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12. वयस्कों में अल्सरेटिव कोलाइटिस blog

अल्सरेटिव कोलाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें जो दस्त, पेट दर्द और खूनी मल त्याग हो सकते हैं। ये लक्षण इसलिए होते हैं क्योंकि बड़ी आंत फूल जाती है, और उसमें घाव हो जाते हैं, जिसे “अल्सर” कहा जाता है। बड़ी आंत को बृहदान्त्र भी कहा जाता है।

  • लक्षण हल्के या गंभीर भी हो सकते हैं। वे सिर्फ एक बार ही मेह्सूस हो सकते हैं। या वे बंध हो सकते हैं और बार-बार वापस भी आ सकते हैं। संभावित लक्षणों इस प्रकार होते हैं:

    • दस्त जो एक दिन में 10 या अधिक बार हो सकता है
    • खूनी मल त्याग
    • गुदा से रक्तस्राव
    • गुदा से बलगम आना
    • पेट में ऐंठन
    • बुखार
    • वजन घटना
    • कूल्हों और घुटनों में सूजन और दर्द
    • आंखों में लालिमा और दर्द
    • त्वचा पे लाल चकत्ते
    • आपके मुंह में अल्सर या घाव

हाँ। कुछ परीक्षण हैं जो डॉक्टरों को अल्सरेटिव कोलाइटिस के निदान में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर आमतौर पर एक परीक्षण का उपयोग करते हैं जिसे “सिग्मोइडोस्कोपी” (sigmoidoscopy) कहा जाता है या उसके समान एक परीक्षण जिसे “कोलोनोस्कोपी” (colonoscopy) कहा जाता है। इन परीक्षणों के लिए, डॉक्टर आपके मलाशय (बड़ी आंत के निचले हिस्से) में से एक पतली ट्यूब डालते हैं, और इसे आपके कोलन तक ले जाते हैं। ट्यूब में एक कैमरा लगा होता है, जिससे डॉक्टर आपके कोलन के अंदर देख सकते हैं। ट्यूब में उपकरण भी जुड़े होते हैं, जिनका उपयोग करके कोलन में से ऊतक के नमूने ले सकते हैं। इस ऊतक के नमूने को डॉक्टर माइक्रोस्कोप से देखकर उसकी जाँच करेंगे। अन्य परीक्षणों में एक्स-रे या स्कैन भी करवाने को कह सकते हैं।

  • यह आपकी परिस्थिति पर निर्भर करता है। ऐसा कोई भी विशिष्ट प्रकार का आहार नहीं है जो अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित लोगों को बेहतर महसूस करने के लिए सही माना गया हो। लेकिन, कुछ लोग ने पाया हैं कि, कुछ खाद्य पदार्थ लक्षणों को बदतर बनाते हैं। यदि आपके साथ ऐसा होता है, तो आपके डॉक्टर आपको बेहतर महसूस करने के लिए कुछ समय के लिए उन खाद्य पदार्थों को टालने का सुझाव दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ लोग अगर दूध, दही, और पनीर जैसे डेयरी खाद्य पदार्थों को टालतें हैं, तो अधिक बेहतर महसूस करते हैं।

    यदि आप कुछ खाद्य पदार्थों को टालतें हैं, तो आपका डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद होती हैं, कि आपको आवश्यक पोषक तत्व मिल रहे हैं।

आपके लक्षणों के आधार पर, आपके डॉक्टर बता सकते हैं:

  • दवाएं जो आप सीधे अपने मलाशय में डालते हैं – ये हल्के मामलों में सूजन को कम करते हैं। अच्छे से असर शुरू करने से पहले, उन्हें लगभग 3 से 4 सप्ताह तक लग सकते हैं।
  • दवाएं जो आप एक गोली के द्वारा लेते हैं – एक आम दवाई जिसे “5-एएसए” (5-ASA) कहा जाता है।
  • एक स्टेरॉयड दवाई का एक संक्षिप्त कोर्स – यह सूजन को कम करने में मदद करता है। (ये स्टेरॉयड दवाइयां वैसी नहीं होती हैं जो कुछ एथलीट अवैध रूप से स्टेरॉयड नाम से लेते हैं।)
  • दवाएं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर काम करती हैं – ये दवाएं आपके बृहदान्त्र को नुकसान से बचाने में मदद कर सकती हैं। उनमें “बायोलॉजिक” (biologic) दवाएं होती हैं जैसे कि इनफ्लिक्सिमैब (infliximab), एडालिमूमैब (adalimumab), और वेडोलिज़ुमाब (vedolizumab)।

ज्यादातर लोगों के लिए, उपचार के कुछ ही हफ्तों के बाद सर्व लक्षण चले जाते हैं।

जब दवाएं काम नहीं करती हैं, तो सर्जरी मदद कर सकती है। इसके 2 प्रकार हैं:

  • बृहदान्त्र, मलाशय, और गुदा को निकालकर हटाने के लिए सर्जरी। जिन लोगों की सर्जरी होती है, वे उसके  पश्चात, सामान्य तरीके से मल त्याग नहीं कर सकते हैं। इसके बजाय, उनके मल त्याग उनके पेट में एक छेद के माध्यम से बाहर निकलते हैं। प्लास्टिक की थैली में इस मल को भरा जाता है।
  • सिर्फ बृहदान्त्र और मलाशय को हटाने के लिए सर्जरी। इस सर्जरी के बाद, डॉक्टर गुदा में छोटी आंत को फिर से जोड़ देते हैं। जिन लोगों की सर्जरी होती है, वे सामान्य तरीके से मल त्याग कर सकते हैं।

ज्यादातर मामलों में, अल्सरेटिव कोलाइटिस महिला की गर्भवती होने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता है। यदि आप बच्चा पैदा करना चाहती हैं, तो गर्भवती होने की कोशिश शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य बात करें। वह यह सुनिश्चित कर सकते हैं, कि आपको अपनी गर्भावस्था से पहले और उसके दौरान सभी परीक्षणों की आवश्यकता है। गर्भावस्था के दौरान अल्सरेटिव कोलाइटिस का ठीक से इलाज किया जाना महत्वपूर्ण है। आपके डॉक्टर, आपकी दवाईओं को बदलना चाह सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि, अल्सरेटिव कोलाइटिस का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दवाएं शिशु के लिए सुरक्षित नहीं हो सकती हैं। जिन महिलाओं को अल्सरेटिव कोलाइटिस नहीं है, उनकी तुलना में आपके डॉक्टर आपको आवश्यकता के बिना फोलिक एसिड की अधिक खुराक शुरू करने को कह सकते हैं। 

अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी स्थिति परिवारों में पीढ़ियों तक चलती है। इसलिए, यदि आपको बच्चा होता है, तो उसे भी अल्सरेटिव कोलाइटिस हो सकता है।

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