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Dr. Harsh J Shah

बड़ी आंत का cancer: colonoscopy से follow-up तक इलाज

Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · Ahmedabad & Gandhinagar

अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026

Colon cancer · Gota OPD, Gota, Ahmedabad · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar

Biopsy की रिपोर्ट में ‘adenocarcinoma’ लिखा आया, और घर में सवाल उठा: अब पहले क्या होगा, ऑपरेशन या दवा?

ज़्यादातर मरीज़ों में पहले जाँच पूरी होती है, फिर ऑपरेशन होता है। Chemotherapy चाहिए या नहीं, यह ऑपरेशन के बाद की रिपोर्ट बताती है।

Cancer फैल चुका हो, तो अक्सर दवाएँ पहले आती हैं। आंत रुक जाए या फट जाए, तो इलाज का क्रम बदल जाता है।

कौन-सा हिस्सा, कौन-सा ऑपरेशन?

बड़ी आंत (colon) पेट में दाईं ओर नीचे से शुरू होकर, ऊपर घूमकर, बाईं ओर नीचे sigmoid तक जाती है। गाँठ की जगह ऑपरेशन तय करती है।

Dr Harsh Shah, colon cancer surgeon, Ahmedabad
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. GI और cancer surgery में 18 साल का अनुभव। Colonoscopy, CT और MRI, tumour board, emergency ऑपरेशन, stoma nurse, dietitian और ICU एक ही इलाज में साथ काम करते हैं।

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad

Every colon cancer seen here goes to the tumour board before treatment. Dr Harsh Shah performs the operation himself.

गाँठ कहाँ हैआम तौर पर ऑपरेशनऔर जानकारी
दाईं ओर, caecum या ascending colon में।Right hemicolectomy.दाहिनी आंत का cancer।
Hepatic flexure या transverse colon के शुरुआती हिस्से में।Extended right hemicolectomy.Transverse colon का cancer।
Transverse colon के आख़िरी हिस्से या splenic flexure में।Extended right या extended left hemicolectomy.Transverse colon का cancer।
बाईं ओर, descending colon में।Left hemicolectomy.बाईं बड़ी आंत का cancer।
Sigmoid colon में।Sigmoid colectomy या anterior resection.Sigmoid colon का cancer।

गुदा के पास आख़िरी हिस्से की गाँठ मलाशय (rectum) का cancer मानी जाती है। उसका इलाज अलग है, और कई बार ऑपरेशन से पहले इलाज दिया जाता है। यह पेज सिर्फ़ colon के बारे में है।

किन लक्षणों पर जाँच करवाएँ?

शुरू में यह cancer चुपचाप बढ़ता है। नीचे के लक्षण हल्के लगें या आते-जाते रहें, तब भी colonoscopy करवानी चाहिए।

  1. चार हफ़्ते से ज़्यादा शौच की आदत बदलना। ख़ासकर बार-बार जाना या पतला मल।
  2. बिना वजह खून में आयरन की कमी। किसी भी पुरुष में, या माहवारी बंद होने के बाद की महिला में।
  3. शौच की आदत बदलने के साथ खून आना, या मल में मिला गहरा खून।
  4. पेट में दाईं ओर नीचे गाँठ जैसा लगना, या बिना वजह वज़न घटना।
  5. आंत रुक जाना या फट जाना। हमारे यहाँ कई मरीज़ पहली बार इसी तरह आते हैं।

Cancer है या दूसरी गाँठ?

खून आना, खून की कमी या शौच की आदत बदलने के कई कारण होते हैं। Biopsy वाली colonoscopy ही बताती है कि यह colon cancer है या नहीं।

बड़ी आंत की हर गाँठ आम colon cancer नहीं होती। Scan में एक जैसी दिखने वाली गाँठों का इलाज अलग होता है। इसलिए ऑपरेशन का plan बनने से पहले biopsy और गाँठ की सही जगह देखी जाती है।

