षण लिया, जिसमें गुदा और मल रोकने वाली मांसपेशियाँ भी शामिल हैं। वे पहली मुलाक़ात में आपको देखते हैं, ख़ुद ऑपरेशन करते हैं और घाव भरने तक जाँच करते हैं।
मुख्य लक्षण से अंदाज़ा लगता है। बिना ज़्यादा दर्द के चटक लाल ख़ून बवासीर की ओर इशारा करता है। काटने जैसा तेज़ दर्द फिशर की ओर। मवाद या गीला छेद भगंदर की ओर।
| लक्षण | बवासीर | फिशर | भगंदर | फोड़ा |
|---|---|---|---|---|
| ख़ून | चटक लाल, टपकता या पानी में छिटकता, अक्सर कम दर्द के साथ | कागज़ या मल पर लकीर, दर्द के साथ | कभी-कभी ख़ून मिला मवाद | कम, जब तक फूट न जाए |
| दर्द | हल्का, जब तक मस्सा जम न जाए या बाहर फँस न जाए | शौच के दौरान और घंटों बाद तक तेज़, चुभने वाला | हल्की टीस, मवाद निकलने से पहले बढ़ती है | लगातार धड़कता, रोज़ बढ़ता, बैठना मुश्किल |
| सूजन या गाँठ | नरम मस्सा, ज़ोर लगाने पर बाहर आता है और लौट सकता है | पुराने फिशर में किनारे पर छोटा मांस का उभार | गुदा के पास फुंसी जैसा छोटा मुँह | गुदा के बगल में गरम, लाल, छूने पर दुखती सूजन |
| रिसाव | बलगम, खुजली, गीले कपड़े | बहुत कम या नहीं | महीनों तक रुक-रुककर मवाद या पानी, कपड़े पर दाग | फूट जाए तो मवाद |
| बुखार | नहीं | नहीं | आम तौर पर नहीं | अक्सर |
बहुत से लोग गुदा की हर तकलीफ़ को “बवासीर” कह देते हैं। यह तालिका सिर्फ़ मार्गदर्शन है, निदान नहीं। दो तकलीफें साथ भी हो सकती हैं, पक्का जाँच के बाद ही पता चलता है।
भगंदर और फोड़ा एक ही तकलीफ़ की दो अवस्थाएँ हैं। गुदा के अंदर की छोटी ग्रंथि में संक्रमण से मवाद बनता है, यही फोड़ा है। जब मवाद त्वचा से बाहर निकल आता है, तो पीछे जो नली बच जाती है, वही भगंदर है।
पहले दवा और परहेज़। उसके बाद गिनी-चुनी, लंबे समय से परखी हुई शल्य विधियाँ। वे मशीन या उपकरण पर टिकी विधियाँ नहीं अपनाते।
| इलाज | किसके लिए | क्या होता है |
|---|---|---|
| फाइबर, मल नरम करने की दवा, सिट्ज़ बाथ, मरहम | शुरुआती बवासीर, नया फिशर | रोज़ नरम मल और गुनगुने पानी में बैठना। कई लोगों को इससे ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए। |
| रबर बैंड लिगेशन | ख़ून वाली बवासीर, ग्रेड 1 से 3 | संवेदनशील त्वचा के ऊपर एक छोटा बैंड लगता है। मस्सा सिकुड़कर लगभग एक हफ़्ते में गिर जाता है। यह क्लिनिक में होता है, एनेस्थीसिया के बिना। |
| ओपन haemorrhoidectomy | बड़ी बवासीर, ग्रेड 3 से 4, या बैंड के बाद लौटने वाली | एनेस्थीसिया में मस्सा काटकर निकाला जाता है। घावों के बीच सामान्य त्वचा के पुल छोड़े जाते हैं। |
| Lateral internal sphincterotomy | पुराना फिशर, जो दवा से नहीं भरा | अंदर की कसी मांसपेशी में बगल से छोटा, नपा-तुला कट। ऐंठन ढीली होती है और फिशर भर जाता है। |
| Fistulotomy | नीचे की भगंदर नली, जो कम मांसपेशी से गुज़रे | नली खोल दी जाती है और घाव नीचे से ऊपर भरता है। |
| Seton | जो नली ज़्यादा मांसपेशी से गुज़रे या जिसमें संक्रमण चालू हो | नली में नरम धागा डाला जाता है ताकि मवाद निकलता रहे। फिर नली का इलाज चरणों में होता है। |
| फोड़े से मवाद निकालना | गुदा के पास फोड़ा | एनेस्थीसिया में मवाद निकाला जाता है, आम तौर पर उसी दिन या अगले दिन। साथ ही भगंदर के मुँह की जाँच होती है। |
| दूसरी जगह की विधि | क्या है | डॉ. शाह क्यों नहीं अपनाते |
|---|---|---|
