Skip to main contentShah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
भोजन नली के cancer का इलाज, अहमदाबाद · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर
Udaipur, Ratlam या Banswara से अहमदाबाद आने वाले परिवार अक्सर एक ही शिकायत लेकर आते हैं: “तीन जगह दिखाया, हर जगह नई जाँच लिखी गई।” निगलने की तकलीफ़ में जाँच का क्रम तय है, और पहला क़दम operation नहीं, endoscopy है. Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre में biopsy वाली endoscopy बताती है कि सिकुड़न cancer है या कुछ और; फिर staging scan बताते हैं कि cancer कितना फैला है; और उसके बाद ही इलाज की सीढ़ी से सही पायदान चुना जाता है — endoscope से निकालना, chemotherapy और radiation, operation, या कुछ मरीज़ों में बिना operation का इलाज.
जो gastro team endoscopy करती है, staging पढ़ती है और tumour board में बैठती है, वही ज़रूरत पड़ने पर operation भी करती है. इसलिए आपके लिए सीढ़ी का कौन सा पायदान सही है, यह फ़ैसला वह व्यक्ति नहीं लेता जिसके पास सिर्फ़ एक ही पायदान हो.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology की super-specialty training, उसी specialty में दो बार qualification, और GI तथा cancer surgery में 18 साल का अनुभव. Upper GI endoscopy, staging, tumour board, भोजन नली का दूरबीन से या खुला operation, और लंबा follow-up — सब एक ही practice में.
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Food Pipe Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 17 reviews में 4.94.
बाहर से आने वाले परिवार के लिए हर अतिरिक्त चक्कर का मतलब है एक और छुट्टी, एक और किराया, और मरीज़ का कुछ और वज़न कम होना. यह पन्ना इसीलिए है: कौन सी जाँच पहले, कौन सी बाद में, कौन सी आपकी पुरानी report से ही काम चल जाएगा, और हर जाँच किस सवाल का जवाब देती है.
शुरुआत upper GI endoscopy और कई biopsy से होती है, क्योंकि cancer है या साधारण सिकुड़न, यह सिर्फ़ tissue बता सकता है. Cancer पक्का होने के बाद CT और PET-CT फैलाव ढूँढते हैं, endoscopic ultrasound तभी जोड़ा जाता है जब उससे फ़ैसला बदले, और छाती के किसी भी operation से पहले heart और फेफड़ों की जाँच होती है.
| क्रम | जाँच | किस सवाल का जवाब |
|---|---|---|
| पहली | Upper GI endoscopy — कई biopsy, फ़ोटो, और गाँठ कहाँ से कहाँ तक है इसका नाप; किनारे देखने के लिए ख़ास dye या light | क्या यह cancer है, और ठीक कहाँ से कहाँ तक है? |
| दूसरी | छाती, पेट और pelvis का contrast CT | क्या liver, फेफड़ों या lymph nodes तक पहुँचा है? |
| तीसरी | PET-CT — हर उस मरीज़ में जिसमें cancer को पूरा निकालने वाला इलाज सोचा जा रहा हो | कहीं छिपा फैलाव तो नहीं, जिससे बड़ा operation बेकार हो जाए? |
| जहाँ फ़ैसला बदले | Endoscopic ultrasound | शुरुआती cancer सिर्फ़ अंदर की परत तक है या गहरा गया है? पास की node में है? |
| ऊपरी और बीच के हिस्से का squamous cancer | Bronchoscopy, और गले की ENT जाँच | साँस की नली तक तो नहीं पहुँचा? गले में दूसरा cancer तो नहीं? |
| पेट से जुड़ने वाली जगह का cancer | Staging laparoscopy | पेट की झिल्ली पर ऐसे छोटे दाने तो नहीं जो scan में न दिखें? |
| छाती के किसी भी operation से पहले | ECG, echocardiogram, फेफड़ों की क्षमता की जाँच, ख़ून की जाँच और पोषण की जाँच | जो इलाज सोचा गया है, क्या शरीर उसे सह पाएगा? |
दो बातें परिवार का समय और पैसा बचाती हैं. पहली, बाहर endoscopy हो चुकी हो तब भी surgeon का ख़ुद दोबारा देखना अक्सर काम का होता है, क्योंकि operation में किनारा तय करने वाले surgeon ने गाँठ का ऊपरी और निचला सिरा अपनी आँखों से देखा हो. दूसरी, ख़ून के “tumour marker” भोजन नली के cancer में कुछ तय नहीं करते; marker बढ़ा हो या normal, उससे न cancer साबित होता है, न ख़ारिज.
