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Dr. Harsh J Shah

Hydatid cyst ऑपरेशन के बाद दोबारा हो सकता है?

आख़िरी बार अपडेट: 7 नवंबर 2026

Dr Harsh Shah, लिवर और पेट के सर्जन, अहमदाबाद

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Liver & Gastro Surgeon
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव

संक्षेप में

हाँ, hydatid cyst दोबारा हो सकता है, पर ज़्यादातर लोगों में नहीं होता। नई थैली बचे हुए कृमि से या दोबारा लगे संक्रमण से बनती है।

कुछ साल नियमित सोनोग्राफ़ी और ख़ून की जाँच कराने से दोबारा बनी थैली छोटी रहते ही पकड़ में आती है, और तब इलाज आसान होता है।

साफ़ पानी, धुली सब्ज़ियाँ, हाथों की सफ़ाई और कृमि की दवा पाया हुआ कुत्ता अंडे दोबारा लगने की संभावना घटाते हैं।

Hydatid cyst या लिवर abscess के कारण, जाँच और इलाज के विकल्प हमारे लिवर abscess और hydatid cyst पेज पर हैं। यहाँ एक ही सवाल का जवाब है: दोबारा हो तो क्या, और उसकी संभावना कैसे घटाएं।

Hydatid cyst दोबारा क्यों होता है?

वजह दो हैं। इलाज के समय कुछ कृमि रह गए हों, या उन्हीं स्रोतों से संक्रमण दोबारा लगा हो।

  • इलाज के समय बिखरना। थैली का थोड़ा द्रव पेट में पहुँच जाए तो उसमें का छोटा कृमि वहाँ टिककर बाद में नई थैली बना सकता है।
  • पहले न दिखी छोटी थैली। बहुत छोटी थैली पहले स्कैन में नहीं दिखती। वह धीरे-धीरे बढ़ती है और महीनों बाद नज़र आती है।
  • नया संक्रमण। अंडे कुत्ते की बीट, मिट्टी और पानी में होते हैं। एक बार थैली हो चुकी हो, तो आगे बचाव नहीं मिलता।

पहले दो जोखिम सर्जन गोलियों से, थैली को बहुत सावधानी से संभालकर, और गुहा को सुरक्षित घोल से धोकर घटाते हैं। तीसरा जोखिम आपकी आदतों पर निर्भर है।

संभावना कितनी है, और कब दिखता है?

ज़्यादातर लोगों को दूसरी थैली नहीं होती। होती है तो आम तौर पर पहले दो साल में दिखती है, इसलिए तब जाँच ज़्यादा पास-पास रखी जाती है।

संभावना पहली थैली के आकार और संख्या पर, उसके रिसने या न रिसने पर, और इलाज कितना पूरा था इस पर निर्भर है। ऑपरेशन के नोट्स और स्कैन पढ़कर सर्जन आपके लिए यह बता सकते हैं। दोबारा बनने वाली थैली अचानक नहीं आती। वह धीरे-धीरे बढ़ती है, और तय स्कैन में अक्सर छोटी ही होती है।

संभावना कैसे घटाएं?

सर्जन के कहे अनुसार गोलियाँ पूरी करें, हर फ़ॉलो-अप मुलाक़ात करें, और कुत्ते की बीट, गंदे पानी और बिना धुले पत्तों से संपर्क कम करें।

  1. सर्जन जितने समय के लिए कहें, उतना albendazole का कोर्स पूरा करें। क्यों, यह हमारे ऑपरेशन से पहले और बाद albendazole लेख में है।
  2. कच्ची सब्ज़ियाँ और पत्ते खाने से पहले बहते साफ़ पानी में धोएं।
  3. ख़ासकर बाहर उबला या छना हुआ पानी पिएं।
  4. कुत्ते, मिट्टी या बगीचे के औज़ार छूने के बाद और खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।
  5. पालतू कुत्ते को पशु डॉक्टर से नियमित कृमि की दवा दिलवाएं, और कच्चा ऑफ़ल न खाने दें।
  6. बच्चों को आवारा कुत्तों के साथ न खेलने दें, और उनके हाथ बार-बार धुलवाएं।

फ़ॉलो-अप में क्या जाँचा जाता है?

तय मुलाक़ातों पर सोनोग्राफ़ी और ख़ून की जाँच होगी। पहले साल में पास-पास, फिर कई सालों में दूर-दूर।

Hydatid cyst के इलाज के बाद आम फ़ॉलो-अप
कबक्या जाँचा जाता हैक्यों
गोलियाँ चलने तकलिवर की जाँच और ख़ून की गिनतीगोलियाँ दोनों पर असर डाल सकती हैं
पहला सालकुछ महीने पर सोनोग्राफ़ीदोबारा होना अक्सर जल्दी दिखता है
दूसरा और तीसरा सालसाल में एक या दो बार सोनोग्राफ़ीधीमे बढ़ने वाली थैली पर नज़र
आगे के सालसाल में एक बार सोनोग्राफ़ी, लक्षण हों तो पहलेदेर से भी हो सकता है

सर्जन इस क्रम में बदलाव कर सकते हैं। सोनोग्राफ़ी साफ़ न हो तो CT या MRI जोड़ा जाता है। हर मुलाक़ात पर पुराने सारे स्कैन साथ लाएं, ताकि नए से आमने-सामने मिलाए जा सकें।

किन लक्षणों में जल्दी मिलें?

