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Dr. Harsh J Shah

बवासीर, फिशर या भगंदर? अहमदाबाद में क्लिनिक

डॉ. हर्ष शाह · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, अहमदाबाद

आख़िरी बार अपडेट: 3 नवंबर 2026

बवासीर, फिशर, भगंदर और गुदा के पास फोड़े का इलाज · डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद

बवासीर, फिशर, भगंदर और फोड़ा, ये चार अलग तकलीफें हैं। हर एक की पहचान अलग है: ख़ून, तेज़ दर्द, रिसता छेद या मवाद वाली गाँठ। इलाज भी हर एक का अलग है।

Dr Harsh Shah चारों का इलाज करते हैं। पहले दवा और परहेज़, फिर ज़रूरत हो तो रबर बैंड, बवासीर का ऑपरेशन, फिशर का छोटा ऑपरेशन, भगंदर का ऑपरेशन, seton या फोड़े से मवाद निकालना। पहली मुलाक़ात में अकेले में बात और हल्की जाँच होती है, ताकि आप जान सकें कि तकलीफ़ क्या है और ऑपरेशन चाहिए भी या नहीं।

Dr Harsh Shah, गुदा और आँत के सर्जन, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
GI & Proctology Surgeon · Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad

आँत, गुदामार्ग और गुदा की सर्जरी का 18 साल का अनुभव। पहली मुलाक़ात, ऑपरेशन और घाव भरने तक की जाँच, सब कुछ वे ख़ुद देखते हैं।

Google rating: Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna की listing पर 18 reviews में से 4.94।

इस पेज का अंग्रेज़ी रूप Piles, fissure and fistula clinic in Ahmedabad पर है। यहाँ वही जानकारी हिंदी में, रोज़ की बोली में लिखी है।

आपको कौन देखेगा

Dr Harsh Shah आँत और गुदामार्ग के सर्जन हैं। पहली मुलाक़ात से आख़िरी जाँच तक आपको वही देखते हैं, कोई बदलता नहीं।

उन्होंने सामान्य सर्जरी के बाद आँत की सर्जरी में विशेष प्रशिक्षण लिया, जिसमें गुदा और मल रोकने वाली मांसपेशियाँ भी शामिल हैं। वे पहली मुलाक़ात में आपको देखते हैं, ख़ुद ऑपरेशन करते हैं और घाव भरने तक जाँच करते हैं।

लक्षण से तकलीफ पहचानें

मुख्य लक्षण से अंदाज़ा लगता है। बिना ज़्यादा दर्द के चटक लाल ख़ून बवासीर की ओर इशारा करता है। काटने जैसा तेज़ दर्द फिशर की ओर। मवाद या गीला छेद भगंदर की ओर।

आपका लक्षण आम तौर पर क्या बताता है
लक्षणबवासीरफिशरभगंदरफोड़ा
ख़ूनचटक लाल, टपकता या पानी में छिटकता, अक्सर कम दर्द के साथकागज़ या मल पर लकीर, दर्द के साथकभी-कभी ख़ून मिला मवादकम, जब तक फूट न जाए
दर्दहल्का, जब तक मस्सा जम न जाए या बाहर फँस न जाएशौच के दौरान और घंटों बाद तक तेज़, चुभने वालाहल्की टीस, मवाद निकलने से पहले बढ़ती हैलगातार धड़कता, रोज़ बढ़ता, बैठना मुश्किल
सूजन या गाँठनरम मस्सा, ज़ोर लगाने पर बाहर आता है और लौट सकता हैपुराने फिशर में किनारे पर छोटा मांस का उभारगुदा के पास फुंसी जैसा छोटा मुँहगुदा के बगल में गरम, लाल, छूने पर दुखती सूजन
रिसावबलगम, खुजली, गीले कपड़ेबहुत कम या नहींमहीनों तक रुक-रुककर मवाद या पानी, कपड़े पर दागफूट जाए तो मवाद
बुखारनहींनहींआम तौर पर नहींअक्सर

बहुत से लोग गुदा की हर तकलीफ़ को “बवासीर” कह देते हैं। यह तालिका सिर्फ़ मार्गदर्शन है, निदान नहीं। दो तकलीफें साथ भी हो सकती हैं, पक्का जाँच के बाद ही पता चलता है।

