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Dr. Harsh J Shah

मलाशय बाहर आना: operation और mesh का सवाल

अहमदाबाद और गांधीनगर · Dr Harsh Shah, Rectal & Pelvic Floor Surgeon

Prolapse का operation जो बाहर आता है उसे अंदर करके बाँध देता है। लेकिन शौच पर control लौट ही आएगा, इसकी गारंटी यह operation नहीं देता — कई मरीज़ों में control बेहतर होता है, कुछ में थोड़ा, और कुछ में बिल्कुल नहीं, और पहले से यह बताना मुमकिन नहीं कि आप किस समूह में होंगे। कौन-सा operation करना है, यह तीन बातों से तय होता है — आपकी सेहत कैसी है, कब्ज कितनी है, और mesh लगाना ठीक है या नहीं।

Dr Harsh Shah कौन हैं

Dr Harsh Shah, rectal and pelvic floor surgeon, Ahmedabad

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Rectal & Pelvic Floor Surgeon
· Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad

Surgical gastroenterology में दो बार qualified. एक surgeon के तौर पर कहूँ — prolapse में operation करना मुश्किल नहीं है, किसका कौन-सा operation हो यह तय करना मुश्किल है। इसीलिए यहाँ सिर्फ़ prolapse नहीं, पूरा pelvic floor देखा जाता है — sphincter, शौच की आदत, बाकी compartment, और मरीज़ की अपनी सेहत। Gota listing पर Google rating 4.89, 216 reviews; Apollo, Bhat listing पर 4.94, 17 reviews.

ध्यान दें: बवासीर (piles), fissure और perianal fistula इस practice में नहीं किए जाते, उनके लिए आगे भेजा जाता है। यहाँ इनका ज़िक्र सिर्फ़ इसलिए है कि “कुछ बाहर आता है” कहकर आने वाले मरीज़ों में सबसे ज़्यादा भ्रम इन्हीं के साथ होता है, और पहली जाँच में ही इन्हें अलग करना पड़ता है।

असली prolapse या कुछ और?

पूरी मोटाई का rectal prolapse गोल-गोल छल्लों जैसा दिखता है, और उसके तथा गुदा के किनारे के बीच एक खाँचा होता है। बवासीर बाहर आए तो लकीरें पंखुड़ी की तरह बाहर की ओर जाती हैं और सिर्फ़ अंदर की परत बाहर आती है। दोनों का इलाज बिल्कुल अलग जगह होता है, और यह फ़र्क़ सुनकर नहीं, देखकर ही तय होता है।

अहमदाबाद के OPD में यह रोज़ दिखता है: मरीज़ सालों से बवासीर का इलाज करवा चुका होता है, दवाइयाँ, मरहम, कभी-कभी एक procedure भी — और तकलीफ़ वैसी की वैसी, क्योंकि वह बवासीर थी ही नहीं। साथ में तीन और शिकायतें उतनी ही अहम हैं जितना बाहर आने वाला हिस्सा — कपड़े ख़राब होना, पेट कभी पूरा साफ़ न होने का एहसास, और बाहर आई परत से चिपचिपा पानी या ख़ून आना।

क्या दिखता हैपूरी मोटाई का rectal prolapseअंदर की परत या बवासीर
छल्लों का ढंगगोल, एक के ऊपर एकपंखुड़ी जैसी, बाहर की ओर
मोटाईआँत की पूरी दीवार, गुदा के किनारे के साथ खाँचासिर्फ़ अंदर की परत
इलाज कहाँयहाँ — यही pageयहाँ नहीं; आगे भेजा जाता है

एक बात पूरा निदान बदल देती है। बिस्तर पर लिटाकर जाँचें तो prolapse अक्सर दिखता ही नहीं, और clinic के काग़ज़ पर “कुछ नहीं मिला” लिख दिया जाता है — इस बीमारी में सबसे आम ग़लत तसल्ली यही है। इसलिए यहाँ मरीज़ को ज़ोर लगाते हुए, हो सके तो commode पर बैठाकर, जाँचा जाता है। घर पर बाहर आता है लेकिन किसी जाँच में नहीं मिला — यह दोबारा ठीक से जाँच करवाने की वजह है, “कुछ नहीं है” मान लेने की नहीं।

कौन-सी जाँच ज़रूरी, और colonoscopy क्यों अनिवार्य?