जाँच में क्या मिलाPlan पर असर
Caecum से sigmoid तक आम colon cancer।यह पेज लागू होता है।
गुदा के पास की गाँठ।यह rectal cancer है। Pelvis का MRI और ऑपरेशन से पहले इलाज अक्सर ज़रूरी।
Appendix की गाँठ।उसका plan अलग है।
GIST, lymphoma या neuroendocrine गाँठ।हर एक का plan अलग। Lymphoma का इलाज ज़्यादातर दवाओं से होता है।
गुदा की नली (anal canal) का cancer।अलग plan, अक्सर पहले ऑपरेशन के बिना।
परिवार में कई लोगों को आंत का cancer।Cancer का इलाज यहाँ होता है, और परिवार में वंशानुगत कारण जाँचा जाता है।

जाँच किस क्रम में?

कोई भी plan बनने से पहले पूरी आंत देखी जाती है। कहीं और दूसरा cancer होना बहुत दुर्लभ नहीं है, इसलिए उसे ढूँढना ज़रूरी है।

  1. Caecum तक पूरी colonoscopy. गाँठ से biopsy ली जाती है।
  2. छोटी गाँठ के पास स्याही का निशान (tattoo). ऑपरेशन में surgeon को जगह मिल जाती है।
  3. Scope तंग गाँठ से आगे न जाए तो CT colonography, या ऑपरेशन के तीन से छह महीने में colonoscopy.
  4. छाती, पेट और pelvis का contrast CT. Liver, फेफड़ों और lymph nodes में फैलाव दिखता है।
  5. खून की जाँचें। CEA, blood count, किडनी और liver के टेस्ट, albumin और clotting.
  6. गाँठ पर MMR या MSI का gene टेस्ट। हर colon cancer में होता है। Chemotherapy, immunotherapy और वंशानुगत कारण, तीनों का फ़ैसला इससे होता है।
  7. RAS और BRAF टेस्ट। सिर्फ़ तब, जब cancer फैल चुका हो।
  8. Liver का MRI, सिर्फ़ तब, जब CT में कोई धब्बा साफ़ न हो।
  9. Tumour board. Surgeon, cancer physician और radiologist मिलकर plan तय करते हैं।

PET-CT colon cancer में रोज़ की जाँच नहीं है। Cancer लौटने का शक हो, या liver या फेफड़ों का फैलाव निकालना हो, तभी यह किया जाता है।

पहले ताक़त और पोषण

मज़बूत मरीज़ जल्दी संभलता है। वज़न घटा हो, खाना कम हो या ताक़त कम हो, तो इलाज से पहले इसे सुधारा जाता है।

इनमें से कुछ भी होफिर क्या
छह महीने में शरीर के वज़न के दसवें हिस्से से ज़्यादा वज़न घटे।ऑपरेशन से पहले dietitian अतिरिक्त पोषण तय करते हैं।
लंबाई के हिसाब से वज़न बहुत कम।यही।
खून में albumin कम।यही।
एक हफ़्ते से ज़्यादा, ज़रूरत के आधे से कम खाना।यही।

रोज़ के काम में आप कितने सक्रिय हैं, यह भी डॉक्टर देखते हैं। पूरी तरह सक्रिय मरीज़ को हर कदम दिया जा सकता है। दिन का कुछ हिस्सा आराम करने वाले मरीज़ के लिए हल्का plan बनता है। ज़्यादातर बिस्तर पर रहने वाले मरीज़ को पहले आराम और देखभाल का इलाज मिलता है।

Stage के हिसाब से इलाज

पक्का stage ऑपरेशन के बाद, निकाली गई आंत की रिपोर्ट से ही पता चलता है। वही stage बताता है कि chemotherapy चाहिए या नहीं।

