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Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Stomach Cancer Surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 वर्ष का अनुभव
★★★★★ Google: 4.89, 216 reviews (Gota clinic) · 4.94, 18 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
गाँठ आमाशय की दीवार में गहरे उतर गई हो या आसपास की लसीका गाँठों तक पहुँच गई हो, पर दूर के अंगों में फैली न हो, तो उसे locally advanced कहा जाता है।
ऐसी स्थिति में chemotherapy ऑपरेशन से पहले और ऑपरेशन के बाद, दोनों बार दी जाती है। शरीर साथ दे तो दोनों तरफ़ चार cycle।
ऑपरेशन में आमाशय की धमनियों के साथ चलने वाली लसीका गाँठें तय क्रम में निकाली जाती हैं। इस सफ़ाई को D2 कहते हैं।
दवा के बाद का scan तय करता है कि ऑपरेशन होगा या नहीं। गाँठ छोटी न हुई हो, तब भी वह अक्सर निकाली जाती है।
रिपोर्ट की तीन पंक्तियाँ यह तय करती हैं। गाँठ कितनी गहरी उतरी है, आसपास की लसीका गाँठों में कैंसर है या नहीं, और दूर कुछ दिख रहा है या नहीं।
Locally advanced का अर्थ है कि पहली दो बातें मौजूद हैं और तीसरी नहीं। रिपोर्ट में यह cT2 से cT4, N0 से N3, और M0 के रूप में लिखा जाता है।
| रिपोर्ट में | अर्थ |
|---|---|
| cT2 या cT3 | गाँठ आमाशय की दीवार की मांसपेशी तक, या उसे पार करके पहुँच चुकी है। |
| cT4a | गाँठ आमाशय के बाहरी परदे तक निकल आई है। |
| cT4b | गाँठ पड़ोसी अंग में घुस गई है, जैसे अग्नाशय, तिल्ली या बड़ी आंत। |
| N1 से N3 | आमाशय के पास की एक या अधिक लसीका गाँठों में कैंसर है। |
| M0 | यकृत, फेफड़ों या पेट के परदे पर फैलाव जाँच में नहीं दिखा। |
cT4b गाँठ भी locally advanced ही मानी जाती है। इसका आयोजन कठिन होता है, क्योंकि इसमें पड़ोसी अंग का हिस्सा आमाशय के साथ निकालना पड़ता है।
इस स्थिति में पहले दवा देना ही मानक है। इसके चार सीधे कारण हैं।
वही chemotherapy ऑपरेशन के बाद दोबारा दी जाती है। इसी वजह से इसे peri-operative इलाज कहा जाता है, जिसका अर्थ है ऑपरेशन के आसपास का इलाज।
ऑपरेशन के बाद वाला आधा हिस्सा ही अक्सर छूट जाता है। भूख और ताक़त धीरे लौटती है, फिर भी शरीर साथ देने पर उसे शुरू करना ज़रूरी है।
इस पूरे क्रम में खाना बुना हुआ है। बीच के हफ़्तों में वज़न गिर जाना तय हुए ऑपरेशन के टलने का आम कारण है।
ऑपरेशन में गाँठ वाला आमाशय का हिस्सा, उसके चारों ओर स्वस्थ आमाशय का किनारा, और उस हिस्से की लसीका गाँठें निकाली जाती हैं। गाँठ किस हिस्से में है, इससे तय होता है कि आमाशय कितना जाएगा।
| गाँठ कहाँ है | आम ऑपरेशन |
|---|---|
| निचला हिस्सा | आमाशय का निचला हिस्सा निकलता है, और बाक़ी आमाशय छोटी आंत से जोड़ा जाता है। |
| बीच का हिस्सा | हिस्सा या पूरा आमाशय। गाँठ से भोजन नली तक की दूरी यह तय करती है। |
| ऊपरी हिस्सा | पूरा आमाशय, और गाँठ पहुँची हो तो भोजन नली का निचला सिरा भी। |
| दीवार में फैलती गाँठ | पूरा आमाशय, ऊपर और नीचे अधिक चौड़े किनारे के साथ। |
ज़रूरी किनारा हर गाँठ में एक जैसा नहीं होता। अच्छी तरह बनी ग्रंथियों वाली गाँठ में किनारा कम चलता है, बिखरी हुई एक-एक कोशिका वाली गाँठ में अधिक चाहिए। ऑपरेशन चलते-चलते ही किनारे microscope के नीचे जाँचे जाते हैं।
लसीका गाँठों की सफ़ाई आमाशय को खून पहुँचाने वाली धमनियों के साथ तय क्रम में होती है। इसमें तिल्ली और अग्नाशय नियम के तौर पर नहीं निकाले जाते। तिल्ली के ऊपरी सिरे के पास की गाँठें निकलती हैं, पर तिल्ली अपनी जगह रहती है।
अंतिम रिपोर्ट की एक पंक्ति ऑपरेशन की अपनी जाँच है। उसमें लिखा होता है कि laboratory को कितनी लसीका गाँठें मिलीं। कम से कम सोलह गाँठें जाँची जानी चाहिए, और विशेषज्ञ टीम इससे कहीं अधिक का लक्ष्य रखती है।