Prolapse वाले हर वयस्क मरीज़ की, planned operation से पहले, colonoscopy होती है। कभी-कभी आँत में मौजूद एक गाँठ prolapse को नीचे खींच रही होती है, और आँत देखे बिना operation कर देना बदक़िस्मती नहीं — टाली जा सकने वाली ग़लती है।

Colonoscopy के अलावा जाँचें सबको एक जैसी नहीं दी जातीं; हर जाँच किसी एक तय सवाल का जवाब देने के लिए होती है।

जाँचक्या तय करती है
Colonoscopyआँत में गाँठ या दूसरी बीमारी है या नहीं। हर वयस्क में planned operation से पहले ज़रूरी।
Defaecating proctography या MR defaecographyशौच के दौरान अंदर क्या होता है यह दिखाती है — अंदर ही रह जाने वाला intussusception, rectocele, enterocele, और perineum कितना नीचे उतरता है। अंदर का prolapse और बाहर का prolapse यही जाँच अलग करती है।
Anorectal manometry और endoanal ultrasoundSphincter को नापती है और बताती है कि वह फटा है या सिर्फ़ कमज़ोर। जहाँ कपड़े ख़राब होना मुख्य शिकायत है, और प्रसव में चोट वाली महिलाओं में ख़ास ज़रूरी।
Colonic transit studyजहाँ कब्ज बहुत ज़्यादा है। धीमी आँत और लंबा sigmoid हो तो operation सादे rectopexy से बदलकर resection rectopexy हो जाता है।
बाकी compartment की जाँचबच्चेदानी या मूत्राशय का नीचे आना prolapse के साथ अक्सर रहता है, इसलिए तीनों compartment एक साथ देखे जाते हैं और ज़रूरत पर gynaecology के साथ।

एक से ज़्यादा compartment जुड़े हों, या mesh पर विचार हो रहा हो, तो कोई भी स्थायी क़दम उठाने से पहले केस pelvic floor की साझा बैठक में रखा जाता है। जिस महिला को योनि मार्ग का prolapse भी हो, उसमें अकेला rectal prolapse ठीक करना तेज़ काम नहीं, अधूरी योजना है।

Operation टालें तो क्या होगा, किसे नहीं टालना?

जो prolapse अंदर ही रहता है और बाहर नहीं आता, रुक-रुककर होने वाला शौच, और solitary rectal ulcer syndrome — इन तीनों का इलाज पहले operation के बिना ही होता है। Pelvic floor physiotherapy और biofeedback इस बीमारी का सबसे काम का ग़ैर-सर्जिकल इलाज है, और सबसे कम दिया जाने वाला भी यही है।

यह operation की तारीख़ मिलने तक इंतज़ार करने का तरीक़ा नहीं है। यह ख़ुद इलाज है, और बहुत से मरीज़ों के लिए यही पूरा इलाज है। मल नरम रखा जाता है ताकि ज़ोर लगाना बंद हो — ज़ोर लगाने से ही यह तकलीफ़ बनी है और वही operation के बाद जोड़ को खोल देता है। कब्ज करने वाली दवाएँ बदली जाती हैं। जहाँ कपड़े ख़राब होना मुख्य शिकायत है, वहाँ bulking agent और नपा-तुला loperamide अक्सर operation से ज़्यादा काम करते हैं। Transanal irrigation — गुनगुने पानी से निचली आँत नियमित साफ़ करना — दोनों तरह की तकलीफ़ में काम करता है और यहाँ बहुत कम इस्तेमाल होता है। Physiotherapy की एक बात अलग से: जो pelvic floor ढीला होना चाहिए तब सिकुड़ जाता है, वह rectum बाँध देने से ठीक नहीं होता — biofeedback उसे दोबारा वही सिखाता है। Operation होना हो तब भी यह पहले शुरू होती है और बाद में जारी रहती है।

जो prolapse बाहर आकर वापस जाता ही नहीं, वह अलग बात है — वह तुरंत का मामला है। दर्द की दवा और धीमे, लगातार, हल्के दबाव से ज़्यादातर अंदर चले जाते हैं। सूजी हुई परत पर साधारण दानेदार चीनी छिड़कने से सूजन उतरती है और अक्सर जो अंदर नहीं जा रहा था वह चला जाता है — बेहद आसान तरीक़ा, पर बहुत कम लोग जानते हैं। फिर भी अंदर न जाए, या आँत काली पड़ती दिखे, तो उसी दिन operation करना पड़ता है।

कौन-सा operation: पेट से या नीचे से?

