Skip to main contentShah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
आख़िरी बदलाव: 11-Oct-2026
भोजन नली के निचले हिस्से का cancer · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर
भोजन नली का निचला हिस्सा वह आख़िरी टुकड़ा है जो आमाशय (पेट) में खुलता है। यहाँ गाँठ मिलने पर पहला सवाल “कौन-सा ऑपरेशन?” नहीं होता, बल्कि “यह ठीक-ठीक क्या है, और कितनी गहराई तक गई है?” होता है। दूरबीन (endoscopy) और biopsy से cancer का प्रकार तय होता है — adenocarcinoma या squamous cell cancer — और यह भी नापा जाता है कि गाँठ पेट के मुँह से कितनी पास है। फिर scan से stage तय होती है। यह सब हाथ में आने के बाद ही इलाज चुना जाता है, और कई मरीज़ों के लिए जवाब होता है: दूरबीन से गाँठ निकालना, पहले chemotherapy या chemoradiation, या बिना ऑपरेशन का इलाज।
यह हिस्सा पेट के वाल्व के ठीक ऊपर है। दो बातें इसे ऊपर की गाँठ से अलग करती हैं: ऑपरेशन की ज़रूरत हो तो नई नली का जोड़ आम तौर पर गर्दन में नहीं, छाती के अंदर बनता है; और गाँठ नीचे पेट के मुँह तक पहुँची हो तो वह “जंक्शन की गाँठ” के अलग रास्ते पर जाती है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Super-specialty surgical gastroenterology में प्रशिक्षण, इसी विषय में दो बार योग्यता, और भोजन नली तथा पेट की surgery में 18 साल का अनुभव। नक्शे वाली दूरबीन जाँच, staging laparoscopy, tumour board में medical और radiation oncology के साथ तालमेल, दूरबीन से गाँठ निकालने का रास्ता, oesophagectomy, खाने की नली और लंबा follow-up — सब एक ही जगह।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Food Pipe Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 18 reviews में 4.94।
सालों पुरानी एसिडिटी और खट्टी डकार (reflux) यहाँ मायने रखती है। Clinic के नियम के अनुसार, जिन्हें लंबे समय से reflux है और अब खाना अटकने लगा है, उन्हें एसिड की एक और दवा देने के बजाय तुरंत दूरबीन जाँच कराई जाती है। उसी जाँच में Barrett’s oesophagus — reflux से भोजन नली की अंदरूनी परत में आया बदलाव — ढूँढकर उसका नक्शा बनाया जाता है, क्योंकि शुरुआती adenocarcinoma को दूरबीन से निकालने के बाद बची हुई Barrett’s परत का भी इलाज किया जाता है।
| गाँठ कहाँ है | इससे क्या बदलता है |
|---|---|
| निचला हिस्सा, पेट के मुँह से दूर | ऑपरेशन ज़रूरी हो तो आम तौर पर Ivor Lewis — जोड़ छाती के अंदर |
| पेट के मुँह तक पहुँची (Siewert I या II) | जंक्शन की गाँठ का रास्ता; आम तौर पर पूरा पेट नहीं, भोजन नली निकाली जाती है |
| मुँह के नीचे केंद्र (Siewert III) | पेट के cancer की तरह इलाज, पेट का बड़ा हिस्सा निकलता है |
| बीच का या ऊपरी हिस्सा | साँस की नली की जाँच ज़्यादा अहम, और जोड़ आम तौर पर गर्दन में |
खाना छाती में अटकना — पहले रोटी-चावल जैसा ठोस खाना, बाद में पानी भी — ज़्यादातर इसी तकलीफ़ से यह cancer पकड़ा जाता है। निगलते समय दर्द, बिना वजह वज़न घटना, धीमे रक्तस्राव से ख़ून की कमी, या लंबे reflux के बाद निगलने की नई तकलीफ़ — इन सबमें पहला कदम एक ही है: दूरबीन जाँच।
