Skip to main contentअहमदाबाद और गांधीनगर में left colon cancer का इलाज · Dr Harsh Shah · Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar और Gota OPD, अहमदाबाद
कई मरीज़ महीनों तक iron की गोलियाँ खाते रहते हैं, खून की कमी (anaemia) ठीक नहीं होती, और आख़िर में colonoscopy में बाईं तरफ़ गांठ मिलती है। ऐसी गांठ का इलाज एक तय क्रम में होता है। पहले पूरी बड़ी आंत की colonoscopy और biopsy तय करती है कि यह cancer है या नहीं। फिर छाती, पेट और pelvis का contrast CT बताता है कि बीमारी कहीं फैली है या नहीं, और हर गांठ पर MMR या MSI test होता है। जो cancer फैला नहीं है, उसमें मुख्य इलाज operation है — गांठ वाला हिस्सा उसकी नस और lymph nodes के साथ निकालना। Chemotherapy चाहिए या नहीं, यह operation के बाद pathology report से ही तय होता है। बीमारी फैली हो या मरीज़ बड़े operation लायक न हो, तो दवा या stent पहले आते हैं — या operation की जगह।

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon
· Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah को पेट-आंत और cancer की surgery का 18 साल का अनुभव है। Apollo Hospital, Bhat में colon cancer की पूरी सेवा एक छत के नीचे है: colonoscopy और biopsy, CT और MRI, MMR testing वाली pathology, chemotherapy के लिए medical oncology, stent, दूरबीन और open surgery, stoma nurse और follow-up — और इलाज शुरू होने से पहले हर case पर tumour board में चर्चा। Gota clinic पर Google rating 4.89, 216 reviews; Apollo, Bhat listing पर 4.94, 17 reviews।
बाईं बड़ी आंत (left colon) तिल्ली के नीचे के मोड़ से शुरू होकर पेट की बाईं ओर नीचे उतरती है (descending colon) और S आकार के sigmoid colon से होकर rectum से मिलती है। यहाँ के cancer का plan दाईं तरफ़ से अलग बनता है: नस अलग, operation अलग, और बीमारी फैली हो तो कुछ दवाएँ भी अलग।
बड़ी आंत के हर हिस्से की अपनी खून की नस और lymph nodes की अपनी कड़ी होती है, और cancer दोनों के साथ निकाला जाता है। तिल्ली के नीचे वाले मोड़ की गांठ दो हिस्सों की सीमा पर होती है, इसलिए वहाँ operation मरीज़ के हिसाब से तय होता है।
नीचे की सीमा भी मायने रखती है। मलद्वार से लगभग पंद्रह सेंटीमीटर के अंदर की गांठ rectum का cancer मानी जाती है, जिसका रास्ता अलग है — अक्सर operation से पहले इलाज के साथ। इसलिए गांठ ठीक किस ऊँचाई पर है, यह शुरू में ही तय होता है।
फैली बीमारी में तरफ़ दवा भी बदलती है: RAS mutation के बिना बाईं तरफ़ के cancer में chemotherapy के साथ anti-EGFR दवा जुड़ती है। यानी “left colon” सिर्फ़ जगह नहीं, plan का हिस्सा है।
सिर्फ़ लक्षण देखकर colon cancer और cancer के अलावा किसी तकलीफ़ में फ़र्क़ नहीं किया जा सकता। खून आना, शौच की आदत बदलना या खून की कमी — इनके दूसरे कारण भी हो सकते हैं। फ़र्क़ colonoscopy और biopsy से ही पड़ता है, और pathology report ही भरोसेमंद जवाब है।
खून की कमी पर ख़ास ध्यान दें: किसी भी पुरुष में, या माहवारी बंद होने के बाद किसी महिला में, बिना साफ़ कारण के iron की कमी वाली anaemia हो, तो सिर्फ़ गोलियाँ देना काफ़ी नहीं — कारण ढूँढना ज़रूरी है। नीचे के लक्षणों में पूरी बड़ी आंत की जाँच होनी चाहिए।
| आप क्या देखते हैं | जाँच क्यों ज़रूरी | क्या तय करता है |
|---|---|---|
| चार हफ़्ते से ज़्यादा शौच की आदत में बदलाव — ख़ासकर बार-बार जाना या पतला मल | गांठ आंत को सँकरा करके मल निकलने का ढंग बदल सकती है | पूरी colonoscopy, और जो असामान्य लगे उसकी biopsy |
| शौच की आदत बदलने के साथ खून, या मल में मिला गहरा खून | खून बड़ी आंत के अंदर से आ रहा हो सकता है | Caecum तक colonoscopy |
