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Dr. Harsh J Shah

अग्न्याशय का cyst: नज़र रखने का सिलसिला जहाँ टूटता है, वहीं बीमारी हाथ से निकलती है

Dr Harsh Shah · Pancreas Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar and Gota OPD, Ahmedabad

अग्न्याशय (pancreas) के cyst वाले मरीज़ की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उसे कुछ महसूस ही नहीं होता। Cyst किसी और वजह से कराए गए स्कैन में निकलता है — गैस, कमर दर्द, पथरी, या एक routine check-up — और मरीज़ बिल्कुल ठीक-ठाक होता है। इसीलिए इस बीमारी में सबसे बड़ी गलती स्कैन गलत पढ़ने की नहीं होती: गलती यह है कि एक appointment छूटता है, फिर दूसरा, और मरीज़ सालों बाद पीलिया लेकर लौटता है। जिन cyst में cancer बनने का असली ख़तरा है, उनमें वह बदलाव तब तक ही इलाज के दायरे में रहता है जब तक कोई नियम से देख रहा हो। उल्टी तरफ़ का ख़तरा भी उतना सच्चा है — pancreas का ऑपरेशन पेट के सबसे बड़े ऑपरेशनों में है, और जो cyst कभी नुक़सान ही नहीं करता उसे निकालना नुक़सान है। दोनों से बचने का एक ही रास्ता है: cyst का प्रकार नाम लेकर तय करना। Dr Harsh Shah यह काम Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre में MRI, endoscopic ultrasound और cyst के तरल की जाँच से करते हैं।

Dr Harsh Shah कौन हैं

Dr Harsh Shah, pancreas cancer surgeon, Ahmedabad

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Pancreas Cancer Surgeon
· Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad

Surgical gastroenterology में दो बार qualified और बड़े केंद्रों में प्रशिक्षित Dr Harsh Shah इस समस्या के दोनों हिस्से संभालते हैं — ऑपरेशन, और सालों तक एक ही cyst पर ढंग से नज़र रखने का वह काम जो असल में जान बचाता है। फ़ैसला तीन लोगों से बनता है: pancreas का MRI नियमित पढ़ने वाला radiologist, छोटे lesion में सुरक्षित needle डाल सकने वाला endoscopist, और वह surgeon जिसके पास ऑपरेशन की कोई वजह न हो जब तक cyst खुद वह वजह न दे। Google rating — Gota clinic पर 216 reviews में 4.89, और Apollo Hospital, Bhat listing पर 17 में 4.94।

पहले cyst का नाम, फिर फ़ैसला

"Cyst" कोई diagnosis नहीं है। यह स्कैन पर दिखने वाला एक आकार है, और यह आकार बनाने वाली कम से कम छह अलग-अलग चीज़ें हैं — कुछ लगभग निर्दोष, कुछ में cancer बनने का असली ख़तरा। आगे क्या करना है, यह cyst की size नहीं, उसका प्रकार तय करता है। नींबू जितना बड़ा serous cystadenoma छोड़ा जा सकता है, और उससे कहीं छोटा main-duct का lesion ऑपरेशन के लायक हर मरीज़ में निकाला जाता है।

प्रकारकिसमें, और स्कैन में कैसामतलब
Branch-duct IPMNबड़ी उम्र में, ज़्यादातर pancreas के head में, कई बार एक से ज़्यादा, pancreatic duct से जुड़ा, अंगूर के गुच्छे जैसाख़तरा कम, पर असली — नीचे दी गई features पर निर्भर
Main-duct या mixed IPMNMain pancreatic duct खुद चौड़ा, endoscopy में मुँह से गाढ़ा तरल निकलता दिखेख़तरा ऊँचा। ऑपरेशन के लायक हर मरीज़ में निकाला जाता है
Mucinous cystic neoplasm (MCN)अधेड़ उम्र की महिलाओं में, body या tail में, एक ही cyst, duct से जुड़ाव नहींख़तरा मध्यम। बड़ा हो, तकलीफ़ दे या nodule दिखे तो निकाला जाता है
Serous cystadenomaबड़ी उम्र की महिलाओं में, मधुमक्खी के छत्ते जैसे बहुत से छोटे ख़ाने, बीच में कभी निशानलगभग निर्दोष। Diagnosis पक्का होने पर न ऑपरेशन, न हमेशा की निगरानी
Cystic neuroendocrine tumourContrast में चमकती किनारNET के रास्ते पर इलाज
PseudocystPancreatitis के हमले के बाद, तरल में amylase ऊँचागाँठ ही नहीं — पर pancreatitis का साफ़ इतिहास न हो तो यह नाम मान लेना ग़लत है

