Skip to main contentअहमदाबाद और गांधीनगर · Dr Harsh Shah, Rectal & Pelvic Floor Surgeon
Prolapse का operation जो बाहर आता है उसे अंदर करके बाँध देता है। लेकिन शौच पर control लौट ही आएगा, इसकी गारंटी यह operation नहीं देता — कई मरीज़ों में control बेहतर होता है, कुछ में थोड़ा, और कुछ में बिल्कुल नहीं, और पहले से यह बताना मुमकिन नहीं कि आप किस समूह में होंगे। कौन-सा operation करना है, यह तीन बातों से तय होता है — आपकी सेहत कैसी है, कब्ज कितनी है, और mesh लगाना ठीक है या नहीं।

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Rectal & Pelvic Floor Surgeon
· Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Surgical gastroenterology में दो बार qualified. एक surgeon के तौर पर कहूँ — prolapse में operation करना मुश्किल नहीं है, किसका कौन-सा operation हो यह तय करना मुश्किल है। इसीलिए यहाँ सिर्फ़ prolapse नहीं, पूरा pelvic floor देखा जाता है — sphincter, शौच की आदत, बाकी compartment, और मरीज़ की अपनी सेहत। Gota listing पर Google rating 4.89, 216 reviews; Apollo, Bhat listing पर 4.94, 17 reviews.
ध्यान दें: बवासीर (piles), fissure और perianal fistula इस practice में नहीं किए जाते, उनके लिए आगे भेजा जाता है। यहाँ इनका ज़िक्र सिर्फ़ इसलिए है कि “कुछ बाहर आता है” कहकर आने वाले मरीज़ों में सबसे ज़्यादा भ्रम इन्हीं के साथ होता है, और पहली जाँच में ही इन्हें अलग करना पड़ता है।
पूरी मोटाई का rectal prolapse गोल-गोल छल्लों जैसा दिखता है, और उसके तथा गुदा के किनारे के बीच एक खाँचा होता है। बवासीर बाहर आए तो लकीरें पंखुड़ी की तरह बाहर की ओर जाती हैं और सिर्फ़ अंदर की परत बाहर आती है। दोनों का इलाज बिल्कुल अलग जगह होता है, और यह फ़र्क़ सुनकर नहीं, देखकर ही तय होता है।
अहमदाबाद के OPD में यह रोज़ दिखता है: मरीज़ सालों से बवासीर का इलाज करवा चुका होता है, दवाइयाँ, मरहम, कभी-कभी एक procedure भी — और तकलीफ़ वैसी की वैसी, क्योंकि वह बवासीर थी ही नहीं। साथ में तीन और शिकायतें उतनी ही अहम हैं जितना बाहर आने वाला हिस्सा — कपड़े ख़राब होना, पेट कभी पूरा साफ़ न होने का एहसास, और बाहर आई परत से चिपचिपा पानी या ख़ून आना।
| क्या दिखता है | पूरी मोटाई का rectal prolapse | अंदर की परत या बवासीर |
|---|---|---|
| छल्लों का ढंग | गोल, एक के ऊपर एक | पंखुड़ी जैसी, बाहर की ओर |
| मोटाई | आँत की पूरी दीवार, गुदा के किनारे के साथ खाँचा | सिर्फ़ अंदर की परत |
| इलाज कहाँ | यहाँ — यही page | यहाँ नहीं; आगे भेजा जाता है |
एक बात पूरा निदान बदल देती है। बिस्तर पर लिटाकर जाँचें तो prolapse अक्सर दिखता ही नहीं, और clinic के काग़ज़ पर “कुछ नहीं मिला” लिख दिया जाता है — इस बीमारी में सबसे आम ग़लत तसल्ली यही है। इसलिए यहाँ मरीज़ को ज़ोर लगाते हुए, हो सके तो commode पर बैठाकर, जाँचा जाता है। घर पर बाहर आता है लेकिन किसी जाँच में नहीं मिला — यह दोबारा ठीक से जाँच करवाने की वजह है, “कुछ नहीं है” मान लेने की नहीं।
Prolapse वाले हर वयस्क मरीज़ की, planned operation से पहले, colonoscopy होती है। कभी-कभी आँत में मौजूद एक गाँठ prolapse को नीचे खींच रही होती है, और आँत देखे बिना operation कर देना बदक़िस्मती नहीं — टाली जा सकने वाली ग़लती है।
Colonoscopy के अलावा जाँचें सबको एक जैसी नहीं दी जातीं; हर जाँच किसी एक तय सवाल का जवाब देने के लिए होती है।
| जाँच | क्या तय करती है |
|---|---|
| Colonoscopy | आँत में गाँठ या दूसरी बीमारी है या नहीं। हर वयस्क में planned operation से पहले ज़रूरी। |