कुछ लक्षण आगे बढ़ी गाँठ की ओर इशारा करते हैं और तुरंत गंभीरता से लिए जाते हैं: आवाज़ बैठ जाना, हर घूँट पर खाँसी आना (भोजन नली और साँस की नली के बीच असामान्य रास्ता बनने का संकेत हो सकता है), ख़ून की उल्टी, या गर्दन की हड्डी के ऊपर गाँठ। इनमें से कोई भी, या थूक भी न निगल पाना — उसी दिन surgeon को दिखाने की वजह है, सामान्य appointment की नहीं।
पहले दूरबीन जाँच, और वह ध्यान से होती है, क्योंकि उसके नाप से आगे का बहुत कुछ तय होता है। फिर scan, और आख़िर में दिल-फेफड़े इलाज झेल पाएँगे या नहीं, उसकी जाँच। हर जाँच इसलिए होती है क्योंकि उसका जवाब इलाज की योजना बदलता है।
| जाँच | इससे क्या तय होता है |
|---|---|
| दूरबीन, कई टुकड़े (biopsy), फ़ोटो, और दाँतों से गाँठ के ऊपरी-निचले सिरे तथा पेट के मुँह तक की दूरी | Cancer है या नहीं, कौन-सा प्रकार, कितनी लंबी, और मुँह तक पहुँची है या नहीं |
| ख़ास रोशनी (NBI) या dye से अंदरूनी परत का नक्शा, हो सके तो surgeon की अपनी दूरबीन जाँच में | गाँठ के असली सिरे, Barrett’s परत या दूसरी छोटी गाँठ |
| छाती, पेट और pelvis का contrast CT | Lymph node, लिवर या फेफड़ों में फैलाव |
| गाँठ निकालने लायक या सीमा पर लगे तो PET-CT | छिपा हुआ दूर का फैलाव, जिसमें ऑपरेशन बेकार हो जाए |
| Endoscopic ultrasound, सिर्फ़ जहाँ जवाब फ़ैसला बदले | शुरुआती गाँठ कितनी गहरी — दूरबीन से निकालना काफ़ी है या नहीं — और शक वाले node से सुई से नमूना |
| जंक्शन के पास adenocarcinoma और ज़्यादा जोखिम वाले मरीज़ में staging laparoscopy | पेट की अंदरूनी झिल्ली पर छोटे दाने, जो scan में छूट जाते हैं |
| Squamous cell cancer हो तो ENT surgeon से गले और स्वरयंत्र की जाँच | सिर-गर्दन में दूसरा cancer |
| ख़ून की जाँचें, किडनी-लिवर, albumin और शुगर का नियंत्रण | इलाज से पहले शरीर की ताक़त और पोषण |
| ECG, दिल का echo, और DLCO के साथ फेफड़ों की जाँच (PFT) | ऑपरेशन का छाती वाला चरण सुरक्षित है या नहीं |
| फैले हुए cancer में biopsy पर HER2, PD-L1 और MSI | Chemotherapy के साथ कौन-सी दवा जोड़ी जाए |
इस cancer में ख़ून का कोई “tumour marker” निदान या इलाज तय नहीं करता, इसलिए उसका इस्तेमाल नहीं होता। शरीर इलाज झेल पाएगा या नहीं, यह उम्र से नहीं, दिल-फेफड़ों की जाँच और रोज़ की चलने-फिरने की क्षमता से तय होता है।
भोजन नली के निचले हिस्से में हर सिकुड़न cancer नहीं होती। लंबे reflux से बना निशान (stricture), achalasia (वाल्व खुलता ही नहीं), दीवार में चिकनी गाँठ जैसे leiomyoma, या GIST — इन सबमें भी खाना अटकता है। हर एक का अपना अलग रास्ता है, और biopsy तथा दूरबीन में दिखने वाली तस्वीर तय करती है कि कौन-सा लागू होता है।
नियम सीधा है: टुकड़ा लेकर पढ़े बिना सिकुड़ी नली न फुलाई जाती है, न stent लगता है, न ऑपरेशन होता है। पहली biopsy छोटी या अधूरी हो तो अंदाज़े से इलाज करने के बजाय दूरबीन दोबारा होती है। नली फुलाते समय भोजन नली फट जाए तो उसी दिन surgeon की ज़रूरत होती है।
| स्थिति | किससे अलग पहचान होती है |
|---|---|
| Adenocarcinoma या squamous cell cancer | Biopsy; इस पेज के रास्ते पर stage और इलाज |
