Skip to main contentआख़िरी बार अपडेट: 27 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Gastro & Cancer Surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
★★★★★ Google: 4.89 from 216 reviews (Gota clinic) · 4.94 from 18 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
पेट की परत जब अपनी सुरक्षा खो देती है, तब अल्सर बनता है। दर्द की गोलियाँ यह सुरक्षा पूरे शरीर में बंद कर देती हैं, चाहे आप उन्हें किसी भी तरह लें।
ऐसे अल्सर में अक्सर दर्द नहीं होता। पहला संकेत काला मल या ख़ून की उल्टी हो सकता है, ख़ासकर साठ साल के बाद।
बचाव का मतलब है: पूछें कि गोली सच में चाहिए या नहीं, कवच के लिए एसिड की गोली जोड़ें, और पहले H. pylori की जाँच कराएँ।
अल्सर के इलाज की पूरी जानकारी अहमदाबाद में पेप्टिक अल्सर का इलाज पेज पर है। यह लेख बताता है कि पेट के भीतर गड़बड़ी कैसे होती है, दर्द की गोलियाँ आम कारण क्यों हैं, और सुरक्षित कैसे रहें।
अल्सर के लिए एसिड ज़रूरी है, पर अकेला काफ़ी नहीं। बहुत एसिड वाले ज़्यादातर लोगों को अल्सर नहीं होता। असली कमी कमज़ोर परत की है।
पेट तेज़ एसिड में डूबा रहता है। वह इसलिए बचा रहता है कि उसकी परत में सुरक्षा की कई तहें होती हैं। अल्सर वह जगह है जहाँ ये तहें हार गईं और एसिड दीवार को खाने लगा।
| परत को बचाता है | परत को घिसता है |
|---|---|
| बलगम की मोटी परत | एसिड और पाचक रस pepsin |
| bicarbonate, जो सतह को लगभग उदासीन रखता है | H. pylori जीवाणु |
| अच्छा रक्त प्रवाह, जो एसिड बहा ले जाता है और मरम्मत लाता है | diclofenac और ibuprofen जैसी दर्द की गोलियाँ |
| छोटी चोट के बाद सतह की कोशिकाओं का जल्दी उगना | धूम्रपान, ज़्यादा शराब और गंभीर बीमारी |
प्रोस्टाग्लैंडिन नाम के शरीर के प्राकृतिक रसायन इस सुरक्षा का ज़्यादातर काम चलाते हैं। वे बलगम और bicarbonate बनवाते हैं, रक्त प्रवाह बनाए रखते हैं और मरम्मत तेज़ करते हैं। इन्हें हटा दें, तो हर तह एक साथ कमज़ोर पड़ जाती है।
दर्द की गोलियाँ शरीर के प्रोस्टाग्लैंडिन को रोककर काम करती हैं। इससे दर्द घटता है, पर पेट की अपनी ढाल भी हट जाती है। नुक़सान सिर्फ़ छूने से नहीं, ख़ून के रास्ते भी होता है।
Aspirin भी इसी तरह काम करती है, दिल के लिए ली जाने वाली छोटी रोज़ की खुराक में भी। ख़ून बहने वाले अल्सर का यह एक आम छिपा कारण है।
दर्द की गोलियाँ दर्द को भी छिपा देती हैं। कोई हफ़्तों तक बिना जलन या टीस के अल्सर लेकर घूम सकता है। फिर पहला संकेत काला मल, ख़ून की उल्टी या अचानक कमज़ोरी होती है।
ऐसा हो तो सीधे इमरजेंसी में जाएँ। ख़ून बहने वाले अल्सर में scope क्या करता है, यह ख़ून बहने वाला अल्सर: scope से रक्तस्राव कैसे रुकता है में समझाया गया है।
उम्र, खुराक और आपकी दूसरी दवाओं के साथ जोखिम बढ़ता है। डॉक्टर लोगों को तीन समूहों में बाँटते हैं, और समूह से तय होता है कि आपको कितना कवच चाहिए।
| समूह | कौन आता है | आम सलाह |
|---|---|---|
| कम जोखिम | पैंसठ से कम उम्र, छोटा कोर्स, पहले अल्सर नहीं, जोखिम बढ़ाने वाली दूसरी दवा नहीं | कम से कम खुराक, कम से कम समय के लिए |
| मध्यम जोखिम | पैंसठ से ऊपर, ज़्यादा खुराक, पुराना सीधा अल्सर, या aspirin, स्टेरॉयड अथवा ख़ून पतला करने वाली दवा | दर्द की गोली के साथ एसिड की गोली, या दूसरी क़िस्म की दर्द की गोली |
| अधिक जोखिम | पहले ऐसा अल्सर जिससे ख़ून बहा या छेद हुआ, या मध्यम जोखिम के दो या ज़्यादा संकेत | हो सके तो दर्द की गोली से बचें। ज़रूरी हो तो कम नुक़सान वाली क़िस्म, एसिड की गोली के साथ |
दर्द की गोली के साथ स्टेरॉयड, aspirin या ख़ून पतला करने वाली दवा का मेल ख़ास तौर पर जोखिम भरा है। बुज़ुर्ग मरीज़ के ख़ून बहने की कहानी के पीछे अक्सर यही मेल मिलता है। H. pylori जोखिम को और बढ़ाता है, जैसा आगे बताया गया है।