भगंदर और फोड़ा एक ही तकलीफ़ की दो अवस्थाएँ हैं। गुदा के अंदर की छोटी ग्रंथि में संक्रमण से मवाद बनता है, यही फोड़ा है। जब मवाद त्वचा से बाहर निकल आता है, तो पीछे जो नली बच जाती है, वही भगंदर है।

डॉ. हर्ष शाह क्या करते हैं, क्या नहीं

पहले दवा और परहेज़। उसके बाद गिनी-चुनी, लंबे समय से परखी हुई शल्य विधियाँ। वे मशीन या उपकरण पर टिकी विधियाँ नहीं अपनाते।

डॉ. हर्ष शाह जो इलाज करते हैं
इलाजकिसके लिएक्या होता है
फाइबर, मल नरम करने की दवा, सिट्ज़ बाथ, मरहमशुरुआती बवासीर, नया फिशररोज़ नरम मल और गुनगुने पानी में बैठना। कई लोगों को इससे ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए।
रबर बैंड लिगेशनख़ून वाली बवासीर, ग्रेड 1 से 3संवेदनशील त्वचा के ऊपर एक छोटा बैंड लगता है। मस्सा सिकुड़कर लगभग एक हफ़्ते में गिर जाता है। यह क्लिनिक में होता है, एनेस्थीसिया के बिना।
ओपन haemorrhoidectomyबड़ी बवासीर, ग्रेड 3 से 4, या बैंड के बाद लौटने वालीएनेस्थीसिया में मस्सा काटकर निकाला जाता है। घावों के बीच सामान्य त्वचा के पुल छोड़े जाते हैं।
Lateral internal sphincterotomyपुराना फिशर, जो दवा से नहीं भराअंदर की कसी मांसपेशी में बगल से छोटा, नपा-तुला कट। ऐंठन ढीली होती है और फिशर भर जाता है।
Fistulotomyनीचे की भगंदर नली, जो कम मांसपेशी से गुज़रेनली खोल दी जाती है और घाव नीचे से ऊपर भरता है।
Setonजो नली ज़्यादा मांसपेशी से गुज़रे या जिसमें संक्रमण चालू होनली में नरम धागा डाला जाता है ताकि मवाद निकलता रहे। फिर नली का इलाज चरणों में होता है।
फोड़े से मवाद निकालनागुदा के पास फोड़ाएनेस्थीसिया में मवाद निकाला जाता है, आम तौर पर उसी दिन या अगले दिन। साथ ही भगंदर के मुँह की जाँच होती है।
दूसरे केंद्रों में चलने वाली विधियाँ, जो डॉ. हर्ष शाह नहीं अपनाते
दूसरी जगह की विधिक्या हैडॉ. शाह क्यों नहीं अपनाते
बवासीर या भगंदर के लिए लेज़रफाइबर की गर्मी से मस्सा सिकोड़ा जाता है या नली बंद की जाती हैशुरू में कम दर्द, पर प्रकाशित अध्ययनों में तकलीफ़ अधिक लौटती है, और डिस्पोज़ेबल फाइबर का ख़र्च जुड़ता है।
Stapler (stapled haemorrhoidopexy)गोल स्टेपलर से बवासीर ऊपर खींची जाती हैकाटकर निकालने के मुक़ाबले लंबे समय का नतीजा कम टिकाऊ है, और इसकी अपनी दुर्लभ पर गंभीर जटिलताएँ हैं।
Doppler से धमनी बाँधना (DGHAL, THD)अल्ट्रासाउंड से रक्त वाहिकाएं ढूँढकर बाँधी जाती हैंकम दर्द, पर निकाल देने की तुलना में बवासीर ज़्यादा लौटती है।
फिशर में Botox इंजेक्शनदवा से मांसपेशी कुछ महीनों के लिए ढीली होती हैमांसपेशी बचती है, पर sphincterotomy के मुक़ाबले फिशर ज़्यादा लौटता है।
भगंदर में LIFT, flap, VAAFT, गोंद या plugमांसपेशी बचाकर नली बंद करने के तरीकेकुछ ऊँची या जटिल नलियों में काम के हैं, पर fistulotomy से कम नलियाँ भरती हैं। आपके लिए बेहतर हो तो Dr Shah साफ़ बताएँगे और यह भी कि कहाँ होता है।