कौन सी जाँच फ़ैसला करती है — और वह सस्ती जाँच जो आज भी छूट जाती है

इस सवाल के लिए CT नहीं, MRI with MRCP पहली पसंद है। यह cyst का आकार, pancreatic duct से जुड़ाव है या नहीं, दीवार पर nodule है या नहीं, और main duct कितना चौड़ा है — चारों दिखाती है। इसमें radiation नहीं होता, इसलिए सालों तक दोहराई जा सकती है। जहाँ diagnosis तय न हो, वहाँ endoscopic ultrasound आगे जाती है: छोटा nodule देखने का यह सबसे अच्छा तरीक़ा है, और cyst से तरल निकालने का एकमात्र।

उस तरल के साथ क्या किया जाए, इसमें अब बदलाव आ चुका है, और बहुत सी lab अब भी पुराने ढंग से चल रही हैं। Mucinous cyst पहचानने के लिए cyst fluid का glucose अब बेहतर जाँच है — 50 mg/dL से नीचे आना उसी तरफ़ इशारा करता है — और यह CEA से ज़्यादा सटीक है, ख़र्च नाममात्र है और किसी भी lab में हो जाती है। जहाँ अकेला CEA भेजा जा रहा है, वहाँ glucose जोड़ने में लगभग कुछ ख़र्च नहीं। तरल में amylase ऊँचा हो तो cyst duct से जुड़ा है। Molecular testing जहाँ मिले वहाँ मदद करती है — GNAS लगभग IPMN में ही आता है, TP53 या SMAD4 आगे बढ़े lesion का इशारा। Cytology कराने लायक है पर सुरक्षा का सबूत नहीं: यहाँ “कुछ नहीं मिला” का मतलब आमतौर पर needle चूकना है।

उसी visit में दो चीज़ें दर्ज हों। CA 19-9 — diagnosis नहीं, पर बढ़े तो चेतावनी। और HbA1c, क्योंकि pancreas में cyst वाले मरीज़ को पहली बार diabetes होना उम्र का संयोग नहीं, cyst की ही एक निशानी माना जाता है। घर में pancreas का cancer या कोई वंशानुगत cancer syndrome हो तो वह पहली मुलाक़ात में लिखा जाता है — इससे तय होता है कि नज़र कितने पास से रखनी है।

कौन सी निशानी चिंता की, और कौन सी तुरंत की

कुछ निशानियों पर ऑपरेशन के लायक हर मरीज़ में ऑपरेशन की बात होती है; कुछ पर endoscopic ultrasound से पास जाकर देखा जाता है। Dr Harsh Shah Kyoto 2024 के criteria पर काम करते हैं, जिन्होंने 2017 के Fukuoka criteria की जगह ली है — किसी pathway, referral form या radiology template में आज भी Fukuoka लिखा हो तो वह पुराना है।

तीन बातें सीधे ऑपरेशन की चर्चा में ले आती हैं, बशर्ते मरीज़ ऑपरेशन के लायक हो: pancreas के head में cyst हो और उसी के कारण पीलिया हो; cyst की दीवार पर contrast पकड़ने वाला nodule 5 mm या उससे बड़ा; और main pancreatic duct 10 mm या उससे चौड़ा।

एक लंबी सूची ऐसी है जिसमें फ़ैसला उसी वक़्त नहीं, endoscopic ultrasound और tumour board की चर्चा होती है: cyst 30 mm या बड़ा; 5 mm से छोटा contrast पकड़ने वाला nodule; दीवार मोटी या contrast पकड़ती; main duct 5 से 10 mm; duct का अचानक सिकुड़ना और उसके आगे का हिस्सा सूखा दिखना; lymph node बड़े; CA 19-9 बढ़ता हुआ; एक साल में 2.5 mm या ज़्यादा बढ़ना; नया या अचानक बिगड़ा diabetes; और pancreatitis का ऐसा हमला जिसकी वजह cyst ही हो।