| Defaecating proctography या MR defaecography | शौच के दौरान अंदर क्या होता है यह दिखाती है — अंदर ही रह जाने वाला intussusception, rectocele, enterocele, और perineum कितना नीचे उतरता है। अंदर का prolapse और बाहर का prolapse यही जाँच अलग करती है। |
| Anorectal manometry और endoanal ultrasound | Sphincter को नापती है और बताती है कि वह फटा है या सिर्फ़ कमज़ोर। जहाँ कपड़े ख़राब होना मुख्य शिकायत है, और प्रसव में चोट वाली महिलाओं में ख़ास ज़रूरी। |
| Colonic transit study | जहाँ कब्ज बहुत ज़्यादा है। धीमी आँत और लंबा sigmoid हो तो operation सादे rectopexy से बदलकर resection rectopexy हो जाता है। |
| बाकी compartment की जाँच | बच्चेदानी या मूत्राशय का नीचे आना prolapse के साथ अक्सर रहता है, इसलिए तीनों compartment एक साथ देखे जाते हैं और ज़रूरत पर gynaecology के साथ। |
एक से ज़्यादा compartment जुड़े हों, या mesh पर विचार हो रहा हो, तो कोई भी स्थायी क़दम उठाने से पहले केस pelvic floor की साझा बैठक में रखा जाता है। जिस महिला को योनि मार्ग का prolapse भी हो, उसमें अकेला rectal prolapse ठीक करना तेज़ काम नहीं, अधूरी योजना है।
जो prolapse अंदर ही रहता है और बाहर नहीं आता, रुक-रुककर होने वाला शौच, और solitary rectal ulcer syndrome — इन तीनों का इलाज पहले operation के बिना ही होता है। Pelvic floor physiotherapy और biofeedback इस बीमारी का सबसे काम का ग़ैर-सर्जिकल इलाज है, और सबसे कम दिया जाने वाला भी यही है।
यह operation की तारीख़ मिलने तक इंतज़ार करने का तरीक़ा नहीं है। यह ख़ुद इलाज है, और बहुत से मरीज़ों के लिए यही पूरा इलाज है। मल नरम रखा जाता है ताकि ज़ोर लगाना बंद हो — ज़ोर लगाने से ही यह तकलीफ़ बनी है और वही operation के बाद जोड़ को खोल देता है। कब्ज करने वाली दवाएँ बदली जाती हैं। जहाँ कपड़े ख़राब होना मुख्य शिकायत है, वहाँ bulking agent और नपा-तुला loperamide अक्सर operation से ज़्यादा काम करते हैं। Transanal irrigation — गुनगुने पानी से निचली आँत नियमित साफ़ करना — दोनों तरह की तकलीफ़ में काम करता है और यहाँ बहुत कम इस्तेमाल होता है। Physiotherapy की एक बात अलग से: जो pelvic floor ढीला होना चाहिए तब सिकुड़ जाता है, वह rectum बाँध देने से ठीक नहीं होता — biofeedback उसे दोबारा वही सिखाता है। Operation होना हो तब भी यह पहले शुरू होती है और बाद में जारी रहती है।
जो prolapse बाहर आकर वापस जाता ही नहीं, वह अलग बात है — वह तुरंत का मामला है। दर्द की दवा और धीमे, लगातार, हल्के दबाव से ज़्यादातर अंदर चले जाते हैं। सूजी हुई परत पर साधारण दानेदार चीनी छिड़कने से सूजन उतरती है और अक्सर जो अंदर नहीं जा रहा था वह चला जाता है — बेहद आसान तरीक़ा, पर बहुत कम लोग जानते हैं। फिर भी अंदर न जाए, या आँत काली पड़ती दिखे, तो उसी दिन operation करना पड़ता है।
पेट के रास्ते वाले operation लंबे समय तक ज़्यादा टिकते हैं और बेहतर सेहत वाले मरीज़ों के लिए हैं; नीचे के रास्ते वाले कमज़ोर मरीज़ों और emergency के लिए हैं, पर उनमें prolapse दोबारा होने की संभावना ज़्यादा रहती है। "सबसे अच्छा operation" जैसी कोई चीज़ नहीं है — किसी ख़ास मरीज़ के लिए सबसे अच्छा operation होता है।
| Operation | किसके लिए | क्या करता है |
|---|---|---|