इनमें से कोई विधि ग़लत नहीं है, अच्छे सर्जन इन्हें अपनाते हैं। डॉ. शाह वही करते हैं जिसके पीछे वे अपने मरीज़ों के लिए खड़े हो सकें: लंबे रिकॉर्ड और तकलीफ़ लौटने की कम संभावना वाले ऑपरेशन। थोड़े ऑपरेशन बार-बार करने से नतीजे एक-से रहते हैं। अगर आपकी भगंदर नली ऊँची या जटिल है और मांसपेशी बचाने वाला ऑपरेशन आपका नियंत्रण बेहतर बचाएगा, तो वे यह सीधे कहेंगे।

बवासीर: खून और बाहर आता मस्सा

बवासीर गुदा के अंदर फूले हुए गद्दीनुमा उभार हैं। उन्हें 1 से 4 ग्रेड में बाँटा जाता है कि वे कितना बाहर आते हैं। इलाज इसी ग्रेड से तय होता है।

ग्रेड के हिसाब से बवासीर का इलाज
ग्रेडक्या होता हैआम तौर पर पहला क़दम
1ख़ून आता है, मस्सा बाहर नहीं आताफाइबर, पानी, मल नरम करने की दवा, ज़ोर न लगाना
2ज़ोर लगाने पर बाहर आता है, अपने-आप लौट जाता हैसिर्फ़ खान-पान से न सुधरे तो बैंड
3बाहर आता है, हाथ से अंदर करना पड़ता हैबैंड, या बड़ा हो या बैंड फेल हो तो haemorrhoidectomy
4बाहर ही रहता है, अंदर नहीं जाताओपन haemorrhoidectomy

ख़ून को देखे बिना बवासीर का नाम नहीं दिया जाता। ज़रूरत पड़े तो colonoscopy की सलाह दी जाती है, ताकि ख़ून का कोई और कारण छूट न जाए।

पूरी जानकारी हमारे बवासीर के इलाज के पेज पर है, जहाँ ग्रेड के हिसाब से विकल्प समझाए गए हैं।

फिशर: हर बार शौच में तेज़ दर्द

फिशर गुदा के किनारे की परत में छोटा चीरा है। मांसपेशी में ऐंठन आ जाती है, जिससे चीरा भर नहीं पाता और दर्द बना रहता है।

नया फिशर आम तौर पर चार से आठ हफ़्ते में भर जाता है, अगर मल नरम रहे, सिट्ज़ बाथ लिया जाए और मांसपेशी ढीली करने वाला मरहम लगे। जो फिशर इससे ज़्यादा चले, जिसमें मांस का उभार या कड़ा किनारा हो, वह पुराना है। दवा से न भरे तो lateral internal sphincterotomy से ज़्यादातर पुराने फिशर भर जाते हैं। कट छोटा रखा जाता है, महिलाओं में और भी छोटा, क्योंकि यही मांसपेशी मल पर आपका नियंत्रण रखती है।

फैसला कैसे होता है, यह फिशर के इलाज के पेज पर समझाया है।

भगंदर: लगातार रिसता छोटा छेद

भगंदर गुदा के अंदर से बाहर की त्वचा तक बनी नली है। यह गोलियों से बंद नहीं होती। इलाज इस पर टिका है कि नली कितनी मांसपेशी से गुज़रती है।

नीची नली, जो कम मांसपेशी से गुज़रती है, एक ऑपरेशन (fistulotomy) में खुल जाती है। ऊँची नली या चालू संक्रमण में पहले seton डाला जाता है: एक नरम धागा, जो योजना बनने तक मवाद को सुरक्षित बहाता रहता है। नली का रास्ता साफ़ न हो तो ऑपरेशन से पहले MRI से उसे देखा जाता है।

अलग से विस्तार के लिए भगंदर के इलाज का पेज देखें।

फोड़ा (abscess): दुखती, गर्म गांठ

गुदा के पास फोड़ा मवाद का जमाव है। अकेली एंटीबायोटिक से यह नहीं जाता। मवाद निकालना पड़ता है, आम तौर पर निदान के एक दिन के भीतर।