| बिना साफ़ कारण iron की कमी वाली खून की कमी — किसी भी पुरुष में, या माहवारी बंद होने के बाद की महिला में | गांठ महीनों तक धीरे-धीरे, बिना दिखे खून खो सकती है | Colonoscopy, खून की कमी की सामान्य जाँच के साथ |
| बिना कारण वज़न घटना, या पेट में गांठ महसूस होना | बड़ी गांठ का पहला संकेत हो सकता है | Colonoscopy और contrast CT |
| आंत बंद होना — पेट फूलना, उल्टी, मल या गैस बंद — या अचानक आंत फटना | हमारे देश में बहुत से colon cancer पहली बार इसी तरह सामने आते हैं | CT के साथ तुरंत जाँच; पहले इलाज, बाक़ी जाँच साथ-साथ |
सबसे पहले बड़ी आंत की शुरुआत तक पूरी colonoscopy, biopsy और गांठ के पास स्याही का निशान (tattoo)। फिर छाती, पेट और pelvis का contrast CT बीमारी की हद बताता है। CEA, खून की सामान्य जाँच और गांठ के tissue पर MMR या MSI test — इतना होने के बाद ही इलाज का plan बनता है।
| क्रम | जाँच | किस सवाल का जवाब |
|---|---|---|
| पहली | Caecum तक पूरी colonoscopy, biopsy और गांठ के पास India-ink tattoo | Cancer की पुष्टि, operation में छोटी गांठ मिल जाए इसके लिए निशान, और बाक़ी आंत साफ़ है या नहीं — कभी-कभी एक दूसरी अलग गांठ भी होती है |
| Scope सँकरी जगह से आगे न जाए तो | CT colonography, या operation के कुछ महीनों में दोबारा colonoscopy | रुकावट के पार की आंत कभी बिना जाँच के न रहे |
| दूसरी | छाती, पेट और pelvis का contrast CT | गांठ आसपास कितनी फैली है, और liver, फेफड़ों या पेट की झिल्ली तक पहुँची है या नहीं |
| साथ-साथ | CEA, CBC, kidney और liver tests, albumin, clotting | Follow-up के लिए शुरुआती आँकड़ा, और ताक़त व पोषण की तस्वीर |
| हर गांठ पर | MMR (ख़ास staining से) या MSI test | Lynch syndrome नाम की ख़ानदानी प्रवृत्ति पकड़ी जाती है, और chemotherapy व immunotherapy के कुछ फ़ैसले होते हैं |
| बीमारी फैली हो तभी | RAS और BRAF mutation test | कौन सी targeted दवा, यह तय होता है; न फैले cancer में ज़रूरत नहीं |
| Liver में धब्बा साफ़ न हो तभी | Liver का MRI या contrast ultrasound | धब्बा क्या है, यह साफ़ होता है। नए colon cancer में PET-CT रोज़ की जाँच नहीं है |
Operation के बाद pathology report की चार बातें chemotherapy तय करती हैं: lymph nodes, कटे किनारे, MMR/MSI नतीजा, और कोई high-risk लक्षण जैसे दीवार के आर-पार गांठ या आंत का फटा होना।
Left colon cancer का इलाज बीमारी कितनी आगे है, उसके हिसाब से तय होता है। आंत की दीवार तक सीमित cancer में ज़्यादातर सिर्फ़ operation। Lymph nodes में हो तो operation के बाद chemotherapy। दूसरे अंगों में फैला हो तो गांठ के genes के हिसाब से दवा आगे, और operation सिर्फ़ चुने हुए मरीज़ों में।
| Pathology report के बाद की स्थिति | आम इलाज | समझने की बात |
|---|---|---|
| दीवार की अंदरूनी परतों में cancer, nodes साफ़ | सिर्फ़ operation | Chemotherapy की ज़रूरत नहीं |
| दीवार के आर-पार cancer, nodes साफ़, कोई high-risk लक्षण नहीं | Operation, फिर नियमित जाँच | Chemotherapy का फ़ायदा छोटा है, इसलिए follow-up बेहतर विकल्प |
| वही, पर गांठ MMR-deficient या MSI-high | नियमित जाँच — अकेली chemotherapy की गोली नहीं | ऐसी गांठें बेहतर बर्ताव करती हैं और फ़ायदा नहीं होता; अकेली गोली नुक़सान भी कर सकती है |
| दीवार के आर-पार, high-risk लक्षण के साथ, nodes साफ़ | Chemotherapy पर चर्चा — अपने-आप नहीं | मिलकर लिया गया फ़ैसला, record में लिखा जाता है |
| कुछ lymph nodes में cancer, गांठ बाहरी परत के आर-पार नहीं | तीन महीने CAPOX chemotherapy | इस समूह में छह महीने जितनी ही असरदार, और तंत्रिकाओं (nerves) को नुक़सान बहुत कम |
