Skip to main contentआख़िरी बार अपडेट: 23 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Liver Cancer Surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 वर्ष का अनुभव
★★★★★ Google: 4.89 from 216 reviews (Gota clinic) · 4.94 from 18 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
जिगर का adenoma जिगर की कोशिकाओं से बनी एक गांठ है. मिलते समय यह कैंसर नहीं होता. ज़्यादातर यह हॉर्मोन से जुड़ा होता है: महिलाओं में गर्भनिरोधक गोली, और पुरुषों में शरीर बनाने वाले steroid.
जिगर की दूसरी बेकसूर गांठों से यह दो बातों में अलग है. इसमें से ख़ून बह सकता है, और कुछ गांठें समय के साथ जिगर के कैंसर में बदल जाती हैं.
Adenoma का प्रकार, उसका आकार, और मरीज़ पुरुष है या महिला, ये तीन बातें आगे का कदम तय करती हैं. कुछ पर हॉर्मोन बंद करके नज़र रखी जाती है. बाक़ी निकाल दी जाती हैं.
बदला हुआ adenoma जिगर का कैंसर (hepatocellular carcinoma) बनता है, और उसका इलाज जिगर के कैंसर का इलाज, अहमदाबाद वाले पेज पर है.
Adenoma जिगर की कोशिकाओं की एक गांठ है, जो ज़्यादातर बाक़ी स्वस्थ जिगर में होती है. ज़्यादातर गांठें किसी और वजह से कराए गए scan में अचानक मिलती हैं.
जिगर में कई तरह की गांठें हो सकती हैं. उनमें से कई को कभी इलाज की ज़रूरत नहीं होती. सादा cyst, ख़ून की नलियों की गांठ (haemangioma) और FNH नाम की गांठ आम हैं. Adenoma इनसे अलग है. इसकी कोशिकाओं में एक ख़राबी होती है, जिससे एक समूह अपने आप बढ़ता रहता है.
कुछ लोगों को दाईं पसली के नीचे हल्का दर्द रहता है. कई लोगों को कुछ पता नहीं चलता. उसी जगह अचानक तेज़ दर्द हो, तो adenoma से ख़ून बहा हो सकता है. तब उसी दिन अस्पताल पहुँचना चाहिए.
दो जोखिम adenoma को अलग बनाते हैं. इसके अंदर या पेट में ख़ून बह सकता है, और यह जिगर के कैंसर में बदल सकता है. कुछ भी तय करने से पहले दोनों जोखिमों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.
यह जोखिम हर मरीज़ के लिए एक जैसा नहीं होता. महिला में छोटा, कम जोखिम वाले प्रकार का adenoma शायद ही इनमें से कुछ करता है. बड़ा adenoma, या पुरुष में कोई भी adenoma, ज़्यादा जोखिम रखता है. इसलिए सवाल सिर्फ़ “adenoma है या नहीं?” नहीं है. सवाल है: “कौन-सा adenoma, कितना बड़ा, और किसमें?”
ज़्यादातर adenoma को हॉर्मोन बढ़ाते हैं. इसलिए consultation में पहले सवाल scan के बारे में नहीं, गोलियों और supplement के बारे में होते हैं.
| वजह | इसका मतलब |
|---|---|
| गर्भनिरोधक गोली | जवान महिलाओं में जानी-मानी वजह. जितनी लंबी गोली, उतना ज़्यादा जोखिम. गोली बंद करना पहला कदम है. |
| शरीर बनाने वाले steroid | gym जाने वाले जवान पुरुषों में बढ़ती वजह. ऐसे adenoma के कैंसर में बदलने की संभावना ज़्यादा होती है. |
| गर्भावस्था | गर्भावस्था के हॉर्मोन adenoma को बड़ा कर सकते हैं या उससे ख़ून बहा सकते हैं. इसकी तैयारी पहले से की जाती है. |
| ज़्यादा वज़न और डायबिटीज़ | ख़ून बहने की प्रवृत्ति वाले एक प्रकार से जुड़ा. वज़न घटाना इलाज का ही हिस्सा है. |
| Glycogen storage disease | शरीर में शक्कर जमा करने की एक जन्मजात, कम मिलने वाली बीमारी. इसमें अक्सर कई adenoma होते हैं, जिन पर नज़दीकी नज़र चाहिए. |
पुरुषों से steroid के injection या gym के supplement के बारे में अक्सर पूछा नहीं जाता, और वे ख़ुद शायद ही बताते हैं. Adenoma वाले हर पुरुष से यह सीधे पूछना चाहिए, क्योंकि इससे आगे का कदम बदलता है.