| लंबे reflux के बाद का साधारण stricture | Biopsy में cancer नहीं; reflux और stricture की टीम संभालती है |
| Achalasia | वाल्व नहीं खुलता — दूरबीन और दबाव की जाँच में दिखता है; इसका अलग इलाज |
| Leiomyoma या GIST | सही-सलामत परत के नीचे चिकनी गाँठ; endoscopic ultrasound और अलग रास्ता |
इलाज दो बातों से चुना जाता है: cancer कितना गहरा और कितनी दूर गया है, और उसका प्रकार क्या है। विकल्प दूरबीन से निकालने से शुरू होकर, ऑपरेशन से पहले के इलाज, ऑपरेशन, और फैले हुए cancer में दवाओं तक जाते हैं। जिनमें फैलाव नहीं है, उन सबकी योजना शुरू करने से पहले tumour board में तय होती है।
| Stage | आम इलाज |
|---|---|
| बहुत शुरुआती, सिर्फ़ अंदरूनी परत में (Tis या T1a) | दूरबीन से निकालना — छोटी सपाट गाँठ के लिए EMR, बड़ी या उभरी के लिए ESD |
| शुरुआती, परत के नीचे पहली तह में, अनुकूल लक्षणों के साथ (T1b sm1) | ESD; adenocarcinoma में बची Barrett’s परत radiofrequency ablation से हटाई जाती है |
| शुरुआती पर ज़्यादा गहरा, या निकाले गए टुकड़े में प्रतिकूल लक्षण | Lymph node के साथ oesophagectomy |
| स्थानीय रूप से आगे बढ़ा adenocarcinoma (T2 से T4a, या node में) | ऑपरेशन से पहले और बाद FLOT chemotherapy |
| स्थानीय रूप से आगे बढ़ा squamous cell cancer | Chemoradiation, फिर कुछ हफ़्तों बाद ऑपरेशन |
| Squamous cell cancer, पर ऑपरेशन के लिए शरीर तैयार नहीं या मरीज़ नहीं चाहते; या ज़रूरी अंग में घुसा (T4b) | सिर्फ़ chemoradiation, फिर क़रीबी निगरानी |
| दूर के अंगों में फैलाव (stage IV) | Biomarker के अनुसार immunotherapy और chemotherapy, साथ में निगलने में मदद |
ऑपरेशन कई विकल्पों में से सिर्फ़ एक है। बहुत शुरुआती cancer दूरबीन से पूरा निकल जाए तो ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं, बस सावधान follow-up। Squamous cell cancer में अगर शरीर ऑपरेशन के लिए तैयार न हो या मरीज़ न चाहें, तो सिर्फ़ chemoradiation से इलाज होता है। फैले हुए cancer में दवाएँ दी जाती हैं और बिना ऑपरेशन के निगलना चालू रखा जाता है।
यहाँ ईमानदारी ज़रूरी है। सिर्फ़ chemoradiation की भूमिका adenocarcinoma में सीमित है, और यह प्रकार निचले हिस्से में अक्सर मिलता है। इसलिए आगे बढ़े adenocarcinoma वाले, ऑपरेशन झेल सकने वाले मरीज़ की योजना में आम तौर पर ऑपरेशन रहता है। Chemoradiation के बाद दिखने वाली गाँठ न रहे तो ऑपरेशन के बजाय सिर्फ़ निगरानी का तरीक़ा अभी नया है; उस पर सिर्फ़ tumour board में विचार होता है, और वहीं जहाँ cancer लौटने पर ऑपरेशन हो सके।
Cancer फैल चुका हो तो मक़सद नियंत्रण और आराम बन जाता है। सिकुड़ी जगह में धातु का stent, या radiotherapy, खाना नीचे उतरता रखता है; palliative care और dietitian पहली मुलाक़ात से जुड़ते हैं।
दोनों प्रकारों के इलाज के रास्ते अलग हैं। आगे बढ़े adenocarcinoma में FLOT chemotherapy दो हिस्सों में दी जाती है — ऑपरेशन से पहले और बाद। आगे बढ़े squamous cell cancer में radiation के साथ हर हफ़्ते chemotherapy दी जाती है, और उसके बाद ऑपरेशन होता है।