Stage, आसान भाषा मेंआम इलाज
Stage I. Cancer सिर्फ़ आंत की दीवार में।सिर्फ़ ऑपरेशन।
Stage II, रिपोर्ट में कोई चेतावनी नहीं।ऑपरेशन, फिर नियमित जाँच।
Stage II, gene टेस्ट में MSI-high.ऑपरेशन, फिर जाँच। एक दवा वाली chemotherapy नहीं दी जाती।
Stage II, रिपोर्ट में चेतावनी के लक्षण।ऑपरेशन। Chemotherapy पर आपसे बात होती है।
Stage III, कुछ nodes में cancer.ऑपरेशन, फिर लगभग तीन महीने chemotherapy.
Stage III, कई nodes या गहरी गाँठ।ऑपरेशन, फिर लगभग छह महीने chemotherapy.
Stage IV. Cancer फैल चुका है।ज़्यादातर पहले दवाएँ। चुने हुए मरीज़ों में liver या फेफड़ों का फैलाव निकाला जा सकता है।

रिपोर्ट में चेतावनी के लक्षण यानी: गाँठ दीवार के पार गई हो, आंत फटी या रुकी हो, बारह से कम nodes जाँचे गए हों, या खून की छोटी नलियों या तंत्रिकाओं में cancer की कोशिकाएँ हों। इनसे cancer लौटने की संभावना बढ़ती है।

रिपोर्ट में क्या ज़रूरी?

Pathology रिपोर्ट की चार बातें पूरी chemotherapy की बातचीत तय करती हैं। एक भी छूटी हो, तो फ़ैसले से पहले वह मँगवाई जाती है।

  1. कितने lymph nodes जाँचे गए, और कितनों में cancer था। कम से कम बारह जाँचे जाने चाहिए।
  2. कटे किनारे cancer से साफ़ हैं या नहीं।
  3. MMR या MSI का नतीजा।
  4. चेतावनी के लक्षण, जैसे दीवार के पार फैलाव या खून की छोटी नलियों में cancer.

कब ऑपरेशन पहले नहीं?

ऑपरेशन तभी मदद करता है, जब cancer सुरक्षित रूप से निकल सके। कुछ हालात में दवाएँ, stent या देखभाल का इलाज मरीज़ के लिए बेहतर रहता है।

  1. Cancer बहुत फैल चुका हो। पहले दवाएँ। Liver या फेफड़ों का फैलाव निकालने लायक़ हो जाए, तभी ऑपरेशन सोचा जाता है।
  2. बाईं आंत रुकी हो और मरीज़ कमज़ोर हो या cancer फैला हो। धातु का stent आंत खोल सकता है, और emergency थैली से बचा जा सकता है।
  3. ताक़त बहुत कम हो। ज़्यादातर बिस्तर पर रहने वाले मरीज़ को देखभाल का इलाज मिलता है, और plan खुलकर समझाया जाता है।
  4. MSI-high प्रकार। ऑपरेशन से पहले immunotherapy अभी अध्ययन में है। Tumour board हर केस में तय करता है।
  5. गाँठ दूसरे अंग से चिपकी हो। ऑपरेशन संभव है, पर पहले tumour board में plan बनता है।

एक surgeon के नाते कहूँ — ऑपरेशन न करना भी डॉक्टरी फ़ैसला है, हार मानना नहीं। दवाएँ, stent, पोषण और जल्दी palliative care उतनी ही सावधानी से तय होते हैं।

हर colon ऑपरेशन के नियम

आंत का हिस्सा कोई भी हो, मक़सद एक है: गाँठ अपनी खून की नलियों और lymph nodes के साथ एक टुकड़े में, साफ़ किनारों के साथ निकले।

Protocol का नियमआपके लिए मतलब
गाँठ को खून देने वाली मुख्य धमनी जड़ के पास बाँधी जाती है।उसके साथ के lymph nodes भी निकलते हैं।
Nodes को थामने वाला चर्बी का परदा पूरा निकलता है।इसे complete mesocolic excision कहते हैं।
दोनों ओर कम से कम पाँच सेंटीमीटर स्वस्थ आंत।कटे सिरे cancer से मुक्त रहते हैं।
गाँठ से चिपका अंग गाँठ के साथ ही निकलता है।गाँठ उखाड़ने से cancer पीछे छूट सकता है।
गाँठ को कम से कम छुआ जाता है।Cancer की कोशिकाएँ बिखरती नहीं।