अब adenoma को उसकी कोशिकाओं के अंदर की ख़राबी के हिसाब से प्रकारों में बाँटा जाता है. प्रकार से पता चलता है कि adenoma कैसा बर्ताव करेगा. MRI मज़बूत संकेत देता है. Biopsy पर ख़ास stain इसकी पुष्टि कर सकते हैं.
| प्रकार | ख़ून बहने का जोखिम | कैंसर में बदलने का जोखिम |
|---|---|---|
| चर्बी वाला प्रकार (HNF1-alpha) | कम | सभी में कम |
| सूजन वाला (inflammatory) प्रकार | ज़्यादा; यह प्रकार अक्सर मिलता है और वज़न से जुड़ा है | कम, जब तक इसमें beta-catenin ख़राबी भी न हो |
| Beta-catenin प्रकार | बदलता है | सभी में ज़्यादा; यह प्रकार निकाल दिया जाता है |
| Sonic hedgehog प्रकार | ज़्यादा | कम |
| बिना वर्ग वाला प्रकार | बदलता है | बदलता है |
कैंसर का जोखिम तीन बातें बढ़ाती हैं: मरीज़ पुरुष हो, beta-catenin प्रकार हो, और आकार 5 cm से ज़्यादा हो. आगे का ज़्यादातर कदम इन तीन से तय होता है.
Adenoma से अक्सर मिलती-जुलती गांठ FNH है, और FNH को किसी इलाज की ज़रूरत नहीं होती. इसलिए इन दोनों का फ़र्क़ पहचानना पूरी जाँच का मुख्य काम है.
Biopsy में ख़ून बहने का थोड़ा जोखिम है. यह बदला हुआ छोटा हिस्सा चूक भी सकती है. इसलिए जब गांठ निकालना पहले से तय हो, तब biopsy नहीं की जाती.
लगभग हर मरीज़ के लिए पहला कदम है हॉर्मोन की वजह बंद करना और ज़्यादा वज़न घटाना. महिलाओं में गोली बंद करने के बाद कई adenoma छोटे हो जाते हैं या बढ़ना रुक जाता है.
छोटे adenoma वाली महिला का scan आम तौर पर गोली बंद करने के लगभग छह महीने बाद दोबारा होता है. वह scan बताता है कि आगे कौन-सा रास्ता लेना है.
इस पूरी तैयारी का मक़सद ख़ून बहने से रोकना है. यह दाईं पसली के नीचे अचानक दर्द के रूप में दिखता है. ज़्यादा ख़ून बहे तो चक्कर आ सकता है या मरीज़ गिर सकता है.
ख़ून बहते adenoma को जल्दबाज़ी में इमरजेंसी ऑपरेशन में नहीं ले जाया जाता. पहले जांघ की जड़ से पतली नली डालकर ख़ून देने वाली धमनी अंदर से बंद की जाती है. मरीज़ स्थिर होने के बाद गांठ निकाली जाती है.
धमनी को इस तरह बंद करने को embolisation कहते हैं. यह पेट खोले बिना ज़्यादातर ख़ून रोक देता है. सदमे की हालत में होने वाले ऑपरेशन से शांति से तय किया गया ऑपरेशन ज़्यादा सुरक्षित है.
Adenoma वाली महिला गर्भावस्था की सोच रही हो, तो गर्भ ठहरने से पहले पूरी बात करनी चाहिए. गर्भावस्था के हॉर्मोन adenoma को बड़ा कर सकते हैं और उससे ख़ून बहा सकते हैं.
कुछ लोगों में दस या ज़्यादा adenoma होते हैं. इसे adenomatosis कहते हैं. यह कुछ परिवारों में चलता है, और ज़्यादा वज़न तथा शक्कर जमा करने की बीमारी के साथ दिखता है.