Adenocarcinoma में आख़िरी chemotherapy के कुछ हफ़्तों बाद ऑपरेशन होता है, और ठीक होने के बाद बाक़ी कोर्स दिए जाते हैं। FLOT माफ़िक न आए तो ऑपरेशन से पहले chemoradiation भी मान्य विकल्प है। Squamous cell cancer में chemoradiation ख़त्म होने के लगभग छह से आठ हफ़्ते बाद, जब ऊतक शांत हो जाते हैं, ऑपरेशन रखा जाता है।
Chemoradiation और ऑपरेशन के बाद pathology report अगला कदम तय करती है। निकाले गए हिस्से में cancer बचा न हो तो और इलाज की ज़रूरत नहीं, बस नियमित जाँच। थोड़ा cancer बचा हो तो nivolumab immunotherapy लगभग एक साल के लिए सुझाई जाती है, report जो समय-सीमा देती है उसके भीतर शुरू करके; इसका ख़र्च और मदद की योजनाएँ खुलकर बताई जाती हैं।
निचले हिस्से की गाँठ के लिए आम ऑपरेशन Ivor Lewis oesophagectomy है: पेट को नली का आकार देकर बची हुई भोजन नली से छाती के अंदर जोड़ा जाता है। पेट और छाती के lymph node साथ निकाले जाते हैं, और किनारे पर शक हो तो ऑपरेशन के दौरान ही microscope से जाँच होती है।
पेट के मुँह तक पहुँची गाँठ जंक्शन की गाँठ के रास्ते पर जाती है, जहाँ पेट का बड़ा हिस्सा निकालने के बजाय भोजन नली निकालना आम तौर पर पसंद किया जाता है। मरीज़ और गाँठ के हिसाब से कम चीरे वाला तरीक़ा — दूरबीन से या robotic — इस्तेमाल होता है, क्योंकि इससे फेफड़ों की तकलीफ़ें कम होती हैं; बड़ी गाँठ या पहले के इलाज से सख़्त हुए ऊतक में खुला ऑपरेशन चुना जाता है। ज़रूरत लगे तो ऑपरेशन के दौरान आँत में खाने की छोटी नली (feeding jejunostomy) लगाई जाती है। Dr Harsh Shah आपकी गाँठ के लिए ये चुनाव consent की मुलाक़ात में समझाते हैं।
पोषण को cancer के इलाज का ही हिस्सा माना जाता है। वज़न में बड़ी गिरावट, बहुत कम वज़न, कम albumin, या एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक ज़रूरत के आधे से कम खाना — इनमें से कुछ भी हो तो इलाज शुरू होने से पहले dietitian और तैयारी का कार्यक्रम जुड़ता है।
ऑपरेशन से पहले के इलाज के दौरान निगलना लगभग बंद हो जाए और ऑपरेशन तय हो, तो गाँठ पर stent लगाने के बजाय छोटी आँत में खाने की नली बेहतर मानी जाती है, क्योंकि stent ऑपरेशन को मुश्किल बना सकता है। नियम यह है कि कमज़ोर पोषण कभी इलाज रुकने की वजह न बने।
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“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist. — Nagesh Patidar, Google review, Gota clinic listing”
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“We consulted Dr. Harsh Shah for rectal cancer treatment and had a very good experience. He is a very experienced and knowledgeable doctor who explained the treatment process clearly and guided us at every step. His supportive nature and professional approach gave us confidence throughout the treatment. We are grateful for his dedication and the care provided by him and his team. Highly recommended for rectal cancer treatment in Ahmedabad. — Mamta Somar, Google review, Apollo, Bhat listing”
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“Dr harsh sir is a good doctor for Liver, Gastro & Cancer Surgeon in Ahmedabad thanks sir. — Milan Pareek, Google review, Gota clinic listing”
