Skip to main contentShah's Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre · अहमदाबाद और गांधीनगर
Sigmoid colon cancer का इलाज, अहमदाबाद · Gota OPD, अहमदाबाद · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर
“मल में खून तो कई महीनों से आ रहा था, हमने बवासीर समझकर टाल दिया” — sigmoid cancer के बहुत से मरीज़ OPD में यही कहते हैं। Sigmoid बड़ी आंत का आख़िरी, “S” आकार का मोड़ है, जो मलाशय (rectum) के ठीक ऊपर आता है। Colonoscopy में समय पर पकड़ा गया cancer आमतौर पर दूरबीन के operation से निकाला जाता है: गाँठ वाला हिस्सा, उसकी खून की नली और lymph nodes निकालकर आंत फिर से जोड़ दी जाती है, और chemotherapy तभी जब आख़िरी report में उसकी ज़रूरत दिखे। लेकिन अगर गाँठ से आंत बंद हो जाए या फट जाए, तो पहले वह संकट सँभाला जाता है — stent से या emergency operation से — और बाक़ी इलाज उसके बाद।
Sigmoid पेट के बाएँ हिस्से में, नीचे pelvis में होता है। इसे खून मुख्य रूप से एक ही नली — inferior mesenteric artery — से मिलता है, और इसकी lymph nodes भी उसी नली के साथ-साथ चलती हैं। इसलिए पूरा operation उसी नली को केंद्र में रखकर किया जाता है। नीचे की ओर sigmoid मलाशय से मिलता है, इसलिए हर scan पर पहला सवाल यही होता है कि गाँठ ठीक कहाँ है — मलाशय से मिलने वाली जगह के पास की गाँठ को कभी-कभी rectum cancer वाले तरीके से इलाज की ज़रूरत होती है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Super-specialty surgical gastroenterology में training, इसी विषय में दो बार योग्यता, और बड़ी आंत व पेट के cancer की surgery में 18 साल का अनुभव। Colonoscopy की reports देखना, CT से stage तय करना, दूरबीन से और खुला colon operation, रुकी या फटी आंत की emergency surgery, stent और chemotherapy का तालमेल, थैली (stoma) की देखभाल और लंबा follow-up — सब एक ही practice में।
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Colon Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Google rating: Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo, Bhat पर 18 reviews में 4.94।
Sigmoid का cancer ज़्यादातर मल की आदत बदलने से सामने आता है: एक महीने से ज़्यादा समय से बार-बार या पतला मल, मल में मिला हुआ गहरा खून, पेट पूरा साफ़ न होने का एहसास, या बाईं ओर मरोड़। खून के साथ मल की आदत भी बदली हो, तो उसे बवासीर मानकर टालना ठीक नहीं — colonoscopy ज़रूरी है। कई लोगों में मल-त्याग से जुड़ी कोई शिकायत नहीं होती, सिर्फ़ खून की कमी (iron की कमी) पकड़ी जाती है; किसी भी पुरुष में, या माहवारी बंद होने के बाद की महिला में, बिना कारण खून की कमी हो तो colonoscopy होनी चाहिए। हमारे यहाँ बहुत से मरीज़ पहली बार emergency में ही आते हैं: पेट फूल जाना, उल्टी, गैस और मल का बंद हो जाना — क्योंकि बाईं ओर की आंत संकरी होती है और उसमें मल सख़्त होता है, इसलिए गाँठ उसे जल्दी बंद कर देती है।
Sigmoid में ही diverticular disease भी होती है — आंत की दीवार में छोटी-छोटी थैलियाँ, जिनमें सूजन आ सकती है। CT scan पर diverticulitis और sigmoid cancer लगभग एक जैसे दिख सकते हैं: दोनों में दीवार मोटी, दोनों में बाईं ओर दर्द, और दोनों आंत को संकरा कर सकते हैं। फ़र्क़ सिर्फ़ colonoscopy और biopsy से तय होता है, अकेले scan से कभी नहीं।