निगलने में अटकने के कई कारण cancer नहीं होते — लंबी acidity से आई सिकुड़न, achalasia, दीवार में साधारण गाँठ वग़ैरह — और इनमें से कुछ scan पर cancer जैसे दिख सकते हैं. Endoscopy की तस्वीर के साथ biopsy पढ़ने से ही फ़र्क़ साफ़ होता है; फिर हर साधारण बीमारी का अपना, अलग रास्ता है.
| मरीज़ को क्या महसूस होता है | किस ओर इशारा | किससे तय होता है |
|---|---|---|
| पहले रोटी अटकती है, बाद में पानी भी; साथ में वज़न घटता है | कोई रुकावट — जब तक साबित न हो, cancer मानकर चलना | कई biopsy वाली endoscopy |
| शुरू से ही खाना और पानी दोनों अटकते हैं, बिना पचा खाना वापस आता है | Achalasia जैसी मांसपेशी की बीमारी | पहले endoscopy — जोड़ के पास छिपा cancer न हो, यह देखने के लिए — फिर manometry |
| सालों से acidity, और अब नया-नया निगलने में अटकना | Acidity से सिकुड़न, Barrett’s बदलाव, या Barrett’s से बना cancer | तुरंत endoscopy, हर अनियमित हिस्से की biopsy |
| साधारण परत के नीचे चिकना उभार | दीवार की गाँठ — leiomyoma या GIST | Endoscopic ultrasound; इसका रास्ता अलग है |
| आवाज़ बैठना, या निगलते समय खाँसी | देर का लक्षण — आवाज़ की नस या साँस की नली तक असर हो सकता है | उसी दिन consultant surgeon से जाँच |
परिवार के लिए एक ज़रूरी बात: बिना endoscopy के दिया गया “achalasia” का नाम सुरक्षित नहीं है. बड़ी उम्र में थोड़े ही समय में तेज़ी से वज़न घटा हो, तो जब तक endoscopy और biopsy कुछ और न कहें, उसे जोड़ के पास का cancer मानकर चला जाता है. Barrett’s में असामान्य cells दिखें, तो उसकी देखभाल cancer care में ही होती है, क्योंकि वह आगे बढ़ सकता है.
भोजन नली (food pipe) के cancer का इलाज stage और प्रकार से तय होता है. बिल्कुल शुरुआती cancer endoscope से निकलता है; थोड़ा गहरा शुरुआती cancer सीधे operation माँगता है; आगे बढ़े cancer में operation से पहले chemotherapy या chemoradiation आती है; कुछ में सिर्फ़ chemoradiation ही इलाज बनता है; और फैले हुए cancer में दवाएँ और निगलने का रास्ता खुला रखने के उपाय.
| पायदान | किसके लिए | इसमें क्या होता है |
|---|---|---|
| Endoscope से निकालना (EMR या ESD) | सिर्फ़ अंदर की परत तक का, बिल्कुल शुरुआती cancer | Endoscope से cancer उठाकर निकाल लिया जाता है; भोजन नली बच जाती है. Barrett’s में बची असामान्य परत को जलाया जा सकता है |
| सीधा operation | थोड़ा गहरा गया शुरुआती cancer, या endoscope से निकालने के बाद report में ख़तरनाक लक्षण | Lymph nodes के साथ esophagectomy, पहले कोई इलाज नहीं |
| Chemoradiation, फिर operation | आगे बढ़ा squamous cell cancer, fit मरीज़ | Chemotherapy के साथ radiation, दोबारा जाँच, फिर कुछ हफ़्तों बाद esophagectomy |
| Operation से पहले और बाद में chemotherapy | आगे बढ़ा adenocarcinoma, पेट से जोड़ वाली जगह का भी | Chemotherapy के cycles, operation, फिर बचे हुए cycles |
| सिर्फ़ chemoradiation | गले के हिस्से का squamous cancer, किसी ज़रूरी अंग में घुसा cancer, या operation के लिए unfit / operation न चाहने वाले मरीज़ | Definitive chemoradiation, फिर नज़दीकी निगरानी; ज़रूरत पड़े तो operation बाद के लिए रखा जाता है |
| फैले cancer के लिए दवा, और निगलने में राहत | दूर के अंगों तक पहुँचा cancer | Biomarker के हिसाब से chemotherapy के साथ immunotherapy; निगलने के लिए stent या radiotherapy; शुरू से palliative care और पोषण |
भोजन नली के cancer के कई मरीज़ों के लिए esophagectomy के बिना इलाज ज़्यादा ठीक है: बिल्कुल शुरुआती cancer endoscope से निकलता है, गले के हिस्से का squamous cancer का इलाज chemoradiation से होता है, और फैला हुआ cancer दवाओं से. पहली ही मुलाक़ात में यह साफ़ कहना पूरी सेवा का हिस्सा है.