| बवासीर या भगंदर के लिए लेज़र | फाइबर की गर्मी से मस्सा सिकोड़ा जाता है या नली बंद की जाती है | शुरू में कम दर्द, पर प्रकाशित अध्ययनों में तकलीफ़ अधिक लौटती है, और डिस्पोज़ेबल फाइबर का ख़र्च जुड़ता है। |
| Stapler (stapled haemorrhoidopexy) | गोल स्टेपलर से बवासीर ऊपर खींची जाती है | काटकर निकालने के मुक़ाबले लंबे समय का नतीजा कम टिकाऊ है, और इसकी अपनी दुर्लभ पर गंभीर जटिलताएँ हैं। |
| Doppler से धमनी बाँधना (DGHAL, THD) | अल्ट्रासाउंड से रक्त वाहिकाएं ढूँढकर बाँधी जाती हैं | कम दर्द, पर निकाल देने की तुलना में बवासीर ज़्यादा लौटती है। |
| फिशर में Botox इंजेक्शन | दवा से मांसपेशी कुछ महीनों के लिए ढीली होती है | मांसपेशी बचती है, पर sphincterotomy के मुक़ाबले फिशर ज़्यादा लौटता है। |
| भगंदर में LIFT, flap, VAAFT, गोंद या plug | मांसपेशी बचाकर नली बंद करने के तरीके | कुछ ऊँची या जटिल नलियों में काम के हैं, पर fistulotomy से कम नलियाँ भरती हैं। आपके लिए बेहतर हो तो Dr Shah साफ़ बताएँगे और यह भी कि कहाँ होता है। |
इनमें से कोई विधि ग़लत नहीं है, अच्छे सर्जन इन्हें अपनाते हैं। डॉ. शाह वही करते हैं जिसके पीछे वे अपने मरीज़ों के लिए खड़े हो सकें: लंबे रिकॉर्ड और तकलीफ़ लौटने की कम संभावना वाले ऑपरेशन। थोड़े ऑपरेशन बार-बार करने से नतीजे एक-से रहते हैं। अगर आपकी भगंदर नली ऊँची या जटिल है और मांसपेशी बचाने वाला ऑपरेशन आपका नियंत्रण बेहतर बचाएगा, तो वे यह सीधे कहेंगे।
बवासीर गुदा के अंदर फूले हुए गद्दीनुमा उभार हैं। उन्हें 1 से 4 ग्रेड में बाँटा जाता है कि वे कितना बाहर आते हैं। इलाज इसी ग्रेड से तय होता है।
| ग्रेड | क्या होता है | आम तौर पर पहला क़दम |
|---|---|---|
| 1 | ख़ून आता है, मस्सा बाहर नहीं आता | फाइबर, पानी, मल नरम करने की दवा, ज़ोर न लगाना |
| 2 | ज़ोर लगाने पर बाहर आता है, अपने-आप लौट जाता है | सिर्फ़ खान-पान से न सुधरे तो बैंड |
| 3 | बाहर आता है, हाथ से अंदर करना पड़ता है | बैंड, या बड़ा हो या बैंड फेल हो तो haemorrhoidectomy |
| 4 | बाहर ही रहता है, अंदर नहीं जाता | ओपन haemorrhoidectomy |
ख़ून को देखे बिना बवासीर का नाम नहीं दिया जाता। ज़रूरत पड़े तो colonoscopy की सलाह दी जाती है, ताकि ख़ून का कोई और कारण छूट न जाए।
पूरी जानकारी हमारे बवासीर के इलाज के पेज पर है, जहाँ ग्रेड के हिसाब से विकल्प समझाए गए हैं।
फिशर गुदा के किनारे की परत में छोटा चीरा है। मांसपेशी में ऐंठन आ जाती है, जिससे चीरा भर नहीं पाता और दर्द बना रहता है।
नया फिशर आम तौर पर चार से आठ हफ़्ते में भर जाता है, अगर मल नरम रहे, सिट्ज़ बाथ लिया जाए और मांसपेशी ढीली करने वाला मरहम लगे। जो फिशर इससे ज़्यादा चले, जिसमें मांस का उभार या कड़ा किनारा हो, वह पुराना है। दवा से न भरे तो lateral internal sphincterotomy से ज़्यादातर पुराने फिशर भर जाते हैं। कट छोटा रखा जाता है, महिलाओं में और भी छोटा, क्योंकि यही मांसपेशी मल पर आपका नियंत्रण रखती है।
फैसला कैसे होता है, यह फिशर के इलाज के पेज पर समझाया है।
भगंदर गुदा के अंदर से बाहर की त्वचा तक बनी नली है। यह गोलियों से बंद नहीं होती। इलाज इस पर टिका है कि नली कितनी मांसपेशी से गुज़रती है।