Scan पर छोटा, मोटा हिस्सा जिसके किनारे उभरे हुए हों, आंत के पास बढ़ी हुई lymph nodes, या liver में धब्बे — ये cancer की ओर इशारा करते हैं। Diverticulitis की सूजन आमतौर पर लंबे हिस्से में फैली होती है और आसपास की चर्बी में सूजन की लकीरें दिखती हैं। इसलिए जिनका diverticulitis का इलाज हुआ हो, उनकी सूजन उतरने के बाद colonoscopy की जाती है, क्योंकि उसी तस्वीर के पीछे cancer छिपा हो सकता है। आंत की लंबी सूजन (inflammatory bowel disease), संक्रमण, या खून कम मिलने से बनी सिकुड़न भी गाँठ जैसी दिख सकती है। Polyp — अंदरूनी परत से उगी साधारण (cancer-रहित) गाँठ — colonoscopy में ही निकाल दिया जाता है; उसमें cancer निकले तो उसका फ़ैसला अलग से होता है, और कभी-कभी आगे operation की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।
क्रम तय है: पहले biopsy के साथ colonoscopy, फिर stage जानने के लिए छाती, पेट और pelvis का CT scan, फिर CEA समेत खून की जाँच। हर colon cancer पर MMR या MSI test होता है। ये सब पूरे होने के बाद ही इलाज का plan बनता है।
| जाँच | क्या तय करती है |
|---|---|
| Caecum तक पूरी colonoscopy, biopsy के साथ | निदान; और पूरी बड़ी आंत में दूसरी गाँठ या polyp तो नहीं — पूरा colon देखना ज़रूरी है |
| Colonoscopy के समय गाँठ के पास स्याही का निशान (tattoo) | छोटी गाँठ बाहर से महसूस न हो, तो operation में वह कहाँ है, यह बताता है |
| CT colonography, या operation के बाद colonoscopy | गाँठ scope को आगे न जाने दे, तो आगे की आंत दूसरे तरीके से देखी जाती है — बिना देखे नहीं छोड़ी जाती |
| छाती, पेट और pelvis का contrast CT | Stage: गाँठ कितनी गहरी है, पास की lymph nodes, liver या फेफड़ों में फैलाव |
| CEA (खून की जाँच) | इलाज के बाद तुलना का आधार — अकेले यह निदान नहीं |
| Biopsy पर MMR या MSI test | ख़ानदानी Lynch syndrome की संभावना, stage II में chemotherapy का फ़ैसला, और फैले cancer में immunotherapy |
| Blood count, kidney और liver की जाँच, albumin, clotting | Operation के लिए शरीर तैयार है या नहीं; खून की कमी और पोषण पहले सुधारे जाते हैं |
| Liver का MRI | सिर्फ़ तब, जब CT पर liver का धब्बा साफ़ न हो; PET-CT हर किसी के लिए ज़रूरी नहीं |
गाँठ कितनी नीचे है, यह भी scope और CT से पक्का होता है। गाँठ मलाशय की पहुँच में, पेट की झिल्ली की तह से नीचे हो, तो rectum cancer वाला रास्ता लागू होता है, जिसमें कभी-कभी operation से पहले इलाज देना पड़ता है; असली sigmoid cancer में ऐसा नहीं। RAS और BRAF जैसे गाँठ के genetic test तभी चाहिए, जब cancer फैल चुका हो।
Operation के बाद pathology report की चार बातें तय करती हैं कि chemotherapy चाहिए या नहीं: कितनी lymph nodes जाँची गईं और उनमें से कितनी में cancer है, कटे किनारे साफ़ हैं या नहीं, MMR या MSI का नतीजा, और जोखिम वाले लक्षण — दीवार के आर-पार गाँठ, छोटी नसों या नर्व में cancer, आंत का फटा होना, या गाँठ की कोशिकाओं का बिगड़ा रूप।
कम से कम बारह lymph nodes जाँची जानी चाहिए। बारह से कम हों तो यह अपने-आप में एक जोखिम वाला लक्षण माना जाता है, क्योंकि stage कम आँका जा सकता है। इसीलिए operation में सिर्फ़ गाँठ नहीं, nodes वाला पूरा पंखे जैसा हिस्सा निकाला जाता है। असली stage — और इसलिए chemotherapy का फ़ैसला — इसी report के बाद, आमतौर पर operation के दो हफ़्ते बाद की मुलाक़ात में पता चलता है।
जैसे-जैसे stage बढ़ता है, इलाज बढ़ता है। शुरुआती cancer में सिर्फ़ operation। Lymph nodes तक पहुँचे cancer में operation के बाद chemotherapy। फैले हुए cancer में पहले दवा — और liver या फेफड़ों में गिने-चुने धब्बों वाले कुछ मरीज़ों में पूरी बीमारी निकालने के इरादे से operation भी।
| Stage | मतलब | आम plan |
|---|---|---|
| Stage I | दीवार की अंदरूनी परतों तक, nodes में नहीं | सिर्फ़ operation |
| Stage II, सामान्य जोखिम | मांसपेशी के आर-पार, nodes में नहीं, कोई जोखिम वाला लक्षण नहीं | Operation, फिर नियमित जाँच |