कई adenoma हों, तो जोखिम गिनती से नहीं, बड़े और ज़्यादा जोखिम वाले adenoma से तय होता है. वे निकाले या नष्ट किए जाते हैं, और छोटों पर नज़र रखी जाती है.
सुई से गर्मी का इलाज (ablation) मुश्किल जगह पर बैठे छोटे adenoma का इलाज कर सकता है. पर इससे जाँच के लिए ऊतक नहीं मिलता. इसलिए स्वस्थ मरीज़ में ज़्यादा जोखिम वाला adenoma तो निकाला ही जाता है. जिगर बदलने का ऑपरेशन (transplant) सिर्फ़ ऐसे कम मिलने वाले मरीज़ के लिए है, जिसे शक्कर जमा करने की बीमारी हो और जिसके कई adenoma निकाले न जा सकें.
Adenoma निकालते समय जिगर का सिर्फ़ वही हिस्सा निकाला जाता है जिसमें गांठ है. बाक़ी जिगर बना रहता है. गांठ के चारों ओर सामान्य जिगर की एक किनारी के साथ निकाला जाता है, क्योंकि अंदर छिपा बदला हुआ हिस्सा हमेशा पहले से नकारा नहीं जा सकता.
नज़र में रखे adenoma की जाँच MRI और AFP की ख़ून की जाँच से होती है. पहला scan गोली बंद करने के लगभग छह महीने बाद, फिर एक साल पर, और फिर साल में एक बार.
पाँच साल तक स्थिर रहे या छोटा हो जाए, तो अंतर बढ़ाकर दो साल किया जा सकता है. चार बातें ऑपरेशन की ओर ले जाती हैं:
| सवाल | क्यों अहम है |
|---|---|
| यह adenoma है या FNH, और कितना पक्का है? | FNH को कुछ नहीं चाहिए. Adenoma को आगे का रास्ता चाहिए. |
| यह किस प्रकार का adenoma है? | Beta-catenin प्रकार निकाला जाता है. महिलाओं में कम जोखिम वाले प्रकार पर नज़र रखी जा सकती है. |
| क्या गोली या कोई supplement आज से बंद करूँ? | हॉर्मोन की वजह बंद करना लगभग हर मरीज़ के लिए पहला इलाज है. |
| मुझे गर्भ धारण करना हो तो क्या करूँ? | बड़ा adenoma आम तौर पर गर्भावस्था से पहले सँभाल लिया जाता है. |
नहीं. मिलते समय adenoma कैंसर नहीं होता. कुछ समय के साथ जिगर के कैंसर में बदलते हैं, ज़्यादातर पुरुषों में और beta-catenin प्रकार में. इसलिए हर adenoma के लिए आगे का रास्ता तय किया जाता है.
हाँ, लगभग हर मामले में. गोली बंद करना पहला इलाज है. इसके बाद महिलाओं में कई adenoma छोटे हो जाते हैं या बढ़ना रुक जाता है. गर्भ रोकने के दूसरे तरीक़े पर consultation में बात करें.
पुरुषों में adenoma किसी भी आकार पर महिलाओं से ज़्यादा बार कैंसर में बदलता है. कई शरीर बनाने वाले steroid से जुड़े होते हैं. इसलिए पुरुष के लिए सलाह इसे निकालने की है.
कुछ छोटे हो जाते हैं, ज़्यादातर महिलाओं में गोली बंद करने और वज़न घटाने के बाद. यह बात महीनों तक MRI से जाँची जाती है, मान नहीं ली जाती.
अक्सर हाँ, पूरी तैयारी के साथ. छोटा, स्थिर adenoma पूरी गर्भावस्था में sonography से देखा जाता है. बड़ा adenoma आम तौर पर गर्भ ठहरने से पहले निकाल दिया जाता है.
लगभग कभी नहीं. Transplant सिर्फ़ शक्कर जमा करने की जन्मजात बीमारी वाले ऐसे कम मिलने वाले मरीज़ के लिए है, जिसके कई adenoma निकाले न जा सकें.
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Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
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Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar. जिगर का MRI, ख़ून बहते adenoma के लिए धमनी बंद करना, दूरबीन से और खुला जिगर का ऑपरेशन, और भर्ती मरीज़ की देखभाल.
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