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Dr. Harsh J Shah

Transverse colon cancer में जाँच का क्रम और इलाज

Shah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर

पिछला अपडेट: 12-Oct-2026

बड़ी आंत के आड़े हिस्से का cancer · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर

बहुत से परिवार पहली मुलाक़ात में यही पूछते हैं: क्या सीधे ऑपरेशन होगा? जवाब जाँच के क्रम से निकलता है। पहले पक्का निदान, फिर stage, फिर इलाज।

ज़्यादातर मरीज़ों को ऑपरेशन की सलाह मिलती है। पर हर मरीज़ में ऑपरेशन पहला क़दम नहीं होता। कुछ में दवा पहले आती है, और कुछ में बड़ा ऑपरेशन टालना ही ठीक रहता है।

इस पेज पर जाँच किस क्रम में होती है, हर रिपोर्ट क्या बदलती है, और दवा से ऑपरेशन तक पूरा इलाज आसान भाषा में बताया गया है।

आंत का यह हिस्सा कहाँ है?

बड़ी आंत पेट में एक चौखटे की तरह घूमती है। इसका ऊपर वाला आड़ा हिस्सा transverse colon है, जो लिवर और आमाशय के नीचे लटका रहता है।

Dr Harsh Shah, बड़ी आंत के cancer के surgeon, अहमदाबाद
Dr Harsh Shah — MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology).

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology में super-specialty प्रशिक्षण, इसी विषय में दो बार योग्यता, और आंत तथा cancer surgery में 18 साल का अनुभव। Colonoscopy रिपोर्ट देखने से लेकर stage तय करना, tumour board, ऑपरेशन, stent का फ़ैसला और सालों का follow-up, सब एक ही जगह होता है।

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद

Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, भाट पर 18 reviews में 4.94।

यह हिस्सा pancreas और छोटी आंत के भी पास है। इसकी एक ख़ास बात है। इसका पहला हिस्सा दाहिनी आंत के साथ ख़ून की नलियाँ बाँटता है, और आख़िरी हिस्सा बाईं आंत के साथ। Lymph nodes भी इन्हीं नलियों के साथ चलती हैं। इसलिए गाँठ ठीक कहाँ है, यह पहली जाँच से ही अहम हो जाता है। Colonoscopy रिपोर्ट में गाँठ की जगह लिखी हो, और वहाँ स्याही से निशान लगा हो, यह ज़रूरी है।

बड़ी आंत के हिस्से, और हर हिस्से का पेज
गाँठ कहाँ हैऔर कहाँ पढ़ें
Caecum या दाहिनी ओर ऊपर जाती आंत।दाहिनी आंत का cancer पेज।
लिवर के पास का मोड़, या ऊपर का आड़ा हिस्सा।यही पेज।
तिल्ली (spleen) के पास का मोड़, या बाईं ओर नीचे उतरती आंत।मोड़ के लिए यही पेज, और उसके नीचे के लिए बाईं आंत का cancer पेज।
Rectum के ऊपर का S आकार का हिस्सा।Sigmoid colon cancer पेज।

किन लक्षणों से जाँच शुरू?

हफ़्तों तक बदली हुई शौच की आदत, मल में ख़ून, या ख़ून की कमी से आई कमज़ोरी आम शुरुआत है। कभी आंत का रुक जाना ही पहला लक्षण होता है।

  • कुछ हफ़्तों से ज़्यादा समय तक पतला मल या बार-बार शौच।
  • पुरुष में, या माहवारी बंद होने के बाद महिला में, बिना कारण iron की कमी और ख़ून की कमी।
  • मल में मिला हुआ गहरा ख़ून।
  • पेट में गाँठ जैसा लगना, या बिना कारण वज़न घटना।
  • पेट फूलना, उल्टी, और गैस बिल्कुल न निकलना। यह emergency है।

हमारे यहाँ बहुत से मरीज़ों में बड़ी आंत का cancer पहली बार रुकी या फटी आंत के रूप में ही पकड़ में आता है। तब जाँच छोटी होती है और emergency के साथ-साथ चलती है। बाक़ी मरीज़ों में जाँच तय क्रम में होती है।

जाँच किस क्रम में?