| Stage II, ज़्यादा जोखिम | दीवार के आर-पार, फटी या रुकी आंत, बारह से कम nodes जाँची गईं, नस या नर्व में cancer | Operation; chemotherapy पर मिलकर फ़ैसला |
| Stage III, कम जोखिम | कुछ nodes में cancer, गाँठ दीवार के आर-पार नहीं | Operation, फिर तीन महीने CAPOX chemotherapy |
| Stage III, ज़्यादा जोखिम | दीवार के आर-पार गाँठ, या बहुत-सी nodes में cancer | Operation, फिर छह महीने chemotherapy |
| Stage IV | Liver, फेफड़ों या कहीं और फैलाव | गाँठ के genetics के हिसाब से दवा; कुछ मरीज़ों में liver या फेफड़ों के गिने-चुने धब्बे भी निकाले जा सकते हैं |
Stage II का MSI-high (या dMMR) cancer हो, तो एक ही दवा वाली fluoropyrimidine chemotherapy नहीं दी जाती — इसमें आगे का नतीजा आमतौर पर अच्छा रहता है, और उस दवा से फ़ायदा नहीं होता। Stage जितनी ही शरीर की ताक़त भी मायने रखती है: पूरी तरह सक्रिय मरीज़ को पूरा plan, थोड़े कमज़ोर मरीज़ को capecitabine जैसी एक ही गोली, और बिस्तर पर रहने वाले मरीज़ के लिए आराम देने वाले इलाज की बात। हर मरीज़ का case इलाज से पहले विशेषज्ञों की साझा बैठक (MDT) में रखा जाता है।
हर sigmoid cancer सीधे operation पर नहीं जाता। Polyp के अंदर ही सीमित cancer, जो colonoscopy में पूरा निकल गया हो, उसमें कभी-कभी आगे operation की ज़रूरत नहीं पड़ती। पूरे शरीर में फैले cancer को दवा से सँभाला जाता है, और operation सिर्फ़ तब जब आंत रुके या ख़ून बहे। और बड़े operation के लिए बहुत कमज़ोर मरीज़ में रुकी आंत को stent से खोला जा सकता है।
फैले cancer में दवा गाँठ के genetics से चुनी जाती है। MSI-high cancer में पहला इलाज immunotherapy (pembrolizumab) है, जो इन मरीज़ों में chemotherapy से बेहतर काम करती है। बाईं ओर का — sigmoid समेत — RAS-normal cancer हो तो chemotherapy के साथ anti-EGFR antibody; RAS-mutant हो तो chemotherapy के साथ bevacizumab; BRAF V600E हो तो पहली line के बाद targeted दवा। Liver या फेफड़ों में गिने-चुने धब्बे हों, तो आंत की गाँठ के साथ — एक साथ या चरणों में — उन्हें निकालने पर विचार होता है; यह फ़ैसला MDT बैठक में ही होता है। फैले cancer वाले हर मरीज़ को शुरू से ही पोषण और आराम देने वाली देखभाल का साथ मिलता है — यह हार मानने की निशानी नहीं।
Operation में गाँठ वाला sigmoid, दोनों ओर कम से कम पाँच सेंटीमीटर स्वस्थ आंत, और lymph nodes वाला पूरा चर्बी का पंखा (mesentery) निकाला जाता है, inferior mesenteric artery को उसकी जड़ के पास बाँधकर। फिर दोनों सिरे जोड़ दिए जाते हैं। गाँठ sigmoid में नीचे हो, तो जोड़ मलाशय के ऊपरी हिस्से से बनता है — इसे anterior resection कहते हैं।
चार नियमों में कोई समझौता नहीं होता। नली जड़ से बाँधी जाती है, ताकि उसके साथ की nodes नमूने में साथ आ जाएँ (high ligation और complete mesocolic excision)। कम से कम बारह nodes का लक्ष्य। गाँठ मूत्राशय, बच्चेदानी या आंत के दूसरे हिस्से से चिपकी हो, तो वह हिस्सा भी गाँठ के साथ एक ही टुकड़े में निकाला जाता है — गाँठ को छीलकर अलग करने से cancer पीछे रह सकता है। और गाँठ को न दबाया जाता है, न फटने दिया जाता है। Colonoscopy के समय का स्याही का निशान छोटी गाँठ ढूँढ देता है।
Colon cancer के लिए दूरबीन (laparoscopic) operation मान्य मानक है — cancer के नतीजे खुले operation जैसे, और ठीक होना जल्दी; अनुभवी हाथों में robotic operation भी सही विकल्प है। दूसरे अंगों से चिपकी बड़ी गाँठ, एक साथ कई अंग निकालने हों, या पुराने operation से पेट में बहुत चिपकाव हो — वहाँ खुला operation समझदारी का फ़ैसला है, नाकामी नहीं। थैली की ज़रा भी संभावना हो, तो operation से पहले stoma nurse पेट पर जगह तय करके निशान लगाती है।
