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Dr. Harsh J Shah

पित्त की पथरी

पतंजलि या देसी इलाज से पित्त की पथरी ठीक होती है?

Dr Harsh Shah · MS, MCh (GI), DrNB

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खल-बट्टा और जड़ी-बूटी के पास पथरी वाली पित्ताशय की थैली — देसी इलाज
संक्षेप में
पथरी बन जाने के बाद उसे घोलने वाला कोई भरोसेमंद घरेलू उपाय साबित नहीं हुआ है। दर्द का रुकना ठीक होने का सबूत नहीं — ultrasound दोहराकर देख लीजिए।
क्या कोई दवा या काढ़ा पथरी गला सकता है?तो लोग ठीक क्यों महसूस करते हैं?मल में जो गांठें दिखती हैं, वो क्या हैं?इंतज़ार में असल खतरा क्या है?तो सही रास्ता क्या है?डॉक्टर को तुरंत कब दिखाएं?

क्या कोई दवा या काढ़ा पथरी गला सकता है?

पथरी बन जाने के बाद उसे घोलकर बाहर निकालने वाला कोई भरोसेमंद घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय अब तक साबित नहीं हुआ है। जो चीज़ें आराम देती हैं, वो दर्द को दबाती हैं — पथरी को हटाती नहीं। थैली में पथरी वहीं रहती है।

आधुनिक इलाज में भी सिर्फ एक सीमित विकल्प है, और वो भी बहुत कम लोगों में काम करता है। उसकी जानकारी gallstones पर दी गई है।

तो लोग ठीक क्यों महसूस करते हैं?

पित्त की पथरी का दर्द लहरों में आता है। एक हमला कुछ घंटों में अपने आप शांत हो जाता है, फिर हफ्तों या महीनों तक कुछ नहीं होता। इसी खामोश दौर में जो भी उपाय चल रहा हो, उसे श्रेय मिल जाता है।

यही वो जाल है जिसमें सबसे ज़्यादा समय बर्बाद होता है। दर्द का रुकना ठीक होने का सबूत नहीं है। इसकी जांच आसान है — उपाय शुरू करने से पहले और तीन महीने बाद ultrasound कराइए। पथरी की संख्या और आकार वही मिलेंगे।

मल में जो गांठें दिखती हैं, वो क्या हैं?

सेब का रस और जैतून के तेल वाले उपाय के बाद मल में हरी-भूरी नरम गांठें दिखती हैं। इन्हें अक्सर निकली हुई पथरी समझ लिया जाता है।

असल में ये तेल, नींबू के रस और पाचक रसों के मिलने से बनी नरम गुठलियां होती हैं। असली पित्त की पथरी सख्त होती है और दबाने पर टूटती नहीं। सबसे साफ जवाब फिर वही है — बाद में ultrasound कराकर देख लीजिए।

इंतज़ार में असल खतरा क्या है?

क्या हो सकता है नतीजा
पथरी पित्त नली में फंस जाए पीलिया, तुरंत ERCP की ज़रूरत
पित्ताशय में infection भर्ती, ऑपरेशन ज़्यादा मुश्किल
Pancreatitis गंभीर, ICU तक जा सकता है
थैली में मवाद भर जाए आपातकालीन ऑपरेशन
सालों की पथरी + मोटी दीवार gallbladder cancer का खतरा बढ़ता है

आखिरी पंक्ति सबसे अहम है। उत्तर और पश्चिम भारत में gallbladder cancer बाकी देश से ज़्यादा देखा जाता है। सालों तक पड़ी रही पथरी उस जोखिम को बढ़ाती है।

एक बात और। ठंडे दिमाग से किया गया ऑपरेशन और आपातकाल में किया गया ऑपरेशन एक जैसे नहीं होते। सूजन भरी थैली में दूरबीन से काम करना मुश्किल होता है। बड़े चीरे में बदलने की संभावना बढ़ जाती है, और अस्पताल में दिन भी ज़्यादा लगते हैं।

तो सही रास्ता क्या है?