पहले colonoscopy और biopsy। फिर CT scan और ख़ून की जाँच से stage तय होता है। आख़िर में tumour board सारी रिपोर्ट साथ पढ़कर इलाज तय करता है।

  1. पूरी बड़ी आंत की colonoscopy। पूरी आंत देखी जाती है, क्योंकि कहीं और दूसरी गाँठ भी हो सकती है। छोटी गाँठ पर स्याही से निशान लगाया जाता है, ताकि ऑपरेशन में वह मिल सके।
  2. Biopsy। गाँठ से छोटे टुकड़े लिए जाते हैं। Cancer है या नहीं, यह सिर्फ़ biopsy से पक्का होता है।
  3. छाती, पेट और pelvis का contrast वाला CT scan। लिवर, फेफड़ों या lymph nodes में फैलाव देखा जाता है। गाँठ आमाशय या pancreas को छू रही है या नहीं, यह भी दिखता है।
  4. ख़ून की जाँच। CEA नाम का tumour marker शुरू में ही लिया जाता है। Blood count, किडनी, लिवर, albumin और ख़ून जमने की जाँच भी होती है।
  5. Biopsy पर MMR या MSI test। हर colon cancer में यह होता है। यह ख़ानदानी कारण की छानबीन करता है, और बाद में chemotherapy के कुछ फ़ैसले भी इसी से होते हैं।
  6. शरीर की ताक़त और पोषण। रोज़ की ताक़त का score लिखा जाता है। वज़न घटा हो या खाना कम हो, तो पहले dietitian देखते हैं।
  7. ज़रूरत हो तभी अतिरिक्त scan। CT में लिवर पर अस्पष्ट धब्बा हो तो MRI। PET-CT इस cancer में नियमित जाँच नहीं है।
  8. Tumour board। Surgeon, cancer के physician, radiologist और pathologist साथ बैठकर योजना तय करते हैं।

अगर गाँठ की वजह से scope आगे न जाए, तो बाक़ी आंत भी जाँचनी होती है। ऑपरेशन से पहले CT colonography से, या ऑपरेशन के कुछ महीनों में colonoscopy से। RAS और BRAF जैसे gene test सिर्फ़ तब ज़रूरी हैं जब cancer फैल चुका हो।

Cancer है या कुछ और?

ख़ून गिरना, ख़ून की कमी या शौच की आदत बदलना, इनके कई कारण होते हैं। CT में दिखी गाँठ निदान नहीं है। फ़ैसला colonoscopy और biopsy ही करते हैं।

CT scan में आंत की दीवार मोटी दिखे, तो वह cancer हो सकता है, पर यह सबूत नहीं है। Colonoscopy अंदर की सतह दिखाती है, और biopsy बताती है कि कोशिकाएँ क्या हैं। Polyp यानी सतह पर ऐसी बढ़त, जो अभी cancer नहीं है। अक्सर उसे colonoscopy में ही निकाला जा सकता है, बिना ऑपरेशन। Biopsy साफ़ न हो और गाँठ संदिग्ध लगे, तो अगली जाँच tumour board तय करता है।

हर नतीजे के बाद आगे क्या
नतीजाआगे क्या होता है
Colonoscopy में पूरा निकाला जा सकने वाला polyp।निकालकर जाँच के लिए भेजा जाता है। रिपोर्ट से तय होता है कि और कुछ चाहिए या नहीं।
Biopsy में cancer पक्का।CT, ख़ून की जाँच और MMR test से stage।
CT में मोटी आंत, colonoscopy बाक़ी।किसी भी योजना से पहले colonoscopy और biopsy।
पहली मुलाक़ात में ही रुकी हुई आंत।पहले emergency का इलाज। पूरी आंत की जाँच बाद में।