गाँठ से रुका sigmoid emergency है, लेकिन सही इलाज मरीज़ की ताक़त पर निर्भर करता है। स्वस्थ मरीज़ में गाँठ निकालकर आंत जोड़ी जाती है — कभी जोड़ को बचाने के लिए कुछ समय की थैली के साथ — या मरीज़ अस्थिर हो, पेट में मल या पीप फैला हो, तो गाँठ निकालकर, बिना जोड़े सिर्फ़ थैली (Hartmann’s operation)। कमज़ोर मरीज़ में, या फैले cancer में, scope से धातु का stent डालकर रास्ता खोला जा सकता है और emergency थैली से बचा जा सकता है।
| स्थिति | पहला इलाज |
|---|---|
| रुकी आंत, स्वस्थ मरीज़ | गाँठ निकालना; सीधा जोड़ (बचाव की थैली के साथ या बिना), या अस्थिर हो तो Hartmann’s operation |
| रुकी आंत, कमज़ोर मरीज़ या फैला cancer | धातु का stent — planned operation तक का पुल, या लंबी राहत |
| फटी आंत (perforation) | गाँठ निकालना, पेट को अच्छी तरह धोना, और ज़्यादातर थैली |
| गाँठ से भारी ख़ून | ख़ून-पानी चढ़ाकर स्थिर करना और तुरंत senior surgeon की जाँच |
रुके हिस्से के ऊपर की आंत बहुत फूली हो और दबाने पर दर्द हो, तो यह फटने की चेतावनी है, और consultant surgeon उसी दिन देखते हैं। फटी आंत — nodes में cancer न हो तब भी — जोखिम वाला लक्षण मानी जाती है, और बाद में chemotherapy की चर्चा में आती है। Stent के बाद आंत शांत हो जाए और पूरा colon देख लिया जाए, तब planned operation होता है — ताकि वह दूरबीन से, जोड़ के साथ हो सके, emergency थैली के बिना।
Planned colon operation से पहले आंत जितनी ही सावधानी से पूरे शरीर को तैयार किया जाता है। ख़ून की कमी सुधारी जाती है — गोली से धीमा हो तो नस से iron — डायबिटीज़ काबू में लाई जाती है, और बीड़ी-सिगरेट व शराब कम से कम चार हफ़्ते पहले बंद। आंत साफ़ करने की दवा मुँह से ली जाने वाली antibiotic के साथ दी जाती है, जिससे संक्रमण और जोड़ से leak का ख़तरा घटता है।
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“My wife was suffering from colon cancer. Dr harsh shah performed her surgery 1 year back. And now she is cancer free with the grace of almighty and dr harsh shah’s treatment. He treats patients as his own family member. I may blindly tell any patient to approach him. Dr. harsh. Thank you is not enough. My sincere gratitude for all the help and advice you have given to us! — Joseph Sibi, Google review, Gota clinic listing”
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“I am writing to express my sincere gratitude for the exceptional care provided by Dr. Harsh Shah and his team. Dr. Harsh Shah is an outstanding expert in intestinal surgery, executing complex procedures with remarkable calm and precision. Dealing with gastrointestinal diseases is incredibly stressful for both patients and their families. In my experience, what sets Dr. Harsh Shah apart is his incredible patience; he takes the time to listen to every question and provides clear, reassuring answers to every concern. As a grateful patient, I highly commend Dr. Harsh Shah and the entire team at Apollo Hospital. They did not just treat our physical condition—they truly cared for our mental and emotional well-being — Dipen Shah, Google review, Apollo Hospital, Bhat listing”
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“(Translated by Google) Dr. Harsh Shah's personality is very nice. He always talks in a good way. He has undergone surgery for colon cancer. Without any problem. Yours faithfully.🙏 — Ismailbhai Shaikh, Google review, Gota clinic listing”