नीची नली, जो कम मांसपेशी से गुज़रती है, एक ऑपरेशन (fistulotomy) में खुल जाती है। ऊँची नली या चालू संक्रमण में पहले seton डाला जाता है: एक नरम धागा, जो योजना बनने तक मवाद को सुरक्षित बहाता रहता है। नली का रास्ता साफ़ न हो तो ऑपरेशन से पहले MRI से उसे देखा जाता है।
अलग से विस्तार के लिए भगंदर के इलाज का पेज देखें।
गुदा के पास फोड़ा मवाद का जमाव है। अकेली एंटीबायोटिक से यह नहीं जाता। मवाद निकालना पड़ता है, आम तौर पर निदान के एक दिन के भीतर।
दर्द दो-तीन दिन में बढ़ते-बढ़ते बैठना मुश्किल कर देता है। बुखार आम है। एनेस्थीसिया में मवाद निकालने से कुछ घंटों में राहत मिलती है। मधुमेह वाले मरीज़ों को तुरंत आना चाहिए, क्योंकि संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है।
विस्तार के लिए फोड़े से मवाद निकालने का पेज देखें।
पहली मुलाक़ात में बात, हल्की जाँच और proctoscope नाम की छोटी नली से अंदर का नज़ारा होता है। इसमें कुछ मिनट लगते हैं और आम तौर पर बस थोड़ी असुविधा होती है।
| जाँच | कब सलाह दी जाती है |
|---|---|
| Colonoscopy | लगभग 45 साल से ऊपर और हाल की जाँच नहीं, मल में ख़ून मिला हुआ, शौच की आदत बदलना, ख़ून की कमी, वज़न घटना या परिवार में आँत की बीमारी |
| गुदा का MRI | भगंदर ऊँची हो, लौट आई हो, कई मुँह हों, महिला में आगे की ओर हो या आँत की सूजन के साथ हो |
| ब्लड शुगर और ख़ून की जाँच | किसी भी ऑपरेशन से पहले, और फोड़े में हमेशा |
| एनेस्थीसिया में जाँच (EUA) | जब दर्द के कारण क्लिनिक में जाँच न हो सके, या इलाज से पहले भगंदर का नक़्शा बनाना हो |
शर्म की वजह से कई लोग सालों तक नहीं आते। जाँच बंद कमरे में होती है और आप ढके रहते हैं।
ऐसी तकलीफें रोज़ देखी जाती हैं, आपकी बात से किसी को हैरानी नहीं होगी। आप परिवार के किसी सदस्य को साथ ला सकते हैं या अकेले आ सकते हैं, और जाँच कभी भी रुकवा सकते हैं। किसी तैयारी या बाल साफ़ करने की ज़रूरत नहीं। आपकी रिपोर्ट आपकी सहमति के बिना किसी को नहीं दी जातीं। बोलने में झिझक हो तो पहले WhatsApp पर संदेश भेज दें।
रिकवरी इलाज के हिसाब से अलग है। बैंड में एक-दो दिन आराम चाहिए। ऑपरेशन के बाद पहले कुछ दिन दर्द रहता है, जिसे गोलियों, सिट्ज़ बाथ और मल नरम करने की दवा से संभाला जाता है।
| इलाज | पहले दिन | काम पर वापसी | घाव भरना |
|---|---|---|---|
| रबर बैंड लिगेशन | एक-दो दिन हल्का दर्द और भारीपन। बैंड गिरते समय (लगभग 7 से 10वें दिन) थोड़ा ख़ून। | आम तौर पर अगले दिन | लगभग 2 हफ़्ते |
| ओपन haemorrhoidectomy | पहले कुछ दिन दर्द, ख़ासकर पहले शौच में। गोलियों, सिट्ज़ बाथ और मल नरम करने की दवा से राहत। | आम तौर पर 2 से 3 हफ़्ते | लगभग 4 से 6 हफ़्ते |
| Sphincterotomy | कई लोगों को फिशर का दर्द कुछ दिनों में घटता लगता है। छोटा घाव थोड़ा दुखता है। | आम तौर पर एक हफ़्ते में | लगभग 4 से 6 हफ़्ते |
| Fistulotomy | घाव दुखता है, कुछ रिसाव रहता है। गुनगुने पानी में बैठना और पैड। | आम तौर पर 1 से 2 हफ़्ते | लगभग 4 से 8 हफ़्ते, बड़ी नली में ज़्यादा |
| Seton | हल्की टीस। धागे से मवाद बहता है, वह कई हफ़्ते रह सकता है। | कुछ दिनों में | अगले चरण पर निर्भर |
| फोड़े से मवाद निकालना | धड़कता दर्द कुछ घंटों में घटता है। घाव रोज़ धोना होता है। | एक हफ़्ते में | लगभग 2 से 4 हफ़्ते |
ज़्यादातर ऑपरेशन डे केयर होते हैं या एक रात की भर्ती में।