Colon cancer के लिए दूरबीन (laparoscopic) का ऑपरेशन परखा हुआ मानक है। Open ऑपरेशन जितना ही cancer का नतीजा, और जल्दी रिकवरी। अनुभवी हाथों में robotic ऑपरेशन भी सही विकल्प है। बहुत बड़ी गाँठ, दूसरे अंग से चिपकी गाँठ, या पुराने ऑपरेशन से चिपके पेट में open ऑपरेशन चुना जाता है। यह नाकामी नहीं, सही फ़ैसला है।

आंत रुकने या फटने पर

रुकी या फटी आंत emergency है। सुरक्षित रास्ता आंत की तरफ़ और मरीज़ की हालत से तय होता है।

Emergencyआम plan
दाहिनी आंत रुकी।गाँठ निकालकर, ज़्यादातर उसी ऑपरेशन में आंत जोड़ी जाती है।
बाईं आंत रुकी, मरीज़ सक्षम।गाँठ निकालकर आंत जोड़ी जाती है, कभी अस्थायी थैली के साथ। हालत बहुत गंभीर हो तो सिर्फ़ थैली।
बाईं आंत रुकी, मरीज़ कमज़ोर या cancer फैला।धातु का stent आंत खोलता है। तय ऑपरेशन बाद में हो सकता है।
आंत फटी।गाँठ निकालकर पेट धोया जाता है। ज़्यादातर थैली लगती है।

पेट फूले, दबाने पर दर्द हो, और scan में आंत बहुत चौड़ी दिखे, तो आंत फटने का ख़तरा है। गाँठ से भारी खून आना भी emergency है। दोनों में उसी दिन consultant surgeon चाहिए।

ऑपरेशन की तैयारी

अच्छी तैयारी से रिकवरी जल्दी होती है। ज़्यादातर तैयारी पहली मुलाक़ात से ही शुरू होती है, ताकि ऑपरेशन से पहले के हफ़्ते काम आएँ।

कदमक्यों
खून की कमी सुधारी जाती है, ज़रूरत हो तो drip से iron.खून चढ़ाने की ज़रूरत घटती है।
Sugar काबू में, चार हफ़्ते बीड़ी-सिगरेट और शराब बंद।घाव और फेफड़े ठीक रहते हैं।
वज़न कम हो या खाना न जाए तो अतिरिक्त पोषण।रिकवरी के लिए ताक़त मिलती है।
आंत की सफ़ाई के साथ antibiotic की गोलियाँ।दोनों मिलकर infection और जोड़ से leak घटाते हैं।
पिछली शाम और ऑपरेशन के दिन carbohydrate पेय।ऑपरेशन में शरीर मज़बूत रहता है।
छह घंटे खाना बंद, दो घंटे पहले तक पतला पेय।Anaesthesia में सुरक्षा।
ऑपरेशन के बाद चार हफ़्ते खून पतला करने के injection.पैरों और फेफड़ों में clot नहीं बनता।
थैली की संभावना हो तो stoma nurse जगह तय करती हैं।सही जगह की थैली संभालना आसान।

ऑपरेशन से पहले कसरत का ख़ास कार्यक्रम उन मरीज़ों को दिया जाता है, जिनका वज़न या ताक़त कम हो। हर किसी को इसकी ज़रूरत नहीं।

ऑपरेशन के बाद पहले दिन

रिकवरी दिन-ब-दिन तय होती है। ज़्यादातर मरीज़ ऑपरेशन के दिन ही बिस्तर से उठकर बैठते हैं, और अगले दिन सामान्य खाना लेते हैं।

दिनआम तौर पर क्या होता है
ऑपरेशन का दिन।बिस्तर से उठकर बैठना। पतला पेय। कम तेज़ दवाओं से दर्द में राहत।
अगला दिन।जितना हो सके सामान्य खाना। चार बार चलना। पेशाब की नली निकलती है।
दूसरा दिन।पूरा खाना, ज़्यादा चलना, सिर्फ़ गोलियाँ। अक्सर गैस निकलती है।
तीसरा दिन।अक्सर शौच होता है। Drain हो तो निकलता है।
चौथा या पाँचवाँ दिन।सीधे-सादे दूरबीन ऑपरेशन के बाद घर।

खाना खा रहे हों, गैस या शौच हो रहा हो, ख़ुद चल पा रहे हों और बुख़ार न हो, तब घर जाते हैं। थैली हो, तो आप या घर का कोई उसे बदल सके, यह ज़रूरी है। धड़कन तेज़ हो, बुख़ार आए या पेट में नया दर्द हो, तो उसी दिन scan होता है और consultant surgeon को तुरंत बताया जाता है।

Chemotherapy और दूसरी दवाएँ कब?