इनमें से एक भी न हो तो नज़र रखना ही सही इलाज है — समझौता नहीं।

नज़र रखने का सही तरीक़ा — और वह एक तरीक़ा जिससे यह टूटता है

Branch-duct IPMN हो और ऊपर की चिंताजनक निशानियों में से एक भी न हो, तो इलाज का मतलब है MRI का एक तय सिलसिला, और उसका अंतराल cyst की size से तय होता है। 20 mm से छोटा: छह महीने पर एक MRI, फिर जब तक वैसा ही रहे, हर अठारह महीने। 20 से 30 mm: हर साल, और जहाँ सुविधा हो वहाँ बीच-बीच में endoscopic ultrasound। 30 mm या बड़ा — जो अपने आप में चिंताजनक है: हर छह महीने endoscopic ultrasound और MRI।

दो नियम इस सिलसिले को असली सुरक्षा बनाते हैं। पहला — हर स्कैन अकेला नहीं, पिछले स्कैन के सामने पढ़ा जाए। Cyst कितनी रफ़्तार से बढ़ रहा है, इसका वज़न आज की size से ज़्यादा है, इसलिए पुरानी फ़िल्में संभालकर रखनी और साथ लानी ज़रूरी हैं। दूसरा — जब तक मरीज़ ऑपरेशन के लायक है तब तक surveillance चलती है, और उसे बंद करने का फ़ैसला खुलकर, वजह के साथ, फ़ाइल में लिखा जाता है। यह अपने आप छूट जाने वाली चीज़ नहीं है।

एक surgeon के तौर पर कहूँ — जो मरीज़ हाथ से निकलते हैं, वे ग़लत पढ़े गए स्कैन की वजह से नहीं निकलते। वे इसलिए निकलते हैं कि उन्हें कुछ महसूस नहीं होता था, एक तारीख़ छूटी, फिर दूसरी — यह व्यवस्था की चूक है, मरीज़ की नहीं, इसीलिए नाम के साथ ज़िम्मेदारी तय किया हुआ recall register यहाँ इलाज का हिस्सा है। स्थिर cyst के लिए पाँच साल पर निगरानी बंद नहीं होती, और IPMN के ऑपरेशन के बाद भी नहीं, क्योंकि बचे हुए pancreas में वही प्रवृत्ति रहती है। एक ही अपवाद — पूरा निकाला गया और non-invasive निकला mucinous cystic neoplasm।

ऑपरेशन की बात आए तो निकाला क्या जाता है

ऑपरेशन cyst के नाम से नहीं, इससे तय होता है कि वह pancreas में कहाँ बैठा है। Head या uncinate हिस्से में हो तो pancreatoduodenectomy — यानी Whipple का ऑपरेशन। Body या tail में हो तो distal pancreatectomy, और यहाँ cancer के ऑपरेशन से एक अहम फ़र्क़ है: benign या low-grade lesion में spleen आमतौर पर बचाई जा सकती है, जबकि पक्के adenocarcinoma में वह specimen के साथ निकालनी पड़ती है।

  • पूरे main duct में फैला रोग हो तो पूरा pancreas निकालना पड़ सकता है — जीवनभर insulin और हर भोजन के साथ enzyme। यह बात मरीज़ और परिवार के साथ लंबी बैठकर, नफ़ा-नुक़सान समेत होती है, औपचारिकता के तौर पर नहीं।
  • Parenchyma-sparing ऑपरेशन — सिर्फ़ lesion, या pancreas का बीच का हिस्सा — छोटे, साफ़ benign, किनारे बैठे lesion के लिए ठीक हैं। इनमें insulin और enzyme बनाने वाली कोशिकाएँ ज़्यादा बचती हैं, पर कटी सतह से leak का अनुपात ऊँचा रहता है: जान-बूझकर किया गया सौदा, मरीज़ के साथ मिलकर।
  • IPMN में ऑपरेशन के दौरान pancreas का कटा सिरा microscope के नीचे देखा जाता है, क्योंकि रोग duct के साथ आगे चल सकता है; high-grade बदलाव मिले तो उसी बैठक में और हिस्सा निकलता है। Lymph node तभी, जब invasive cancer का शक हो।
  • दूरबीन का ऑपरेशन body और tail के benign तथा low-grade lesion के लिए उपयुक्त है। रास्ता lesion की जगह और वह किसे छू रहा है, इससे तय होता है — फ़िल्म देखने से पहले वादा नहीं।