उल्टी ग़लती भी होती है. Endoscope से निकाला गया cancer microscope में उम्मीद से गहरा निकले, छोटी नलियों में गया हो, cells का बनावट ख़राब हो, या कटे किनारे तक cancer हो — तब सिर्फ़ नज़र रखना कम इलाज है. वह मरीज़ सीढ़ी पर ऊपर, operation की ओर जाता है, और यह फ़ैसला tumour board pathology report पर लेता है.
एक और वर्ग अपना अलग सवाल लाता है. Chemoradiation के बाद कुछ मरीज़ों में cancer दिखता ही नहीं. फिर भी operation करें, या endoscopy और scan से क़रीब से निगरानी रखें और cancer लौटे तभी operation करें — यह अभी नया सवाल है, तय मानक नहीं. इस पर सिर्फ़ tumour board में बात होती है, और सिर्फ़ वहीं जहाँ बाद में operation करने की क्षमता हो.
Biopsy cancer का प्रकार बताती है, और प्रकार operation से पहले का इलाज तय करता है. Squamous cell cancer में आम तौर पर पहले chemotherapy के साथ radiation; adenocarcinoma में operation के आगे-पीछे बँटा chemotherapy का course. एक प्रकार का इलाज दूसरे प्रकार के मरीज़ को देना टाली जा सकने वाली ग़लती है.
Operation से पहले के इलाज के दो काम हैं: गाँठ छोटी करना ताकि वह पूरी निकल सके, और उन cancer cells का इलाज करना जो किसी scan में नहीं दिखते. Adenocarcinoma में अगर chemotherapy का course मरीज़ के अनुकूल न हो, तो chemoradiation भी मान्य विकल्प है. Squamous cancer में अगर operation ठीक न हो, तो chemoradiation ही पूरा इलाज बन सकता है.
यह इलाज चलते समय निगलना सुधरने से पहले थोड़ा बिगड़ सकता है. खाना लगभग बंद हो जाए और operation तय हो, तो गाँठ में stent डालने के बजाय छोटी आंत में खाने की नली बेहतर मानी जाती है, क्योंकि stent आगे के operation को कठिन बना सकता है. जिनका वज़न काफ़ी घटा हो, ज़रूरत से बहुत कम खाया जा रहा हो, या ख़ून में protein कम हो — हर ऐसे मरीज़ को dietitian देखते हैं. नियम सीधा है: पोषण की वजह से इलाज कभी रुकना नहीं चाहिए.
Esophagectomy में भोजन नली का cancer वाला हिस्सा lymph nodes के साथ निकाला जाता है और ज़्यादातर पेट को नली जैसा बनाकर ऊपर खींचकर नया रास्ता बनाया जाता है. यह सलाह तभी दी जाती है जब staging दिखाए कि cancer पूरा निकल सकता है, और heart-फेफड़ों की जाँच दिखाए कि शरीर operation झेल पाएगा.
नया जोड़ कहाँ बनेगा, यह गाँठ की जगह पर निर्भर है: निचले हिस्से या जोड़ के पास के cancer में छाती में, और ऊपरी cancer में या ऊपरी किनारे की चिंता हो तो गले में. जहाँ गाँठ और tissue इजाज़त दें, दूरबीन और robot-assisted तरीक़ा इस्तेमाल होता है, क्योंकि खुले operation की तुलना में फेफड़ों की तकलीफ़ें कम होती हैं; बड़ी गाँठ या chemoradiation के बाद सख़्त हुए tissue में खुला operation ज़रूरी हो सकता है. ज़रूरत लगे तो operation के समय ही छोटी आंत में खाने की नली डाल दी जाती है.
