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Dr. Harsh J Shah

पेट में जेली जैसा म्यूकस: CRS और HIPEC क्या है?

आख़िरी बार अपडेट: 6 नवंबर 2026

Dr Harsh Shah, पेट और आंत के सर्जन, अहमदाबाद

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
HIPEC & Abdominal Lining Cancer Surgeon
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव

संक्षेप में

Pseudomyxoma peritonei यानी पेट में फैला जेली जैसा म्यूकस, जो ज़्यादातर अपेंडिक्स की छोटी म्यूकस बनाने वाली गांठ से आता है। यह धीरे बढ़ता है, पर जगह भरता जाता है और अपने आप नहीं जाता।

जो लोग ऑपरेशन के लिए ठीक हैं, उनके आम इलाज में दो हिस्से होते हैं। Cytoreductive surgery (CRS) दिखने वाला सारा जमाव निकालती है। फिर HIPEC, यानी पेट को गरम कीमोथेरेपी से धोने की विधि, की जाती है।

स्कैन पर आधारित plan मांगिए, और रोग पेट के कितने हिस्से तक पहुंचा है, इसका साफ़ जवाब लीजिए।

जांच, ऑपरेशन और अपेंडिक्स की गांठों की पूरी बात के लिए हमारा अपेंडिक्स की गांठ का इलाज पेज पढ़िए। यह लेख एक ही बात समझाता है: pseudomyxoma का बड़ा ऑपरेशन कैसा होता है।

Pseudomyxoma peritonei क्या है?

यह पेट की परत का धीमा, म्यूकस बनाने वाला रोग है। म्यूकस जेली जैसा गाढ़ा होता है, इसीलिए लोग इसे जेली बेली कहते हैं।

ज़्यादातर मरीज़ों में जड़ अपेंडिक्स की म्यूकस बनाने वाली गांठ होती है। अपेंडिक्स की दीवार फटती है और गांठ की कोशिकाओं के साथ म्यूकस पेट में फैल जाता है। कोशिकाएं परत पर चिपक जाती हैं और और म्यूकस बनाती रहती हैं। महीनों या सालों में पेट धीरे-धीरे फूलता है। कुछ लोगों में यह अचानक मिलता है, अपेंडिक्स की सूजन की शंका में हुए ऑपरेशन के दौरान या किसी और कारण से कराए स्कैन में। महिलाओं में कभी-कभी अंडाशय में गांठ दिखना पहला संकेत होता है।

किन संकेतों पर शंका करें?

शरीर में और कहीं वज़न बढ़े बिना पेट का बढ़ते जाना जाना-पहचाना संकेत है। शुरुआती संकेत आसानी से छूट जाते हैं।

  • पेट धीरे-धीरे बड़ा होता जाए, या कमर पर कपड़े फ़िट न आएं।
  • जांघ की जड़ में या नाभि के पास नई हर्निया दिखे।
  • थोड़ा खाते ही पेट भर जाए, या भूख घटे।
  • पेट फूले, पेट में हल्की बेचैनी रहे या शौच की आदत बदले।
  • महिलाओं में स्कैन में अंडाशय की गांठ दिखे।

निदान कैसे पक्का होता है?

Contrast CT या MRI दिखाता है कि म्यूकस कहां है। बायोप्सी या पेट के अंदर देखने से grade मिलता है। आगे का हर फ़ैसला इसी grade पर चलता है।

CEA, CA 19-9 और CA 125 जैसे खून के मार्कर देखे जाते हैं। वे एक संकेत हैं, और स्कैन के साथ मिलाकर पढ़े जाते हैं। म्यूकस तय जगहों पर जमा होता है: डायाफ़्राम के नीचे, पेल्विस में, ओमेंटम पर और दाईं तरफ़। हिलती-डुलती छोटी आंत पर इसका असर अक्सर कम होता है, और इसीलिए ऑपरेशन काम कर सकता है। बड़ी आंत की जांच के लिए कोलोनोस्कोपी अक्सर जोड़ी जाती है। फिर पैथोलॉजिस्ट grade बताते हैं, जो दिखाता है कि गांठ कितनी तेज़ी से बर्ताव करती है।

ड्रेनेज और कीमोथेरेपी काफ़ी क्यों नहीं?