गुदा की ज़्यादातर तकलीफें तय मुलाक़ात तक रुक सकती हैं, पर कुछ नहीं। नीचे के लक्षण हों तो आज ही नज़दीकी इमरजेंसी में जाएँ, या Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद आएँ।
हर इलाज में कुछ जोखिम होता है। आप पर लागू जोखिम Dr Harsh Shah सहमति से पहले आमने-सामने समझाते हैं।
| इलाज | जो जोखिम जानना ज़रूरी है |
|---|---|
| रबर बैंड लिगेशन | दर्द, बैंड गिरते समय ख़ून, और बवासीर का लौटना। दुर्लभ रूप से गंभीर संक्रमण, जिसके संकेत तेज़ दर्द, बुखार और पेशाब में तकलीफ़ हैं। |
| ओपन haemorrhoidectomy | दर्द, पहले दिन पेशाब में तकलीफ़, ख़ून, कभी-कभी 7 से 10वें दिन देर से ख़ून, गुदा का सँकरा होना और बवासीर का लौटना। |
| Sphincterotomy | हवा रोकने में कमी या हल्का मल रिसने का छोटा अंदेशा, जो आम तौर पर थोड़े समय का होता है, और फिशर का लौटना। |
| Fistulotomy और seton | भगंदर का लौटना, धीमा घाव भरना, और नियंत्रण में कुछ बदलाव, जो ज़्यादा मांसपेशी कटने पर अधिक संभव है। |
| फोड़े से मवाद निकालना | फोड़े का दोबारा भरना, या बाद में भगंदर बनना। |
| कोई भी ऑपरेशन | संक्रमण, ख़ून बहना और एनेस्थीसिया की दिक़्क़तें। |
पहली मुलाक़ात से पूरी तरह घाव भरने तक का रास्ता पाँच क़दमों में चलता है।
ख़र्च इस पर निर्भर है कि कौन-सा इलाज चाहिए। दवा और बैंड का ख़र्च ऑपरेशन से बहुत कम होता है। ऑपरेशन का प्रकार, एनेस्थीसिया और रुकने के दिन अनुमान बदलते हैं।
colonoscopy या MRI जैसी जाँचें, कमरे की श्रेणी और एक से ज़्यादा चरणों वाली भगंदर भी ख़र्च में गिनी जाती हैं। Dr Shah डिस्पोज़ेबल उपकरण नहीं अपनाते, इसलिए उनके ऑपरेशन में उपकरण का अलग शुल्क नहीं जुड़ता। अस्पताल प्रमुख बीमा कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation अस्पताल का दफ़्तर संभालता है। बैंड क्लिनिक की प्रक्रिया है और कुछ पॉलिसी सिर्फ़ भर्ती का ख़र्च देती हैं, इसलिए अपनी पॉलिसी जाँच लें। पुरानी रिपोर्ट, दवाओं की सूची, बीमा card और पहचान-पत्र साथ लाएँ। क्या लाना है, यह जानने के लिए +91-63555-64601 पर फ़ोन करें।
बवासीर में अक्सर कम दर्द के साथ ख़ून आता है। फिशर में शौच के समय और बाद में तेज़, काटने जैसा दर्द होता है। पक्का जाँच से ही पता चलता है।
अक्सर नहीं। शुरुआती बवासीर और नया फिशर परहेज़, दवा, सिट्ज़ बाथ और मरहम से सुधर जाते हैं। भगंदर और फोड़े में प्रक्रिया ज़रूरी है।
आम तौर पर बस थोड़ी असुविधा होती है और कुछ मिनट लगते हैं। फिशर में दर्द ज़्यादा हो तो अंदर की जाँच छोड़कर बाद में बेहोशी में की जाती है।
इनमें शुरू में दर्द कम रहता है, पर अध्ययनों में बवासीर ज़्यादा लौटती है। वे बैंड और ओपन ऑपरेशन अपनाते हैं, जिनका रिकॉर्ड बहुत लंबा है।
मांसपेशी वाले किसी भी ऑपरेशन में हवा या मल रिसने का छोटा अंदेशा रहता है। डॉ. शाह पहले आपका नियंत्रण पूछते हैं और कट छोटा रखते हैं।
नहीं। एंटीबायोटिक से रिसाव कुछ समय रुक सकता है, पर नली बनी रहती है और संक्रमण लौटता है। इसे fistulotomy या seton चाहिए।
Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा में प्रमुख बीमा कंपनियों की cashless सुविधा है। pre-authorisation का काम अस्पताल का दफ़्तर संभालता है।
डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
अस्पताल की दिशा · WhatsApp +91-63555-64601
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