पेट के रास्ते वाले operation लंबे समय तक ज़्यादा टिकते हैं और बेहतर सेहत वाले मरीज़ों के लिए हैं; नीचे के रास्ते वाले कमज़ोर मरीज़ों और emergency के लिए हैं, पर उनमें prolapse दोबारा होने की संभावना ज़्यादा रहती है। "सबसे अच्छा operation" जैसी कोई चीज़ नहीं है — किसी ख़ास मरीज़ के लिए सबसे अच्छा operation होता है।

Operationकिसके लिएक्या करता है
Ventral mesh rectopexyबेहतर सेहत वाले मरीज़, दूरबीन सेRectum को सिर्फ़ आगे की ओर से उठाकर बाँधा जाता है, बग़ल के जुड़ाव और उनमें चलने वाली नसों को छुए बिना — इसीलिए पुराने पीछे वाले operation के मुक़ाबले इसमें नई कब्ज कम होती है। साथ में rectocele भी ठीक होता है। इसमें mesh लगता है: नीचे का हिस्सा पढ़िए, वह छोटी बात नहीं है।
Posterior sutured rectopexyजिन्हें mesh नहीं चाहिए, या जिनके लिए mesh ठीक नहींसिर्फ़ टाँकों से rectum को रीढ़ के साथ बाँधा जाता है। Mesh नहीं, इसलिए mesh की कोई तकलीफ़ नहीं। बग़ल के जुड़ाव जान-बूझकर बचाए जाते हैं, क्योंकि उन्हें काटने से ही बाद में कब्ज होती है।
Resection rectopexyलंबा sigmoid और साथ में भारी कब्ज वाले मरीज़फ़ालतू sigmoid निकालकर उसी operation में rectum बाँधा जाता है। कब्ज तकलीफ़ का बड़ा हिस्सा हो तो यही चुनाव है। इसमें आँत का जोड़ आता है, इसलिए जोड़ से जुड़े जोखिम भी।
Altemeier (perineal rectosigmoidectomy)कमज़ोर या ज़्यादा जोखिम वाले मरीज़, और फँसे हुए prolapse की emergencyबाहर आया हिस्सा नीचे से ही निकाल दिया जाता है, पेट पर बिना किसी चीरे के, कभी-कभी साथ में pelvic floor की मांसपेशी की मरम्मत। फँसकर काले पड़ते prolapse का operation यही है।
Delormeकमज़ोर मरीज़, जिनमें prolapse छोटा होअंदर की परत हटाकर मांसपेशी को मोड़कर टाँके लगाए जाते हैं, नीचे से। इन सबमें सबसे हल्का operation, और इसी में prolapse सबसे ज़्यादा दोबारा आता है।

दो बातें सब में एक जैसी हैं। Rectum के बग़ल के जुड़ाव और उनमें चलने वाली नसें जहाँ तक हो सके बचाई जाती हैं, क्योंकि उन्हें काटने से prolapse की जगह कब्ज और यौन तकलीफ़ मिल जाती है। और colonoscopy planned operation से पहले पूरी होती है, बाद में नहीं।

Mesh का सवाल, सीधी बात में

Pelvic floor की सर्जरी में लगने वाले mesh को लेकर लंबे समय से सुरक्षा समीक्षाएँ चली हैं और कई देशों में उस पर रोक, विराम या रजिस्ट्री की शर्तें लगी हैं। इसलिए यहाँ mesh rectopexy को रोज़मर्रा का, बिना सवाल वाला operation मानकर नहीं दिया जाता। इसे एक विकल्प की तरह रखा जाता है, mesh के बिना होने वाले operation के सामने, और ऐसे consent के साथ जिसमें यह विवाद छिपाया नहीं, नाम लेकर बताया जाता है।

Mesh की दिक़्क़तें कम होती हैं, पर जब होती हैं तो गंभीर होती हैं और ठीक करना मुश्किल — mesh का आँत या योनि में घुस जाना, लंबे समय का pelvic दर्द, संभोग में दर्द, infection या fistula. परेशानी करने वाला mesh निकालना विशेषज्ञ का और कठिन काम है — लगाने से कहीं ज़्यादा कठिन। यही असंतुलन सावधानी की पूरी वजह है। व्यवहार में इसका मतलब यहाँ इतना है:

