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Dr. Harsh J Shah

पित्त की पथरी

पित्त की पथरी होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

Dr Harsh Shah · MS, MCh (GI), DrNB

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तली-भुनी चीज़ों की थाली पर काटा हुआ निशान — पित्त की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए
संक्षेप में
सिर्फ एक बात मायने रखती है — एक बार में कितनी चिकनाई पेट में जा रही है। तला-भुना, मिठाई और मलाई सबसे ज़्यादा दर्द भड़काते हैं।
दर्द किस वजह से भड़कता है?किन चीज़ों से दर्द ज़्यादा भड़कता है?छिपी हुई चिकनाई कहां होती है?क्या सब कुछ हमेशा के लिए छोड़ना पड़ेगा?अगर परहेज़ के बाद भी दर्द हो तो?डॉक्टर को तुरंत कब दिखाएं?

दर्द किस वजह से भड़कता है?

चिकनाई वाला खाना पित्ताशय को ज़ोर से सिकोड़ता है। अगर पथरी निकास के पास बैठी हो, तो यही सिकुड़न दर्द बन जाती है। इसीलिए हमला अक्सर भारी या तले हुए भोजन के आधे घंटे से दो घंटे बाद शुरू होता है।

मात्रा मायने रखती है, नाम नहीं। थोड़ा घी ठीक है, एक साथ बहुत सारा नहीं। इसीलिए एक ही चीज़ किसी दिन तकलीफ देती है और किसी दिन नहीं। फर्क उस दिन की कुल चिकनाई का होता है।

किन चीज़ों से दर्द ज़्यादा भड़कता है?

टालने लायक वजह
तला-भुना — समोसा, पूरी, पकौड़ा, भजिया, कचौरी एक बार में बहुत ज़्यादा तेल
मिठाई और घी से भरी मिठाइयां चिकनाई और चीनी साथ
मलाई, पनीर, फुल-क्रीम दूध, खोया धीमी पचने वाली चर्बी
कलेजी, मटन, चर्बी वाला मांस सबसे ज़्यादा भार
नारियल का दूध, ज़्यादा काजू-बादाम छिपी हुई चर्बी
पैकेट वाला नाश्ता, बेकरी, बिस्किट पाम ऑयल और मैदा
रात में देर से भारी भोजन सोते समय थैली भरी रहती है

शराब का पथरी बनने से सीधा रिश्ता नहीं है, लेकिन ये लीवर पर असर डालती है और साथ में भारी खाना अक्सर हो जाता है।

पित्त की पथरी में क्या खाएं और क्या टालें
खाएं और टालें — एक नज़र में

छिपी हुई चिकनाई कहां होती है?

सबसे ज़्यादा गलती यहीं होती है। लोग तेल की कटोरी घटा देते हैं पर उन चीज़ों पर ध्यान नहीं जाता जिनमें चर्बी दिखती नहीं।

ग्रेवी वाली सब्ज़ियों में अक्सर मलाई या काजू का पेस्ट होता है। बाहर की दाल में तड़का घर से कहीं ज़्यादा होता है। पराठे में आटे के साथ घी भी जाता है। नमकीन और मठरी तेल में तली होती है, चाहे सूखी दिखे।

बाहर खाते समय ग्रेवी की जगह तंदूरी या भुनी चीज़ें चुनना सबसे आसान तरीका है।

क्या सब कुछ हमेशा के लिए छोड़ना पड़ेगा?

नहीं। ये परहेज़ पथरी रहने तक का है, जीवन भर का नहीं। ऑपरेशन के बाद कुछ हफ्तों में ज़्यादातर लोग सामान्य खाना लौटा लेते हैं, त्योहार की मिठाई और घर का घी भी।

और एक बात साफ रहे — परहेज़ पथरी को घटाता नहीं। ये सिर्फ अगले हमले को टालता है। जो लोग सालों तक सख्त परहेज़ करते रहते हैं, उनकी पथरी उतनी ही रहती है जितनी पहले दिन थी।

क्या खाना ठीक रहता है, वो यहाँ विस्तार से पढ़िए

अगर परहेज़ के बाद भी दर्द हो तो?