म्यूकस इतना गाढ़ा होता है कि पूरा निकलता नहीं, और इंजेक्शन या गोली से दी दवा उसमें अच्छी तरह नहीं पहुंचती। ड्रेनेज से छोटी राहत मिलती है और म्यूकस फिर भर जाता है।

सुई से ड्रेनेज या छोटे ऑपरेशन से म्यूकस निकालने पर तना हुआ पेट कुछ समय के लिए ढीला पड़ता है। पर म्यूकस बनाने वाली कोशिकाएं उससे नहीं निकलतीं। बार-बार ड्रेनेज से निशान की ऊतक भी बनती है, जो बाद के पूरे ऑपरेशन को कठिन बनाती है। इसलिए जो व्यक्ति उचित हो, उसे डॉक्टर आम तौर पर जल्दी, योजना बनाकर पूरा ऑपरेशन सुझाते हैं। ऊंचे grade के रोग में और ऑपरेशन न हो सकने वाले कुछ लोगों में कीमोथेरेपी की भूमिका होती है।

CRS और HIPEC में क्या होता है?

CRS पेट से दिखने वाला सारा जमाव निकालती है। HIPEC न दिखने वाली कोशिकाओं के लिए पेट को गरम कीमोथेरेपी से धोती है। दोनों एक ही बैठक में होते हैं।

Pseudomyxoma peritonei के ऑपरेशन के दो हिस्से
हिस्सायह क्या करता हैइसमें क्या आ सकता है
CRS (cytoreductive surgery)दिखने वाला सारा म्यूकस और गांठ हिस्सा-दर-हिस्सा निकालती हैरोगग्रस्त परत निकालना, ओमेंटम निकालना, और जुड़ा हो तो अपेंडिक्स, पित्ताशय या आंत का हिस्सा निकालना। महिलाओं में अंडाशय और बच्चेदानी निकालनी पड़ सकती है
रोग की स्कोरिंगनापती है कि पेट का कितना हिस्सा जुड़ा है और कितना पूरा साफ़ हुआसर्जन पहले और बाद में पेट के हर भाग में रोग का फैलाव दर्ज करते हैं, और लक्ष्य रखते हैं कि कोई दिखने वाला रोग न बचे
HIPEC (पेट में गरम कीमोथेरेपी)परत पर बची सूक्ष्म कोशिकाओं पर असर करती हैगरम दवा का घोल लगभग एक घंटे या ज़्यादा समय पेट में घुमाया जाता है, फिर निकाल लिया जाता है
दोबारा जोड़ना और ठीक होनाआंत जोड़ती है और पेट बंद करती हैड्रेन लगाए जाते हैं। अस्थायी स्टोमा कुछ ही लोगों में चाहिए

CRS का लक्ष्य है कि कोई दिखने वाला रोग न बचे। म्यूकस कितना पूरा निकला, यह इस बात के मज़बूत संकेतों में से एक है कि ऑपरेशन कितना काम करता है।

म्यूकस तहों में और डायाफ़्राम के नीचे छिपता है, इसलिए सर्जन पूरे पेट में तय क्रम से काम करते हैं। आंत निकालनी पड़े तो उसी बैठक में जोड़ दी जाती है। म्यूकस निकालने के बाद HIPEC होती है, जिसमें पेट खुला या बंद पद्धति में होता है। दवा, उसकी मात्रा और समय टीम आपकी गांठ के अनुसार तय करती है। गर्मी दवा को कोशिकाओं पर ज़्यादा असर करने में मदद करती है। धोने के बाद द्रव निकाल लिया जाता है और पेट बंद होता है।

किसके लिए उचित, किसके लिए नहीं?