  • Mesh के बिना होने वाले operation — sutured rectopexy, resection rectopexy और नीचे के रास्ते वाले — हर केस में बताए और दर्ज किए जाते हैं। किसी से यह नहीं कहा जाता कि mesh के अलावा रास्ता नहीं है, क्योंकि ऐसा है नहीं।
  • Mesh सुझाया जाए तो consent में mesh की बात अलग से और इस विवाद के ज़िक्र के साथ लिखी जाती है, और उस समय के नियम जाँचकर — पिछले साल क्या था, यह मानकर नहीं।
  • कौन-सा mesh, कौन-सा batch और कहाँ लगा, इसका record आपको दिया जाता है। आगे कभी pelvic दर्द या स्राव के लिए कहीं जाँच हो, तो वह काग़ज़ काम आता है।
  • Mesh के बाद follow-up लंबा चलता है और उसमें pelvic दर्द, स्राव और संभोग में दर्द सीधे पूछा जाता है — मरीज़ ख़ुद यह बात नहीं उठाते, और पूछकर पकड़ी गई तकलीफ़ इंतज़ार में पकड़ी गई तकलीफ़ से सालों पहले सामने आती है।

Operation क्या ठीक करेगा और क्या नहीं

Operation बनावट ठीक करता है। सालों से खिंचा हुआ sphincter और रास्ते में ख़राब हुई नसें वह ठीक नहीं करता — इसीलिए control कई मरीज़ों में बेहतर होता है, कुछ में थोड़ा, कुछ में नहीं। इस बात को बढ़ाकर कहना ही वह वजह है जिससे तकनीकी रूप से पूरा सही operation होने के बाद भी मरीज़ नाख़ुश रहता है।

Consent से पहले तीन उम्मीदें साफ़ कर दी जाती हैं, बाद में नहीं। Control: अगर आपकी मुख्य तकलीफ़ बाहर आने वाले हिस्से से ज़्यादा कपड़े ख़राब होने की है, तो समझ लीजिए कि operation बाहर आने वाले हिस्से के लिए है। कब्ज: कई में बेहतर होती है, कुछ में rectopexy के बाद बढ़ जाती है — इसीलिए बग़ल के जुड़ाव बचाए जाते हैं। दोबारा होना: prolapse वापस आ सकता है, पेट के रास्ते वाले operation के बाद कम और नीचे के रास्ते वाले के बाद ज़्यादा, और दोबारा हो जाए तो आम तौर पर वही operation दोहराने के बजाय दूसरा रास्ता चुना जाता है। आपकी उम्र, सेहत, sphincter और पिछली सर्जरी के हिसाब से आपके अपने जोखिम consent की बातचीत में लिखकर समझाए जाते हैं — औसत आँकड़ों के सामने नहीं, आपकी अपनी reports के सामने।

Operation के बाद देखभाल और जुलाब की दवा

पेट के रास्ते वाले rectopexy के बाद ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन बिस्तर से बाहर बैठते हैं, दूसरे दिन खाना शुरू करते हैं और दूसरे से चौथे दिन घर जाते हैं। जुलाब की दवा जल्दी और जान-बूझकर शुरू की जाती है, क्योंकि ताज़ा जोड़ को ख़तरा सिर्फ़ ज़ोर लगाने से है।

तैयारी भर्ती से पहले शुरू होती है: ख़ून की कमी ठीक करना, sugar क़ाबू में लाना, खाना सुधारना, तंबाकू बंद करना, और pelvic floor physiotherapy को operation के बाद पर टालने के बजाय पहले ही शुरू करना। जहाँ आँत का हिस्सा निकाला जाना है वहाँ मुँह से antibiotic के साथ आँत साफ़ की जाती है, और जिन थोड़े मरीज़ों में emergency में stoma की ज़रूरत पड़ सकती है उनमें उसकी जगह पहले से निशान कर दी जाती है।

बाद का plan सबके लिए लिखा होता है: operation वाले दिन ही बिस्तर से बाहर, पहले दिन से चलना, खाना जितना सहन हो, pelvic में ज़्यादा काम न हुआ हो तो catheter जल्दी हटाना, और दूसरे दिन से जुलाब की दवा ताकि पहली बार शौच में ज़ोर न लगाना पड़े। नीचे के रास्ते वाले operation के बाद कमज़ोर मरीज़ धीरे आगे बढ़ते हैं, और वहाँ रफ़्तार से ज़्यादा ध्यान खाने, त्वचा की देखभाल और control पर रहता है। खाना चालू, चलना चालू, गोली से दर्द क़ाबू में, बुख़ार नहीं, और शौच हो चुका हो या जुलाब का plan हाथ में हो — तब छुट्टी मिलती है, साथ में physiotherapy की appointment, कब फ़ोन करना है इसकी लिखी हुई सूची, और mesh लगा हो तो mesh का record.