तैयारी भी इलाज का हिस्सा है. बीड़ी-सिगरेट, गुटखा और शराब जल्दी छोड़ना, रोज़ चलना, spirometer से साँस की कसरत, ख़ून की कमी ठीक करना और protein बढ़ाना — ये सब फेफड़ों की वह तकलीफ़ कम करते हैं जो इस operation के बाद आम तौर पर आती है. दाँतों की जाँच से infection का छिपा स्रोत हटता है.
दूर के अंगों तक पहुँचे cancer में chemotherapy के साथ immunotherapy या targeted दवा दी जाती है, जो गाँठ पर हुए test — HER2, PD-L1 और mismatch-repair status — से चुनी जाती है. ये results पहला cycle शुरू होने से पहले आ जाने चाहिए. निगलने का रास्ता stent या radiotherapy से खुला रखा जाता है.
ये biomarker test तय करते हैं कि पहले कौन सी दवा दी जाए, इसलिए इन्हें इलाज शुरू होने के बाद नहीं, पहली मुलाक़ात में ही मँगाया जाता है. कुछ नई दवाओं की क़ीमत और उपलब्धता भारत में सीमित है; यह बात जल्दी और खुलकर होती है, patient-access programmes समेत. फैले cancer के हर मरीज़ के लिए palliative care और पोषण निदान से ही शुरू होता है — आख़िर में नहीं — क्योंकि आराम, वज़न और निगल पाना ही इलाज के दौरान की ज़िंदगी तय करते हैं.
हर पायदान के अपने जोखिम हैं. Esophagectomy में गंभीर जोखिम हैं, जान का जोखिम भी, और Dr Harsh Shah consent के समय हर जोखिम आपकी उम्र, सेहत और पहले हुए इलाज के हिसाब से आँकड़ों के साथ बताते हैं. फेफड़े कमज़ोर हों, दूसरी बीमारियाँ हों, या operation से पहले इलाज हुआ हो, तो जोखिम बढ़ता है.
Esophagectomy के बाद: जोड़ से leak; छाती में infection और फेफड़ों की दूसरी तकलीफ़ें; दिल की धड़कन अनियमित होना; आवाज़ की नस पर खिंचाव से आवाज़ बैठना, जो ज़्यादातर लौट आती है; छाती में दूधिया lymph leak; नई भोजन नली में ख़ून कम पहुँचना; bleeding, घाव में infection और clots. लंबे समय में: जोड़ सिकुड़े तो endoscope से फैलाना पड़ सकता है, acid या पित्त ऊपर आना, और भारी खाने के बाद बेचैनी. Endoscope से निकालने और chemoradiation के जोखिम अलग हैं, जो हर इलाज से पहले समझाए जाते हैं.
Follow-up उस पायदान पर निर्भर है जिस पर इलाज हुआ. Endoscope से निकालने के बाद बार-बार की endoscopy मुख्य है; सिर्फ़ chemoradiation के बाद endoscopy और CT पास-पास होते हैं, ताकि cancer लौटे तो भी operation हो सके; esophagectomy के बाद मुलाक़ात और CT कई साल चलते हैं, शुरुआती सालों में ज़्यादा.
Operation के बाद की पहली follow-up मुलाक़ात में pathology report आमने-सामने समझाई जाती है और अगला क़दम तय होता है: cancer बचा न हो तो आगे इलाज नहीं, chemoradiation के बाद cancer बचा हो तो लगभग एक साल immunotherapy, या chemotherapy का course पूरा करना. ज़िंदगी भर के follow-up में वज़न, निगलना, vitamin और आयरन, acidity की सावधानी, और थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाने की आदत देखी जाती है.
Dr Harsh Shah हिंदी में समझाते हैं कि भोजन नली के cancer का निदान कैसे होता है, और हर जाँच क्या जोड़ती है.
Dr Harsh Shah द्वारा की गई esophagectomy के बाद एक मरीज़ operation और recovery का अनुभव बताते हैं; लिखित सहमति से रिकॉर्ड और साझा किया गया.
भोजन नली के cancer के इलाज का ख़र्च इस पर निर्भर है कि आपको कौन सा पायदान चाहिए — endoscope से निकालना, chemoradiation का course, esophagectomy, या फैले cancer की दवाएँ — और कमरे के प्रकार तथा रुकने के दिनों पर. इलाज शुरू होने से पहले लिखित estimate देकर समझाया जाता है.