फ़ैसला तीन बातों पर टिकता है: रोग कितना फैला है, आप कितने सक्षम हैं, और गांठ का grade। यह स्कैन और पूरी जांच के बाद लिया जाता है।

  • ज़्यादातर पेट में सीमित और पूरा निकाला जा सकने वाला रोग ऑपरेशन के लिए साफ़ तौर पर उचित है।
  • छोटी आंत में व्यापक फैलाव हो तो पूरी सफ़ाई सुरक्षित न भी हो।
  • दिल, फेफड़ों या गुर्दे की क्षमता कम हो तो लंबा ऑपरेशन संभव न भी हो, या पहले तैयारी चाहिए।
  • पेट के बाहर फैलाव हो तो plan बदलता है। दूसरे इलाज सुझाए जा सकते हैं।
  • ऊंचे grade के रोग में ऑपरेशन से पहले या बाद में कीमोथेरेपी चाहिए। क्रम टीम तय करती है।

जोखिम कौन-कौन से हैं?

यह बड़ा ऑपरेशन है। जोखिम असली हैं, और ICU सहायता वाली विशेषज्ञ टीम उन्हें घटाती है। सहमति देने से पहले आपको सारे जोखिम पूरे सुनने चाहिए।

  • खून बहना, और खून चढ़ाने की ज़रूरत।
  • पेट, छाती या घाव में संक्रमण।
  • आंत के जोड़ से रिसाव, जिसमें दूसरी प्रक्रिया करनी पड़ सकती है।
  • आंत का काम धीरे शुरू होना, और कुछ हफ़्ते वज़न घटना।
  • पैर या फेफड़े में खून के थक्के, और दवा से गुर्दे पर दबाव।
  • HIPEC के बाद कुछ समय के लिए खून की गिनती कम होना।

ठीक होने की प्रक्रिया कैसी होती है?

शुरुआती दिन ICU में देखभाल, फिर कुछ हफ़्ते वार्ड में। ताक़त लौटने में महीने लगते हैं, चरणों में।

फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की मदद से चलना जल्दी शुरू होता है। खाना चरणों में लौटता है, पहले तरल और फिर ठोस, और डाइटीशियन प्रोटीन तथा कैलोरी का मार्गदर्शन देते हैं। दर्द पर नियंत्रण, छाती की कसरत और थक्के रोकने के उपाय रोज़ के क्रम का हिस्सा हैं। ज़्यादातर लोग एक से तीन हफ़्ते में घर जाते हैं। उसके बाद स्कैन और मार्कर के साथ नियमित फ़ॉलो-अप आता है, जिसे हमारे लेख अपेंडिक्स की गांठ के ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप में समझाया है।

सर्जन से क्या पूछें?

पूछिए कि स्कैन क्या दिखाता है, plan क्या है, और रोग पूरा न निकल सके तो टीम क्या करेगी।

  • मेरी गांठ का grade क्या है, और वह कितनी तेज़ी से बढ़ती है?
  • मेरा कितना पेट जुड़ा है, और क्या सब निकाला जा सकेगा?
  • HIPEC में कौन-सी दवा इस्तेमाल होगी, और क्यों?
  • मेरी उम्र और क्षमता देखते हुए मेरे लिए जोखिम क्या है?
  • ICU में और अस्पताल में कितना समय रहना होगा?
  • फ़ॉलो-अप कैसा और कितने साल चलेगा?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Pseudomyxoma peritonei सरल भाषा में क्या है?

यह ऐसी स्थिति है जिसमें म्यूकस बनाने वाली गांठ, ज़्यादातर अपेंडिक्स की, पेट में जेली जैसा म्यूकस फैला देती है। म्यूकस पेट की परत पर जमकर धीरे-धीरे जगह भरता है। यह दुर्लभ है, और ज़्यादातर लोगों में धीरे बढ़ता है।

क्या सिर्फ़ दवा से pseudomyxoma का इलाज हो सकता है?