भारत में दर्द की गोलियाँ बिना पर्चे के बिकती हैं। कई लोग उन्हें महीनों खाते हैं और दवा गिनते ही नहीं। जो कुछ भी आप निगलते हैं, उसकी पूरी सूची बनाना पहला क़दम है।
आते समय हर पत्ता, बोतल और पैकेट साथ लाएँ। लोग इन्हें तब तक दवा नहीं मानते, जब तक सीधे पूछा न जाए।
हर बार गोली छोड़ना ज़रूरी नहीं। ज़रूरी है कि कवच आपके जोखिम के हिसाब से हो। पेट और छोटी आँत के पहले हिस्से के लिए एसिड की गोली भरोसेमंद सुरक्षा है।
एसिड की गोली पेट को बचाती है, छोटी आँत को नहीं। दर्द की गोलियों का लंबा कोर्स नीचे की आँत को फिर भी चोट पहुँचा सकता है, और इसका संकेत सिर्फ़ ख़ून की कमी के रूप में दिख सकता है।
जीवाणु और गोली दो अलग कारण हैं, और साथ मिलकर जोखिम जोड़ते हैं। दर्द की गोली लंबे समय तक लेनी हो, तो शुरू करने से पहले जीवाणु की जाँच कराएँ।
जीवाणु कैसे हटता है और उसके जाने की पुष्टि कैसे होती है, यह H. pylori निकला? 14 दिन की दवाएँ, क़दम-दर-क़दम में है।
यह जीवाणु इतना आम क्यों है, इसका जवाब भारत में H. pylori आम है, अल्सर कम को क्यों में मिलेगा।
स्टेंट या हार्ट अटैक के बाद aspirin लिखी गई हो, तो उसे रोकना ख़तरनाक हो सकता है। अपने डॉक्टरों से पूछें कि पेट को कैसे बचाएँ, यह नहीं कि aspirin कैसे छोड़ें।
ख़ून बहने या छेद के बाद के क़दम अल्सर से ख़ून बहने या छेद के बाद क्या होता है में बताए गए हैं।
ज़्यादातर अल्सर जीवाणु या दर्द की गोलियों से होते हैं। कुछ का कारण कुछ और होता है, और ज़िद्दी अल्सर में वह कारण खोजना ज़रूरी है।
पेट के अल्सर में आम तौर पर बायोप्सी होती है और भरने के बाद दोबारा scope किया जाता है। अल्सर बार-बार लौटे, या दर्द नया हो और कारण समझ न आए, तो पेट दर्द: क्या यह अल्सर है, लक्षण और जाँच से शुरू करें।
हाँ। नुक़सान सिर्फ़ परत को छूने से नहीं, ख़ून के रास्ते भी होता है। इंजेक्शन या कोटिंग वाली गोली से दर्द की गोली पेट के लिए सुरक्षित नहीं हो जाती।
सामान्य खुराक में paracetamol परत को कम ही चोट पहुँचाती है। पर वह सूजन वैसे नहीं घटाती जैसे दूसरी दर्द की गोलियाँ, इसलिए हर दर्द में काम न आए।
अपने आप नहीं। उसे रोकना ख़तरनाक हो सकता है। डॉक्टर आम तौर पर एसिड की गोली जोड़ते हैं और ख़ून बहना क़ाबू में आते ही aspirin जल्दी फिर शुरू करते हैं।
यह आपके पेट का कवच है। दर्द की गोली से बनने वाले अल्सर को रोकने का भरोसेमंद तरीक़ा एसिड की गोली है। यह तब चुनी जाती है जब जोखिम मध्यम या ज़्यादा हो।
हाँ। लंबा कोर्स छोटी आँत को भी चोट पहुँचा सकता है। एसिड की गोली उसे नहीं बचाती, और संकेत सिर्फ़ ख़ून की कमी हो सकता है।
हाँ, ख़ासकर पहले अल्सर हुआ हो तो। जीवाणु और गोली का नुक़सान जुड़ता है। जीवाणु हटाने से जोखिम घटता है, पर एसिड की गोली फिर भी लगनी पड़ सकती है।
इलाज की पूरी जानकारी पेप्टिक अल्सर के इलाज के पेज पर है। आने से पहले कोई सवाल हो तो +91-63555-64601 पर फ़ोन करें।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
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Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar. Endoscopy, biopsy, CT scan, पेट और ग्रहणी के रोगों के ऑपरेशन, और भर्ती मरीज़ों की देखभाल।
दर्द की गोलियों से बना पेट का अल्सर महीनों छिपा रह सकता है और अचानक ख़ून बहने के रूप में सामने आता है। आप अक्सर दर्द की गोली लेते हैं, या कोई गोली बरसों से चल रही है और मन में चिंता है, तो अपनी गोलियों की सूची हमें भेज दें। जाँच के बाद साथ बैठकर तय करेंगे कि आपके लिए क्या सुरक्षित है। फ़ोन करें +91-63555-64601 मिलने से पहले गोलियों की सूची भेजें
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