| Ventral mesh rectopexy | बेहतर सेहत वाले मरीज़, दूरबीन से | Rectum को सिर्फ़ आगे की ओर से उठाकर बाँधा जाता है, बग़ल के जुड़ाव और उनमें चलने वाली नसों को छुए बिना — इसीलिए पुराने पीछे वाले operation के मुक़ाबले इसमें नई कब्ज कम होती है। साथ में rectocele भी ठीक होता है। इसमें mesh लगता है: नीचे का हिस्सा पढ़िए, वह छोटी बात नहीं है। |
| Posterior sutured rectopexy | जिन्हें mesh नहीं चाहिए, या जिनके लिए mesh ठीक नहीं | सिर्फ़ टाँकों से rectum को रीढ़ के साथ बाँधा जाता है। Mesh नहीं, इसलिए mesh की कोई तकलीफ़ नहीं। बग़ल के जुड़ाव जान-बूझकर बचाए जाते हैं, क्योंकि उन्हें काटने से ही बाद में कब्ज होती है। |
| Resection rectopexy | लंबा sigmoid और साथ में भारी कब्ज वाले मरीज़ | फ़ालतू sigmoid निकालकर उसी operation में rectum बाँधा जाता है। कब्ज तकलीफ़ का बड़ा हिस्सा हो तो यही चुनाव है। इसमें आँत का जोड़ आता है, इसलिए जोड़ से जुड़े जोखिम भी। |
| Altemeier (perineal rectosigmoidectomy) | कमज़ोर या ज़्यादा जोखिम वाले मरीज़, और फँसे हुए prolapse की emergency | बाहर आया हिस्सा नीचे से ही निकाल दिया जाता है, पेट पर बिना किसी चीरे के, कभी-कभी साथ में pelvic floor की मांसपेशी की मरम्मत। फँसकर काले पड़ते prolapse का operation यही है। |
| Delorme | कमज़ोर मरीज़, जिनमें prolapse छोटा हो | अंदर की परत हटाकर मांसपेशी को मोड़कर टाँके लगाए जाते हैं, नीचे से। इन सबमें सबसे हल्का operation, और इसी में prolapse सबसे ज़्यादा दोबारा आता है। |
दो बातें सब में एक जैसी हैं। Rectum के बग़ल के जुड़ाव और उनमें चलने वाली नसें जहाँ तक हो सके बचाई जाती हैं, क्योंकि उन्हें काटने से prolapse की जगह कब्ज और यौन तकलीफ़ मिल जाती है। और colonoscopy planned operation से पहले पूरी होती है, बाद में नहीं।
Pelvic floor की सर्जरी में लगने वाले mesh को लेकर लंबे समय से सुरक्षा समीक्षाएँ चली हैं और कई देशों में उस पर रोक, विराम या रजिस्ट्री की शर्तें लगी हैं। इसलिए यहाँ mesh rectopexy को रोज़मर्रा का, बिना सवाल वाला operation मानकर नहीं दिया जाता। इसे एक विकल्प की तरह रखा जाता है, mesh के बिना होने वाले operation के सामने, और ऐसे consent के साथ जिसमें यह विवाद छिपाया नहीं, नाम लेकर बताया जाता है।
Mesh की दिक़्क़तें कम होती हैं, पर जब होती हैं तो गंभीर होती हैं और ठीक करना मुश्किल — mesh का आँत या योनि में घुस जाना, लंबे समय का pelvic दर्द, संभोग में दर्द, infection या fistula. परेशानी करने वाला mesh निकालना विशेषज्ञ का और कठिन काम है — लगाने से कहीं ज़्यादा कठिन। यही असंतुलन सावधानी की पूरी वजह है। व्यवहार में इसका मतलब यहाँ इतना है:
Operation बनावट ठीक करता है। सालों से खिंचा हुआ sphincter और रास्ते में ख़राब हुई नसें वह ठीक नहीं करता — इसीलिए control कई मरीज़ों में बेहतर होता है, कुछ में थोड़ा, कुछ में नहीं। इस बात को बढ़ाकर कहना ही वह वजह है जिससे तकनीकी रूप से पूरा सही operation होने के बाद भी मरीज़ नाख़ुश रहता है।
Consent से पहले तीन उम्मीदें साफ़ कर दी जाती हैं, बाद में नहीं। Control: अगर आपकी मुख्य तकलीफ़ बाहर आने वाले हिस्से से ज़्यादा कपड़े ख़राब होने की है, तो समझ लीजिए कि operation बाहर आने वाले हिस्से के लिए है। कब्ज: कई में बेहतर होती है, कुछ में rectopexy के बाद बढ़ जाती है — इसीलिए बग़ल के जुड़ाव बचाए जाते हैं। दोबारा होना: prolapse वापस आ सकता है, पेट के रास्ते वाले operation के बाद कम और नीचे के रास्ते वाले के बाद ज़्यादा, और दोबारा हो जाए तो आम तौर पर वही operation दोहराने के बजाय दूसरा रास्ता चुना जाता है। आपकी उम्र, सेहत, sphincter और पिछली सर्जरी के हिसाब से आपके अपने जोखिम consent की बातचीत में लिखकर समझाए जाते हैं — औसत आँकड़ों के सामने नहीं, आपकी अपनी reports के सामने।