ऊपर की reviews Dr Harsh Shah की दो Google listings से हैं, परिवारों ने जैसे लिखीं वैसे ही।
दूरबीन से हुए sigmoid operation के बाद ठीक होने का रास्ता दिन-ब-दिन तय होता है। Operation के दिन ही बिस्तर से उठकर बैठना और तरल पीना, अगले दिन खाना और चलना, और ज़्यादातर मरीज़ चौथे या पाँचवें दिन घर — जब खा सकें, गैस या मल पास हो, चल सकें और गोली से दर्द काबू में हो।
| दिन | क्या होता है |
|---|---|
| Operation का दिन | कुछ घंटों में बिस्तर से उठकर बैठना, तरल, chewing gum, morphine जैसी दवा कम रखकर दर्द से राहत |
| पहला दिन | जितना पचे उतना सामान्य खाना, चार बार चलना, पेशाब की नली निकालना, drip बंद |
| दूसरा दिन | पूरा खाना, ज़्यादा चलना, दर्द की दवा सिर्फ़ मुँह से, आमतौर पर गैस पास होना शुरू |
| तीसरा दिन | मल पास होना; drain लगी हो तो निकालना; घर जाने की तैयारी जाँचना |
| चौथा या पाँचवाँ दिन | घर — follow-up की तारीख़, report पर बात की तारीख़ और चेतावनी के लक्षण लिखकर |
नाक की नली और drain हर मरीज़ में नहीं लगाए जाते। थैली हो तो मरीज़ या परिवार का कोई ख़ुद थैली बदल सके, तभी छुट्टी। धड़कन तेज़ हो, बुख़ार आए, पेट का दर्द नया हो या बढ़े, या सुधरता मरीज़ फिर बिगड़ने लगे — तो रोज़ का यह क्रम वहीं रोककर तुरंत surgeon को बुलाया जाता है; यह जोड़ से leak का पहला संकेत हो सकता है।
हर colon operation में जोखिम है, और emergency में, बड़ी उम्र या कमज़ोर शरीर में, और रुकी या फटी आंत में यह ज़्यादा होता है। ख़ास ध्यान देने वाली परेशानी जोड़ से leak है, जो ज़्यादातर तीसरे से सातवें दिन के बीच दिखती है। हर मरीज़ पर लागू होने वाले आँकड़े consent की बातचीत में ही बताए जाते हैं, सबके लिए एक जैसे नहीं।
आम: ख़ून चढ़ाना पड़े इतनी bleeding, घाव में infection, पैर या फेफड़े में clot, दिल या साँस की तकलीफ़, anaesthesia की परेशानी, और दूरबीन से खुले operation में बदलना। इस operation से जुड़े: जोड़ से leak, आंतों का देर से चालू होना (ileus), गुर्दे से मूत्राशय तक जाने वाली नली (ureter) में चोट, पेट में पीप, कुछ समय की या स्थायी थैली की ज़रूरत, जोड़ का सिकुड़ना, बाद में घाव पर hernia, और सालों बाद चिपकाव से रुकावट। जान का जोखिम भी है, जो emergency operation में ज़्यादा है। बीमारी के बारे में: असली stage report के बाद ही पता चलता है, chemotherapy की सलाह आ सकती है, पूरा निकालने के बाद भी cancer लौट सकता है, और ज़िंदगी भर colonoscopy ज़रूरी है। थैली की ज़रा भी संभावना हो, तो हर बार उसकी बात होती है।
Stage I और सामान्य जोखिम वाले stage II में आमतौर पर chemotherapy की ज़रूरत नहीं। Stage III में chemotherapy की सलाह है, operation के छह से आठ हफ़्ते के भीतर शुरू — आठ हफ़्ते के बाद इसका फ़ायदा घटता है। कम जोखिम वाले stage III में तीन महीने की CAPOX मानक है, जिसमें छह महीने की तुलना में नर्व को नुकसान बहुत कम होता है।
CAPOX यानी हर तीन हफ़्ते drip से oxaliplatin और साथ में capecitabine की गोली; FOLFOX हर पखवाड़े drip से दिया जाने वाला विकल्प है। ज़्यादा जोखिम वाले stage III में छह महीने। बड़ी उम्र में, या oxaliplatin न सहे, तो सिर्फ़ capecitabine। Fluoropyrimidine से पहले, जहाँ मुमकिन हो, DPYD test — क्योंकि जिस मरीज़ में यह enzyme कम हो, उसे सामान्य dose से भी गंभीर नुकसान हो सकता है। Chemotherapy medical oncologist देते हैं, और surgeon साथ-साथ मरीज़ को देखते रहते हैं।
तीन साल तक हर तीन महीने जाँच — शरीर देखना, वज़न और CEA — फिर पाँच साल तक हर छह महीने; तीन से पाँच साल तक हर साल CT, और operation के एक साल बाद colonoscopy। वह सामान्य हो तो तीसरे साल, और फिर हर पाँच साल।