दर्द दो-तीन दिन में बढ़ते-बढ़ते बैठना मुश्किल कर देता है। बुखार आम है। एनेस्थीसिया में मवाद निकालने से कुछ घंटों में राहत मिलती है। मधुमेह वाले मरीज़ों को तुरंत आना चाहिए, क्योंकि संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है।

विस्तार के लिए फोड़े से मवाद निकालने का पेज देखें।

पहली मुलाकात में क्या होता है

पहली मुलाक़ात में बात, हल्की जाँच और proctoscope नाम की छोटी नली से अंदर का नज़ारा होता है। इसमें कुछ मिनट लगते हैं और आम तौर पर बस थोड़ी असुविधा होती है।

  • आपकी कहानी। ख़ून, दर्द, मवाद, शौच की आदत, पहले का इलाज, महिलाओं में प्रसव, हवा या मल रिसना, और आपकी दवाएँ, ख़ासकर ख़ून पतला करने वाली।
  • हल्की नज़र। आप बाईं करवट घुटने मोड़कर लेटते हैं, चादर से ढके रहते हैं। कई फिशर और भगंदर के मुँह त्वचा खोलते ही दिख जाते हैं।
  • उँगली से जाँच। दस्ताने और चिकनाई वाली उँगली से मांसपेशी और गाँठ जाँची जाती है। फिशर में दर्द ज़्यादा हो तो यह चरण छोड़ दिया जाता है।
  • Proctoscopy। चिकनी छोटी नली से बवासीर और अंदर की परत दिखती है। लगभग एक मिनट लगता है।
  • योजना। आपको बताया जाता है कि क्या तकलीफ़ है, क्या चाहिए, और कोई जाँच पहले ज़रूरी है या नहीं।
अतिरिक्त जाँच कब ज़रूरी होती है
जाँचकब सलाह दी जाती है
Colonoscopyलगभग 45 साल से ऊपर और हाल की जाँच नहीं, मल में ख़ून मिला हुआ, शौच की आदत बदलना, ख़ून की कमी, वज़न घटना या परिवार में आँत की बीमारी
गुदा का MRIभगंदर ऊँची हो, लौट आई हो, कई मुँह हों, महिला में आगे की ओर हो या आँत की सूजन के साथ हो
ब्लड शुगर और ख़ून की जाँचकिसी भी ऑपरेशन से पहले, और फोड़े में हमेशा
एनेस्थीसिया में जाँच (EUA)जब दर्द के कारण क्लिनिक में जाँच न हो सके, या इलाज से पहले भगंदर का नक़्शा बनाना हो

शर्म और गोपनीयता पर सीधी बात

शर्म की वजह से कई लोग सालों तक नहीं आते। जाँच बंद कमरे में होती है और आप ढके रहते हैं।

ऐसी तकलीफें रोज़ देखी जाती हैं, आपकी बात से किसी को हैरानी नहीं होगी। आप परिवार के किसी सदस्य को साथ ला सकते हैं या अकेले आ सकते हैं, और जाँच कभी भी रुकवा सकते हैं। किसी तैयारी या बाल साफ़ करने की ज़रूरत नहीं। आपकी रिपोर्ट आपकी सहमति के बिना किसी को नहीं दी जातीं। बोलने में झिझक हो तो पहले WhatsApp पर संदेश भेज दें।

हर इलाज के बाद घाव कैसे भरता है

रिकवरी इलाज के हिसाब से अलग है। बैंड में एक-दो दिन आराम चाहिए। ऑपरेशन के बाद पहले कुछ दिन दर्द रहता है, जिसे गोलियों, सिट्ज़ बाथ और मल नरम करने की दवा से संभाला जाता है।