Apollo Hospital, Bhat बड़ी insurance कंपनियों और cashless schemes के साथ काम करता है, और pre-authorisation office सीधे संभालता है; रुकना estimate से लंबा हो जाए तो enhancement request discharge के समय नहीं, उसी समय लगाई जाती है. Immunotherapy और कुछ targeted दवाओं का ख़र्च अलग है, और सलाह दी जाए तब access programmes की बात खुलकर होती है.
साथ लाएँ: endoscopy की सारी reports और फ़ोटो, biopsy और pathology reports, CT और PET-CT की images CD या pen drive में, पहले के इलाज का ब्योरा, दवाओं की सूची, insurance card और पहचान पत्र, और संपर्क के लिए परिवार का एक सदस्य.
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“Met with Dr. Harsh Shah for the consultation of one of my relative. Dr. Harsh Shah is an exceptional surgical oncologist in Ahmedabad. His expertise in treating complex GI cancers like liver, pancreas, and colon cancers is truly remarkable. He explains everything clearly and gives patients full confidence in their treatment. Highly recommended for anyone looking for a skilled and compassionate cancer specialist. — Nagesh Patidar, Google review, Gota clinic listing”
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“Dr. Harsh Shah is an excellent doctor who handled our case with great diligence and care. He listens attentively and addresses every concern with utmost patience. He's very humble and answers all of your questions in detail which is very assuring. I would highly recommend Dr. Harsh Shah for consultation and treatment. — Srinath Vasudevan, Google review, Gota clinic listing”
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“Excellent service, very polite, very well explained the treatment plan and follow up after surgery. I am truly grateful to him for the treatment. — Amar Singh, Google review, Gota clinic listing”
Dr Harsh Shah की Google listing पर लिखे असली reviews, जैसे लिखे गए वैसे ही.
ज़रूरी नहीं. पुरानी reports और images देखकर तय होता है कि क्या काम आएगा. PET-CT, biopsy या surgeon की अपनी endoscopy सिर्फ़ तब जोड़ी जाती है जब उससे इलाज का फ़ैसला बदले.
ज़रूरी नहीं. Acidity से सिकुड़न, achalasia या दीवार की साधारण गाँठ भी नली को संकरा कर सकती हैं. Endoscopy में ली गई biopsy ही तय करती है कि cancer है या नहीं.
हाँ, कई मरीज़ों में. बिल्कुल शुरुआती cancer endoscope से निकलता है, गले के हिस्से का squamous cancer chemoradiation से, operation के लिए unfit मरीज़ों में chemoradiation से, और फैला cancer दवाओं से संभाला जाता है.
आगे बढ़े cancer में यह गाँठ छोटी करता है और scan में न दिखने वाले cells का इलाज करता है, जिससे cancer पूरा निकलने की संभावना बढ़ती है. Cancer का प्रकार तय करता है कि chemoradiation होगा या chemotherapy का course.
ऐसा नहीं है. भोजन नली के cancer में tumour marker कुछ तय नहीं करते. निदान biopsy से और stage scan से तय होता है.
Operation तय हो तो छोटी आंत में खाने की नली ज़्यादातर बेहतर है, क्योंकि stent operation को कठिन बनाता है. जिनका operation नहीं होना है, उनके लिए stent या radiotherapy निगलने का रास्ता खुला रखने का अच्छा तरीक़ा है.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, endoscopy की योजना, scan देखना, follow-up और नियमित जाँच.
Google: Dr Harsh Shah · 216 reviews में 4.89
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Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar.
Google: Dr Harsh Shah – Robotic GI Surgeon · 17 reviews में 4.94
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भोजन नली के cancer के इलाज के लिए पूरे गुजरात से — Gandhinagar, Mehsana, Banaskantha, Nadiad, Anand, Bhavnagar, Rajkot, Jamnagar और Kutch — और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं.
पहले से हुई endoscopy या biopsy की report है? Endoscopy की report और फ़ोटो, biopsy report और CT या PET-CT की images आप मुलाक़ात से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation के समय वे पहले से पढ़ी हुई हों. इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है. Call +91-63555-64601 · Reports पहले से WhatsApp पर भेजें
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