दो हफ़्ते पर घाव देखा जाता है, report समझाई जाती है और ज़रूरत हो तो chemotherapy के लिए भेजा जाता है। Operation से पहले पूरा colon न देखा गया हो, तो operation के तीन से छह महीने में देखा जाता है। परिवार के लिए भी यह ज़रूरी है: MMR-deficient गाँठ (जो गाँठ के MLH1 बदलाव से न समझाई जा सके), पचास से कम उम्र, या परिवार में ज़्यादा cancer — इनमें genetic counselling की सलाह दी जाती है। CT सामान्य हो और CEA बढ़ रहा हो, तो अनदेखा नहीं किया जाता: चार से छह हफ़्ते में फिर test, और PET-CT पर विचार। कुछ समय की थैली हो, तो उसे बंद करने का समय भी follow-up में तय होता है।
ख़र्च इस पर निर्भर है कि operation planned है या emergency, दूरबीन से या खुला, थैली बनती है या नहीं, और कितने दिन रुकना पड़ता है। Planned भर्ती से पहले लिखित अनुमान देकर समझाया जाता है।
Apollo Hospital, Bhat बड़ी insurance कंपनियों और cashless योजनाओं के साथ काम करता है, और pre-authorisation office सीधे सँभालता है। Chemotherapy और stent का ख़र्च अलग से आँका जाता है। साथ लाएँ: colonoscopy और biopsy की reports और photos, CT की images disc या drive में reports के साथ, CEA और ख़ून की reports, पहले के discharge papers, दवाओं की सूची, insurance card और पहचान पत्र।
ज़रूरी नहीं। खून के साथ मल की आदत भी बदली हो, खून मल में मिला हुआ हो, या बिना कारण ख़ून की कमी हो — तो colonoscopy करानी चाहिए, बवासीर मानकर टालना नहीं चाहिए।
ज़्यादातर planned दूरबीन operation में आंत जुड़ जाती है और थैली नहीं लगती। आंत रुकी या फटी हो तो emergency में थैली की संभावना बढ़ती है, और अक्सर वह कुछ समय के लिए ही होती है। हर operation से पहले इस पर खुलकर बात होती है।
सिर्फ़ scan से यह तय नहीं होता। दोनों sigmoid में होते हैं और एक जैसे दिख सकते हैं। सूजन उतरने के बाद colonoscopy से पक्का किया जाता है।
यह operation के बाद की report पर निर्भर है। Stage I और ज़्यादातर stage II में नहीं; lymph nodes में cancer हो तो आमतौर पर तीन या छह महीने, operation के छह से आठ हफ़्ते में शुरू।
ज़्यादातर colon cancer ख़ानदानी नहीं होते। हर गाँठ पर MMR या MSI test होता है, जो Lynch syndrome की संभावना पकड़ता है; शक हो तो genetic counselling और परिवार की colonoscopy की सलाह दी जाती है।
आंत शांत होने और पूरा colon देख लेने के बाद planned operation किया जाता है, ताकि वह दूरबीन से और जोड़ के साथ हो सके। फैले cancer में कभी-कभी stent ही लंबी राहत देता है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, colonoscopy और CT की reports देखना, operation और chemotherapy के बाद follow-up।
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Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
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आंत के cancer के इलाज के लिए पूरे गुजरात से — Gandhinagar, Mehsana, Banaskantha, Nadiad, Anand, Bhavnagar, Rajkot, Jamnagar और Kutch — और दक्षिण राजस्थान तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ अहमदाबाद आते हैं।
Colonoscopy में sigmoid में गाँठ मिली है, या आंत रुकने से भर्ती हैं? Colonoscopy की report और photos, biopsy report, CT scan की images और report, और CEA व खून की reports appointment से पहले भेजी जा सकती हैं, ताकि consultation शुरू होने तक वे पढ़ी जा चुकी हों। इलाज consultation में, जाँच के बाद ही तय होता है। Call +91-63555-64601 · Reports पहले WhatsApp पर भेजें
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