ऑपरेशन के छह से आठ हफ़्ते के भीतर शुरू हो, तो chemotherapy ज़्यादा फ़ायदा देती है। Cancer फैला हो, तो गाँठ के gene टेस्ट दवा तय करते हैं।

हालतआम दवा
ऑपरेशन के बाद, stage III, कुछ nodes.लगभग तीन महीने CAPOX: हर तीन हफ़्ते drip और गोलियाँ।
ऑपरेशन के बाद, ज़्यादा जोखिम वाला stage III.लगभग छह महीने CAPOX या FOLFOX.
ज़्यादा उम्र या कम ताक़त।सिर्फ़ capecitabine की गोलियाँ।
फैला हुआ, RAS सामान्य, बाईं ओर का cancer.Chemotherapy के साथ anti-EGFR दवा।
फैला हुआ, RAS बदला हुआ, या दाईं ओर का।Chemotherapy के साथ bevacizumab.
फैला हुआ, MSI-high प्रकार।पहले immunotherapy.
फैला हुआ, BRAF या HER2 बदलाव।आगे के कदमों में targeted दवाएँ।

Capecitabine या 5-FU से पहले, जहाँ उपलब्ध हो, DPYD का खून का टेस्ट होता है। कुछ लोगों का शरीर ये दवाएँ सुरक्षित रूप से नहीं पचा पाता। फैले हुए cancer का हर मरीज़ जल्दी palliative care और पोषण की टीम से मिलता है।

ऑपरेशन के जोखिम

हर ऑपरेशन में जोखिम होता है। आपका जोखिम उम्र, ताक़त, stage और ऑपरेशन तय है या emergency, इस पर निर्भर करता है।

जोखिम का प्रकारउदाहरण
सामान्य।Bleeding, घाव में infection, पैर या फेफड़ों में clot, दिल या साँस की तकलीफ़।
जोड़।जोड़ से leak, या बाद में जोड़ का सिकुड़ना।
आंत।आंतों का देर से चालू होना, या सालों बाद चिपकाव से रुकावट।
पास के हिस्से।पेशाब की नली (ureter) में चोट, या दाईं ओर के ऑपरेशन के बाद दूधिया तरल (chyle leak).
थैली।अस्थायी या स्थायी stoma. संभावना कम हो, तब भी हर बार समझाया जाता है।
बाद में।चीरे की जगह hernia. पूरा निकालने के बाद भी cancer लौट सकता है।

जान के जोखिम समेत आपके अपने आँकड़े consent से पहले आमने-सामने समझाए जाते हैं। तय और emergency ऑपरेशन के जोखिम बहुत अलग होते हैं।

इलाज के बाद follow-up

Follow-up कम से कम पाँच साल चलता है। इसमें मुलाक़ातें, CEA का खून का टेस्ट, CT scan और तय समय पर colonoscopy होती है।

कबक्या होता है
ऑपरेशन के दो हफ़्ते बाद।घाव की जाँच, रिपोर्ट पर बात, chemotherapy के लिए भेजना, खाने और थैली की समीक्षा।
तीन साल तक हर तीन महीने।लक्षण, वज़न, जाँच और CEA.
चौथे और पाँचवें साल हर छह महीने।वही जाँचें।
तीन से पाँच साल तक साल में एक बार।छाती, पेट और pelvis का CT scan.
ऑपरेशन के एक साल बाद।Colonoscopy. सामान्य हो तो तीसरे साल, फिर हर पाँच साल।
MSI-high नतीजा या परिवार में कई केस।Genetic counselling के लिए भेजना।