Stage के हिसाब से इलाज

इलाज stage पर चलता है। शुरुआती cancer में सिर्फ़ ऑपरेशन। Lymph nodes में cancer हो तो chemotherapy जुड़ती है। फैले हुए cancer में अक्सर दवा पहले।

Transverse colon cancer का इलाज, stage के हिसाब से
स्थितिआम इलाज
शुरुआती cancer, nodes साफ़ (stage I)।सिर्फ़ ऑपरेशन। फिर नियमित जाँच।
गहरा cancer, nodes साफ़, कोई ख़तरे वाली बात नहीं (stage II)।ऑपरेशन, फिर निगरानी। Chemotherapy से ख़ास फ़ायदा नहीं।
ख़तरे वाली बातों के साथ stage II।ऑपरेशन, फिर chemotherapy पर मिलकर बात।
Lymph nodes में cancer (stage III)।ऑपरेशन, फिर chemotherapy। कम ख़तरे में छोटा course, ज़्यादा ख़तरे में लंबा।
लिवर या फेफड़ों में निकाला जा सकने वाला फैलाव।Tumour board की योजना: धब्बे निकालना, पहले या बाद में दवा के साथ।
न निकाला जा सकने वाला फैलाव।Tumour के test के हिसाब से चुनी दवा, और तकलीफ़ों की देखभाल।
रुकी हुई आंत, मरीज़ ऑपरेशन के लिए कमज़ोर।Scope से stent लगाकर आंत खोलना, emergency ऑपरेशन के बिना।

ऑपरेशन कब पहले नहीं?

बहुत फैला हुआ cancer, बहुत कमज़ोर सेहत, या कमज़ोर मरीज़ में रुकी आंत। इनमें ऑपरेशन के बजाय कोई और इलाज पहले आ सकता है।

  • Colonoscopy में पूरा निकला polyp: रिपोर्ट अच्छी हो तो शायद और कुछ न चाहिए।
  • बहुत फैला हुआ cancer: पहले दवा। ऑपरेशन आंत रुकने जैसी तकलीफ़ के लिए रखा जाता है।
  • फैला हुआ MMR-deficient या MSI-high cancer: पहले immunotherapy, क्योंकि इन गाँठों में यह chemotherapy से ज़्यादा असरदार है।
  • बहुत कमज़ोर सेहत, दिन का ज़्यादातर समय बिस्तर पर: आराम और लक्षणों की देखभाल पर खुली बात।
  • कमज़ोर या फैले cancer वाले मरीज़ में रुकी आंत: धातु का stent आंत खोलता है। यह बाद के तय ऑपरेशन तक पुल बनता है, या ख़ुद इलाज बनता है।

Chemotherapy न देना भी एक फ़ैसला है। MMR-deficient stage II cancer बिना chemotherapy के अच्छा करता है। इसमें अकेली fluoropyrimidine दवा नहीं दी जाती, क्योंकि फ़ायदा नहीं और नुक़सान हो सकता है।

इस हिस्से का ऑपरेशन

इस हिस्से के cancer के लिए दो ऑपरेशन हैं। आम तौर पर extended right hemicolectomy। आख़िरी हिस्से की गाँठ में extended left hemicolectomy भी मान्य है।

Colon cancer के protocol में इस हिस्से के लिए यही दो ऑपरेशन हैं। लिवर के पास वाले मोड़ की, या आड़े हिस्से की शुरुआत की गाँठ extended right hemicolectomy से निकाली जाती है। आख़िरी हिस्से की, या तिल्ली के पास वाले मोड़ की गाँठ में दोनों मान्य हैं, और हर मरीज़ के लिए tumour board एक चुनता है।

दोनों में cancer के नियम एक ही हैं:

  • ख़ून देने वाली नलियाँ अपनी जड़ के पास बाँधी जाती हैं।
  • Lymph nodes वाली चर्बी पूरी, एक साथ निकाली जाती है।
  • गाँठ के दोनों ओर पर्याप्त स्वस्थ आंत ली जाती है।
  • पर्याप्त lymph nodes laboratory तक पहुँचें, क्योंकि कम nodes ख़ुद ख़तरे का संकेत है।
  • आमाशय या pancreas से चिपकी गाँठ उस हिस्से के साथ एक टुकड़े में निकाली जाती है। उसे छुड़ाने की कोशिश कभी नहीं।