इसका मतलब है कि पथरी अब लगातार रास्ता रोक रही है। यहां खाने में और कटौती करने का फायदा नहीं। यही वो बिंदु है जहां ऑपरेशन की सलाह दी जाती है।

कई मरीज़ इस मोड़ पर और सख्त परहेज़ शुरू कर देते हैं। नतीजा ये होता है कि खाना लगातार घटता जाता है, कमज़ोरी आती है, और दर्द फिर भी आता रहता है। ये वो जगह है जहां परहेज़ इलाज की जगह लेने की कोशिश करता है — और नाकाम रहता है।

बार-बार लौटने वाला दर्द किस तरह पहचानें, ये biliary colic पर समझाया गया है।

डॉक्टर को तुरंत कब दिखाएं?

परहेज़ चल रहा हो तब भी, इनमें से कुछ भी दिखे तो देर न करें। ये संकेत बताते हैं कि पथरी अब सिर्फ दर्द नहीं दे रही, बल्कि रास्ता रोक चुकी है:

तुरंत मिलें
आंख या त्वचा में पीलापन
बुखार के साथ दर्द
दर्द घंटों तक न रुके
लगातार उल्टी
गहरे रंग का पेशाब, सफेद रंग का मल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दही और छाछ बंद करने पड़ेंगे?

नहीं। कम चर्बी वाला दही और छाछ ज़्यादातर लोगों को ठीक लगते हैं। मलाई वाला दूध कम रखिए।

क्या मसाले दर्द बढ़ाते हैं?

सीधे नहीं। मसालेदार खाना अक्सर तेल में बना होता है — असर तेल का होता है, मसाले का नहीं। घर की कम तेल वाली मसालेदार सब्ज़ी ज़्यादातर लोगों को परेशान नहीं करती।

क्या खाली पेट रहना ठीक है?

नहीं। लंबे उपवास से पित्त थैली में गाढ़ा जमता है। बेहतर है दिन में चार-पांच छोटे हिस्से लीजिए।

अंडा खा सकते हैं?

उबला हुआ ठीक है। तला हुआ या ज़्यादा मक्खन वाला ऑमलेट टालिए।

क्या चावल या रोटी छोड़नी पड़ेगी?

नहीं। इनमें चर्बी नहीं होती। ध्यान उस चीज़ पर रखिए जो इनके साथ जा रही है।

त्योहार पर क्या करूं?

थोड़ी मात्रा में लीजिए और एक ही बार में भारी थाली से बचिए। एक-दो टुकड़े मिठाई ज़्यादातर लोगों में तकलीफ नहीं देती।

क्या ठंडा पानी या आइसक्रीम से दर्द होता है?

तापमान से नहीं। आइसक्रीम में चर्बी होती है, असर उसका है।

परहेज़ से क्या पथरी बढ़ना रुक जाएगी?

नई पथरी बनने का खतरा कुछ घटता है, खासकर अगर वज़न और खाना संतुलित रहे। लेकिन जो पथरी बन चुकी है, वो वैसी ही रहती है।

परहेज़ मददगार है, पर इलाज नहीं। जिस पथरी ने एक बार दर्द दिया है, वो दोबारा देगी — चाहे आप कितना भी संभलकर खाएं।

संदर्भ: Cholelithiasis — StatPearls, NCBI

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पित्त की पथरी का ऑपरेशन कैसे होता है?पित्त की पथरी का ऑपरेशन कब कराना चाहिए?पित्त की पथरी में कौन सी सब्जी और खाना खाना चाहिए?

परहेज़ मददगार है, पर इलाज नहीं।

+91 63555 64601

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Dr. Harsh J Shah
Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
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