हर गाँठ छोटी नहीं होती। Chemotherapy के बाद का scan मरीज़ों को तीन स्थितियों में बाँट देता है।
ऑपरेशन के बाद निकाले गए आमाशय की रिपोर्ट बाक़ी इलाज तय करती है। Stage सोचे से ज़्यादा निकले तो chemotherapy चलती रहती है। किनारे में कैंसर मिले तो जहाँ सम्भव हो दोबारा निकालने पर विचार होता है, और जहाँ सम्भव न हो वहाँ chemotherapy के साथ सिकाई। पहली दवा झेली न गई हो, तो दूसरे आधे हिस्से में हल्की जोड़ी दी जाती है।
कुछ locally advanced कैंसर में ऑपरेशन पहला क़दम नहीं होता, और थोड़े में ऑपरेशन इलाज ही नहीं होता।
ऐसी स्थिति में इलाज दवा से चलता है, और उसका लक्ष्य शुरू करने से पहले साफ़ शब्दों में बताया जाता है। आमाशय के किस कैंसर में ऑपरेशन होता है और किस क्रम में, यह इलाज के क्रम वाले पन्ने पर है।
आमाशय का निचला हिस्सा D2 सफ़ाई के साथ दूरबीन से निकालना इस स्थिति में स्वीकृत मानक है, और बड़े अध्ययनों में यह खुले ऑपरेशन के बराबर उतरा है। पूरा आमाशय दूरबीन से निकालने का काम विशेषज्ञ केंद्रों में होता है। Robotic ऑपरेशन चुने हुए मरीज़ों में होता है।
रास्ते से ज़्यादा सफ़ाई मायने रखती है। D2 सफ़ाई और साफ़ किनारा मिलना लक्ष्य है, सर्जन किसी भी रास्ते पहुँचे।
खुले ऑपरेशन की जगह अब भी साफ़ है। पड़ोसी अंग का हिस्सा आमाशय के साथ निकालना हो, या लसीका गाँठों की इस दर्जे की सफ़ाई किसी और तरीक़े से न हो सके, तो खुला ऑपरेशन ही सही है।
ऑपरेशन के दोनों तरफ़ chemotherapy मिली हो और D2 सफ़ाई पूरी हुई हो, तो सिकाई आमतौर पर नहीं जोड़ी जाती। वह दो सँकरी स्थितियों के लिए रखी जाती है: जिस ऑपरेशन में लसीका गाँठों की सफ़ाई कम हुई हो, और जिस किनारे में कैंसर निकला हो और दोबारा निकाला न जा सके।
कुछ मरीज़ सीधे ऑपरेशन तक पहुँचते हैं। कैंसर emergency में पकड़ा गया हो, या बीच में आयोजन बदल गया हो। D2 सफ़ाई के साथ ऑपरेशन होने के बाद लगभग छह महीने chemotherapy दी जाती है। यह रास्ता भरोसे का है, कई जगह चलता है, और पहला आधा हिस्सा छूट जाने पर यही दिया जाता है।
| सवाल | कारण |
|---|---|
| दूरबीन से देखकर नमकीन पानी की जाँच हुई है? | बड़े ऑपरेशन से पहले यह पूरा आयोजन बदल देने वाला फैलाव पकड़ती है। |
| ऑपरेशन से पहले कितने cycle और बाद में कितने? | बाद वाला आधा हिस्सा छूटने की सम्भावना रहती है, यह पहले से समझ आ जाता है। |
| दवा का असर कब और किस जाँच से देखा जाएगा? | उस scan की तारीख़ ही ऑपरेशन तय होने की तारीख़ है। |
| सफ़ाई D2 होगी, और गाँठों की संख्या कौन लिखेगा? | ये दोनों ऑपरेशन पूरा हुआ या नहीं, इसकी नाप हैं। |
पहले देने से गाँठ छोटी होती है, कहीं निकल चुकी कोशिकाओं का इलाज होता है, और गाँठ का जवाब पता चलता है। वही जवाब ऑपरेशन के बाद का इलाज तय करता है।
अक्सर नहीं। गाँठ आमाशय और आसपास की लसीका गाँठों तक ही हो, तो ऑपरेशन होता है। नया फैलाव दिखने पर ही उसे रोका जाता है।
मतलब गाँठ के पास की ही नहीं, आमाशय को खून पहुँचाने वाली धमनियों के साथ चलने वाली लसीका गाँठें तय क्रम में निकालना। तिल्ली और अग्नाशय अपनी जगह रहते हैं।
वह उसी आयोजन का हिस्सा है, और यही आधा हिस्सा अधिक छूटता है। भूख और ताक़त साथ देने पर शुरू होता है, और मात्रा शरीर के हिसाब से तय होती है।
आमाशय का निचला हिस्सा D2 सफ़ाई के साथ दूरबीन से निकालना मानक है। पूरा आमाशय विशेषज्ञ केंद्रों में इसी तरह निकलता है। पड़ोसी अंग में घुसी गाँठ में खुला ऑपरेशन चाहिए।
आमाशय के कैंसर का पूरा इलाज stomach cancer treatment पन्ने पर है (English में)। यात्रा से पहले कोई सवाल हो तो +91-63555-64601 पर फ़ोन करें।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
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