Colon cancer के लिए दूरबीन (laparoscopic) ऑपरेशन मान्य तरीक़ा है। अनुभवी हाथों में robotic भी स्वीकार्य है। बड़ी गाँठ, दूसरे अंग से चिपकी गाँठ, या पहले के ऑपरेशन से चिपके पेट में open ऑपरेशन सही रहता है। पूरी सेवा के बारे में आंत के surgeon पेज देखें।

आंत रुके या फटे तो

आंत रुक जाए या फट जाए, तो पूरा क्रम बदल जाता है। पहले emergency का इलाज, और मरीज़ स्थिर हो जाए तब बाक़ी जाँच।

Protocol में दाहिनी और बाईं ओर की रुकी आंत के लिए अलग नियम हैं। आड़े हिस्से के लिए अलग नियम नहीं है। इसलिए गाँठ कहाँ है, यह देखकर surgeon तय करते हैं कि किस ओर का नियम लागू हो। दाहिनी ओर की रुकी गाँठ में आम तौर पर गाँठ निकालकर तुरंत जोड़ बनाया जा सकता है। बाईं ओर की गाँठ में स्वस्थ मरीज़ की गाँठ निकाली जाती है, कभी बचाव के लिए stoma के साथ। अस्थिर मरीज़ में Hartmann’s ऑपरेशन से फ़िलहाल stoma रखा जाता है। फटी आंत में गाँठ निकालना, पेट अच्छी तरह धोना, और आम तौर पर stoma। बहुत फूली या दबाने पर दर्द करती बड़ी आंत चेतावनी है। ऐसे मरीज़ को consultant surgeon उसी दिन देखते हैं।

ऑपरेशन से पहले की तैयारी

तैयारी पहली मुलाक़ात से शुरू होती है। ख़ून, sugar और पोषण सुधारे जाते हैं, और पिछले दिन दवा तथा antibiotic से आंत साफ़ की जाती है।

  1. ख़ून कम हो तो सुधारा जाता है। गोली धीमी पड़े तो drip से iron।
  2. Sugar क़ाबू में। धूम्रपान और शराब कम से कम एक महीना पहले बंद।
  3. वज़न कम या शरीर कमज़ोर हो, तो छोटा खान-पान और कसरत कार्यक्रम।
  4. पिछले दिन आंत साफ़ करने की दवा, मुँह से ली जाने वाली antibiotic के साथ।
  5. Stoma की संभावना हो, तो stoma nurse पहले से जगह तय करती हैं।

Pathology रिपोर्ट क्या तय करती है?

निकाली गई आंत की laboratory में जाँच होती है। उस रिपोर्ट की चार बातें तय करती हैं कि chemotherapy चाहिए या नहीं, और कितनी।

चार बातें, और हर एक का महत्व
रिपोर्ट में क्याउसका महत्व
कितने lymph nodes जाँचे गए, और कितनों में cancer।Nodes में cancer यानी आम तौर पर chemotherapy। कम nodes जाँचे गए हों, तो वह ख़ुद ख़तरा है।
किनारे (margins)।कटे किनारे cancer से साफ़ हैं या नहीं।
MMR या MSI।Stage II में chemotherapy की ज़रूरत को नकार सकता है। फैलाव होने पर immunotherapy की ओर ले जाता है।
ख़तरे वाली बातें।दीवार के पार गाँठ, फटी या रुकी आंत, ख़ून की नलियों या तंत्रिकाओं में फैलाव।

ऑपरेशन के लगभग दो हफ़्ते बाद रिपोर्ट आपके साथ पढ़ी जाती है। Chemotherapy चाहिए, तो आम तौर पर ऑपरेशन के छह से आठ हफ़्तों में शुरू होती है।