पेट के रास्ते वाले rectopexy के बाद ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन बिस्तर से बाहर बैठते हैं, दूसरे दिन खाना शुरू करते हैं और दूसरे से चौथे दिन घर जाते हैं। जुलाब की दवा जल्दी और जान-बूझकर शुरू की जाती है, क्योंकि ताज़ा जोड़ को ख़तरा सिर्फ़ ज़ोर लगाने से है।
तैयारी भर्ती से पहले शुरू होती है: ख़ून की कमी ठीक करना, sugar क़ाबू में लाना, खाना सुधारना, तंबाकू बंद करना, और pelvic floor physiotherapy को operation के बाद पर टालने के बजाय पहले ही शुरू करना। जहाँ आँत का हिस्सा निकाला जाना है वहाँ मुँह से antibiotic के साथ आँत साफ़ की जाती है, और जिन थोड़े मरीज़ों में emergency में stoma की ज़रूरत पड़ सकती है उनमें उसकी जगह पहले से निशान कर दी जाती है।
बाद का plan सबके लिए लिखा होता है: operation वाले दिन ही बिस्तर से बाहर, पहले दिन से चलना, खाना जितना सहन हो, pelvic में ज़्यादा काम न हुआ हो तो catheter जल्दी हटाना, और दूसरे दिन से जुलाब की दवा ताकि पहली बार शौच में ज़ोर न लगाना पड़े। नीचे के रास्ते वाले operation के बाद कमज़ोर मरीज़ धीरे आगे बढ़ते हैं, और वहाँ रफ़्तार से ज़्यादा ध्यान खाने, त्वचा की देखभाल और control पर रहता है। खाना चालू, चलना चालू, गोली से दर्द क़ाबू में, बुख़ार नहीं, और शौच हो चुका हो या जुलाब का plan हाथ में हो — तब छुट्टी मिलती है, साथ में physiotherapy की appointment, कब फ़ोन करना है इसकी लिखी हुई सूची, और mesh लगा हो तो mesh का record.
Prolapse अंदर ही रहता हो और कभी बाहर न आया हो, operation के बिना वाला इलाज सचमुच पूरा न हुआ हो, मुख्य तकलीफ़ prolapse नहीं बल्कि ख़राब sphincter से कपड़े ख़राब होना हो, और जो बाहर आ रहा है वह असल में बवासीर या अंदर की परत हो — इन चारों हालात में operation ग़लत क़दम है।
अंदर ही रह जाने वाला intussusception सबसे साफ़ उदाहरण है: proctography में दिखता है, रुक-रुककर होने वाला शौच वही समझाता है, और physiotherapy, biofeedback और irrigation से यह operation के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बार ठीक होता है। Solitary rectal ulcer syndrome भी उसी समूह में — कुछ और नहीं है इसकी पक्की जाँच के लिए biopsy, और फिर शौच का तरीक़ा बदलकर इलाज। और prolapse वाले मरीज़ को ख़ून आए तो उसकी जाँच अलग से होती है, उसे prolapse के खाते में नहीं डाला जाता — colonoscopy पहले आने की वजह भी यही है।
पहली मुलाक़ात से ठीक होने तक पाँच चरण हैं, और हर चरण पर आपको बताया जाता है कि आगे क्या होगा और कब।
Rectal prolapse का operation ज़्यादातर health insurance policy में आता है, और Apollo Hospital, Bhat में cashless की सुविधा है। Insurance कंपनी निदान का और पहले क्या आज़माया गया इसका सबूत माँगती है, इसलिए वह record जाँच के दौरान ही तैयार होता है, भर्ती के दिन जल्दबाज़ी में नहीं।
ख़र्च किन बातों से बदलता है: operation पेट के रास्ते है या नीचे के रास्ते; दूरबीन से है या खुला; आँत का हिस्सा निकाला जाता है या नहीं, जिसमें जोड़ आता है और आम तौर पर एक-दो दिन ज़्यादा रुकना पड़ता है; mesh लगता है या नहीं और कौन-सा; gynaecology के साथ दूसरे compartment का काम उसी anaesthesia में होता है या नहीं; room की category; और कितने दिन रुकना पड़ेगा। Office pre-authorisation के काग़ज़ clinical कारण के साथ तैयार करता है और policy में जहाँ मुमकिन हो, भर्ती से पहले cashless मंज़ूरी माँगता है। Policy के काग़ज़, ID, पुराने records, imaging film के साथ disc में, और अभी की दवाएँ साथ लाइए।