इस ऑपरेशन की consent cancer की consent से अलग है, और Dr Harsh Shah इसे खुद करते हैं, क्योंकि यह मरीज़ अक्सर बिल्कुल ठीक महसूस कर रहा होता है। Pancreas के ऑपरेशन में मौत का, जोड़ से रस leak होने का, bleeding का, पेट देर से ख़ाली होने का और पाचन तथा sugar में स्थायी बदलाव का असली ख़तरा है; आपकी उम्र, सेहत और anatomy के हिसाब के आँकड़े उसी चर्चा में, आपकी भाषा में, परिवार के सामने दिए जाते हैं — web page पर नहीं। दो बातें पहले ही कही जाती हैं: असली diagnosis निकाली गई गाँठ की जाँच के बाद ही पता चलता है, और वह पूरी तरह benign भी निकल सकता है।

मरीज़ का सफ़र, क़दम दर क़दम

  1. चलने से पहले स्कैन भेजिए। रिपोर्ट नहीं, WhatsApp पर फ़िल्म, और हर पुराना स्कैन। MRI with MRCP न हुआ हो तो यह सफ़र से पहले बता दिया जाता है।
  2. Consultation. फ़िल्म आपके सामने पढ़ी जाती है, cyst को नाम मिलता है, और बताया जाता है कि मामला नज़र रखने का है या ऑपरेशन का।
  3. बाक़ी जाँच, दिनों में। Diagnosis अस्पष्ट हो वहाँ तरल लेकर endoscopic ultrasound, CA 19-9, HbA1c, और घर के cancer का ब्यौरा।
  4. Tumour board. ऑपरेशन विचाराधीन हो तो radiologist, physician और surgeon साथ बैठकर तय करते हैं, और क्या तय हुआ और क्यों, यह आपको बताया जाता है।
  5. फिर लिखा हुआ surveillance का सिलसिला — recall समेत — या ऑपरेशन और व्यवस्थित follow-up: तारीख़, स्कैन और फ़ोन करने की ज़िम्मेदारी, तीनों पहले से तय।

ख़र्च, insurance और भर्ती

दोनों रास्तों में ख़र्च होता है, और अलग ढंग से। Surveillance बार-बार का ख़र्च है — सालों तक तय अंतराल पर MRI — और OPD का imaging भर्ती जितनी उदारता से cover नहीं होता, इसलिए policy की शर्तें शुरू में देख लेना समझदारी है। ऑपरेशन planned काम है, इसलिए cashless pre-authorisation भर्ती से पहले Apollo Hospital, Bhat का दफ़्तर पूरा करता है; CGHS और corporate panel भी वहीं से चलते हैं। लिखा हुआ itemised estimate पहले मिलता है। Room category, ठहरने के दिन, endoscopic ultrasound की ज़रूरत, कौन सा ऑपरेशन और spleen बची या नहीं — ये सब estimate बदलते हैं, इसलिए फ़ोन पर बताया गया एक आँकड़ा अंदाज़ा भर है।

मरीज़ क्या कहते हैं

★★★★★

“We consulted Dr Harsh shah for my Husband as having cyst . surgery was done by Doctor very successfully. today we got discharged. our experience with sir was very good . he is very cooperative, explained about diagnosis very calmly. well Experienced, good Doctor . also thanks to Roshani maam for good cooperation. Thanks sir Dr Priyanka Prajapati”

★★★★★

“In my opinion, Dr. Harsh Shah is the best pancreatic cancer specialist in Ahmedabad. He has operated on my mother who was suffering from neuroendocrine tumor of pancreas. The operation called distal pancreatectomy was done. Now my mother is fine and we are being discharged today. I would say that we have been given the best treatment for pancreatic cancer. Thanks to all the staff of the hospital. I would highly recommend Dr. Harsh Shah for any treatment for pancreatic cancer.”

★★★★★

“We are very thankful to Dr. Harsh Shah for successfully performing the Whipple’s procedure. From the beginning, he explained everything clearly and gave us great confidence throughout the treatment. Today, we are happy to share that we received the discharge and are going home with a positive feeling. Thank you, Dr. Harsh Shah, for your expertise, care, and support. Highly recommended for GI surgery.”