| कई nodes, या गांठ बाहरी परत के आर-पार | छह महीने FOLFOX या CAPOX | लंबा course ज़्यादा जोखिम के लिए |
| Liver या फेफड़ों में फैलाव | Chemotherapy के साथ targeted दवा; चुने हुए मरीज़ों में वे धब्बे भी निकालना | कुछ फैलाव अब भी पूरा निकाला जा सकता है — tumour board का फ़ैसला |
Left colon cancer के हर मरीज़ में पहला क़दम operation नहीं है। जो फैलाव निकाला न जा सके, उसमें दवा ही इलाज है। कमज़ोर मरीज़ या फैले cancer में बंद हुई आंत emergency operation की जगह stent से खोली जा सकती है। और जो मरीज़ इलाज सह न सके, उसे आराम देने वाली देखभाल मिलती है।
फैली हुई बीमारी। Liver, फेफड़ों या पेट की झिल्ली तक का फैलाव निकाला न जा सके, तो गांठ के genes के हिसाब से चुनी दवाएँ ही इलाज हैं। धब्बे काफ़ी छोटे हो जाएँ, तो tumour board उन्हें निकालने पर फिर से विचार करता है।
कमज़ोर या आगे बढ़ी बीमारी वाले मरीज़ में बंद बाईं आंत। Scope से डाला गया self-expanding metal stent आंत को फिर खोल सकता है। कुछ मरीज़ों के लिए यह पुल है — emergency में थैली लगाने की बजाय कुछ दिन बाद सुरक्षित, planned operation; कुछ के लिए यही इलाज है।
शरीर की ताक़त। हर मुलाक़ात पर ताक़त का score लिखा जाता है: सक्रिय मरीज़ को पूरा रास्ता, रोज़ के काम में सीमित मरीज़ को बदला plan, और बिस्तर पर रहने वाले मरीज़ के लिए आराम और सहायक देखभाल।
Chemotherapy कब नहीं। आंत तक सीमित cancer के बहुत से मरीज़ों को operation के बाद सिर्फ़ ध्यान से follow-up चाहिए।
Operation के बाद की chemotherapy छह से आठ हफ़्तों में शुरू होनी चाहिए, क्योंकि देर होने पर फ़ायदा घटता है। फैली बीमारी में दवा गांठ के RAS, BRAF और MMR नतीजों से चुनी जाती है, और MMR-deficient गांठ में अब chemotherapy से पहले immunotherapy की दवा आती है।
Capecitabine या 5-FU से पहले, जहाँ उपलब्ध हो, DPYD test होता है, क्योंकि इस enzyme की कमी वाले लोगों को सामान्य dose भी नुक़सान कर सकती है। Oxaliplatin से हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन आ सकता है — इसलिए जहाँ तीन महीने का course काफ़ी हो, वहाँ वही चुना जाता है।
फैली बीमारी में: RAS mutation के बिना बाईं तरफ़ का cancer — chemotherapy के साथ cetuximab या panitumumab; RAS mutation वाला — chemotherapy के साथ bevacizumab; BRAF mutation वाला — पहली line के बाद उसका अपना targeted combination; और MMR-deficient — पहले pembrolizumab। Palliative care और पोषण की team शुरू से जुड़ती है — लक्षणों और ताक़त के लिए, इलाज बंद हुआ इसलिए नहीं।
Operation में गांठ वाला बायाँ हिस्सा, उसकी खून की नस को जड़ से बाँधकर, और lymph nodes वाली पूरी चर्बी की परत एक साथ निकाली जाती है। फिर दोनों सिरे जोड़े जाते हैं। दूरबीन (laparoscopic) surgery मानक तरीक़ा है; बड़ी या दूसरे अंगों से चिपकी गांठ में open surgery चुनी जाती है।
| गांठ कहाँ है | Operation | कौन सी नस बाँधी जाती है |
|---|---|---|
| तिल्ली के नीचे का मोड़, या transverse colon का आख़िरी हिस्सा | Extended left या extended right hemicolectomy | Middle colic, ज़रूरत के हिसाब से left colic के साथ |
| Descending colon | Left hemicolectomy | Left colic |
| Sigmoid colon | Sigmoid colectomy या anterior resection | Inferior mesenteric — ऊपर या नीचे बाँधकर |
हर operation में तीन नियम। नस जड़ से बाँधी जाती है और lymph nodes वाली परत पूरी निकाली जाती है — complete mesocolic excision। कम से कम बारह lymph nodes pathologist तक पहुँचनी चाहिए, क्योंकि उससे कम में stage पर भरोसा नहीं रहता। और गांठ किसी दूसरे अंग से चिपकी हो, तो वह हिस्सा भी गांठ के साथ एक ही टुकड़े में निकाला जाता है — गांठ को छीलकर अलग करने से किनारे पर cancer रह सकता है।