कब operation ही ग़लत क़दम है

Prolapse अंदर ही रहता हो और कभी बाहर न आया हो, operation के बिना वाला इलाज सचमुच पूरा न हुआ हो, मुख्य तकलीफ़ prolapse नहीं बल्कि ख़राब sphincter से कपड़े ख़राब होना हो, और जो बाहर आ रहा है वह असल में बवासीर या अंदर की परत हो — इन चारों हालात में operation ग़लत क़दम है।

अंदर ही रह जाने वाला intussusception सबसे साफ़ उदाहरण है: proctography में दिखता है, रुक-रुककर होने वाला शौच वही समझाता है, और physiotherapy, biofeedback और irrigation से यह operation के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बार ठीक होता है। Solitary rectal ulcer syndrome भी उसी समूह में — कुछ और नहीं है इसकी पक्की जाँच के लिए biopsy, और फिर शौच का तरीक़ा बदलकर इलाज। और prolapse वाले मरीज़ को ख़ून आए तो उसकी जाँच अलग से होती है, उसे prolapse के खाते में नहीं डाला जाता — colonoscopy पहले आने की वजह भी यही है।

आपके इलाज का क्रम

पहली मुलाक़ात से ठीक होने तक पाँच चरण हैं, और हर चरण पर आपको बताया जाता है कि आगे क्या होगा और कब।

  1. Appointment लीजिए। Call या WhatsApp कीजिए। पुरानी colonoscopy report, proctography, पिछले operation के काग़ज़, अभी की दवाएँ, और क्या बाहर आता है, कब आता है और हाथ से अंदर जाता है या नहीं — यह सब साथ लाइए।
  2. जाँच और ज़रूरी reports. सिर्फ़ बिस्तर पर नहीं, ज़ोर लगाते हुए भी जाँच होती है। Colonoscopy न हुई हो तो करवाई जाती है। Proctography, sphincter की जाँच और transit study तभी जोड़े जाते हैं जब वे operation बदल सकें — और एक से ज़्यादा compartment हों तो केस साझा बैठक में जाता है।
  3. पहले operation के बिना वाला इलाज, जहाँ वही सही जवाब है। Biofeedback के साथ physiotherapy, मल नरम रखना, दवाओं की समीक्षा, और जहाँ काम आए वहाँ transanal irrigation. अंदर के prolapse और रुक-रुककर होने वाले शौच के लिए यही इलाज है, operation से पहले का इंतज़ार नहीं।
  4. Operation, आपके हिसाब से चुना हुआ। पेट के रास्ते या नीचे के रास्ते, आँत का हिस्सा निकालकर या बिना, mesh के साथ या बिना — reports देखने के बाद आपके साथ तय होता है, और विकल्प लिखकर दिए जाते हैं। Control और कब्ज को लेकर उम्मीदें दस्तख़त से पहले साफ़ की जाती हैं।
  5. Follow-up. छह हफ़्ते पर घाव, शौच की आदत, control की व्यवस्थित जाँच और ज़ोर लगाना बंद हुआ या नहीं; फिर तीन से छह महीने पर physiotherapy की प्रगति के साथ। Mesh लगा हो तो follow-up लंबा चलता है और उसमें pelvic दर्द, स्राव और संभोग में दर्द सीधे पूछा जाता है।

ख़र्च, insurance और भर्ती

Rectal prolapse का operation ज़्यादातर health insurance policy में आता है, और Apollo Hospital, Bhat में cashless की सुविधा है। Insurance कंपनी निदान का और पहले क्या आज़माया गया इसका सबूत माँगती है, इसलिए वह record जाँच के दौरान ही तैयार होता है, भर्ती के दिन जल्दबाज़ी में नहीं।

ख़र्च किन बातों से बदलता है: operation पेट के रास्ते है या नीचे के रास्ते; दूरबीन से है या खुला; आँत का हिस्सा निकाला जाता है या नहीं, जिसमें जोड़ आता है और आम तौर पर एक-दो दिन ज़्यादा रुकना पड़ता है; mesh लगता है या नहीं और कौन-सा; gynaecology के साथ दूसरे compartment का काम उसी anaesthesia में होता है या नहीं; room की category; और कितने दिन रुकना पड़ेगा। Office pre-authorisation के काग़ज़ clinical कारण के साथ तैयार करता है और policy में जहाँ मुमकिन हो, भर्ती से पहले cashless मंज़ूरी माँगता है। Policy के काग़ज़, ID, पुराने records, imaging film के साथ disc में, और अभी की दवाएँ साथ लाइए।

मरीज़ जो सवाल पूछते हैं

सालों से बवासीर का इलाज चल रहा था, क्या वह ग़लत था?