पेट के दाएं हिस्से में दर्द, नई गाँठ, बुखार या आँखों का पीलापन हो तो अगली मुलाक़ात का इंतज़ार न करें।

  • दाईं पसलियों के नीचे नया या बढ़ता दर्द
  • ऊपरी पेट में गाँठ या भारीपन
  • कँपकँपी के साथ बुखार
  • आँखें या त्वचा पीली, या पेशाब गहरा
  • पेट दर्द के बाद खुजली वाले दाने या चेहरे पर सूजन

दोबारा बनी कई थैलियाँ कोई लक्षण नहीं देतीं। इसलिए चेतावनी का इंतज़ार करने से ज़्यादा ज़रूरी है तय समय पर स्कैन कराना।

दोबारा हो तो क्या किया जाता है?

दोबारा हुई थैली का इलाज पहली जैसी ही दिशा में, आकार और जगह देखकर होता है। कई छोटी होती हैं और जल्दी पकड़ी जाती हैं।

छोटी थैली में सिर्फ़ गोलियाँ, या सोनोग्राफ़ी की मदद से सुई की प्रक्रिया चल सकती है। बड़ी थैली, या पित्त की नली पर दबाव डालती थैली के लिए दूसरा ऑपरेशन चाहिए। पहले ऑपरेशन के निशान के कारण सर्जन को थैली तक पहुँचने का रास्ता बदलना पड़ता है, इसलिए दूसरा ऑपरेशन ज़्यादा ध्यान से तय होता है। लिवर का ऑपरेशन आम तौर पर कैसे होता है, यह जानने के लिए हमारा लिवर के ऑपरेशन लेख देखें।

सर्जन से पूछने के सवाल

पूछें कि आपके लिए संभावना कैसी है, कौन-से स्कैन कब चाहिए, और किन संकेतों पर तुरंत फ़ोन करना है।

  • क्या मेरी थैली रिसी थी? इससे फ़ॉलो-अप बदलेगा?
  • सोनोग्राफ़ी कितनी बार, और कितने साल कराऊँ?
  • क्या गोलियाँ अब भी चाहिए? कितने समय तक?
  • क्या घर के लोगों की जाँच करानी चाहिए?
  • किन लक्षणों पर तुरंत आपको फ़ोन करूँ?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ऑपरेशन के बाद hydatid cyst दोबारा हो सकता है?

हाँ, हो सकता है, हालाँकि ज़्यादातर लोगों में नहीं होता। नई थैली आम तौर पर बचे हुए कृमि से या नए संक्रमण से बनती है, और जल्दी पकड़ने के लिए फ़ॉलो-अप स्कैन तय किए जाते हैं।

दोबारा हो तो कितने समय में दिखता है?

अक्सर पहले दो साल में दिखता है। कुछ में देर से दिखता है, इसलिए स्कैन कई साल चलते हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि दोबारा हो गया है?

अक्सर कुछ महसूस नहीं होता। तय मुलाक़ात की सोनोग्राफ़ी में यह पहले दिखता है। पेट के दाएं हिस्से में दर्द, गाँठ, बुखार या आँखों का पीलापन हो तो जल्दी मिलें।

क्या नए संक्रमण से फिर hydatid cyst हो सकता है?

हाँ। अंडे कुत्तों, मिट्टी, पानी और कच्ची सब्ज़ियों से आते हैं। एक बार थैली हो चुकी हो, तो अगले संक्रमण से सुरक्षा नहीं मिलती।

क्या घर में कुत्ता रखना बंद करना होगा?

ज़रूरी नहीं। कुत्ते को पशु डॉक्टर से कृमि की दवा दिलवाएं, उसे छूने के बाद हाथ धोएं और उसे कच्चा ऑफ़ल न खाने दें।

दोबारा हुई थैली का इलाज पहले जैसा ही होता है?

छोटी थैली में गोलियाँ या सुई की प्रक्रिया चल जाती है। बड़ी में दोबारा ऑपरेशन चाहिए। फ़ैसला आकार, जगह और स्कैन के चरण पर टिका है।

क्या घर के लोगों को मुझसे लग सकता है?

नहीं। यह आदमी से आदमी में नहीं फैलता। घर के सब लोग एक ही स्रोतों के संपर्क में आते हैं, इसलिए सफ़ाई के वही नियम सबके काम आते हैं।

संबंधित पेज

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Dr Harsh Shah कहाँ मिलते हैं?

डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
अस्पताल की दिशा · WhatsApp +91-63555-64601

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Dr. Harsh J Shah
Dr Harsh Shah, Gastro, Cancer & Laparoscopic Surgeon, Ahmedabad
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