इलाज के बाद की असली तस्वीर
इलाजपहले दिनकाम पर वापसीघाव भरना
रबर बैंड लिगेशनएक-दो दिन हल्का दर्द और भारीपन। बैंड गिरते समय (लगभग 7 से 10वें दिन) थोड़ा ख़ून।आम तौर पर अगले दिनलगभग 2 हफ़्ते
ओपन haemorrhoidectomyपहले कुछ दिन दर्द, ख़ासकर पहले शौच में। गोलियों, सिट्ज़ बाथ और मल नरम करने की दवा से राहत।आम तौर पर 2 से 3 हफ़्तेलगभग 4 से 6 हफ़्ते
Sphincterotomyकई लोगों को फिशर का दर्द कुछ दिनों में घटता लगता है। छोटा घाव थोड़ा दुखता है।आम तौर पर एक हफ़्ते मेंलगभग 4 से 6 हफ़्ते
Fistulotomyघाव दुखता है, कुछ रिसाव रहता है। गुनगुने पानी में बैठना और पैड।आम तौर पर 1 से 2 हफ़्तेलगभग 4 से 8 हफ़्ते, बड़ी नली में ज़्यादा
Setonहल्की टीस। धागे से मवाद बहता है, वह कई हफ़्ते रह सकता है।कुछ दिनों मेंअगले चरण पर निर्भर
फोड़े से मवाद निकालनाधड़कता दर्द कुछ घंटों में घटता है। घाव रोज़ धोना होता है।एक हफ़्ते मेंलगभग 2 से 4 हफ़्ते

ज़्यादातर ऑपरेशन डे केयर होते हैं या एक रात की भर्ती में।

ये तकलीफ हो तो तुरंत आइए

गुदा की ज़्यादातर तकलीफें तय मुलाक़ात तक रुक सकती हैं, पर कुछ नहीं। नीचे के लक्षण हों तो आज ही नज़दीकी इमरजेंसी में जाएँ, या Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद आएँ।

  • ज़्यादा ख़ून जाना, थक्के आना या चक्कर जैसा लगना।
  • गुदा के पास दुखती, गरम सूजन के साथ बुखार।
  • बैंड या ऑपरेशन के बाद तेज़ दर्द, बुखार और पेशाब करने में तकलीफ़।
  • बाहर आया मस्सा काला पड़ जाए और अंदर न जाए।
  • सूजन फैले, काली पड़े या बदबू आए, ख़ासकर मधुमेह में।
  • ऑपरेशन के आठ घंटे बाद भी पेशाब न होना।

हर इलाज के जोखिम कौन-कौन से हैं

हर इलाज में कुछ जोखिम होता है। आप पर लागू जोखिम Dr Harsh Shah सहमति से पहले आमने-सामने समझाते हैं।

हर इलाज के जोखिम
इलाजजो जोखिम जानना ज़रूरी है
रबर बैंड लिगेशनदर्द, बैंड गिरते समय ख़ून, और बवासीर का लौटना। दुर्लभ रूप से गंभीर संक्रमण, जिसके संकेत तेज़ दर्द, बुखार और पेशाब में तकलीफ़ हैं।
ओपन haemorrhoidectomyदर्द, पहले दिन पेशाब में तकलीफ़, ख़ून, कभी-कभी 7 से 10वें दिन देर से ख़ून, गुदा का सँकरा होना और बवासीर का लौटना।
Sphincterotomyहवा रोकने में कमी या हल्का मल रिसने का छोटा अंदेशा, जो आम तौर पर थोड़े समय का होता है, और फिशर का लौटना।
Fistulotomy और setonभगंदर का लौटना, धीमा घाव भरना, और नियंत्रण में कुछ बदलाव, जो ज़्यादा मांसपेशी कटने पर अधिक संभव है।
फोड़े से मवाद निकालनाफोड़े का दोबारा भरना, या बाद में भगंदर बनना।
कोई भी ऑपरेशनसंक्रमण, ख़ून बहना और एनेस्थीसिया की दिक़्क़तें।

इलाज के सभी चरण

पहली मुलाक़ात से पूरी तरह घाव भरने तक का रास्ता पाँच क़दमों में चलता है।

  1. मुलाक़ात तय करें। colonoscopy, MRI या पहले ऑपरेशन के कागज़ और दवाओं की सूची, ख़ून पतला करने वाली दवा समेत, साथ लाएँ।
  2. तकलीफ़ को नाम दें। बात, हल्की जाँच और proctoscopy से बवासीर, फिशर, भगंदर और फोड़े में फ़र्क़ होता है। अतिरिक्त जाँच तभी, जब ज़रूरी हो।
  3. इलाज। दवा, क्लिनिक में बैंड, या Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा, अहमदाबाद में तय ऑपरेशन। फोड़े से मवाद उसी या अगले दिन निकलता है।
  4. छोटी भर्ती। ज़्यादातर ऑपरेशन डे केयर या एक रात के होते हैं। आप गोलियाँ, मल नरम करने की दवा और लिखित चेतावनी-संकेत लेकर घर जाते हैं।
  5. जाँच और पूरा घाव भरना। घाव भरने तक जाँच, और तकलीफ़ न लौटे इसके लिए खान-पान और शौच की आदत पर सलाह।