ज़रूरी नहीं कि ग़लत हो, पर यह जाँचने लायक़ है। बवासीर और पूरी मोटाई का prolapse देखने में अलग होते हैं — एक में पंखुड़ी जैसी लकीरें, दूसरे में गोल छल्ले और गुदा के किनारे के साथ खाँचा। अगर मरहम, दवाओं और किसी procedure के बाद भी वैसी की वैसी तकलीफ़ है, तो ज़ोर लगाते हुए दोबारा जाँच करवाना सबसे सही अगला क़दम है।
बेहतर हो सकता है और कई मरीज़ों में होता है — पर गारंटी नहीं और पहले से बताया नहीं जा सकता। Operation prolapse ठीक करता है; सालों से खिंचा sphincter या ख़राब नसें वह ठीक नहीं करता। अगर आपकी मुख्य तकलीफ़ यही है तो पहली मुलाक़ात में ही बताइए — इससे कौन-सी जाँच होगी और क्या सुझाया जाएगा, वह बदल जाता है।
नहीं। Sutured rectopexy, resection rectopexy और नीचे के रास्ते वाले operation — इनमें mesh लगता ही नहीं, और हर केस में इन पर बात होती है। Pelvic floor के mesh को लेकर सुरक्षा समीक्षाएँ हुई हैं और कई देशों में शर्तें हैं, इसलिए यह सोच-समझकर लिया गया चुनाव है — अपने-आप चलने वाला रास्ता नहीं।
क्योंकि आँत में मौजूद गाँठ prolapse को नीचे खींच रही हो सकती है, और आँत में दूसरी बीमारी हो तो operation बदल जाता है। Planned operation से पहले हर वयस्क की आँत देखी जाती है। जाँच छोटी है और इसमें छूट नहीं है।
इसे तुरंत का मामला मानिए और appointment का इंतज़ार किए बिना office पर फ़ोन कीजिए। दर्द की दवा और धीमे, हल्के दबाव से ज़्यादातर अंदर चले जाते हैं, और सूजी परत पर साधारण दानेदार चीनी छिड़कने से सूजन उतरकर यह मुमकिन हो जाता है। फिर भी न जाए या आँत काली पड़ती दिखे, तो उसी दिन operation चाहिए।
कई मरीज़ों में होती है और कुछ में बढ़ जाती है — इसीलिए शौच की आदत देखकर operation चुना जाता है। लंबा sigmoid और भारी कब्ज हो तो उस हिस्से को निकालकर साथ ही rectum बाँधना सादे rectopexy से ज़्यादा काम करता है। बग़ल के जुड़ाव बचाने की वजह भी यही है।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Gota, Ahmedabad, Gujarat
Google rating 4.89 from 216 reviews
Dr Harsh Shah अहमदाबाद–गांधीनगर क्षेत्र में दो पतों पर बैठते हैं: Gota, अहमदाबाद का clinic और Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर.
Prolapse और pelvic floor की पुरानी तकलीफ़ लेकर मरीज़ पूरे गुजरात से आते हैं — गांधीनगर, राजकोट, सूरत, वडोदरा, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़ और कच्छ — और राजस्थान तथा मध्यप्रदेश से भी। पहले WhatsApp पर reports भेजिए, ताकि मुलाक़ात का समय फ़ैसले पर ख़र्च हो।
यह ऑपरेशन आंत (कोलोरेक्टल) सर्जरी का एक हिस्सा है। बड़ी आंत और मलाशय की किस तकलीफ़ में सर्जन से मिलना चाहिए, और पहली मुलाक़ात में कौन-सी रिपोर्ट लानी हैं — पढ़ें: अहमदाबाद में आंत (कोलोरेक्टल) सर्जन · Colorectal surgeon in Ahmedabad (English)
पुरानी colonoscopy report, proctography या MR defaecography, और कितने समय से बाहर आ रहा है — यह साथ लाइए। यही तीन चीज़ें तय करती हैं कि कौन-सा operation विचार में आ सकता है। Call +91-63555-64601 · WhatsApp करें
Swasth Parivar: every week, practical advice on recovery, diet and warning signs. No advertising. Stop any time.
Your number is used for these updates and for the clinic to reach you. It is never sold or passed on. To stop, reply STOP on WhatsApp.