Skip to main contentअंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Stomach & Gastro Surgeon
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
संक्षेप में
टाइप 2 डायबिटीज़ वाले कई लोगों में मेटाबॉलिक ऑपरेशन के बाद शुगर डायबिटीज़ की दवा के बिना सामान्य रहती है। इसे रिमिशन कहते हैं। यह असली फ़ायदा है, पर हर किसी के लिए इसका वादा नहीं है।
संभावना इस पर टिकी है कि डायबिटीज़ कितने साल से है, इंसुलिन लेते हैं या नहीं, शरीर अब भी कितना इंसुलिन बनाता है, और वज़न कितना घटता है।
रिमिशन एक बार का हल नहीं है। शुगर फिर बढ़ सकती है, इसलिए ख़ून की जाँच, विटामिन और हर साल का चेक-अप जीवन भर चलता है।
ऑपरेशनों के प्रकार, जाँचों और फ़ॉलो-अप की पूरी बात हमारे बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जरी पेज पर है। इस लेख में एक ही सवाल है: आपकी डायबिटीज़ के लिए क्या उम्मीद रखें।
रिमिशन का मतलब है कि आप डायबिटीज़ की कोई दवा नहीं लेते, फिर भी शुगर डायबिटीज़ के स्तर से नीचे रहती है। इसका मतलब यह नहीं कि डायबिटीज़ की प्रवृत्ति चली गई।
| शब्द | मतलब | आगे क्या |
|---|---|---|
| पूर्ण रिमिशन | दवा के बिना एक साल या ज़्यादा शुगर की जाँच पूरी तरह सामान्य | जीवन भर हर साल शुगर की जाँच |
| आंशिक रिमिशन | दवा के बिना शुगर डायबिटीज़ के स्तर से नीचे, पर पूरी तरह सामान्य नहीं | कुछ महीनों में शुगर की जाँच |
| सुधार | शुगर काफ़ी बेहतर है और गोलियाँ या इंसुलिन घटे हैं, बंद नहीं हुए | हर मुलाक़ात पर डोज़ की समीक्षा |
| ख़ास बदलाव नहीं | शुगर और दवाएँ लगभग पहले जैसी | दूसरे विकल्पों पर बात |
सही जाँच डायबिटीज़ की आख़िरी गोली या इंजेक्शन के कम से कम तीन महीने बाद होती है। दवा चालू रहने की वजह से सामान्य दिखती शुगर गिनी नहीं जाती।
डायबिटीज़ शुरू होने के बाद जितनी जल्दी ऑपरेशन हो और शरीर जितना ज़्यादा इंसुलिन अब भी बनाए, संभावना उतनी बेहतर। वादा कोई नहीं कर सकता, पर ये संकेत हमें सलाह देने में मदद करते हैं।
| बात | संभावना ज़्यादा | संभावना कम |
|---|---|---|
| निदान को कितने साल हुए | कुछ ही साल | कई साल |
| इंसुलिन के इंजेक्शन | सिर्फ़ गोलियाँ | लंबे समय से इंसुलिन |
| शरीर कितना इंसुलिन बनाता है | अब भी अच्छा (सी-पेप्टाइड नाम की ख़ून की जाँच से पता चलता है) | बहुत कम |
| ऑपरेशन से पहले शुगर पर क़ाबू | काफ़ी स्थिर | कई दवाओं के बावजूद लगातार ऊँची |
| बाद में घटा हुआ वज़न | ज़्यादा, और टिका हुआ | कम, या फिर बढ़ा हुआ |
| उम्र | कम उम्र के वयस्क | ज़्यादा उम्र के |
टाइप 1 डायबिटीज़ अलग बीमारी है। उसमें शरीर इंसुलिन बनाता ही नहीं, और ऑपरेशन इसे नहीं बदलता। यह लेख टाइप 2 डायबिटीज़ के बारे में है।
भारतीयों में पश्चिमी मरीज़ों से कम वज़न पर डायबिटीज़ हो जाती है। एशियाई मरीज़ को टाइप 2 डायबिटीज़ हो तो BMI 27.5 से 32.5 के बीच ऑपरेशन दिया जा सकता है। वहाँ पहले टीम की लिखित चर्चा होती है। इससे नीचे के BMI के लिए सबूत कम हैं, और सिर्फ़ शुगर के लिए हम ऑपरेशन नहीं करते।
अक्सर कुछ ही दिनों में, वज़न ज़्यादा घटने से पहले। इसीलिए डायबिटीज़ की दवा तुरंत घटानी पड़ती है, और अस्पताल की टीम आपकी शुगर पर क़रीबी नज़र रखती है।
| कब | क्या होता है | हम क्या करते हैं |
|---|---|---|
| शुरुआती दिन | खाना घटने और आँत के हार्मोन बदलने से शुगर गिरती है | घर जाने से पहले इंसुलिन और गोलियाँ घटाई जाती हैं |
| पहले कुछ हफ़्ते | शुगर नीचे टिकती है। कुछ को अब थोड़ी या कोई दवा नहीं चाहिए | आप घर पर शुगर जाँचें और आँकड़े हमें बताएँ |
| तीन से छह महीने | वज़न घटता रहता है। कई दवाएँ अब तक बंद हो चुकी होती हैं | HbA1c और ब्लड प्रेशर की गोलियों की समीक्षा |
| एक साल | तस्वीर साफ़: रिमिशन, सुधार या ख़ास बदलाव नहीं | नतीजा तय करके सालाना plan लिखते हैं |
कोई भी डोज़ ख़ुद बंद या बदलें नहीं। पुराने डोज़ चालू रहें तो ऑपरेशन के बाद शुगर बहुत नीचे जाने का ख़तरा असली है।