तरीक़ा। Laparoscopic surgery मान्य मानक है: open जितना ही cancer operation, और जल्दी recovery। Robotic surgery भी स्वीकार्य विकल्प है। बड़ी गांठ, दूसरे अंग शामिल हों, या पहले के operations से पेट चिपका हो, तो open surgery — यह समझदारी का फ़ैसला है, दूरबीन की नाकामी नहीं।
Emergency। तंदुरुस्त मरीज़ में बंद बाईं आंत — गांठ निकालकर आंत जोड़ी जाती है, कभी अस्थायी थैली की सुरक्षा के साथ; मरीज़ अस्थिर हो तो Hartmann’s operation, थैली के साथ। फटी आंत में गांठ निकालना, पेट धोना, और ज़्यादातर थैली। थैली (stoma) की संभावना कम हो तब भी हर बार समझाई जाती है और consent लिया जाता है, और stoma nurse operation से पहले सही जगह पर निशान लगाती हैं।
सहमति से पहले हर मरीज़ को बताई जाने वाली complications: bleeding; घाव में infection; पैर या फेफड़े में clot; heart, साँस या anaesthesia की तकलीफ़; दूरबीन से open में बदलना; जोड़ से leak; आंतों का देर से चालू होना; ureter में चोट; पेट में पीप; अस्थायी या स्थायी stoma; जोड़ का सिकुड़ना; बाद में चीरे में hernia या चिपकाव; और जान का जोखिम, emergency में ज़्यादा। Dr Harsh Shah consent से पहले हर बात ख़ुद समझाते हैं — आपकी उम्र, ताक़त और operation planned है या emergency, उसके हिसाब से आँकड़ों के साथ; ये हर मरीज़ में अलग होते हैं, इसलिए page पर नहीं लिखे जाते। असली stage, और इसलिए chemotherapy की ज़रूरत, pathology report के बाद ही पता चलती है।
Dr Harsh Shah से colon cancer के operation के बाद की recovery पर एक मरीज़ — सहमति के साथ साझा किया गया।
Recovery operation से पहले शुरू होती है: खून की कमी ठीक की जाती है, sugar काबू में, बीड़ी-सिगरेट और शराब बंद, और पोषण मज़बूत। Planned दूरबीन operation के बाद मरीज़ उसी दिन बिस्तर से उठकर बैठता है, पहले दिन खाता है, दिन में कई बार चलता है, और आम तौर पर कुछ ही दिनों में घर जाता है।
Planned operation से पहले आंत जुलाब और मुँह से ली जाने वाली antibiotics से साफ़ की जाती है, जिससे infection और leak कम होते हैं, और आंत बंद न हो तो carbohydrate drink दिया जाता है। कुपोषित या कम सक्रिय मरीज़ को पहले कसरत और पोषण का ख़ास कार्यक्रम। Clot रोकने के injection घर पर चार हफ़्ते चलते हैं।
नाक की नली और पेट का drain आम तौर पर नहीं। घर जाने के लिए चार बातें: खाना सहन हो, गैस या मल निकले, गोली से दर्द काबू में हो, और बिना बुख़ार के ख़ुद चल सकें — और थैली हो तो बिना मदद बदल सकें।
घर जाने के बाद बुख़ार, तेज़ धड़कन, पेट का नया या बढ़ता दर्द, या सुधरते मरीज़ का वापस बिगड़ना — इनमें से कुछ भी हो तो उसी दिन फ़ोन करें।
Operation के लगभग दो हफ़्ते बाद pathology report पर चर्चा होती है और chemotherapy का फ़ैसला होता है। फिर पाँच साल तक CEA, CT और colonoscopy तय समय पर, क्योंकि बीमारी लौटे तो जल्दी पकड़ में आने पर सबसे ज़्यादा विकल्प रहते हैं।
| कब | क्या होता है |
|---|---|
| दो हफ़्ते पर | घाव की जाँच, pathology पर चर्चा, ज़रूरत हो तो chemotherapy के लिए भेजना, dietitian और stoma review |
| तीन साल तक हर तीन महीने | लक्षण, वज़न, जाँच और CEA |
| चौथे और पाँचवें साल हर छह महीने | वही जाँच |
| तीन से पाँच साल, साल में एक बार | छाती, पेट और pelvis का contrast CT; ज़्यादा जोखिम में ज़्यादा बार |
| Operation के एक साल बाद | Colonoscopy; सामान्य हो तो तीन साल पर, फिर हर पाँच साल |
| गांठ MMR-deficient हो, मरीज़ कम उम्र का हो, या परिवार में इतिहास हो | Genetic counselling, क्योंकि रिश्तेदारों को जल्दी जाँच की ज़रूरत पड़ सकती है |