सिर्फ़ दवा से शायद ही काबू आता है। म्यूकस गाढ़ा होता है और दवा उसमें अच्छी तरह नहीं पहुंचती। म्यूकस निकालने से कुछ समय की ही राहत मिलती है। जो लोग ऑपरेशन के लिए ठीक हैं, उनमें ऑपरेशन मुख्य इलाज है।

CRS और HIPEC का मतलब क्या है?

CRS यानी cytoreductive surgery, जिसमें सर्जन पेट से दिखने वाला सारा म्यूकस और गांठ निकालते हैं। HIPEC यानी गरम कीमोथेरेपी। ऑपरेशन के अंत में गरम दवा का घोल पेट में घुमाया जाता है, जो न दिखने वाली कोशिकाओं पर असर करता है।

ऑपरेशन में कितना समय लगता है?

यह लंबा ऑपरेशन है, अक्सर कई घंटे का, क्योंकि पेट की पूरी परत चरणों में जांचकर साफ़ की जाती है। समय इस पर निर्भर है कि म्यूकस कितना है। ऑपरेशन के बाद ICU बेड पहले से तैयार रखा जाता है।

किसके लिए CRS और HIPEC उचित नहीं है?

छोटी आंत में व्यापक फैलाव हो, लंबे ऑपरेशन के लिए शरीर बहुत कमज़ोर हो, या रोग पेट के बाहर हो तो दूसरे विकल्प उचित हो सकते हैं। स्कैन, जांच और शारीरिक क्षमता तय करती है, सिर्फ़ उम्र नहीं।

CRS और HIPEC के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

अस्पताल में आम तौर पर एक से तीन हफ़्ते रहना पड़ता है, और पूरी ताक़त लौटने में कुछ महीने लगते हैं। खाना चरणों में शुरू होता है और चलना जल्दी शुरू होता है। खान-पान, फ़िज़ियोथेरेपी और जांच का plan टीम आपके साथ बनाती है।

ऑपरेशन के बाद क्या pseudomyxoma लौट सकता है?

धीरे-धीरे लौट सकता है, इसीलिए स्कैन और मार्कर सालों तक तय होते हैं। संभावना गांठ के grade और म्यूकस कितना पूरा निकल सका, इस पर निर्भर है। जल्दी पता चले तो आगे का इलाज आसान रहता है।

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अपेंडिक्स की गांठों और उनके इलाज की पूरी जानकारी के लिए अपेंडिक्स की गांठ का इलाज पेज से शुरू कीजिए। आने से पहले सवाल हों तो +91-63555-64601 पर फ़ोन कीजिए।

Dr Harsh Shah कहां मिलते हैं

डॉ. हर्ष शाह — डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, वासणा, अहमदाबाद
डॉ. जीवराज मेहता अस्पताल, डॉ. जीवराज मेहता मार्ग, वासणा, अहमदाबाद 380007.
परामर्श, रिपोर्ट और स्कैन की समीक्षा, ऑपरेशन और फॉलो-अप। OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे।
अपॉइंटमेंट: +91-63555-64601 · +91-63590-11009 · अस्पताल 079-2663 6363
अस्पताल की दिशा · WhatsApp +91-63555-64601

पेट में म्यूकस बताया गया है, या अपेंडिक्स की गांठ से "जेली बेली" हुआ है? Dr Harsh Shah आपके स्कैन और रिपोर्ट देखेंगे। वे समझाएंगे कि cytoreductive surgery और HIPEC आपके लिए उचित हैं या नहीं, और plan सरल भाषा में रखेंगे। फ़ोन कीजिए, या स्कैन WhatsApp पर भेजिए। फ़ोन कीजिए +91-63555-64601 स्कैन WhatsApp पर भेजिए

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Dr Harsh Shah, Gastro, Cancer & Laparoscopic Surgeon, Ahmedabad
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