— Priyanka Prajapati, Google review, Apollo Hospital, Bhat listing

— Darji Monika, Google review, Gota clinic listing (Google द्वारा गुजराती से अनूदित)

— Desai Sonal, Google review, Apollo Hospital, Bhat listing

Pancreas में lesion कहाँ बैठा है, यह ऑपरेशन क्यों तय करता है — Dr Harsh Shah

यह video अंग्रेज़ी में है। इसमें समझाई गई anatomy वही है जो तय करती है कि cyst के लिए Whipple करना पड़ेगा, spleen बचाकर distal pancreatectomy, या कुछ भी नहीं।

मरीज़ जो सवाल पूछते हैं

डॉक्टर ने कहा घबराने की बात नहीं — तो दोबारा जाँच क्यों करानी है

क्योंकि आज घबराने की बात न होना और आगे भी न होना, दो अलग बातें हैं। serous cystadenoma जैसे प्रकार सचमुच निर्दोष हैं और दोबारा देखने की ज़रूरत नहीं होती। पर IPMN और MCN में बदलाव सालों बाद आता है, और तभी इलाज के दायरे में रहता है जब कोई देख रहा हो। इसलिए पहले प्रकार का नाम चाहिए।

MRI महँगा है, CT से काम नहीं चलेगा

इस सवाल के लिए CT कमज़ोर जाँच है। Cyst का duct से जुड़ाव — यही IPMN को MCN से अलग करता है — और दीवार पर छोटा nodule, दोनों MRI with MRCP पर दिखते हैं और CT पर छूट सकते हैं। दूसरी बात, इसे सालों दोहराना है और MRI में radiation नहीं होता। जहाँ MRI न मिले वहाँ pancreatic-protocol CT से काम चलता है, पर वह पहली पसंद नहीं।

पाँच साल हो गए, cyst वैसा ही है — अब निगरानी बंद कर दें

स्थिर cyst के लिए पाँच साल पर बंद नहीं किया जाता, क्योंकि बदलाव देर से भी आता है। निगरानी तब तक चलती है जब तक आप ऑपरेशन के लायक हैं, और जब बंद करनी हो — उम्र, दूसरी बीमारी या सेहत की वजह से — तो वह फ़ैसला आपके साथ बात करके, वजह के साथ फ़ाइल में लिखा जाता है, अपने आप छूटने नहीं दिया जाता।

ऑपरेशन के बाद क्या पूरी ज़िंदगी दवा चलेगी

यह इस पर है कि pancreas का कितना हिस्सा निकला। Parenchyma-sparing ऑपरेशन में insulin बनाने वाली कोशिकाएँ बहुत कम जाती हैं, distal pancreatectomy में ज़्यादा, और पूरा pancreas निकले तो जीवनभर insulin और हर भोजन के साथ enzyme। जिस cyst ने ऑपरेशन की वजह नहीं दी, उसके लिए ऑपरेशन की सलाह न देने की यह भी एक बड़ी वजह है।

हमारे यहाँ MRI की सुविधा नहीं है, हर बार अहमदाबाद आना पड़ेगा

हर बार नहीं। MRI अपने शहर में कराया जा सकता है, बशर्ते वह pancreas के लिए MRCP के साथ हो, और फ़िल्म मुलाकात से पहले WhatsApp पर भेजी जा सकती है, ताकि consultation शुरू हो तब वह पढ़ी जा चुकी हो। आना तब ज़रूरी है जब endoscopic ultrasound करनी हो, कुछ बदला हो, या ऑपरेशन की बात हो।

Dr Harsh Shah से कहाँ मिलें

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Gota, Ahmedabad, Gujarat

Google rating 4.89 from 216 reviews

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Apollo Hospital
Bhat, Gandhinagar, Gujarat

Google rating 4.94 from 17 reviews

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Dr Harsh Shah दो जगह बैठते हैं: Gota, Ahmedabad की clinic, और Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar।

गुजरात भर से, और राजस्थान तथा मध्यप्रदेश से भी मरीज़ यहाँ आते हैं। Cyst का फ़ैसला आज के स्कैन को पुराने स्कैन के सामने रखकर होता है, इसलिए फ़िल्म पहले भेज दी जाए तो पढ़ाई और plan एक ही मुलाक़ात में मिल जाते हैं — और उसके बाद surveillance घर बैठे चलाई जा सकती है, सिर्फ़ स्कैन नज़दीक में कराकर।

रिपोर्ट में pancreas का cyst लिखा है? सिर्फ़ रिपोर्ट नहीं, फ़िल्म भेजिए — और पुराने स्कैन भी, क्योंकि तुलना ही असली जानकारी देती है। Call +91-63555-64601 · WhatsApp Dr Harsh Shah's office

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Dr. Harsh J Shah
Dr Harsh Shah - Surgical Gastroenterologist and GI Robotic Surgeon, Ahmedabad
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