CT सामान्य हो और CEA बढ़ रहा हो, तो उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाता: कुछ हफ़्तों में फिर test, और PET-CT पर विचार।
Apollo Hospital, Bhat में colon cancer का इलाज cashless health insurance, CGHS और corporate schemes में, हर policy की शर्तों के अनुसार, कवर होता है। Estimate बदलने वाली बातें: operation planned है या emergency, दूरबीन या open, कितने दिन रुकना, थैली चाहिए या नहीं, और chemotherapy बाद में आएगी या नहीं। आपकी policy के लिए लिखित estimate बनता है।
Insurance desk pre-authorisation करता है; day-care chemotherapy का कवर पहले ही पूछ लें।
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“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏 — Ismailbhai Shaikh, Google review, Gota clinic listing”
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“My wife was suffering from colon cancer. Dr harsh shah performed her surgery 1 year back. And now she is cancer free with the grace of almighty and dr harsh shah’s treatment. He treats patients as his own family member. I may blindly tell any patient to approach him. Dr. harsh. Thank you is not enough. My sincere gratitude for all the help and advice you have given to us! — Joseph Sibi, Google review, Gota clinic listing”
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“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist. — Nagesh Patidar, Google review, Gota clinic listing”
Dr Harsh Shah की दो listings पर असली Google reviews, जैसे लिखे गए वैसे ही।
किसी भी पुरुष में, या माहवारी बंद होने के बाद की महिला में, बिना साफ़ कारण iron की कमी हो तो उसका कारण ढूँढना ज़रूरी है। बड़ी आंत की गांठ महीनों तक बिना दिखे खून खो सकती है; colonoscopy यह साफ़ करती है।
Planned बाईं colon के ज़्यादातर operation में आंत जोड़ दी जाती है और स्थायी थैली नहीं लगती। Emergency, बंद या फटी आंत, या जोड़ की सुरक्षा के लिए थैली की संभावना बढ़ती है; यह बात operation से पहले हर बार होती है।
ऐसा नहीं है। गांठ के genes के हिसाब से chemotherapy और targeted दवाएँ दी जाती हैं, और चुने हुए मरीज़ों में liver या फेफड़े के धब्बे भी निकाले जाते हैं। यह फ़ैसला tumour board में होता है।
Oxaliplatin नाम की दवा से हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन आ सकता है। इसलिए जहाँ तीन महीने का course काफ़ी हो, वहाँ छह महीने नहीं दिया जाता।
हर गांठ पर MMR या MSI test होता है, जो Lynch syndrome नाम की ख़ानदानी प्रवृत्ति पकड़ता है। ज़रूरत लगे तो genetic counselling के लिए भेजा जाता है, ताकि रिश्तेदारों की जल्दी जाँच हो सके।
ज़्यादातर दूरबीन (laparoscopic) से, जो colon cancer का मानक तरीक़ा है। बड़ी गांठ, दूसरे अंगों से चिपकी गांठ या पहले के operations से चिपका पेट हो, तो open surgery चुनी जाती है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Gota, अहमदाबाद, गुजरात
Google rating 4.89, 216 reviews
Dr Harsh Shah दो पतों पर मिलते हैं: Gota, अहमदाबाद का clinic, और Bhat, गांधीनगर का Apollo Hospital।
Colonoscopy या CT report में बाईं तरफ़ गांठ लिखी है? Colonoscopy, biopsy, CT और CEA की reports appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation पढ़ी हुई reports के साथ शुरू हो; इलाज क्या होगा, यह consultation में, जाँच के बाद तय होता है। Call +91-63555-64601 · Reports WhatsApp पर पहले भेजें
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