मरीज़ों और परिवारों के अनुभव

★★★★★

“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”

— Ismailbhai Shaikh, Google review

★★★★★

“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”

— Nagesh Patidar, Google review

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

— tina parmar, Google review

Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही। पहला review बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के बारे में है। बाक़ी दो Dr Harsh Shah के cancer इलाज के बारे में हैं।

Dr Harsh Shah के किए colon cancer ऑपरेशन के बाद मरीज़ का अपना अनुभव, सहमति के साथ। आपके लिए कौन-सा इलाज सही है, यह आपकी जाँचों और tumour board के बाद ही तय होता है।

पहली मुलाक़ात से follow-up तक

  1. Consultation तय करें। गोता OPD, अहमदाबाद में, सभी रिपोर्ट और scan के साथ।
  2. जाँचें पूरी करें। Colonoscopy, CT, खून की जाँचें और gene टेस्ट, ऊपर के क्रम में।
  3. Tumour board. आपके stage और ताक़त के हिसाब से ऑपरेशन, दवाएँ या दोनों तय होते हैं।
  4. इलाज। Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर में, हर कदम के लिखित plan के साथ।
  5. Follow-up. लिखित समय-सारणी के हिसाब से, तय समय पर colonoscopy के साथ।

ख़र्च, बीमा और भर्ती

ख़र्च इस पर निर्भर है कि आपको कौन-सा कदम चाहिए। Stent, ऑपरेशन और chemotherapy का ख़र्च बहुत अलग होता है। इलाज से पहले लिखित अनुमान मिलता है।

Apollo Hospital, भाट मुख्य बीमा कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है। उसका दफ़्तर pre-authorisation संभालता है। सभी scan और रिपोर्ट, पुराने इलाज के काग़ज़, दवाओं की सूची, बीमा कार्ड और पहचान पत्र साथ लाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Biopsy में adenocarcinoma आया, अब पहले क्या?

पहले पूरी colonoscopy, CT और खून की जाँचें। फिर tumour board इलाज का क्रम तय करता है।

क्या हर मरीज़ को chemotherapy लगेगी?

नहीं। Stage I और कई stage II में सिर्फ़ ऑपरेशन काफ़ी है। निकाली गई आंत की रिपोर्ट तय करती है।

क्या दूरबीन से ऑपरेशन हो सकता है?

हाँ, ज़्यादातर तय ऑपरेशनों में। बहुत बड़ी गाँठ या emergency में open चुना जाता है।

क्या पेट पर थैली लगेगी?

ज़्यादातर तय colon ऑपरेशनों में नहीं। Emergency में संभावना बढ़ती है। Consent से पहले हमेशा बताया जाता है।

Cancer फैल चुका हो तो?

ज़्यादातर पहले दवाएँ। बाद में liver या फेफड़ों का फैलाव कभी-कभी निकाला जा सकता है।

Follow-up कितने समय तक?

कम से कम पाँच साल मुलाक़ातें और scan, और तय समय पर जीवन भर colonoscopy.

डॉ. हर्ष शाह कहाँ मिलते हैं?

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और रिपोर्ट की समीक्षा, दूसरी राय, इलाज के बाद follow-up.
Google: Dr Harsh Shah · 4.89 · 216 reviews
गोता clinic का रास्ता · +91-63555-64601

Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Colonoscopy, दूरबीन और open ऑपरेशन, emergency इलाज, ICU और भर्ती मरीज़ों की देखभाल।
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 4.94 · 18 reviews
Apollo, भाट का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601

पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।

खून आना, खून की कमी, या colonoscopy में गाँठ मिली है? Colonoscopy और biopsy की रिपोर्ट, CT की फ़िल्म के साथ रिपोर्ट और खून की जाँचें पहले से भेज सकते हैं, ताकि consultation के समय वे पढ़ी हुई हों। इलाज consultation में जाँच के बाद और tumour board में तय होता है। फ़ोन करें +91-63555-64601 · रिपोर्ट WhatsApp पर भेजें

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