Dr Harsh Shah की दो Google listing के असली reviews, जैसे लिखे गए वैसे ही। इनमें से कोई भी भोजन नली के cancer के बारे में नहीं है; ये उनके cancer इलाज के बारे में आम तौर पर बात करते हैं।
Dr Harsh Shah हिंदी में समझाते हैं कि भोजन नली के cancer का निदान कैसे होता है — दूरबीन, biopsy और scan।
Dr Harsh Shah से oesophagectomy कराने के बाद एक मरीज़ ऑपरेशन और ठीक होने का अनुभव बताते हैं; लिखित सहमति से रिकॉर्ड और साझा।
ठीक होना एक लिखित दैनिक योजना के अनुसार चलता है। ऑपरेशन की शाम ही बिस्तर से उठकर बैठना, अगले दिन से चलना और छाती की कसरत, छाती का जोड़ भरने तक आँत की नली से खाना, और अगले दिनों में घूँट, पतला खाना और नरम खाना।
धड़कन तेज़ या अनियमित हो, बुख़ार आए, ऑक्सीजन की ज़रूरत बढ़े, या छाती की drain में बदलाव दिखे — तो योजना वहीं रुकती है और उसी दिन scan होता है; छाती के जोड़ से leak की संभावना पहले जाँची जाती है। घर जाते समय मरीज़ ख़ुद चल रहे हों, पतला या नरम खाना ले रहे हों या नली से खाना नियमित हो गया हो, और परिवार को नली की देखभाल सिखा दी गई हो।
Oesophagectomy में असली जोखिम हैं, मृत्यु के जोखिम समेत, और consent की बातचीत में हर जोखिम आपकी उम्र, शरीर की ताक़त और पहले के इलाज के अनुसार आँकड़ों के साथ समझाया जाता है। दूरबीन से गाँठ निकालने और chemoradiation — दोनों के अपने अलग जोखिम हैं, जो शुरू करने से पहले बताए जाते हैं।
ऑपरेशन के बाद: छाती के जोड़ से leak; छाती में संक्रमण और फेफड़ों की दूसरी तकलीफ़ें; अनियमित धड़कन; स्वरयंत्र की नस पर खिंचाव से आवाज़ बैठना, जो आम तौर पर सुधर जाती है; छाती में दूधिया द्रव का leak (chyle leak); नई खाने की नली में ख़ून कम पहुँचना; रक्तस्राव, घाव में संक्रमण और ख़ून के थक्के; और दूरबीन से खुले ऑपरेशन में बदलना। लंबे समय में: जोड़ सिकुड़े तो दूरबीन से फुलाना पड़े, एसिड या पित्त ऊपर आए, और ज़्यादा खाने के बाद बेचैनी। थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाना और सिर ऊँचा रखकर सोना — ज़िंदगी भर की आदत बनती है।
Follow-up इस पर निर्भर है कि इलाज कौन-सा मिला। ऑपरेशन के बाद कई साल तक नियमित मुलाक़ात और CT scan। दूरबीन से निकालने के बाद, बार-बार की दूरबीन जाँच मुख्य है। सिर्फ़ chemoradiation के बाद, दूरबीन और CT पास-पास, ताकि cancer लौटे तो अभी भी ऑपरेशन हो सके।
| मिला हुआ इलाज | Follow-up में क्या |
|---|---|
| Oesophagectomy | दो हफ़्ते पर pathology समझाने और आगे का इलाज तय करने की मुलाक़ात; फिर दस साल तक हर तीन महीने; CT दो साल तक हर छह महीने, फिर पाँच साल तक साल में एक बार |
| दूरबीन से निकालना (EMR या ESD) | पहले महीनों में दो बार दूरबीन, फिर साल में एक बार; cancer गहरा था तो कुछ साल हर साल CT |
| सिर्फ़ chemoradiation | दो साल तक हर तीन महीने दूरबीन और CT, फिर पाँच साल तक हर छह महीने |
| हर मरीज़ | वज़न, निगलना, vitamin B12 और iron, reflux की सावधानी और खाने की मात्रा की सलाह — ज़िंदगी भर |