थोड़ा। बाइपास ऑपरेशन स्लीव से शुगर ज़्यादा मज़बूती से घटाते हैं। पर आपके लिए सुरक्षित ऑपरेशन रिफ़्लक्स, परिवार के इतिहास और विटामिन लेने की आदत से भी तय होता है।
सभी ऑपरेशनों की पूरी तुलना हमारे बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जरी पेज पर है। अंतिम चुनाव जाँचों के बाद साथ मिलकर होता है।
हमेशा नहीं, और ख़ुद से तो बिलकुल नहीं। कुछ दवाएँ शुरुआती दिनों में बंद होती हैं, कुछ धीरे-धीरे घटती हैं, और कुछ चलती रहती हैं। लक्ष्य है आपको सुरक्षित रखने वाली कम से कम दवाएँ।
घर जाते समय हर डायबिटीज़ दवा के लिए लिखित plan मिलता है। शुगर plan से बाहर जाए तो उसी दिन हमें फ़ोन करें।
बढ़ सकती है। डायबिटीज़ लंबे समय की स्थिति है, और रिमिशन खिसक सकता है। ऐसा हो तो आम तौर पर वज़न लौटने के बाद होता है, और उसका फिर से इलाज हो सकता है।
वज़न घटाने के इंजेक्शन, जिन्हें GLP-1 दवाएँ कहते हैं, ऑपरेशन से पहले, ऑपरेशन की जगह या उसके बाद इस्तेमाल हो सकने वाला असली विकल्प हैं। वे शुगर भी घटाते हैं, पर बंद करने पर असर कम पड़ सकता है। तेज़ी से वज़न घटने पर पित्त की थैली की पथरी पर भी नज़र रखी जाती है, जो हमारे GLP-1 दवाएँ और पित्त की पथरी वाले लेख में समझाया है।
अपनी डायबिटीज़ की सही जानकारी के साथ आइए। आपके आँकड़े जितने पक्के, हमारी सलाह उतनी ईमानदार। ऑपरेशन पूरी टीम का फ़ैसला है, और जवाब अभी नहीं भी हो सकता है।
कुछ और मामलों में भी ऑपरेशन ठीक नहीं है। बिना इलाज की खाने की बीमारी, क़ाबू में न आया गंभीर डिप्रेशन और शराब या नशे की चालू लत इनमें आते हैं। ना कहना, या अभी नहीं कहना, अच्छी देखभाल का हिस्सा है।
टाइप 2 डायबिटीज़ वाले कई लोगों में शुगर दवा के बिना सामान्य हो जाती है। पर डायबिटीज़ वापस आ सकती है, ज़्यादातर तब जब वज़न लौटे। इसलिए हम इसे रिमिशन कहते हैं और जीवन भर हर साल जाँच करते हैं।
अक्सर शुरुआती दिनों में इंसुलिन काफ़ी घटा दिया जाता है, और कुछ लोग उसे बंद कर पाते हैं। यह फ़ैसला आपकी टीम करती है, आप ख़ुद नहीं। जिन्होंने कई साल इंसुलिन लिया हो, उनके पूरी तरह बंद होने की संभावना कम है।
कर सकता है। एशियाई मरीज़ को टाइप 2 डायबिटीज़ हो तो BMI 27.5 से 32.5 के बीच ऑपरेशन दिया जा सकता है। पहले टीम की लिखित चर्चा होती है। उससे नीचे हम सिर्फ़ शुगर के लिए ऑपरेशन नहीं करते।
आ सकती है, कभी-कभी सालों बाद। आम कारण वज़न का लौटना है। हर साल की HbA1c जाँच उसे जल्दी पकड़ लेती है, और फिर खान-पान, दवाओं या कभी-कभार दूसरे ऑपरेशन से उसका इलाज होता है।
स्लीव की तुलना में गैस्ट्रिक बाइपास शुगर ज़्यादा मज़बूती से घटाता है। पर रिफ़्लक्स, पेट के कैंसर का पारिवारिक इतिहास और विटामिन लेने की आपकी तैयारी भी चुनाव तय करती है। हम वह चुनते हैं जो आपके लिए सुरक्षित हो।
हाँ। सालों की ऊँची शुगर ने आँख, किडनी और पैरों में बदलाव कर दिए हो सकते हैं। रिमिशन उन्हें वापस नहीं लाता, इसलिए ये सालाना जाँचें जारी रहती हैं।
नहीं। खान-पान और कसरत से, या वज़न घटाने के इंजेक्शन से बड़ा वज़न घटे तो कुछ लोगों में रिमिशन आ सकता है। ऑपरेशन वज़न में लंबे समय टिकने वाली कमी देता है, पर यह कई विकल्पों में से एक है।
वज़न घटाने और मेटाबॉलिक सर्जरी की पूरी श्रृंखला के लिए बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जरी पेज से शुरू करें। आने से पहले सवालों के लिए +91-63555-64601 पर फ़ोन करें।
डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
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टाइप 2 डायबिटीज़ के साथ जी रहे हैं और जानना चाहते हैं कि क्या ऑपरेशन से शुगर फिर सामान्य हो सकती है? Dr Harsh Shah आपकी रिपोर्ट देखकर ईमानदारी से बताएँगे कि आपके मामले में इसकी संभावना कितनी है, और अगला कदम आपके साथ तय करेंगे। फ़ोन करें, या WhatsApp पर संदेश भेजें। Call +91-63555-64601 WhatsApp पर पूछें
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