ख़र्च, बीमा और भर्ती

ख़र्च इस पर निर्भर है कि कौन-सा इलाज चाहिए। दवा और बैंड का ख़र्च ऑपरेशन से बहुत कम होता है। ऑपरेशन का प्रकार, एनेस्थीसिया और रुकने के दिन अनुमान बदलते हैं।

colonoscopy या MRI जैसी जाँचें, कमरे की श्रेणी और एक से ज़्यादा चरणों वाली भगंदर भी ख़र्च में गिनी जाती हैं। Dr Shah डिस्पोज़ेबल उपकरण नहीं अपनाते, इसलिए उनके ऑपरेशन में उपकरण का अलग शुल्क नहीं जुड़ता। अस्पताल प्रमुख बीमा कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation अस्पताल का दफ़्तर संभालता है। बैंड क्लिनिक की प्रक्रिया है और कुछ पॉलिसी सिर्फ़ भर्ती का ख़र्च देती हैं, इसलिए अपनी पॉलिसी जाँच लें। पुरानी रिपोर्ट, दवाओं की सूची, बीमा card और पहचान-पत्र साथ लाएँ। क्या लाना है, यह जानने के लिए +91-63555-64601 पर फ़ोन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बवासीर और फिशर में फ़र्क़ कैसे पहचानें?

बवासीर में अक्सर कम दर्द के साथ ख़ून आता है। फिशर में शौच के समय और बाद में तेज़, काटने जैसा दर्द होता है। पक्का जाँच से ही पता चलता है।

क्या हर बार ऑपरेशन करवाना ही पड़ता है?

अक्सर नहीं। शुरुआती बवासीर और नया फिशर परहेज़, दवा, सिट्ज़ बाथ और मरहम से सुधर जाते हैं। भगंदर और फोड़े में प्रक्रिया ज़रूरी है।

क्या जाँच के समय तेज़ दर्द होता है?

आम तौर पर बस थोड़ी असुविधा होती है और कुछ मिनट लगते हैं। फिशर में दर्द ज़्यादा हो तो अंदर की जाँच छोड़कर बाद में बेहोशी में की जाती है।

डॉ. शाह बवासीर में लेज़र या स्टेपलर क्यों नहीं अपनाते?

इनमें शुरू में दर्द कम रहता है, पर अध्ययनों में बवासीर ज़्यादा लौटती है। वे बैंड और ओपन ऑपरेशन अपनाते हैं, जिनका रिकॉर्ड बहुत लंबा है।

क्या ऑपरेशन से मल रोकने की ताक़त पर असर पड़ेगा?

मांसपेशी वाले किसी भी ऑपरेशन में हवा या मल रिसने का छोटा अंदेशा रहता है। डॉ. शाह पहले आपका नियंत्रण पूछते हैं और कट छोटा रखते हैं।

क्या भगंदर सिर्फ़ दवा से भर सकती है?

नहीं। एंटीबायोटिक से रिसाव कुछ समय रुक सकता है, पर नली बनी रहती है और संक्रमण लौटता है। इसे fistulotomy या seton चाहिए।

बीमा या cashless सुविधा से इलाज कहाँ हो सकता है?

Dr. Jivraj Mehta Hospital, वासणा में प्रमुख बीमा कंपनियों की cashless सुविधा है। pre-authorisation का काम अस्पताल का दफ़्तर संभालता है।

डॉ. हर्ष शाह कहां मिलते हैं

डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
अस्पताल की दिशा · WhatsApp +91-63555-64601

गुदा के पास ख़ून, दर्द, गाँठ या रिसाव है? पुरानी रिपोर्ट, colonoscopy या MRI और चल रही दवाओं की सूची साथ रखें। चाहें तो पहले WhatsApp पर भेज दें, ताकि मुलाक़ात से पहले वे पढ़ ली जाएँ। फ़ोन करें +91-63555-64601 · WhatsApp पर रिपोर्ट भेजें

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Dr. Harsh J Shah
Dr Harsh Shah, Gastro, Cancer & Laparoscopic Surgeon, Ahmedabad
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