ख़र्च इस पर निर्भर है कि आपको कौन-सा इलाज चाहिए — दूरबीन से निकालना, chemotherapy या chemoradiation, oesophagectomy, या फैले cancer के लिए दवाएँ — और कमरे के प्रकार तथा कितने दिन रुकना पड़े, उस पर। इलाज शुरू होने से पहले लिखित अनुमान दिया जाता है, और उसमें क्या-क्या शामिल है, यह समझाया जाता है।
Apollo Hospital, Bhat बड़ी बीमा कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation वहाँ का दफ़्तर सीधे संभालता है। ऑपरेशन के बाद की immunotherapy और कुछ targeted दवाओं का ख़र्च अलग होता है, और सुझाई जाने पर मदद की योजनाओं पर बात होती है। साथ लाएँ: फ़ोटो सहित हर दूरबीन रिपोर्ट, biopsy रिपोर्ट, CT और PET-CT की images disc या drive पर, पहले के इलाज के सारांश, दवाओं की सूची, बीमा कार्ड और पहचान पत्र।
नहीं। बहुत शुरुआती cancer दूरबीन से निकल सकता है, ऑपरेशन न झेल पाने वाले मरीज़ में squamous cell cancer का इलाज chemoradiation से होता है, और फैले cancer में दवाएँ दी जाती हैं। आपकी stage और शरीर की ताक़त के हिसाब से ऑपरेशन सही हो, तभी वह सुझाया जाता है।
आगे बढ़े cancer में आम तौर पर हाँ। Adenocarcinoma में ऑपरेशन से पहले और बाद FLOT chemotherapy; squamous cell cancer में ऑपरेशन से पहले chemoradiation। बहुत शुरुआती cancer सीधे दूरबीन से या ऑपरेशन से निकाला जाता है।
Adenocarcinoma और squamous cell cancer के ऑपरेशन से पहले के रास्ते अलग हैं, और adenocarcinoma में सिर्फ़ chemoradiation की भूमिका सीमित है। इसलिए कोई योजना बनने से पहले प्रकार तय होता है।
लंबे reflux के बाद निगलने की नई तकलीफ़ तुरंत दूरबीन जाँच की वजह है, एसिड की एक और दवा की नहीं। ऐसी ज़्यादातर सिकुड़न cancer नहीं होती, पर यह सिर्फ़ दूरबीन और biopsy ही बता सकती है।
निचले हिस्से की गाँठ के आम ऑपरेशन में पेट को भोजन नली से छाती के अंदर जोड़ा जाता है (Ivor Lewis)। गाँठ पेट के मुँह तक पहुँची हो तो जंक्शन की गाँठ का रास्ता लागू होता है।
ऑपरेशन तय हो तो छोटी आँत में खाने की नली आम तौर पर बेहतर मानी जाती है, क्योंकि stent ऑपरेशन को मुश्किल बना सकता है। जिनका ऑपरेशन नहीं होना है, उनमें stent या radiotherapy निगलना चालू रखते हैं।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, दूरबीन, biopsy और scan की रिपोर्ट देखना, इलाज या ऑपरेशन के बाद का follow-up.
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
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Apollo, Bhat का रास्ता · WhatsApp +91-63555-64601
पूरे गुजरात से — Gandhinagar, Mehsana, Banaskantha, Nadiad, Anand, Bhavnagar, Rajkot, Jamnagar और Kutch — और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।
छाती में नीचे खाना अटकता है, या पेट के ऊपर गाँठ बताई गई है? दूरबीन और biopsy की रिपोर्ट फ़ोटो के साथ, CT या PET-CT की images और रिपोर्ट, और ख़ून की रिपोर्ट appointment से पहले भेजी जा सकती हैं, ताकि consultation शुरू होते समय वे पढ़ी हुई हों। इलाज consultation में, जाँच के बाद और tumour board में तय होता है। ख़ून की उल्टी हो या थूक भी न निगल पाएँ तो अभी नज़दीकी emergency विभाग में जाएँ। Call +91-63555-64601 · रिपोर्ट पहले WhatsApp पर भेजें
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