ज़रूरी नहीं कि ग़लत हो, पर यह जाँचने लायक़ है। बवासीर और पूरी मोटाई का prolapse देखने में अलग होते हैं — एक में पंखुड़ी जैसी लकीरें, दूसरे में गोल छल्ले और गुदा के किनारे के साथ खाँचा। अगर मरहम, दवाओं और किसी procedure के बाद भी वैसी की वैसी तकलीफ़ है, तो ज़ोर लगाते हुए दोबारा जाँच करवाना सबसे सही अगला क़दम है।

Operation के बाद कपड़े ख़राब होना बंद हो जाएगा?

बेहतर हो सकता है और कई मरीज़ों में होता है — पर गारंटी नहीं और पहले से बताया नहीं जा सकता। Operation prolapse ठीक करता है; सालों से खिंचा sphincter या ख़राब नसें वह ठीक नहीं करता। अगर आपकी मुख्य तकलीफ़ यही है तो पहली मुलाक़ात में ही बताइए — इससे कौन-सी जाँच होगी और क्या सुझाया जाएगा, वह बदल जाता है।

Mesh लगवाना ज़रूरी है?

नहीं। Sutured rectopexy, resection rectopexy और नीचे के रास्ते वाले operation — इनमें mesh लगता ही नहीं, और हर केस में इन पर बात होती है। Pelvic floor के mesh को लेकर सुरक्षा समीक्षाएँ हुई हैं और कई देशों में शर्तें हैं, इसलिए यह सोच-समझकर लिया गया चुनाव है — अपने-आप चलने वाला रास्ता नहीं।

जो दिख रहा है उसके लिए colonoscopy क्यों?

क्योंकि आँत में मौजूद गाँठ prolapse को नीचे खींच रही हो सकती है, और आँत में दूसरी बीमारी हो तो operation बदल जाता है। Planned operation से पहले हर वयस्क की आँत देखी जाती है। जाँच छोटी है और इसमें छूट नहीं है।

बाहर आया हिस्सा वापस नहीं जा रहा, क्या करूँ?

इसे तुरंत का मामला मानिए और appointment का इंतज़ार किए बिना office पर फ़ोन कीजिए। दर्द की दवा और धीमे, हल्के दबाव से ज़्यादातर अंदर चले जाते हैं, और सूजी परत पर साधारण दानेदार चीनी छिड़कने से सूजन उतरकर यह मुमकिन हो जाता है। फिर भी न जाए या आँत काली पड़ती दिखे, तो उसी दिन operation चाहिए।

Operation के बाद कब्ज ठीक होगी?

कई मरीज़ों में होती है और कुछ में बढ़ जाती है — इसीलिए शौच की आदत देखकर operation चुना जाता है। लंबा sigmoid और भारी कब्ज हो तो उस हिस्से को निकालकर साथ ही rectum बाँधना सादे rectopexy से ज़्यादा काम करता है। बग़ल के जुड़ाव बचाने की वजह भी यही है।

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Dr Harsh Shah अहमदाबाद–गांधीनगर क्षेत्र में दो पतों पर बैठते हैं: Gota, अहमदाबाद का clinic और Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर.

Prolapse और pelvic floor की पुरानी तकलीफ़ लेकर मरीज़ पूरे गुजरात से आते हैं — गांधीनगर, राजकोट, सूरत, वडोदरा, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़ और कच्छ — और राजस्थान तथा मध्यप्रदेश से भी। पहले WhatsApp पर reports भेजिए, ताकि मुलाक़ात का समय फ़ैसले पर ख़र्च हो।

पुरानी colonoscopy report, proctography या MR defaecography, और कितने समय से बाहर आ रहा है — यह साथ लाइए। यही तीन चीज़ें तय करती हैं कि कौन-सा operation विचार में आ सकता है। Call +91-63555-64601 · WhatsApp करें

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