ऑपरेशन के जोखिम

हर जोखिम consent की मुलाक़ात में नाम लेकर बताया जाता है। आपकी उम्र, सेहत और स्थिति के हिसाब से आँकड़े वहीं, आमने-सामने दिए जाते हैं।

जोखिम, तीन हिस्सों में
हिस्साConsent में बताए जाने वाले जोखिम
सामान्य।Transfusion की ज़रूरत जितना bleeding। घाव में infection। पैर या फेफड़े में clot। दिल या साँस की तकलीफ़। दूरबीन से open ऑपरेशन में बदलना।
ऑपरेशन के।जोड़ से leak। आंतों का देर से चालू होना। दाहिनी ओर के ऑपरेशन के बाद दूधिया lymph तरल का leak। Ureter में चोट। पेट में पीप। जोड़ का सिकुड़ना। Stoma।
लंबे समय में।चीरे की जगह hernia। चिपकाव से आंत रुकना। पूरा निकालने के बाद भी cancer लौट सकता है।

मृत्यु का जोखिम भी उसी मुलाक़ात में साफ़ बताया जाता है।

  1. पहले हफ़्ते में तेज़ नब्ज़, बुख़ार या नया दर्द तुरंत जाँचा जाता है।
  2. उसी दिन scan होता है, और consultant surgeon को ख़बर दी जाती है।

मरीज़ क्या कहते हैं

★★★★★

“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 (Original) ડૉ હર્ષ શાહ નો સ્વાભાવ ખૂબ જ સરસ છે.તેઓ હમેશા સારી રીત વાત કરે છે .મોટા આંતરડા ના કેન્સર ની સર્જરી એમને કરેલ લી છે. કોઈ પ્રકાર ની તકલીફ નાથી .આપનો અભર.🙏”

— Ismailbhai Shaikh, Google review

★★★★★

“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist.”

— Nagesh Patidar, Google review

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

— tina parmar, Google review

Reviews Google पर जैसे लिखे गए, वैसे ही, बिना एक भी शब्द बदले रखे गए हैं। पहला review बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के बारे में है। बाक़ी दो उनके cancer इलाज के बारे में आम तौर पर हैं। किसी में आड़े हिस्से का ज़िक्र नहीं है।

Dr Harsh Shah के किए बड़ी आंत के cancer के ऑपरेशन के बाद एक मरीज़ अपना अनुभव बताते हैं। सहमति से रखा गया।

इलाज के बाद नियमित जाँच

जाँच सालों तक चलती है। CEA के साथ मुलाक़ातें, हर साल CT, और तय समय पर colonoscopy, क्योंकि नई गाँठ बाद में भी बन सकती है।

Follow-up की योजना
कबक्या होता है
ऑपरेशन के लगभग दो हफ़्ते बाद।घाव देखा जाता है, pathology पर बात, और ज़रूरत हो तो chemotherapy के लिए भेजा जाता है।
पहले तीन साल, हर तीन महीने।लक्षण, वज़न, जाँच और CEA।
चौथे और पाँचवें साल, हर छह महीने।वही जाँच।
साल में एक बार।छाती, पेट और pelvis का CT, तीन से पाँच साल।
ऑपरेशन के एक साल बाद।Colonoscopy। साफ़ हो तो तीसरे साल, फिर हर पाँच साल।

CT सामान्य हो पर CEA बढ़ रहा हो, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाता। कुछ हफ़्तों में test दोबारा होता है, और PET-CT पर भी विचार होता है।

पहली मुलाक़ात से follow-up तक

  1. Consultation लें। Gota OPD, अहमदाबाद में, सारी रिपोर्ट और scans के साथ।
  2. बाक़ी जाँच पूरी करें। ज़रूरत के हिसाब से colonoscopy, स्याही का निशान, CT, CEA और MMR test।
  3. Tumour board। पहला इलाज और उसका कारण लिखी हुई योजना।
  4. इलाज। Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर में ऑपरेशन, या सलाह के हिसाब से पहले दवा।
  5. Follow-up। Pathology पर बात, ज़रूरत हो तो chemotherapy, फिर नियमित जाँच।