फैसले का नियम आसान है। अगर पथरी ने कभी दर्द नहीं दिया, तो इंतज़ार किया जा सकता है — साल में एक ultrasound के साथ। अगर एक बार भी दर्द दे चुकी है, तो ऑपरेशन की सलाह दी जाती है, क्योंकि वो दर्द लौटता है।

अपवाद सिर्फ ये हैं — diabetes, बहुत बड़ी पथरी, मोटी दीवार, या polyp। इनमें दर्द न होने पर भी ऑपरेशन की सलाह दी जाती है।

कब ऑपरेशन ज़रूरी है, ये पित्त की पथरी का ऑपरेशन — कब ज़रूरी है पर विस्तार से दिया गया है।

पित्त की पथरी में ऑपरेशन कब ज़रूरी है — निर्णय का नियम
फैसले का नियम

डॉक्टर को तुरंत कब दिखाएं?

कोई भी उपाय चल रहा हो, इन संकेतों पर उसे रोककर डॉक्टर के पास जाइए:

तुरंत मिलें
आंख या त्वचा में पीलापन
बुखार के साथ पेट का दर्द
दर्द घंटों तक कम न होना
गहरे रंग का पेशाब, सफेद मल
लगातार उल्टी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सेब का रस या जैतून का तेल पथरी निकाल देता है?

नहीं। मल में जो गांठें दिखती हैं वो तेल और रस के मिलने से बनी होती हैं। ultrasound दोहराने पर पथरी वहीं मिलती है।

क्या आयुर्वेदिक इलाज नुकसान करता है?

ज़्यादातर उपाय अपने आप में नुकसान नहीं करते। नुकसान समय का होता है। महीनों बाद जब दर्द बड़ा होकर लौटता है, तब ऑपरेशन मुश्किल हो चुका होता है।

क्या मैं पहले उपाय आज़मा सकता हूं?

अगर दर्द कभी नहीं हुआ, तो इंतज़ार करना वैसे भी ठीक है। अगर दर्द हो चुका है, तो इंतज़ार जोखिम है — उपाय के साथ भी।

डॉक्टर सीधे ऑपरेशन क्यों कहते हैं?

क्योंकि थैली पथरी बनाना बंद नहीं करती। सिर्फ पथरी निकालने से वो दोबारा बनेगी। इसीलिए पूरा पित्ताशय निकालना standard treatment है।

क्या lithotripsy से पथरी तोड़ी जा सकती है, जैसे किडनी की पथरी में?

किडनी और पित्ताशय अलग हैं। टूटे टुकड़े पित्त नली में फंसकर हालत बिगाड़ सकते हैं, और थैली नई पथरी बनाती रहती है। इसीलिए ये तरीका आम इस्तेमाल में नहीं है।

कितने समय तक उपाय आज़माना ठीक है?

अगर दर्द हो चुका है तो कोई सुरक्षित अवधि नहीं है। अगला हमला कब आएगा, ये पहले से पता नहीं चलता।

क्या पथरी अपने आप निकल सकती है?

बहुत छोटी पथरी कभी-कभी निकल जाती है, पर रास्ते में फंसकर पीलिया या pancreatitis कर सकती है। ये राहत नहीं, जोखिम है।

दूसरी राय लेनी हो तो?

बिल्कुल लीजिए। ultrasound रिपोर्ट और दर्द का इतिहास साथ रखिए — फैसला इन्हीं दो चीज़ों पर होता है।

घरेलू उपाय आज़माना कोई गलती नहीं है। लेकिन एक बार दर्द हो चुका हो, तो वो लौटेगा — और तब हालात आपके चुनने के नहीं रहते। इंतज़ार पथरी को छोटा नहीं करता, सिर्फ ऑपरेशन को मुश्किल बनाता है।

संदर्भ: Cholelithiasis — StatPearls, NCBI

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इंतज़ार पथरी को छोटा नहीं करता, ऑपरेशन को मुश्किल बनाता है।

+91 63555 64601

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Dr. Harsh J Shah
Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
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