ख़र्च, बीमा और भर्ती

ख़र्च चुने गए इलाज, ऑपरेशन, तरीक़े और अस्पताल के दिनों पर निर्भर है। भर्ती या chemotherapy शुरू होने से पहले लिखित अनुमान दिया जाता है।

Apollo Hospital, भाट प्रमुख बीमा कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है। Pre-authorisation office संभालता है। Scans की CD या drive, colonoscopy और biopsy रिपोर्ट, dose के साथ दवाओं की सूची, बीमा card और पहचान पत्र साथ रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आड़े हिस्से के हर cancer में ऑपरेशन ज़रूरी?

नहीं। Colonoscopy में पूरा निकला polyp कभी-कभी काफ़ी होता है। बहुत फैला cancer दवा से शुरू होता है। कमज़ोर मरीज़ में रुकी आंत stent से खोली जाती है। बाक़ी ज़्यादातर मरीज़ों को ऑपरेशन की सलाह मिलती है।

पहली जाँच कौन-सी हो?

पहले पूरी colonoscopy और biopsy। यह cancer पक्का करती है और बाक़ी आंत भी देखती है। फिर CT, CEA और MMR test, और फिर tumour board।

क्या PET-CT करवाना पड़ेगा?

नियमित रूप से नहीं। छाती, पेट और pelvis का CT ही stage का scan है। PET-CT cancer लौटने के शक में, या लिवर के धब्बे निकालने से पहले रखा जाता है।

ऑपरेशन के बाद chemotherapy लेनी होगी?

यह pathology रिपोर्ट पर निर्भर है। Lymph nodes में cancer या ख़तरे वाली बातें हों, तो आम तौर पर हाँ। शुरुआती cancer में साफ़ nodes के साथ अक्सर सिर्फ़ follow-up।

MMR test क्या है, और क्यों ज़रूरी?

यह गाँठ के टुकड़े पर होने वाला test है। यह बड़ी आंत के cancer के ख़ानदानी कारण की छानबीन करता है। कुछ chemotherapy से फ़ायदा होगा या नहीं, और फैले cancer में immunotherapy चलेगी या नहीं, यह भी बताता है।

क्या stent ऑपरेशन की जगह ले सकता है?

कुछ मरीज़ों में हाँ। ऑपरेशन के लिए बहुत कमज़ोर, या फैले cancer वाले मरीज़ में stent रुकी आंत खोलता है। स्वस्थ मरीज़ में यह सिर्फ़ तय ऑपरेशन तक का पुल बनता है।

Dr Harsh Shah कहाँ मिलते हैं

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, अहमदाबाद
Consultation, colonoscopy और scan रिपोर्ट की समीक्षा, इलाज के बाद follow-up।
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
Gota clinic का रास्ता · +91-63555-64601

Apollo Hospital — भाट, गांधीनगर
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, भाट, गांधीनगर।
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 18 reviews में 4.94
Apollo, भाट का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601

पूरे गुजरात से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं: गांधीनगर, मेहसाणा, बनासकांठा, नडियाद, आणंद, भावनगर, राजकोट, जामनगर और कच्छ। दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से भी बहुत लोग आते हैं।

बड़ी आंत के बीच वाले हिस्से में गाँठ बताई गई है? Colonoscopy की रिपोर्ट फ़ोटो के साथ, biopsy रिपोर्ट, CT scan की CD और ख़ून की रिपोर्ट appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation शुरू होते समय वे पढ़ी जा चुकी हों। इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद और tumour board में ही होता है। पेट बहुत फूल जाए और उल्टी हो, या ज़्यादा ख़ून गिरे, तो तुरंत नज़दीकी emergency में जाएँ। फ़ोन करें +91-63555-64601 · रिपोर्ट WhatsApp पर पहले भेजें

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Dr. Harsh J Shah
Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
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